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मयूराक्षी नदी के बनिया ग्राम बालू घाट के समीप बालू डम्प है रानेश्वर दुमका

1 day ago
user_मो० साबिर अंसारी
मो० साबिर अंसारी
रानीश्वर, दुमका, झारखंड•
1 day ago

मयूराक्षी नदी के बनिया ग्राम बालू घाट के समीप बालू डम्प है रानेश्वर दुमका

More news from झारखंड and nearby areas
  • स्कूल भवन निर्माण में घटिया ईटा लगाने का आरोप ग्रामीणो ने लगाया है रानेश्वर दुमका
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    स्कूल भवन निर्माण में घटिया ईटा लगाने का आरोप ग्रामीणो ने लगाया है
रानेश्वर दुमका
    user_मो० साबिर अंसारी
    मो० साबिर अंसारी
    रानीश्वर, दुमका, झारखंड•
    1 hr ago
  • मसलिया में एसआईआर के तहत को कठलिया व आमगाछी पंचायत के अनमैप्ड मतदाताओं की सुनवाई हुई। मसलिया में एसआईआर के तहत को कठलिया व आमगाछी पंचायत के अनमैप्ड मतदाताओं की सुनवाई हुई। आमगाछी के बूथ 282 में 139 में से 112 मतदाता दस्तावेज के साथ उपस्थित हुए। कठलिया के बूथ 192 में 66 अनमैप्ड व 185 विसंगति, 193 में 20 व 197 तथा 194 में 26 व 90 मामलों की जांच हुई। शिविर में बीडीओ अजफर हसनैन व सीओ रंजन यादव उपस्थित थे।
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    मसलिया में एसआईआर के तहत  को कठलिया व आमगाछी पंचायत के अनमैप्ड मतदाताओं की सुनवाई हुई।
मसलिया में एसआईआर के तहत  को कठलिया व आमगाछी पंचायत के अनमैप्ड मतदाताओं की सुनवाई हुई। आमगाछी के बूथ 282 में 139 में से 112 मतदाता दस्तावेज के साथ उपस्थित हुए। कठलिया के बूथ 192 में 66 अनमैप्ड व 185 विसंगति, 193 में 20 व 197 तथा 194 में 26 व 90 मामलों की जांच हुई। शिविर में बीडीओ अजफर हसनैन व सीओ रंजन यादव उपस्थित थे।
    user_Vipat kumar yadav
    Vipat kumar yadav
    मसालिया, दुमका, झारखंड•
    9 hrs ago
  • रामगढ़ प्रखंड के पथरिया पंचायत के मयुरनाथ गांव में विगत एक बर्ष पुर्व आई आंधी तुफान में आम का पेड़ गिरने से मकान क्षतिग्रस्त एक साल के बाद भी नहीं मिला आवास और न ही मुवावजा, ग्रामीण परेशान। रामगढ़ प्रखंड के पथरिया पंचायत के मयूरनाथ में बिगड़ एक साल पूर्व भरी आंधी तूफान से सड़क के किनारे विशाल आम का पेड़ एक कच्चे मकान पर गिर जाने के कारण मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया लेकिन एक साल बीतने के बावजूद भी पीड़ित ग्रामीण शंकर राय को आवास मिला न मुआवजा आज मंगलवार को पीड़ित ग्रामीण शंकर राय ने बताया कि प्रखंड से लेकर पंचायत तक इन्होंने दौड़ लगाता रहा लेकिन एक साल बीतने के बावजूद भी उन्हें आवास मिला न मुआवजा लिया जाओगे अपने परिचितों के यहां मजबूर है तथा उन्हें सर छुपाने के लिए छत तक नहीं मिला है उन्होंने तुम का डीसी से अभिलंब मुआवजे की मांग की है।
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    रामगढ़ प्रखंड के पथरिया पंचायत के मयुरनाथ गांव में विगत एक बर्ष पुर्व आई आंधी तुफान में आम का पेड़ गिरने से मकान क्षतिग्रस्त एक साल के बाद भी नहीं मिला आवास और न ही मुवावजा, ग्रामीण परेशान।
रामगढ़ प्रखंड के पथरिया पंचायत के मयूरनाथ में बिगड़ एक साल पूर्व भरी आंधी तूफान से सड़क के किनारे विशाल आम का पेड़ एक कच्चे मकान पर गिर जाने के कारण मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया लेकिन एक साल बीतने के बावजूद भी पीड़ित ग्रामीण शंकर राय को आवास मिला न मुआवजा आज मंगलवार को पीड़ित ग्रामीण शंकर राय ने बताया कि प्रखंड से लेकर पंचायत तक इन्होंने दौड़ लगाता रहा लेकिन एक साल बीतने के बावजूद भी उन्हें आवास मिला न मुआवजा लिया जाओगे अपने परिचितों के यहां मजबूर है तथा उन्हें सर छुपाने के लिए छत तक नहीं मिला है उन्होंने तुम का डीसी से अभिलंब मुआवजे की मांग की है।
    user_Ramjee sah
    Ramjee sah
    दुमका, दुमका, झारखंड•
    33 min ago
  • उत्तराखंड में राहुल गांधी पर FIR के विरोध में जामताड़ा में कांग्रेस का प्रदर्शन। खड़गे के अपमान और राहुल गांधी पर FIR के खिलाफ कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, PM का फूंका पुतला।
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    उत्तराखंड में राहुल गांधी पर FIR के विरोध में जामताड़ा में कांग्रेस का प्रदर्शन।
