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टीकमगढ़ में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में संवेदनशील पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण सामने आया, जहाँ डायल-112 सेवा ने एक सड़क दुर्घटना में घायल हुए दो व्यक्तियों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसपी ने जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों को आपातकालीन स्थितियों में आमजन को त्वरित और प्रभावी सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जिसका पुलिस निरंतर पालन कर रही है। यह घटना 08 जून 2026 को शाम लगभग 4:00 बजे खरगापुर थाना क्षेत्र में हुई, जब डायल-112 को सूचना मिली कि मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्ति दुर्घटनाग्रस्त होकर घायल हो गए हैं और उन्हें तत्काल मदद की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही खरगापुर थाने में तैनात डायल-112 की एफआरवी (फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल) टीम, जिसमें आरक्षक हरिराम और पायलट शनि लोधी शामिल थे, तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। मौके पर पहुँचने पर उन्होंने देखा कि एक अज्ञात वाहन की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार दोनों व्यक्ति गंभीर रूप से घायल थे और उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता की ज़रूरत थी। पुलिस जवानों ने बिना समय गंवाए मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए दोनों घायलों को एफआरवी वाहन की सहायता से सुरक्षित रूप से शासकीय चिकित्सालय खरगापुर पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार जारी है। टीकमगढ़ पुलिस का लक्ष्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर नागरिकों की तत्काल सहायता कर उनमें सुरक्षा और विश्वास की भावना जगाना भी है। डायल-112 सेवा ऐसी आपातकालीन परिस्थितियों में आमजन के लिए लगातार मददगार साबित हो रही है।

4 hrs ago
user_रिपोर्टधर्मेंद्र सिंह लोधी
रिपोर्टधर्मेंद्र सिंह लोधी
बलदेवगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

टीकमगढ़ में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में संवेदनशील पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण सामने आया, जहाँ डायल-112 सेवा ने एक सड़क दुर्घटना में घायल हुए दो व्यक्तियों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसपी ने जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों को आपातकालीन स्थितियों में आमजन को त्वरित और प्रभावी सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जिसका पुलिस निरंतर पालन कर रही है। यह घटना 08 जून 2026 को शाम लगभग 4:00 बजे खरगापुर थाना क्षेत्र में हुई, जब डायल-112 को सूचना मिली कि मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्ति दुर्घटनाग्रस्त होकर घायल हो गए हैं और उन्हें तत्काल मदद की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही खरगापुर थाने में तैनात डायल-112 की एफआरवी (फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल) टीम, जिसमें आरक्षक हरिराम और पायलट शनि लोधी शामिल थे, तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। मौके पर पहुँचने पर उन्होंने देखा कि एक अज्ञात वाहन की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार दोनों व्यक्ति गंभीर रूप से घायल थे और उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता की ज़रूरत थी। पुलिस जवानों ने बिना समय गंवाए मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए दोनों घायलों को एफआरवी वाहन की सहायता से सुरक्षित रूप से शासकीय चिकित्सालय खरगापुर पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार जारी है। टीकमगढ़ पुलिस का लक्ष्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर नागरिकों की तत्काल सहायता कर उनमें सुरक्षा और विश्वास की भावना जगाना भी है। डायल-112 सेवा ऐसी आपातकालीन परिस्थितियों में आमजन के लिए लगातार मददगार साबित हो रही है।

