दिल्ली में कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक की घटनाओं पर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बताया कि 25 तारीख को कांग्रेस ने देश भर में लगभग 28 जगहों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें यह बात उठाई गई थी कि पिछले 10 सालों में कुल 89 पेपर लीक हो चुके हैं। सांसद रंजन ने हाल ही में महाराष्ट्र में हुए TET पेपर लीक का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना मौजूदा स्थिति की गंभीरता को दर्शाती है। सांसद रंजीत रंजन ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार पेपर लीक को रोकने में पूरी तरह विफल रही है और इस गंभीर मामले को अत्यंत हल्के में ले रही है, जिसके कारण ऐसी घटनाएँ बार-बार हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सत्ता, शासन और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े लोग इस ‘खेल’ में शामिल न हों, तब तक इतने बड़े पैमाने पर पेपर लीक संभव नहीं है। उन्होंने इस स्थिति को एक गंभीर चिंता का विषय बताते हुए सवाल किया कि क्या नैतिक आधार पर शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देना चाहिए।
दिल्ली में कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक की घटनाओं पर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बताया कि 25 तारीख को कांग्रेस ने देश भर में लगभग 28 जगहों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें यह बात उठाई गई थी कि पिछले 10 सालों में कुल 89 पेपर लीक हो चुके हैं। सांसद रंजन ने हाल ही में महाराष्ट्र में हुए TET पेपर लीक का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना मौजूदा स्थिति की गंभीरता को दर्शाती है। सांसद रंजीत रंजन ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार पेपर लीक को रोकने में पूरी तरह विफल रही है और इस गंभीर मामले को अत्यंत हल्के में ले रही है, जिसके कारण ऐसी घटनाएँ बार-बार हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सत्ता, शासन और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े लोग इस ‘खेल’ में शामिल न हों, तब तक इतने बड़े पैमाने पर पेपर लीक संभव नहीं है। उन्होंने इस स्थिति को एक गंभीर चिंता का विषय बताते हुए सवाल किया कि क्या नैतिक आधार पर शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देना चाहिए।
- Saraswati Senफतेहपुर, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश😤1 hr ago
- एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से बचपन की सुनहरी यादों को ताज़ा किया गया है, जहाँ बताया गया है कि मोबाइल और इंटरनेट की अनुपस्थिति के बावजूद बचपन का वह दौर बेहद खूबसूरत था। पोस्ट के अनुसार, उस समय ना कोई तनाव था और ना ही किसी तरह का दिखावा; जीवन सिर्फ सच्ची दोस्ती और मासूम शरारतों से भरा था। यह संदेश बचपन के उन सरल और आनंदमय पलों को याद दिलाता है, जिनकी आज भी लोग अक्सर कल्पना करते हैं।1
- भारतीय रेलवे ने दिल्ली और जींद के बीच देश की पहली हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन, जिसे 'नमो ग्रीन रेल' नाम दिया गया है, का सफल परीक्षण पूरा कर लिया है। यह 10 कोच वाली DEMU ट्रेन चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री द्वारा पूरी तरह से भारत में विकसित की गई है और 'हरित ऊर्जा' सिद्धांत पर काम करती है। इसमें हाइड्रोजन फ्यूल सेल का उपयोग किया गया है, जिससे धुएं के बजाय केवल जलवाष्प उत्सर्जित होती है, जो इसे एक पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बनाती है। इस अंतिम परीक्षण के दौरान, ट्रेन को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार पर दौड़ाकर उसके सभी तकनीकी मानकों का गहन मूल्यांकन किया गया। इसमें आपातकालीन ब्रेकिंग क्षमता की जांच की गई, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ट्रेन को आपात स्थिति में सुरक्षित दूरी के भीतर रोका जा सके। इसके अतिरिक्त, हाई-स्पीड के दौरान ट्रैक पर ट्रेन की स्थिरता, कंपन के स्तर और यात्रियों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को भी परखा गया, जिससे इस नई तकनीक की विश्वसनीयता और प्रदर्शन सफलतापूर्वक साबित हुआ।1
- दिल्ली में कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक की घटनाओं पर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बताया कि 25 तारीख को कांग्रेस ने देश भर में लगभग 28 जगहों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें यह बात उठाई गई थी कि पिछले 10 सालों में कुल 89 पेपर लीक हो चुके हैं। सांसद रंजन ने हाल ही में महाराष्ट्र में हुए TET पेपर लीक का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना मौजूदा स्थिति की गंभीरता को दर्शाती है। सांसद रंजीत रंजन ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार पेपर लीक को रोकने में पूरी तरह विफल रही है और इस गंभीर मामले को अत्यंत हल्के में ले रही है, जिसके कारण ऐसी घटनाएँ बार-बार हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सत्ता, शासन और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े लोग इस ‘खेल’ में शामिल न हों, तब तक इतने बड़े पैमाने पर पेपर लीक संभव नहीं है। उन्होंने इस स्थिति को एक गंभीर चिंता का विषय बताते हुए सवाल किया कि क्या नैतिक आधार पर शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देना चाहिए।1