खड़गे के अपमान और राहुल गांधी पर FIR के खिलाफ कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, PM का फूंका पुतला।
    user_यूके न्यूज जामताड़ा,(झारखंड)
    यूके न्यूज जामताड़ा,(झारखंड)
    जामताड़ा, जामताड़ा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • पाकुड़ में दुमका जा रही बस और हाइवा में जोरदार टक्कर, चालक गंभीर, 3 यात्री घायल; बाल-बाल बची जानें पाकुड़-हिरणपुर मुख्य सड़क पर आज सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। सहरकोल ब्रिज के पास दुमका जा रही एक यात्री बस और 16 चक्का हाइवा के बीच जोरदार टक्कर हो गई। ​इस हादसे में बस चालक का दाहिना पैर टूट गया है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया है। वहीं, 3 अन्य यात्री भी घायल हुए हैं जिनका इलाज सदर अस्पताल में किया गया। ​गनीमत रही कि इस भीषण टक्कर में सभी यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई। हादसे की वजह जर्जर सड़क और तेज रफ्तार को माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।"
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    पाकुड़ में दुमका जा रही बस और हाइवा में जोरदार टक्कर, चालक गंभीर, 3 यात्री घायल; बाल-बाल बची जानें
पाकुड़-हिरणपुर मुख्य सड़क पर आज सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। सहरकोल ब्रिज के पास दुमका जा रही एक यात्री बस और 16 चक्का हाइवा के बीच जोरदार टक्कर हो गई।
​इस हादसे में बस चालक का दाहिना पैर टूट गया है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया है। वहीं, 3 अन्य यात्री भी घायल हुए हैं जिनका इलाज सदर अस्पताल में किया गया।
​गनीमत रही कि इस भीषण टक्कर में सभी यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई। हादसे की वजह जर्जर सड़क और तेज रफ्तार को माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।"
    user_Himanshi Singh
    Himanshi Singh
    पाकुड़, पाकुड़, झारखंड•
    8 hrs ago
  • पारसनाथ पहाड़ पर जैन समुदाय के दावे का आदिवासियों ने किया विरोध, बोले—“मारांग बुरू हमारा था, हमारा है और हमारा रहेगा” पारसनाथ पहाड़ को लेकर एक बार फिर आदिवासी और जैन समुदाय के दावों के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। मारांग बुरू बचाओ संघर्ष मोर्चा ने विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष संजय जैन द्वारा पारसनाथ पहाड़ को लेकर दिए गए बयान और संरक्षण की मांग का कड़ा विरोध किया है। मोर्चा के पदाधिकारियों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पारसनाथ पहाड़ संथाल आदिवासियों का मारांग बुरू है, जहां आदिवासी समुदाय सदियों से पूजा-अर्चना और धार्मिक परंपराओं का पालन करता आ रहा है। संगठन का दावा है कि पूरे मारांग बुरू क्षेत्र में 24 से अधिक टोले हैं, जहां पारंपरिक रूप से माझी यानी प्रधान की व्यवस्था कायम है। मोर्चा ने कहा कि न्यायालय द्वारा आदिवासी संथाल समुदाय के प्रथागत और पुरखौती अधिकारों को मान्यता दी गई है। संगठन का आरोप है कि जैन समुदाय के पक्ष में किसी भी तरह की एकतरफा सरकारी व्यवस्था आदिवासियों के पारंपरिक अधिकारों को प्रभावित कर सकती है। ‘सम्मेद शिखर’ और ‘मारांग बुरू’ को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। संगठन ने कहा कि मारांग बुरू का उल्लेख सरकारी दस्तावेजों और इतिहास में मिलता है और पारसनाथ पर्वत आदिवासी समुदाय का प्राचीन धार्मिक स्थल है। मोर्चा ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि जैन समुदाय के पक्ष में जारी किसी भी एकतरफा आदेश की समीक्षा की जाए तथा पारसनाथ के मारांग बुरू क्षेत्र में आदिवासी समुदाय के पारंपरिक और प्रथागत अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इस मामले में सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आदिवासी समुदाय बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा। प्रेस विज्ञप्ति के दौरान मारांग बुरू बचाओ संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष महावीर मुर्मू, सचिव विष्णु किस्कू, सुधीर बास्के, सुरेश हेम्ब्रम, मदन हेम्ब्रम, सुशांत प्रसाद सोरेन, दिलीप मुर्मू सहित कई लोग मौजूद रहे।
