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मनमोहक दर्शन ✍️ सुधीर अवस्थी ‘परदेशी’ …………………………………..........… हरदोई जनपद के बघौली थाना क्षेत्र अंतर्गत सुन्नी गांव में स्थित प्राचीन महिषासुर मर्दिनी मंदिर में प्रातःकालीन भोले बाबा श्रृंगार दर्शन का अद्भुत एवं अलौकिक होता है। तमाम भक्त ऑनलाइन होकर दर्शन करते हैं। यह पावन धाम श्रद्धा, आस्था और सनातन संस्कृति का जीवंत केंद्र है। जहाँ आज भी भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
सुधीर अवस्थी 'परदेशी' (graminptrkar)
मनमोहक दर्शन ✍️ सुधीर अवस्थी ‘परदेशी’ …………………………………..........… हरदोई जनपद के बघौली थाना क्षेत्र अंतर्गत सुन्नी गांव में स्थित प्राचीन महिषासुर मर्दिनी मंदिर में प्रातःकालीन भोले बाबा श्रृंगार दर्शन का अद्भुत एवं अलौकिक होता है। तमाम भक्त ऑनलाइन होकर दर्शन करते हैं। यह पावन धाम श्रद्धा, आस्था और सनातन संस्कृति का जीवंत केंद्र है। जहाँ आज भी भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
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- हरदोई सुरसा विकासखंड के ग्राम पंचायत खजुराहरा माजरा ककुम्मर गंदगी से भारी नालियां बज बजा रही हैं उसमें कीड़े पनप रहे हैं गंदगी से बीमारियां फैल रही हैं गांव वालों का कहना है कि तकरीबन 2 महीने से यहां कोई साफ सफाई नहीं हुई है सरकार से निवेदन है कि यहां की साफ-सफाई जल्द से जल्द कर दी जाए जिससे वातावरण साफ हो सके।1
- मनमोहक दर्शन ✍️ सुधीर अवस्थी ‘परदेशी’ …………………………………..........… हरदोई जनपद के बघौली थाना क्षेत्र अंतर्गत सुन्नी गांव में स्थित प्राचीन महिषासुर मर्दिनी मंदिर में प्रातःकालीन भोले बाबा श्रृंगार दर्शन का अद्भुत एवं अलौकिक होता है। तमाम भक्त ऑनलाइन होकर दर्शन करते हैं। यह पावन धाम श्रद्धा, आस्था और सनातन संस्कृति का जीवंत केंद्र है। जहाँ आज भी भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।1
- उमरारी पड़ाव पर श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ कथावाचक:दीदी श्यामा किशोरी। दीवाने हो गए मस्ताने हो गए,श्याम तेरे नाम के दीवाने हो गए।पड़ाव भक्ति गीत। तमाम खबरों के लिए लाइक फॉलो व वीडियो को शेयर करें।1
- purani yadon ko karte hue ek khubsurat video1
- प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण से उठते प्रश्न समग्र पर्यवेक्षण तक खड़े नवागत कोतवाल के सामने अपना ही कार्यालय सुधारने की चुनौती शाहाबाद (हरदोई) 21 फरवरी। नवागत कोतवाल के सामने जहां कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी है, वहीं कोतवाली कार्यालय की कार्यप्रणाली को भी सुदृढ़ करना बड़ी चुनौती है। बताते चलें कि कि यदि केवल बीते जनवरी माह से लेकर फरवरी में अब तक दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्टों पर ही नजर डालें तो साफ तौर पर दो गंभीर सवाल खड़े होते हैं—क्या कोतवाली कार्यालय तहरीर की इबारत को नजरअंदाज कर मनमाने ढंग से भारतीय न्याय संहिता की धाराएं दर्ज कर रहा है, या फिर कर्मचारियों में धाराओं की बुनियादी जानकारी का अभाव है? तथ्य यह हैं कि ऐसी एक-दो नहीं, बल्कि कई ऐसी एफआईआर सामने आईं हैं, जिनमें तहरीर के अनुरूप धाराएं नहीं लगाईं गईं। हैरानी की बात यह है कि प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण अधिकारी से लेकर सीओ पेशी, सर्किल शाहाबाद कार्यालय कर्मचारियों के स्तर तक इस चूक पर या तो ध्यान नहीं दिया गया, या फिर जानबूझकर लगातार लापरवाही बरती गई। यह स्थिति प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में गंभीर शिथिलता की ओर इशारा करती