Shuru
Apke Nagar Ki App…
दिल्ली में ईद की नमाज़ अदा करने के बाद, कुछ मुस्लिम भाइयों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग उठाई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर ले रखे थे, जिनके माध्यम से उन्होंने अपनी बात रखी। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्पष्ट किया कि गाय भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है, और इसी कारण उसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए। मौके पर मौजूद लोगों ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि गाय सभी धर्मों और समुदायों के लिए सम्मान का विषय है, और सरकार को इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, जिसमें लोगों ने सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश भी दिया।
Jyoti Sharma
दिल्ली में ईद की नमाज़ अदा करने के बाद, कुछ मुस्लिम भाइयों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग उठाई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर ले रखे थे, जिनके माध्यम से उन्होंने अपनी बात रखी। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्पष्ट किया कि गाय भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है, और इसी कारण उसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए। मौके पर मौजूद लोगों ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि गाय सभी धर्मों और समुदायों के लिए सम्मान का विषय है, और सरकार को इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, जिसमें लोगों ने सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश भी दिया।
- User9716Delhi👏30 min ago
More news from दिल्ली and nearby areas
- अपनी मन की शांति बनाए रखने के लिए कुछ रिश्तों को छोड़ना आवश्यक हो जाता है, क्योंकि ऐसे संबंध अक्सर व्यक्ति के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को क्षति पहुँचाने लगते हैं। जब किसी रिश्ते में लगातार नकारात्मकता, अनादर या अत्यधिक दबाव महसूस होने लगे, तो स्वयं को बचाने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो जाता है। यह निर्णय कोई स्वार्थ नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने के लिए मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना एक महत्वपूर्ण और आवश्यक कदम है।1
- दिल्ली पुलिस की नरेला इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस टीम ने 27 मई, 2026 की सुबह हुई एक हाईवे डकैती और किडनैपिंग के मामले को कुछ ही घंटों के भीतर सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। एक तेज़ और मिलकर किए गए ऑपरेशन के तहत, पुलिस ने इस घटना में शामिल दो नाबालिगों सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लूटी गई मोटरसाइकिल, पीड़ित का मोबाइल फ़ोन और वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी भी बरामद कर ली है।1
- कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बेंगलुरु में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी देते हुए कहा कि हाईकमान ने उन्हें इस्तीफा देने को कहा था, जिसके बाद उन्होंने आज इस्तीफा दे दिया। उनके अनुसार, अब अगले मुख्यमंत्री को अवसर मिलना चाहिए। इस दौरान उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी उनके साथ मौजूद थे। सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत के सेक्रेटरी को अपना इस्तीफा सौंपा, क्योंकि गहलोत पारिवारिक कारणों से बेंगलुरु से बाहर हैं। नियमों के मुताबिक, राज्यपाल की अनुपस्थिति में भी मुख्यमंत्री राजभवन के अधिकारियों को लिखित इस्तीफा सौंप सकते हैं, जिसे राज्यपाल बाद में स्वीकार करते हैं। जब तक इस्तीफा मंजूर नहीं होता, निवर्तमान मुख्यमंत्री ही पद पर बने रहते हैं। इस्तीफा देने से पहले, सिद्धारमैया ने गुरुवार सुबह अपने आवास पर मंत्रियों के साथ एक नाश्ते की बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने अपने फैसले से सभी मंत्रियों को अवगत कराया। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छुए, जिसके बाद सिद्धारमैया ने उन्हें गले लगा लिया। कर्नाटक सरकार में मंत्री एचके पाटिल ने पुष्टि की कि बैठक में डीके शिवकुमार के नाम पर मुहर लगी और वह अगले मुख्यमंत्री होंगे। इस राजनीतिक फेरबदल के बाद कर्नाटक में तीन प्रमुख संभावनाएं जताई जा रही हैं। पहली, डीके शिवकुमार को शुक्रवार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जिसके बाद कांग्रेस उनके नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। दूसरी, जिस तरह बिहार में NDA ने पूर्व सीएम नीतीश के बेटे को नई सरकार में मंत्री बनाया था, उसी तरह सिद्धारमैया के बेटे को भी मंत्री पद मिल सकता है। तीसरी, मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की आशंका है, जिसमें लगभग 15 से 20 नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है और 35 मंत्रियों में से करीब 25 को हटाया जा सकता है। इसके साथ ही, दो उपमुख्यमंत्री भी संभव हैं, जिनमें एक पद किसी दलित चेहरे और दूसरा लिंगायत या ओबीसी नेता को मिल सकता है। कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री बदलने के पीछे तीन मुख्य वजहें बताई जा रही हैं। पहली, मई 2023 में चुनाव जीतने के बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिस पर राहुल गांधी ने रोटेशनल सीएम फॉर्मूला तय किया था। अब सरकार के तीन साल पूरे होने वाले हैं, ऐसे में डीके शिवकुमार पर दबाव चरम पर था। दूसरी, सिद्धारमैया सरकार वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाला जैसे मामलों में घिर चुकी थी। तीसरी, पार्टी हाईकमान का मानना है कि समय रहते नेतृत्व बदलने से मंत्रियों के खिलाफ पैदा हो रही 'एंटी-इंकम्बेंसी' को खत्म किया जा सकता है।1