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    पारसनाथ पहाड़ पर जैन समुदाय के दावे का आदिवासियों ने किया विरोध, बोले—“मारांग बुरू हमारा था, हमारा है और हमारा रहेगा”
पारसनाथ पहाड़ को लेकर एक बार फिर आदिवासी और जैन समुदाय के दावों के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। मारांग बुरू बचाओ संघर्ष मोर्चा ने विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष संजय जैन द्वारा पारसनाथ पहाड़ को लेकर दिए गए बयान और संरक्षण की मांग का कड़ा विरोध किया है।
मोर्चा के पदाधिकारियों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पारसनाथ पहाड़ संथाल आदिवासियों का मारांग बुरू है, जहां आदिवासी समुदाय सदियों से पूजा-अर्चना और धार्मिक परंपराओं का पालन करता आ रहा है। संगठन का दावा है कि पूरे मारांग बुरू क्षेत्र में 24 से अधिक टोले हैं, जहां पारंपरिक रूप से माझी यानी प्रधान की व्यवस्था कायम है।
मोर्चा ने कहा कि न्यायालय द्वारा आदिवासी संथाल समुदाय के प्रथागत और पुरखौती अधिकारों को मान्यता दी गई है। संगठन का आरोप है कि जैन समुदाय के पक्ष में किसी भी तरह की एकतरफा सरकारी व्यवस्था आदिवासियों के पारंपरिक अधिकारों को प्रभावित कर सकती है।
‘सम्मेद शिखर’ और ‘मारांग बुरू’ को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। संगठन ने कहा कि मारांग बुरू का उल्लेख सरकारी दस्तावेजों और इतिहास में मिलता है और पारसनाथ पर्वत आदिवासी समुदाय का प्राचीन धार्मिक स्थल है।
मोर्चा ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि जैन समुदाय के पक्ष में जारी किसी भी एकतरफा आदेश की समीक्षा की जाए तथा पारसनाथ के मारांग बुरू क्षेत्र में आदिवासी समुदाय के पारंपरिक और प्रथागत अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इस मामले में सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आदिवासी समुदाय बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा।
प्रेस विज्ञप्ति के दौरान मारांग बुरू बचाओ संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष महावीर मुर्मू, सचिव विष्णु किस्कू, सुधीर बास्के, सुरेश हेम्ब्रम, मदन हेम्ब्रम, सुशांत प्रसाद सोरेन, दिलीप मुर्मू सहित कई लोग मौजूद रहे।
    user_Moloy Gope
    Moloy Gope
    Reporter निरसा-कम-चिरकुंडा, धनबाद, झारखंड•
    19 hrs ago
  • ठाडी हाट पंचायत के ठाडी हाट में झामुमो ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर किया विस्तार से चर्चा। रामगढ़ प्रखंड के ठाडीहाट पंचायत में झामुमो पंचायत अध्यक्ष गोपाल साह की अध्यक्षता में खान एंव खनीज संशोधन विधेयक 2026के विरोध में ग्रामीणों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया वक्ताओं ने बताया कि एमएमडीआर बिल 2026 जनहित के विरुद्ध है जल जंगल जमीन पर झारखंडी का अधिकार है।इस बाबत आगामी 7 सितंबर को प्रखंड स्तरीय धरना प्रदर्शन होने के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।
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    ठाडी हाट पंचायत  के ठाडी हाट में झामुमो ने  स्थानीय  ग्रामीणों के साथ बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर किया विस्तार से चर्चा।
रामगढ़ प्रखंड के ठाडीहाट पंचायत में झामुमो पंचायत अध्यक्ष गोपाल साह की अध्यक्षता में खान एंव खनीज संशोधन विधेयक 2026के विरोध में ग्रामीणों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया वक्ताओं ने बताया कि एमएमडीआर बिल 2026 जनहित के विरुद्ध है जल जंगल जमीन पर झारखंडी का अधिकार है।इस बाबत आगामी 7 सितंबर को प्रखंड स्तरीय धरना प्रदर्शन होने के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।
    user_Ramjee sah
    Ramjee sah
    दुमका, दुमका, झारखंड•
    1 hr ago
  • पत्नी से फोन पर विवाद के बाद युवक ने खाया जहरीला पदार्थ, शव गांव पहुंचा तो उठे कई सवाल
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    पत्नी से फोन पर विवाद के बाद युवक ने खाया जहरीला पदार्थ, शव गांव पहुंचा तो उठे कई सवाल
    user_PRESS R K PRESS R K
    PRESS R K PRESS R K
    पत्रकार Karma Tanr Vidyasagar*, Jamtara•
    7 hrs ago
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