बिहार के दरभंगा में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर छात्रों और युवाओं का जबरदस्त आक्रोश सड़कों पर देखने को मिल रहा है। हाथों में तिरंगा और तख्तियाँ लिए हजारों की संख्या में छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए हैं और लगातार नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों के हाथों में 'छात्र एकता जिंदाबाद', 'संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ' और 'सवाल पूछना गुनाह नहीं' जैसे स्लोगन लिखे पोस्टर हैं। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं होंगी और शिक्षा मंत्री अपना इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। युवाओं ने इसे अपने हक की लड़ाई बताते हुए कहा कि उनका हौसला बुलंद है और वे किसी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस बल तैनात है। विरोध प्रदर्शन का माहौल तब अनुशासित दिखा जब प्रदर्शन स्थल पर ही मौजूद सभी छात्रों, युवाओं और अधिकारियों ने एक साथ मिलकर राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' गाया। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन और सरकार छात्रों की इन माँगों पर क्या अगला कदम उठाती है।
बिहार के दरभंगा में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर छात्रों और युवाओं का जबरदस्त आक्रोश सड़कों पर देखने को मिल रहा है। हाथों में तिरंगा और तख्तियाँ लिए हजारों की संख्या में छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए हैं और लगातार नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों के हाथों में 'छात्र एकता जिंदाबाद', 'संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ' और 'सवाल पूछना गुनाह नहीं' जैसे स्लोगन लिखे पोस्टर हैं। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं होंगी और शिक्षा मंत्री अपना इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। युवाओं ने इसे अपने हक की लड़ाई बताते हुए कहा कि उनका हौसला बुलंद है और वे किसी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस बल तैनात है। विरोध प्रदर्शन का माहौल तब अनुशासित दिखा जब प्रदर्शन स्थल पर ही मौजूद सभी छात्रों, युवाओं और अधिकारियों ने एक साथ मिलकर राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' गाया। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन और सरकार छात्रों की इन माँगों पर क्या अगला कदम उठाती है।
- बिहार के दरभंगा में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर छात्रों और युवाओं का जबरदस्त आक्रोश सड़कों पर देखने को मिल रहा है। हाथों में तिरंगा और तख्तियाँ लिए हजारों की संख्या में छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए हैं और लगातार नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों के हाथों में 'छात्र एकता जिंदाबाद', 'संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ' और 'सवाल पूछना गुनाह नहीं' जैसे स्लोगन लिखे पोस्टर हैं। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं होंगी और शिक्षा मंत्री अपना इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। युवाओं ने इसे अपने हक की लड़ाई बताते हुए कहा कि उनका हौसला बुलंद है और वे किसी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस बल तैनात है। विरोध प्रदर्शन का माहौल तब अनुशासित दिखा जब प्रदर्शन स्थल पर ही मौजूद सभी छात्रों, युवाओं और अधिकारियों ने एक साथ मिलकर राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' गाया। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन और सरकार छात्रों की इन माँगों पर क्या अगला कदम उठाती है।1
- LJPR के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बिहार में मुसलमानों को जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान पर निकल पड़े हैं।1
- ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर में PAT-2024 अभ्यर्थी संघ के बैनर तले आयोजित एकदिवसीय महाधरना में सैकड़ों PAT, NET और JRF उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। राजभवन द्वारा PAT-2024 की प्रक्रिया स्थगित किए जाने के विरोध में उतरे प्रदर्शनकारियों ने कुलाधिपति के नाम मांगपत्र सौंपा। अभ्यर्थियों का कहना है कि PAT-2024 की अधिसूचना 24 नवंबर 2025 को UGC Regulation-2016 के तहत जारी की गई थी, इसलिए पूरी नामांकन प्रक्रिया भी इसी नियमावली के अनुसार ही पूरी की जानी चाहिए। अभ्यर्थी नेताओं संदीप चौधरी, प्रिंस राज, कुणाल पाण्डेय, मयंक यादव, प्रदीप पासवान और अभिषेक झा ने अंतिम चरण में प्रक्रिया रोकने को हजारों शोधार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय बताया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि नामांकन प्रक्रिया जल्द बहाल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसके तहत राजभवन का घेराव करने और न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटा जाएगा। इस धरना प्रदर्शन को भाकपा माले नेता देवेन्द्र कुमार, कांग्रेस नेता सैयद तनवीर अनवर और आइसा नेता मिथिलेश यादव ने भी अपना समर्थन दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कुलसचिव दिव्यरानी हांसदा, प्रो. मुनेश्वर यादव और डॉ. कामेश्वर पासवान ने अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी मांगों को राजभवन तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया है। अब देखना यह है कि राजभवन छात्रों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है और PAT-2024 की नामांकन प्रक्रिया कब तक दोबारा बहाल हो पाती है।1
- मधुबनी जिले के पंडौल से बीते कुछ दिनों से लापता लड़की के संबंध में उसके परिजनों को सूचना मिल गई है। लड़की के गायब होने के बाद से जुड़े इस पूरे मामले की जानकारी अब सामने आ चुकी है।1
- बिहार के मधुबनी स्थित सदर अस्पताल में विकलांग सर्टिफिकेट बनाने के नाम पर आवेदकों से फोटो और ₹400 लिए जाने का मामला सामने आया है। अस्पताल में विकलांग सर्टिफिकेट लेने आए एक आवेदक ने खुद इस बात का खुलासा करते हुए बताया कि यहाँ एक फोटो के साथ आवेदकों से ₹400 वसूले जा रहे हैं। आवेदक का आरोप है कि मधुबनी सदर अस्पताल में विकलांग सर्टिफिकेट देने के नाम पर यह घूसखोरी बरसों से लगातार चल रही है।2
- दिल्ली पुलिस द्वारा एक अंधे व्यक्ति को भी नहीं छोड़े जाने की घटना सामने आई है। इस मामले से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद लोगों से इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की जा रही है।1
- मुजफ्फरपुर में ITC गोल्ड फ्लैक के नाम पर चल रही एक नकली फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान पुलिस को देखते ही मौके पर मौजूद लोग भाग खड़े हुए। इस दौरान पुलिस ने लाखों रुपये की सिगरेट और करोड़ों रुपये की मशीनें जब्त की हैं।1
- दरभंगा में NEET पेपर लीक के नाम पर हो रहे प्रदर्शन ने हिंसक और खूनी रूप ले लिया है। प्रदर्शन के दौरान उग्र भीड़ की तरफ से जमकर ईंट और पत्थर चलाए गए, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और यह सवाल उठने लगा कि क्या उपद्रव करने वाले वास्तव में छात्र हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा के जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदर्शनकारियों से बेहद सख्त लहजे में बात की और उन्हें कड़ी चेतावनी दी।1