Shuru
Apke Nagar Ki App…
जमुई में डीएम आवास से लेकर कचहरी चौक तक बेलगाम ट्रैक्टरों का आतंक लगातार जारी है। इन ट्रैक्टरों के कारण सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं; कभी ईंटों से लदा ट्रैक्टर पलट जाता है, तो कभी सीमेंट से भरा ट्रैक्टर हादसे का शिकार होता है। हाल ही में, एक सरिया लदा ट्रैक्टर एक कार से टकरा गया, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है। यह गंभीर आरोप लगाया जा रहा है कि सड़कों पर बिना नंबर प्लेट के ट्रैक्टर बेखौफ दौड़ रहे हैं, जिससे आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। लोग प्रशासन से यह सवाल कर रहे हैं कि आखिर जमुई में सड़कों पर बढ़ रहे इस आतंक पर कार्रवाई कब की जाएगी और क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा।
Jamui star news /जमुई स्टार न्यूज़
जमुई में डीएम आवास से लेकर कचहरी चौक तक बेलगाम ट्रैक्टरों का आतंक लगातार जारी है। इन ट्रैक्टरों के कारण सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं; कभी ईंटों से लदा ट्रैक्टर पलट जाता है, तो कभी सीमेंट से भरा ट्रैक्टर हादसे का शिकार होता है। हाल ही में, एक सरिया लदा ट्रैक्टर एक कार से टकरा गया, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है। यह गंभीर आरोप लगाया जा रहा है कि सड़कों पर बिना नंबर प्लेट के ट्रैक्टर बेखौफ दौड़ रहे हैं, जिससे आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। लोग प्रशासन से यह सवाल कर रहे हैं कि आखिर जमुई में सड़कों पर बढ़ रहे इस आतंक पर कार्रवाई कब की जाएगी और क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा।
More news from बिहार and nearby areas
- डॉक्टर्स डे 2026 के अवसर पर एक डॉक्टर ने स्वस्थ जीवन शैली से संबंधित एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। इस दौरान, डॉक्टर ने लोगों को स्वस्थ रहने के लिए कुछ खास सलाह भी प्रदान की।1
- राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के अवसर पर डॉ. अरुण कुमार से एक विशेष बातचीत की गई, जिसमें उन्होंने 'स्वास्थ्य सेवा ही हमारा संकल्प!' के अपने दृढ़ निश्चय को दोहराया।1
- धान की बुआई के लिए खेतों में कादो (पडलिंग) तैयार करने का काम किया जा रहा है। यह कार्य 7.5 एचपी पावर वीडर इंजन की सहायता से संपन्न हो रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बीज के बेहतर अंकुरण को सुनिश्चित करना और फसल की अच्छी वृद्धि प्राप्त करना है।1
- लखीसराय के नया बाजार स्थित नगर परिषद प्रशासनिक भवन के सभागार में हाल ही में वार्ड पार्षदों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता वार्ड संख्या-18 के पार्षद ने की। इस बैठक में मुख्य रूप से श्रावणी मेला की तैयारियों से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा उठाया गया। पार्षदों ने इस बात पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की कि 30 जून को अशोक धाम में जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रावणी मेला संबंधी बैठक में नगर परिषद के सभापति अरविंद पासवान को आमंत्रित नहीं किया गया था। बैठक के दौरान, वार्ड पार्षदों ने इसे नगर परिषद की उपेक्षा बताते हुए कहा कि श्रावणी मेला जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में नगर परिषद की अहम भूमिका रहती है। पार्षदों का स्पष्ट तर्क था कि नगर परिषद शहर में सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य शहरी सुविधाओं की जिम्मेदारी निभाता है, ऐसे में इसके निर्वाचित प्रतिनिधियों, विशेषकर सभापति को इतनी महत्वपूर्ण बैठक से अलग रखना उचित नहीं है। इस घटना को देखते हुए, उपस्थित पार्षदों ने जिला प्रशासन से भविष्य में नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों को सभी महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल करने की मांग की। पार्षदों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन आगे से बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करेगा, ताकि श्रावणी मेले की व्यवस्थाएं और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें तथा शहरी सुविधाओं से संबंधित निर्णयों में नगर परिषद की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।1
- लखीसराय के रामगढ़ चौक प्रखंड में किसानों को कृषि विभाग द्वारा दिए गए सरकारी बीज से धोखा मिला है, जिसके कारण उनकी मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। अप्रैल में MH-1142 बीज से बोई गई फसल में एक भी दाना नहीं लगा, जिससे करीब 250 किसान कर्ज के बोझ तले दब गए हैं और मायूस हैं। पिछले अप्रैल में, कृषि विभाग ने प्रखंड के ढाई सौ किसानों को 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज वितरित किया था। उस समय यह दावा किया गया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल की उपज देगा, हरदा रोग से मुक्त रहेगा और हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों के अनुसार, सच्चाई इससे बिल्कुल विपरीत निकली; फसल में न फल लगा और न ही फलियां आईं। अब पूरी फसल पीली पड़कर खेतों में ही बर्बाद हो चुकी है। परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि उन्होंने प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इस संबंध में मौखिक रूप से जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर बड़े उत्साह के साथ मूंग बोई थी, लेकिन अब उनका मूलधन और