- आम आदमी को यह समझना होगा कि जब तक जनता है, तभी तक सरकार है, और सरकार जनता से ही चलती है, न कि जनता सरकार से। लोग अपना नुकसान क्यों करवा रहे हैं और अपने हकों के लिए आखिर कब लड़ेंगे? जब ये नेता वोट मांगने आते हैं, तब तो बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी जनता के साथ किया गया एक भी वादा पूरा नहीं किया है। सरकार हमेशा जनता के विपरीत काम करती है। आजकल तो हर चीज पर महंगाई इस कदर बढ़ाई जा रही है, जैसे सरकार के घर से सबके घरों में राशन भरा जाएगा। असल में, सरकार जनता को सिर्फ बेवकूफ बनाकर अपना फायदा करती है और फिर निकल जाती है।1
- लखनऊ की ऐतिहासिक टीले वाली मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजियों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद देश में खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए खास दुआएं मांगी गईं। यह पूरा आयोजन शांतिपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुआ, जिसमें अमन-चैन की कामना की गई। इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। लखनऊ के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा पर विशेष नजर रखी गई। प्रशासन ने ड्रोन कैमरों के जरिए हर गतिविधि की निगरानी की। पुलिस के आलाधिकारी भारी फोर्स के साथ लगातार मुस्तैद रहे, वहीं सुरक्षा एजेंसियां भी नमाज के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलर्ट थीं।2
- बकरा ईद के त्योहार के मद्देनज़र उत्तर-पूर्वी दिल्ली पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है, जिसके चलते इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। पुलिस कर्मी लगातार पैदल गश्त कर रहे हैं और पूरे इलाके की निगरानी कर रहे हैं।1
- प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में अवैध अतिक्रमण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। राम जन्मभूमि क्षेत्र के अंतर्गत श्रीराम हॉस्पिटल–रेलवे स्टेशन रोड पर ठेला व ई-रिक्शा चालकों ने सड़कों और फुटपाथों पर जबरन कब्जा कर लिया है। इससे राहगीरों, श्रद्धालुओं, यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं सड़कों के किनारे और फुटपाथों पर अवैध रूप से दुकानें संचालित होने से यातायात बाधित हो रहा है और आए दिन जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए चलाए जाने वाले अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह जाते हैं, क्योंकि प्रशासन के जाते ही अतिक्रमणकारी तुरंत फिर से काबिज हो जाते हैं। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन द्वारा अब तक कोई प्रभावी विधिक कार्रवाई नहीं हो पाई है, जिसके चलते अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय जनता प्रशासन की लापरवाही अथवा मिलीभगत को इस लगातार बढ़ रहे अवैध कब्जों का कारण मान रही है, जिससे रामनगरी की सुंदरता और छवि भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय जनता ने प्रशासन से स्थायी और सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध ठेला, ई-रिक्शा और दुकानों को हटाने की मांग की है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके और रामनगरी की गरिमा बनी रहे। हालांकि, इस दिशा में अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।1
- पोस्ट में इस बात पर गहरा सवाल उठाया गया है कि यह कैसा इंसाफ है जब कोई सच्चाई दिखा रहा हो और उस पर पर्दा डाला जा रहा हो। सवाल यह भी उठाया गया है कि किसी एक की वीडियो बंद करवा देने से क्या होगा, क्योंकि क्या बाकी जनता अंधी या बहरी है, जो कुछ भी नहीं समझती? पोस्ट के अनुसार, यह सब देखकर ऐसा लगता है कि अब बस यही देखना बाकी रह गया था, जिसका सीधा मतलब यह है कि सही का साथ मत दो और झूठ पर ही ज़िंदा रहो।1
- बकरा ईद के अवसर पर उत्तरी पूर्वी दिल्ली जिले के डीसीपी राहुल अलवाल ने देर रात क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। इस दौरान उनके साथ सीलमपुर थाने की टीम और अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। डीसीपी अलवाल ने यह फ्लैग मार्च सीलमपुर थाने के क्षेत्र और उत्तरी पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में किया। फ्लैग मार्च के दौरान डीसीपी ने जनता से अपील की कि यदि उन्हें कुछ भी संदिग्ध नज़र आता है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने क्षेत्र की जनता को बकरा ईद की मुबारकबाद भी दी।1