Shuru
Apke Nagar Ki App…
अफसोस है झूठे वादे करती है सरकार की महिलाओं की सुरक्षा में प्रशासन तत्पर है जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो अनजान क्या करेगा अफसोस है झूठे वादे करती है सरकार की महिलाओं की सुरक्षा में प्रशासन तत्पर है जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो अनजान क्या करेगा
Arun Lodhi
अफसोस है झूठे वादे करती है सरकार की महिलाओं की सुरक्षा में प्रशासन तत्पर है जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो अनजान क्या करेगा अफसोस है झूठे वादे करती है सरकार की महिलाओं की सुरक्षा में प्रशासन तत्पर है जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो अनजान क्या करेगा
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- अफसोस है झूठे वादे करती है सरकार की महिलाओं की सुरक्षा में प्रशासन तत्पर है जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो अनजान क्या करेगा अफसोस है झूठे वादे करती है सरकार की महिलाओं की सुरक्षा में प्रशासन तत्पर है जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो अनजान क्या करेगा1
- 📰 एसडीएम एवं खाद्य अधिकारी की सख्ती का दिखा असर! 👏 👉 ग्राम पंचायत हिनौती में दीपावली से पहले राशन वितरण शुरू। क्षेत्रीय प्रशासन की सक्रियता एवं एसडीएम साहब और खाद्य विभाग के अधिकारियों के प्रयासों से आखिरकार ग्राम पंचायत हिनौती में दीपावली से पहले गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को राशन वितरण शुरू हो गया है। राशन वितरण शुरू होने से ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी देखने को मिल रही है। इस कार्य के लिए प्रशासन का आभार एवं राशन वितरण में जुटे विक्रेता श्री बद्री सिंह राजपूत जी का भी धन्यवाद। 🙏 जनता की समस्याओं का समय पर समाधान ही सुशासन की असली पहचान है। हमारी आवाज, जनता के अधिकार और समाज की खुशहाली के लिए हमेशा समर्पित। ✊ ✍️ सामाजिक कार्यकर्ता रामभुवन चौधरी जी, पन्ना 🙏 जय हिंद! जय भारत! 🇮🇳 #जनहित #राशनवितरण #ग्रामपंचायत_हिनौती #पन्ना #जनसेवा1
- पवई में धनतेरस की धूम, बाजारों में उमड़ी भीड़, बर्तन से लेकर सोने-चांदी तक की जमकर खरीदारी पवई में धनतेरस की धूम, बाजारों में उमड़ी भीड़, बर्तन से लेकर सोने-चांदी तक की जमकर खरीदारी धनतेरस पर्व को लेकर पवई नगर के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। सुबह से ही मुख्य बाजार, बस स्टैंड रोड और गांधी चौक,झंडा बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। धनतेरस पर शुभ मानकर लोगों ने बर्तन, सोने-चांदी के आभूषण, दो पहिया,चार पहिया वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, झाड़ू और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की जमकर खरीरदारी की। बर्तन दुकानों पर सुबह से ही महिलाओं की लंबी कतार लगी रही। लोगों ने स्टील, पीतल और तांबे के बर्तन खरीदे। दुकानदारों के अनुसार इस बार पिछले साल से ज्यादा बिक्री हुई है। सोने-चांदी की दुकानों में भी ग्राहकों की भीड़ रही। लोगों ने सोने की अंगूठी, चेन और चांदी के सिक्के, बर्तन खरीदे। बाइक, कार के शोरूम में धनतेरस पर डिलीवरी लेने वालों की लाइन लगी रही। वहीं टीवी, फ्रिज, कूलर, मोबाइल और मिक्सर की दुकानों पर भी ऑफर का फायदा उठाने के लिए लोग पहुंचे। मान्यता के अनुसार धनतेरस का पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है,और यह दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। धनतेरस पर्व के कई धार्मिक और पौराणिक महत्व है, माना जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान इसी दिन भगवान धन्वंतरि हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे,इन्हें आयुर्वेद और स्वास्थ्य का देवता माना जाता है,इसके साथ ही इस दिन धन की देवी माता लक्ष्मी धन के देवता कुबेर और भगवान धन्वंतरि की विधि विधान से पूजा की जाती है ताकि घर में सुख समृद्धि और धन का वास रहे। इसके अलावा इस दिन सोना चांदी पीतल तांबे के बर्तन घर उपयोगी वस्तुएं खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसीमान्यता है कि इससे घर में तेरा होना वृद्धि होती है।2