समय दोनों बर्बाद हो गया है। आक्रोशित किसानों ने अब सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करने का फैसला किया है, ताकि उनके नुकसान की भरपाई हो सके और दोषियों पर कार्रवाई की जा सके। इस पूरे मामले पर अधिकारियों ने भी बयान दिए हैं। गुरुवार को प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने कहा कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त होता है, इसलिए इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का भरोसा देते हुए कहा है कि सभी किसान सामूहिक रूप से प्रखंड और जिला कृषि कार्यालय में लिखित आवेदन जमा करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि उचित जांच कराई जाएगी और यदि तथ्य सही पाए जाते हैं तो किसानों को हर संभव राहत प्रदान की जाएगी। फिलहाल, किसानों की मुख्य मांग है कि इस धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए और उनकी बर्बाद हुई फसल का मुआवजा मिले।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में कृषि विभाग द्वारा वितरित मूंग के बीज से बोई गई फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है, जिससे लगभग 250 किसान भारी कर्ज और मायूसी में डूब गए हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें 'धोखा' मिला है, क्योंकि अप्रैल में सरकारी बीज से बोई गई मूंग की फसल में एक भी दाना नहीं लगा। कृषि विभाग ने पिछले अप्रैल में प्रखंड के लगभग ढाई सौ किसानों को 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज वितरित किया था, जिसके साथ दावा किया गया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल की उपज देगा, इसमें हरदा रोग नहीं लगेगा, और यह हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों के अनुसार, न तो फसल में फल लगे और न ही फलियाँ आईं, और अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है। परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि उन्होंने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इसकी सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि कर्ज लेकर बड़े उत्साह से मूंग बोया था, लेकिन अब मूलधन भी चला गया और समय भी बर्बाद हुआ। इस आक्रोश के बीच, किसानों ने सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करने का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें अपनी हुई क्षति की भरपाई मिल सके। इस संबंध में, प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने कहा कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त हुआ था, इसलिए इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन देते हुए कहा कि सभी किसान सामूहिक रूप से लिखित आवेदन प्रखंड और जिला कृषि कार्यालय में जमा करें। उन्होंने उचित जांच कराने और तथ्य सही पाए जाने पर हर संभव राहत प्रदान करने का भरोसा दिया। किसानों की प्रमुख मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और उनकी बर्बाद फसल का मुआवजा मिले।1
- राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के अवसर पर डॉ. विजय श्री और डॉ. राजीव रंजन प्रसाद ने एक प्रेरणादायक संदेश साझा किया है।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में 250 से अधिक किसानों को कृषि विभाग से मिली उम्मीद मायूसी में बदल गई, क्योंकि सरकारी बीज से बोई गई उनकी मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसानों ने कर्ज लेकर फसल बोई थी, लेकिन उन्हें सिर्फ धोखा मिला, क्योंकि फसल में एक भी दाना नहीं लगा। पिछले अप्रैल में कृषि विभाग ने प्रखंड के करीब ढाई सौ किसानों के बीच 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज का वितरण किया था। विभाग ने दावा किया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल उपज देगा, हरदा रोग से मुक्त रहेगा और हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों का कहना है कि न तो फसल में फल लगा और न ही फलियां आईं; अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है। परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार समेत दर्जनों किसानों ने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इस विफलता की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कर्ज लेकर उत्साह से बोई गई फसल में मूलधन और समय, दोनों बर्बाद हो गए हैं। आक्रोशित किसानों ने अब सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज कर अपनी क्षतिपूर्ति की मांग करने का फैसला किया है। इस मामले पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त होता है, अतः इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन दिया है। उन्होंने सभी किसानों से सामूहिक रूप से प्रखंड और जिला कृषि कार्यालयों में लिखित आवेदन जमा करने को कहा, यह भरोसा दिलाते हुए कि उचित जांच होगी और तथ्य सही पाए जाने पर किसानों को हर संभव राहत प्रदान की जाएगी। किसानों की एकमात्र मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और बर्बाद हुई फसल का मुआवजा मिले।2
- जमुई जिले में एक अहम हादसे की खबर सामने आई है, जहाँ मत्स्य प्रसार पदाधिकारी की कार एक नहर में अचानक गिर गई। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुँचे स्थानीय लोगों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नहर में गिरी कार से पदाधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे उनकी जान बच गई।1