है। जब जिले के समग्र पर्यवेक्षण अधिकारी ही जवाबदेही तय करने को तत्पर नहीं दिखते, तो स्थानीय सीओ स्तर से लेकर कोतवाली और क्षेत्रीय थानों में मनमानी, तानाशाही और धनउगाही की चर्चाओं पर अंकुश कैसे लगे—यह बड़ा प्रश्न है और गहराई से देखा जाए तो न क्षेत्रीय अपराधियों का पूरा आपराधिक इतिहास रिकॉर्ड पर व्यवस्थित रूप से दर्ज है, और न ही जनपद की सीमा पार पड़ोसी जनपद के थानों के अपराधियों का विवरण स्थानीय कोतवाली या क्षेत्रीय थानों में संधारित मिलने के सूत्र हैँ। इसका मुख्य कारण यही है कि जब पूछने वाला कोई नहीं, तो सब कुछ यथास्थिति में ‘मस्त’ चलता दिख रहा है, भले ही हाल में थानों का त्रैमासिक निरीक्षण संपन्न हो चुका है। अंततः उदाहरण सामने है—यदि रिकॉर्ड सही ढंग से व्यवस्थित होता और पुलिस को वास्तविक अपराधियों की प्रोफाइल धरातल पर दिखती, तो मलकापुर की डकैती के मामले में चौकी सरदारगंज के बहुचर्चित दलाल सर्वराकार की कथित मिलीभगत के आरोपों के बीच मोहल्ले के एकमात्र आपसी मारपीट प्रकरण के आरोपियों सहित भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों में चर्चित चौकी पुलिस द्वारा आधी रात को डकैतों की तरह ताबड़तोड़ दबिश देकर विवादित बखेड़ा खड़ा न किया गया होता नतीजतन नगर पालिका परिषद के सेवानिवृत कर्मचारी गगन ने दबिश में पकड़े जाने के बाद हवालात में रात भर भयंकर प्रताड़ना के परिणाम स्वरूप अपनी इहलीला समाप्त करने का प्रयास न किया होता और न उनके परिजन घर से लेकर अस्पताल तक इतने पीड़ित दिखे होते! हालांकि यह बानगी मात्र है। कुल मिलाकर, यह मामला केवल एक कोतवाली का नहीं, बल्कि सीओ सर्किल शाहाबाद के सुपरवीजन की उदासीनता का है। पर्यवेक्षण के नियमों का सख्ती से पालन, एफआईआर में धाराओं की गुणवत्ता जांच, अपराधियों के रिकॉर्ड का अद्यतन और जवाबदेही तय किए बिना सुधार की उम्मीद बेमानी है। नवागत कोतवाल के सामने असली परीक्षा अब व्यवस्था सुधारने और अपनी कोतवाली कार्यालय तथा कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली के पर्यवेक्षण की है अन्यथा जैसे इनसे पहले के प्रभारी निरीक्षक यहाँ से दण्डित किए बिना नहीं गए वैसे ही वह दिन दूर नहीं जब इनके विरुद्ध भी यही प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण अधिकारी अपनी रिपोर्ट भेजकर इन्हें दण्डित कराने से नहीं चुकेंगे? भले इन्हें अपनी लापरवाही कहीं पर इसलिए दिखाई नहीं देती क्योंकि डायरेक्ट आईपीएस हैँ और अब एक बार फिर रही समग्र पर्यवेक्षण अधिकारियों की बात तो प्रथम दृश्यट्या उनके बश की बात वर्तमान प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण अधिकारी के विरुद्ध किंचित कार्यवाही कर पाना इसलिए आसान नहीं है क्योंकि फिर वही बात कि यह साहब डायरेक्ट आईपीएस अफसर हैँ। इस सम्बन्ध में पुलिस का पक्ष जानने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी का सीयुजी नम्बर लगाया गया किन्तु कवरेज क्षेत्र से बाहर बोलने के कारण उनसे वार्ता नहीं हो सकी और सीओ शाहाबाद के सीयुजी नम्बर पर कॉल केवल टूं टूं बोलकर कट गई।2
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- हरदोई पिहानी एक के बाद एक आपस में कई वाहन भिड़ें। इसमें बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि यह रेला खेड़ा निवासी है पिहानी देवीगंज मार्ग नारीखेड़ा खेड़ा पेट्रोल पंप के निकट हुआ हादसा एक के बाद एक वाहन आपस में टकराए तेज रफ्तार हमने का नाम नहीं ले रही है ।सड़क हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार ओवरलोड वाहनों और नाबालिक चालकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।1