- धनतेरस पर गुनौर बाजार में छाई रौनक, जमकर हुई खरीदारी। गुनौर पुलिस स्टाफ बाजार में रहा मुस्तैद धनतेरस पर गुनौर बाजार में छाई रौनक, जमकर हुई खरीदारी एंकर -: धनतेरस के पावन पर्व पर गुनौर नगर का बाजार रौनक से गुलजार नजर आया। सुबह से ही बाजार में खरीदारों की चहल-पहल बनी रही। पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। धनतेरस के अवसर पर लोगों ने परंपरा के अनुसार बर्तन, सोने-चांदी के आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान, सजावटी सामग्री सहित अन्य वस्तुओं की जमकर खरीदारी की। दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली, वहीं व्यापारियों के चेहरों पर भी रौनक नजर आई। त्योहारी भीड़ को देखते हुए गुनौर थाना प्रभारी बलवीर सिंह सहित पुलिस थाना गुनौर का स्टाफ बाजार में मुस्तैदी से मौजूद रहा। पुलिसकर्मियों ने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और बाजार में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने के लिए लगातार निगरानी की। पुलिस की सक्रियता से बाजार में आवागमन व्यवस्थित बनाए रखने में मदद मिली। त्योहारी माहौल के बीच पूरा गुनौर बाजार आकर्षक सजावट और रोशनी से जगमगाता नजर आया। कुल मिलाकर धनतेरस के पर्व ने बाजार में उत्साह और खुशियों का माहौल बना दिया।4
- धनतेरस पर ककरहटी बाजार में उमड़ी भीड़ रंग विरंगी दुकानों से बाजार हुआ गुलजार ककरहटी। दीपावली पर्व की शुरुआत के साथ ही धनतेरस के पावन अवसर पर ककरहटी नगर का बाजार पूरी तरह सज-धजकर तैयार नजर आया। बाजार में जगह-जगह रंग-बिरंगी दुकानें सजी हुई हैं, जहां सुबह से ही खरीदारी करने के लिए लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। धनतेरस के शुभ अवसर पर लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार बर्तन, आभूषण, सजावटी सामान, पूजन सामग्री एवं दीपावली से जुड़ी अन्य आवश्यक वस्तुओं की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। दुकानदारों में भी त्योहार को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। वहीं दीपावली की खुशियों को दोगुना करने के लिए बाजार में आतिशबाजी की दुकानें भी सजाई गई हैं, जहां बच्चे और बड़े अपनी पसंद के पटाखे खरीदते नजर आ रहे हैं। पूरे बाजार में दीपावली की रौनक, लोगों की चहल-पहल और दुकानों की आकर्षक सजावट त्योहार के उत्साह को बयां कर रही है। धनतेरस के अवसर पर ककरहटी बाजार में उमड़ी भीड़ से व्यापारियों के चेहरों पर भी खुशी दिखाई दे रही है। कुल मिलाकर धनतेरस के पर्व पर ककरहटी बाजार में उत्साह और उल्लास का माहौल है।1
- बाबा महाकाल के महालोक के उद्घाटन के बाद उज्जैन की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है।1
- दमोह मध्य प्रदेश बाबा रामपाल के खिलाफ भगवती मानव कल्याण संगठन के हजारों कार्यकर्ता उतरे सड़कों पर की गिरफ्तारी की मांग दमोह जिला मुख्यालय से जहां पर आज भगवती मानव कल्याण संगठन के हजारों कार्यकर्ता जिला मुख्यालय स्थित जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जहां पर उन्होंने बाबा रामपाल के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने एवं शांति भंग करने के आरोप लगाते हुए दमोह जिला कलेक्टर महोदय एवं पुलिस अधीक्षक महोदय को ज्ञापन सोपा जिसमें बाबा रामपाल पर fir दर्ज करते हुए तत्काल जेल भेजने की मांग की संगठन के कार्यकर्ताओं ने बताया की बाबा रामपाल के द्वारा लगातार ज्ञान गंगा नाम से एक पुस्तक निशुल्क रूप से समाज में वाटी जा रही है जिसमें हिंदू देवी देवताओं का अपमान किया गया है जिससे देश के करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को आघात पहुंचा है बाबा रामपाल पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए1
- हमने भगवान श्रीराम के रामराज्य, भगवान श्रीकृष्ण के काल और विक्रमादित्य के स्वर्णिम युग को केवल सुना है।1