मध्य प्रदेश के कटनी में दर्ज एक शिकायत में नया मोड़ आया है, जहाँ शिकायतकर्ता ने स्वयं पुलिस अधीक्षक से मिलकर लिखित आवेदन देकर शिकायत वापस ले ली है। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि 22 जुलाई को की गई शिकायत में वर्णित घटनाएं असत्य, भ्रामक और आधारहीन थीं तथा वास्तव में ऐसी कोई घटना घटित ही नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि पूर्व में यह शिकायत गलत जानकारी के आधार पर प्रस्तुत की गई थी, इसलिए वह अपनी स्वेच्छा से इसे वापस ले रहे हैं और पूर्व प्रस्तुत आवेदन को निरस्त माना जाए। इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया पर मामले को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर आपत्ति जताते हुए भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों के विरुद्ध न्यायालय की शरण लेने और कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं, शिकायत वापस लिए जाने के बावजूद पुलिस द्वारा अपने अधीनस्थ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की चर्चा सामने आ रही है। यदि घटना घटित ही नहीं हुई थी, तो आगे की कार्रवाई को लेकर कई कानूनी प्रश्न खड़े हो रहे हैं, हालांकि इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
मध्य प्रदेश के कटनी में दर्ज एक शिकायत में नया मोड़ आया है, जहाँ शिकायतकर्ता ने स्वयं पुलिस अधीक्षक से मिलकर लिखित आवेदन देकर शिकायत वापस ले ली है। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि 22 जुलाई को की गई शिकायत में वर्णित घटनाएं असत्य, भ्रामक और आधारहीन थीं तथा वास्तव में ऐसी कोई घटना घटित ही नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि पूर्व में यह शिकायत गलत जानकारी के आधार पर प्रस्तुत की गई थी, इसलिए वह अपनी स्वेच्छा से इसे वापस ले रहे हैं और पूर्व प्रस्तुत आवेदन को निरस्त माना जाए। इसके साथ ही
शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया पर मामले को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर आपत्ति जताते हुए भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों के विरुद्ध न्यायालय की शरण लेने और कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं, शिकायत वापस लिए जाने के बावजूद पुलिस द्वारा अपने अधीनस्थ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की चर्चा सामने आ रही है। यदि घटना घटित ही नहीं हुई थी, तो आगे की कार्रवाई को लेकर कई कानूनी प्रश्न खड़े हो रहे हैं, हालांकि इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
- सतना शहर के गुप्ता पैलेस पुष्कर्णी पार्क कांड में फर्जी मेडिकल बनाने वाले और जबलपुर स्थित स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल के संचालक अमित खरे का एक और कारनामा सामने आया है। उसने सुनियोजित तरीके से पांच लोगों को डंपर से कुचलवाकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। खुलासे के बाद मास्टरमाइंड अमित खरे अपने साथियों के साथ जेल चला गया है।1
- कटनी नगर के निमिहा मोहल्ला निवासी पत्रकार राकेश निषाद ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। बिजली बिल जमा होने के बावजूद पिछले 15 दिनों से उनके घर का स्मार्ट मीटर री-कनेक्ट नहीं किया गया है। लगातार अंधेरे में रहने के कारण रविवार सुबह उनके घर में फिर एक सर्प घुसा, जिसे काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। राकेश निषाद का कहना है कि इससे पहले भी अंधेरे के कारण उनके पुत्र को सर्प ने काट लिया था, जिसके चलते उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इसके बावजूद बिजली विभाग ने बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की। 1912 हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्रतिदिन शिकायत दर्ज कराई जा रही है, लेकिन बिना किसी वास्तविक समाधान के ही "निराकरण किया जा चुका है" का संदेश भेज दिया जाता है। पीड़ित परिवार ने स्पष्ट किया है कि यदि बिजली विभाग की लापरवाही से भविष्य में सर्पदंश या अंधेरे की वजह से कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। पत्रकार राकेश निषाद ने विद्युत विभाग से तत्काल स्मार्ट मीटर का री-कनेक्शन कर बिजली आपूर्ति बहाल करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।4
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले के इटौरा में माँ चंद्रिका धाम विकास यात्रा को लेकर सभी देशवासियों को सूचित किया जा रहा है। इस पहल के तहत गाँव के लिए एक आवेदन पत्र तैयार किया जा रहा है, जिसकी जानकारी साझा की गई है।1
- इंदौर में एडवोकेट भावना सुरेश साहू के नेतृत्व में तृतीय चिंतन बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में शामिल हुए विभिन्न पदाधिकारियों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। बैठक संपन्न होने के बाद भावना साहू जी ने संपूर्ण बैठक के विषयों के संबंध में मीडिया से वार्तालाप की।1
- एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी।1
- यूट्यूब चैनल 'अध्यात्म' पर मैहर माता मंदिर की सीढ़ियों में बाढ़ का एक फर्जी वीडियो अपलोड किया गया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से निर्मित है और इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। मामले में पुलिस ने इस वीडियो को पूरी तरह काल्पनिक और फर्जी बताया है। पुलिस का कहना है कि इस भ्रामक वीडियो के जरिए श्रद्धालुओं के बीच गलत जानकारी और दहशत फैलाई जा रही है। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की अफवाह फैलाने वाले के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।1
- मध्य प्रदेश के कटनी में दर्ज एक शिकायत में नया मोड़ आया है, जहाँ शिकायतकर्ता ने स्वयं पुलिस अधीक्षक से मिलकर लिखित आवेदन देकर शिकायत वापस ले ली है। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि 22 जुलाई को की गई शिकायत में वर्णित घटनाएं असत्य, भ्रामक और आधारहीन थीं तथा वास्तव में ऐसी कोई घटना घटित ही नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि पूर्व में यह शिकायत गलत जानकारी के आधार पर प्रस्तुत की गई थी, इसलिए वह अपनी स्वेच्छा से इसे वापस ले रहे हैं और पूर्व प्रस्तुत आवेदन को निरस्त माना जाए। इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया पर मामले को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर आपत्ति जताते हुए भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों के विरुद्ध न्यायालय की शरण लेने और कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं, शिकायत वापस लिए जाने के बावजूद पुलिस द्वारा अपने अधीनस्थ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की चर्चा सामने आ रही है। यदि घटना घटित ही नहीं हुई थी, तो आगे की कार्रवाई को लेकर कई कानूनी प्रश्न खड़े हो रहे हैं, हालांकि इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।2