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  • टीकमगढ़ जिले के जतारा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बेरवार, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देशों और जनहितकारी प्रशासनिक व्यवस्था के तहत जनसेवा का एक सफल मॉडल बनकर उभरी है। यह ग्राम पंचायत जिले की नंबर वन पंचायत बन गई है, जहाँ ग्रामीणों को अधिकांश सरकारी सेवाएँ और सुविधाएँ अब पंचायत स्तर पर ही मिल रही हैं। इससे ग्रामीणों को अपने छोटे-बड़े कार्यों के लिए जनपद कार्यालय या अन्य विभागीय कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। ग्राम पंचायत बेरवार में सरपंच स्वयं घर-घर जाकर लोगों की समस्याएँ सुनते हैं और उनके निराकरण के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करते हैं। ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदनों को हर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में प्रस्तुत किया जाता है, जिससे उन पर त्वरित कार्रवाई हो सके। पंचायत परिसर में ही सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, पटवारी और आधार सेंटर जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके परिणामस्वरूप, ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कार्य, विभिन्न प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाओं की जानकारी, रोजगार संबंधी सेवाएँ और आधार से जुड़े सभी कार्य एक ही स्थान पर आसानी से मिल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता और प्रशासन के सहयोग से उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है। बेरवार पंचायत द्वारा अपनाई गई यह व्यवस्था ग्रामीण प्रशासन को लोगों के द्वार तक पहुँचाने का एक सफल मॉडल सिद्ध हुई है। इस ग्राम पंचायत की कार्यशैली अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है और जनसेवा के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित कर रही है।
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    टीकमगढ़ जिले के जतारा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बेरवार, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देशों और जनहितकारी प्रशासनिक व्यवस्था के तहत जनसेवा का एक सफल मॉडल बनकर उभरी है। यह ग्राम पंचायत जिले की नंबर वन पंचायत बन गई है, जहाँ ग्रामीणों को अधिकांश सरकारी सेवाएँ और सुविधाएँ अब पंचायत स्तर पर ही मिल रही हैं। इससे ग्रामीणों को अपने छोटे-बड़े कार्यों के लिए जनपद कार्यालय या अन्य विभागीय कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं।

ग्राम पंचायत बेरवार में सरपंच स्वयं घर-घर जाकर लोगों की समस्याएँ सुनते हैं और उनके निराकरण के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करते हैं। ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदनों को हर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में प्रस्तुत किया जाता है, जिससे उन पर त्वरित कार्रवाई हो सके। पंचायत परिसर में ही सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, पटवारी और आधार सेंटर जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके परिणामस्वरूप, ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कार्य, विभिन्न प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाओं की जानकारी, रोजगार संबंधी सेवाएँ और आधार से जुड़े सभी कार्य एक ही स्थान पर आसानी से मिल रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता और प्रशासन के सहयोग से उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है। बेरवार पंचायत द्वारा अपनाई गई यह व्यवस्था ग्रामीण प्रशासन को लोगों के द्वार तक पहुँचाने का एक सफल मॉडल सिद्ध हुई है। इस ग्राम पंचायत की कार्यशैली अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है और जनसेवा के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित कर रही है।
    user_Mahendra Kumar Dubey
    Mahendra Kumar Dubey
    Voice of people जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • टीकमगढ़ में मंगलवार को कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने आमजन से प्राप्त विभिन्न शिकायतों और समस्याओं को गंभीरता से सुना। कलेक्टर ने इन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर शिवप्रसाद मंडराह, संयुक्त कलेक्टर श्रीश शैलेन्द्र सिंह, डिप्टी कलेक्टर निशांत भूरिया, और जिला कोषालय अधिकारी शिवरंजन सिंह सहित कई अन्य संबंधित अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
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    टीकमगढ़ में मंगलवार को कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने आमजन से प्राप्त विभिन्न शिकायतों और समस्याओं को गंभीरता से सुना। कलेक्टर ने इन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर शिवप्रसाद मंडराह, संयुक्त कलेक्टर श्रीश शैलेन्द्र सिंह, डिप्टी कलेक्टर निशांत भूरिया, और जिला कोषालय अधिकारी शिवरंजन सिंह सहित कई अन्य संबंधित अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
    user_Jamil khan
    Jamil khan
    टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • डॉ. हरीश रहगड़ जी ने एक बार फिर भव्य बुंदेली क्रिएटर अवार्ड 2026 का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे कलाकारों को एक बड़ा मंच प्रदान करना और उनकी प्रतिभा को उच्च स्तर पर पहुँचाने का कार्य करना है। डॉ. हरीश रहगड़ इस पहल के माध्यम से लगातार छोटे कलाकारों को बढ़ावा देने और उनकी कला को पहचान दिलाने के लिए कार्यरत हैं।