- दिल्ली के रोहिणी ज़िले में पुलिस ने मोबाइल चोरी के एक बड़े अंतर-राज्यीय और संभवतः अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। रोहिणी जिला पुलिस ने इस कार्रवाई में दस आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से करीब 325 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत 1 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क अंतर-राज्यीय और संभवतः अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ था, जिसके लिंक और संपर्क कई राज्यों में पाए गए हैं और कुछ संदिग्ध हिरासत में भी हैं। चोरी किए गए मोबाइलों को रीसेलिंग के लिए डेटा रीसेट करके बेचा जाता था। मंगोलपुरी एरिया में राजा नामक एक युवक फोन चोरी करता था, जिसके बाद विक्रम और विनय नामक अन्य युवक इन फोनों को कोरियर के माध्यम से कलकत्ता भेजते थे। वहां से इन मोबाइलों को नेपाल और बांग्लादेश भेजा जाता था। फिलहाल, गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क तथा इसकी सप्लाई चैन की गहनता से जांच कर रही है।2
- दिल्ली पुलिस की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (ARSC) और क्राइम ब्रांच ने एक संयुक्त अभियान चलाते हुए गोल्डी ढिल्लों गैंग के दो प्रमुख सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर सुनियोजित तरीके से की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, एक देसी पिस्टल, छह जिंदा कारतूस, चार मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये दोनों आरोपी अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभाते थे, साथ ही गैंगस्टरों को लॉजिस्टिक सहायता भी उपलब्ध कराते थे। पुलिस के अनुसार, दोनों के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल, पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।1
- दिल्ली नगर निगम में यूनियनें सफाई कर्मचारियों के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ती हैं, उनकी समस्याओं को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाती हैं और सरकार से उनके हक लाकर कर्मचारियों तक पहुंचाने का काम करती हैं। यदि सफाई कर्मचारियों का शोषण होता है या उनके अधिकारों का हनन होता है, तो यूनियनें धरने, प्रदर्शन और भूख हड़ताल करके कर्मचारियों का साथ देती हैं ताकि उन्हें सम्मान और अधिकार मिल सकें। इसी क्रम में, दिल्ली नगर निगम समस्त यूनियन कोर कमेटी कई सालों से सफाई कर्मचारियों के हक में काम कर रही है, जिसके अध्यक्ष नरेश पिहाल हैं, जो अपनी पूरी टीम के साथ मिलकर कर्मचारियों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 20 जून को ऑल इंडिया वाल्मीकि यूथ फ्रंट ने निर्वाचन आयोग की भूमिका निभाते हुए चुनाव करवाए, जिसमें चार लोगों ने नॉमिनेशन देने का तय किया, लेकिन केवल दो लोगों ने ही अपना नॉमिनेशन दाखिल किया। 20 तारीख को हुए इन चुनावों का परिणाम यह रहा कि नरेश पिहाल 25 से 30 वोटों से जीत गए। इस जीत के साथ, वह एक बार फिर दिल्ली नगर निगम समस्त यूनियन कोर कमेटी के अध्यक्ष के रूप में एक साल के लिए मनोनीत हुए। उन्हें 42 संगठनों का समर्थन प्राप्त हुआ था। इसी जीत की खुशी में, आज जंग भवन शकूरपुर में नरेश पिहाल के अध्यक्ष चुने जाने पर एक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में सभी लोगों ने पहुंचकर नरेश पिहाल का सम्मान किया और यह आशा जताई कि जिस तरह वह शुरुआत से ही सफाई कर्मचारियों के हित में काम करते आए हैं, उसी तरह आगे भी उनके हितों के लिए काम करते रहेंगे।1
- राम मंदिर चढ़ावा विवाद के संबंध में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए, अरविंद केजरीवाल ने इस मामले में चोरी करने वाले दोषियों को फाँसी दिए जाने की कड़ी मांग की है। उन्होंने इसके साथ ही इस पूरे प्रकरण में दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।1
- आउटर दिल्ली जिला की स्पेशल स्टाफ की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर एक आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी दो राउंड फायरिंग की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अपराधी के पैर में गोली लग गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से कुल चार राउंड फायर हुए।1