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मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में आने वाले बरेला, देवरी जुनवानी और मेहगांव क्षेत्र में बिजली संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। क्षेत्र में जारी बिजली कटौती और विद्युत मंडल से जुड़ी आपूर्ति की समस्याओं के कारण स्थानीय निवासियों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है।
Deepak Vishawakarma
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में आने वाले बरेला, देवरी जुनवानी और मेहगांव क्षेत्र में बिजली संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। क्षेत्र में जारी बिजली कटौती और विद्युत मंडल से जुड़ी आपूर्ति की समस्याओं के कारण स्थानीय निवासियों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है।
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- इंदौर में एडवोकेट भावना सुरेश साहू के नेतृत्व में तृतीय चिंतन बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में शामिल हुए विभिन्न पदाधिकारियों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। बैठक संपन्न होने के बाद भावना साहू जी ने संपूर्ण बैठक के विषयों के संबंध में मीडिया से वार्तालाप की।1
- दिल्ली पुलिस ने मोदी जी और अमित शाह जी को गाली देने तथा देश-विरोधी नारे लगाने वाले लगभग 3000 से अधिक लोगों की पहचान कर ली है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और दिल्ली पुलिस द्वारा इन्हें सीधे इनके घरों से उठाया जा रहा है। इस बीच, कॉकरोज जनता पार्टी ने भी इन लोगों से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया है। पार्टी द्वारा यह घोषणा की गई है कि यदि आरोपी कैमरे में कैद हो गए हैं, तो देश-विरोधी बयानों और हिंसा के लिए दर्ज FIR किसी भी हाल में वापस नहीं ली जाएगी। अब इन 3000 से ज्यादा लोगों को पुलिस के केस से बचाने के लिए न तो विपक्ष पार्टी का कोई नेता आएगा और न ही CJP वाले। विशेष रूप से इन सभी लोगों के पासपोर्ट कैंसिल कर दिए जाएंगे और इन्हें जीवन में कभी भी सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी।1
- कटनी नगर के निमिहा मोहल्ला निवासी पत्रकार राकेश निषाद ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। बिजली बिल जमा होने के बावजूद पिछले 15 दिनों से उनके घर का स्मार्ट मीटर री-कनेक्ट नहीं किया गया है। लगातार अंधेरे में रहने के कारण रविवार सुबह उनके घर में फिर एक सर्प घुसा, जिसे काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। राकेश निषाद का कहना है कि इससे पहले भी अंधेरे के कारण उनके पुत्र को सर्प ने काट लिया था, जिसके चलते उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इसके बावजूद बिजली विभाग ने बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की। 1912 हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्रतिदिन शिकायत दर्ज कराई जा रही है, लेकिन बिना किसी वास्तविक समाधान के ही "निराकरण किया जा चुका है" का संदेश भेज दिया जाता है। पीड़ित परिवार ने स्पष्ट किया है कि यदि बिजली विभाग की लापरवाही से भविष्य में सर्पदंश या अंधेरे की वजह से कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। पत्रकार राकेश निषाद ने विद्युत विभाग से तत्काल स्मार्ट मीटर का री-कनेक्शन कर बिजली आपूर्ति बहाल करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।4
- घंसौर थाना क्षेत्र के ग्राम सारसडोल में 26 जुलाई 2026 को दोपहर 1:00 बजे एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। विवाद के दौरान ग्राम सारसडोल निवासी 25 वर्षीय रामकिशन कुमरे, पिता लेखराम कुमरे पर किसी बात को लेकर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद परिजन और ग्रामीण घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही घंसौर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। इस घटना के चलते गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, जबकि पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- भारत की युवा स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने वर्ल्ड स्क्वाश जूनियर चैंपियनशिप-2026 का खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया है। इस शानदार जीत के साथ अनाहत जूनियर विश्व खिताब हासिल करने वाली देश की पहली भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी बन गई हैं। टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में अनाहत ने मिस्र की रुकैया सलेम को एकतरफा अंदाज में सीधे तीन गेमों में 11-3, 11-7 और 11-9 से हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की।1
- कटनी नगर निगम के बाल गंगाधर तिलक वार्ड क्रमांक-1 में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। राज पैलेस वाली रोड पर नाला पिछले छह माह से जाम पड़ा है, जिससे गंदा पानी लगातार सड़क पर बह रहा है। साईं मंदिर से लेकर मंडी गेट तक नियमित झाड़ू तक न लगने के कारण सड़क पर गंदगी और बदबू का माहौल है, जिससे दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है और राहगीरों को आवाजाही में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राज किशोर यादव ने नगर निगम की कार्यशैली और वार्ड हवलदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारियों की फर्जी हाजिरी लगाकर कागजों पर तो सफाई पूरी दिखाई जा रही है, लेकिन मौके पर हालात बदतर हैं। इस पूरी लापरवाही की लिखित व मौखिक शिकायत नगर निगम प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को दी जा चुकी है, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन की इस बेरुखी से स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भारी आक्रोश है। क्षेत्र के व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाले की सफाई, नियमित सफाई व्यवस्था और दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने परीक्षा सुधारों के लिए तकनीकी विशेषज्ञ श्री नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन करने का निर्णय लिया है। यह टास्क फोर्स न केवल वर्तमान चुनौतियों का समाधान करेगी, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए ऐसी मजबूत व्यवस्था तैयार करेगी जिससे परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह लीक-प्रूफ, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा सके। सरकार का मानना है कि यह पहल भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में निष्पक्षता सुनिश्चित करने तथा युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।1
- मध्य प्रदेश के कटनी में दर्ज एक शिकायत में नया मोड़ आया है, जहाँ शिकायतकर्ता ने स्वयं पुलिस अधीक्षक से मिलकर लिखित आवेदन देकर शिकायत वापस ले ली है। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि 22 जुलाई को की गई शिकायत में वर्णित घटनाएं असत्य, भ्रामक और आधारहीन थीं तथा वास्तव में ऐसी कोई घटना घटित ही नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि पूर्व में यह शिकायत गलत जानकारी के आधार पर प्रस्तुत की गई थी, इसलिए वह अपनी स्वेच्छा से इसे वापस ले रहे हैं और पूर्व प्रस्तुत आवेदन को निरस्त माना जाए। इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया पर मामले को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर आपत्ति जताते हुए भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों के विरुद्ध न्यायालय की शरण लेने और कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं, शिकायत वापस लिए जाने के बावजूद पुलिस द्वारा अपने अधीनस्थ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की चर्चा सामने आ रही है। यदि घटना घटित ही नहीं हुई थी, तो आगे की कार्रवाई को लेकर कई कानूनी प्रश्न खड़े हो रहे हैं, हालांकि इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।2