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    डॉ. हरीश रहगड़ जी ने एक बार फिर भव्य बुंदेली क्रिएटर अवार्ड 2026 का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे कलाकारों को एक बड़ा मंच प्रदान करना और उनकी प्रतिभा को उच्च स्तर पर पहुँचाने का कार्य करना है। डॉ. हरीश रहगड़ इस पहल के माध्यम से लगातार छोटे कलाकारों को बढ़ावा देने और उनकी कला को पहचान दिलाने के लिए कार्यरत हैं।
    user_AAJ EK SACH NEWS
    AAJ EK SACH NEWS
    बड़ा मलहरा, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    26 min ago
  • बस भारिया गांव में एक गाय पिछले चार दिनों से लगातार एक ही खेत के चक्कर लगा रही है। इस रहस्यमयी घटना ने लोगों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह कोई चमत्कार है या फिर गाय किसी बीमारी से पीड़ित है। इस अजीबोगरीब मामले पर एक खास रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है।
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    बस भारिया गांव में एक गाय पिछले चार दिनों से लगातार एक ही खेत के चक्कर लगा रही है। इस रहस्यमयी घटना ने लोगों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह कोई चमत्कार है या फिर गाय किसी बीमारी से पीड़ित है। इस अजीबोगरीब मामले पर एक खास रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है।
    user_राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
    राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
    Spa पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • टीकमगढ़ नगर पालिका में प्रधानमंत्री आवास योजना और दुकान आवंटन से जुड़े कथित करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार मामले को लेकर सोमवार को एक विशेष सम्मेलन आयोजित किया गया, जो हंगामे की भेंट चढ़ गया। बैठक की शुरुआत में ही पार्षदों ने सम्मेलन की सूचना के साथ एजेंडा नहीं भेजे जाने पर कड़ी आपत्ति और नाराजगी व्यक्त की। पार्षद हबीब खान ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व जानकारी के एजेंडा प्रस्तुत कर गड़बड़ी करने का प्रयास किया जा रहा था। यह विशेष सम्मेलन नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के निर्देश पर बुलाया गया था, जिसका उद्देश्य उन आरोपों और जांच बिंदुओं पर चर्चा करना था, जिन्हें टीकमगढ़ विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला ने विधानसभा में उठाया था। विधायक ने प्रधानमंत्री आवास योजना और दुकान आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं तथा भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विस्तृत जांच की मांग की थी। विधानसभा में उठाए गए 147 हितग्राहियों से जुड़े इस मामले की जांच लोकायुक्त संगठन द्वारा की गई थी, जो अभी भी विचाराधीन है। इसके अतिरिक्त, उप संचालक स्थानीय संपरीक्षा सागर द्वारा वर्ष 2019-20, 2020-21 और 2021-22 की 157 ऑडिट आपत्तियों के जवाब तैयार कर सीनियर ऑडिटर के अभिमत के लिए भेजे गए हैं, जिनमें से 59 आपत्तियों पर अभिमत प्राप्त हो चुका है। जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने से यह मामला काफी गंभीर माना जा रहा है। इस संबंध में पूर्व में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष, तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी रीता कैलासिया और गीता मांझी से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए थे। इन्हीं मामलों में आगे की कार्रवाई के उद्देश्य से बुलाई गई इस महत्वपूर्ण बैठक में अंततः पार्षदों ने रखे गए एजेंडा को निरस्त कर दिया। इस दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष सुषमा संजय नायक, कांग्रेस पार्षद पूनम जायसवाल सहित अधिकांश कांग्रेसी पार्षद अनुपस्थित रहे। वहीं, भाजपा पार्षद अभिषेक खरे ने साफ कहा कि, "पुराने काले कारनामों को हम साफ करने नहीं बैठे हैं। जिसने जैसा किया है, उसे उसकी सजा भुगतनी चाहिए।" बैठक के निष्कर्षहीन रहने से नगर पालिका के इस बहुचर्चित मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर अब नए सिरे से चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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    टीकमगढ़ नगर पालिका में प्रधानमंत्री आवास योजना और दुकान आवंटन से जुड़े कथित करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार मामले को लेकर सोमवार को एक विशेष सम्मेलन आयोजित किया गया, जो हंगामे की भेंट चढ़ गया। बैठक की शुरुआत में ही पार्षदों ने सम्मेलन की सूचना के साथ एजेंडा नहीं भेजे जाने पर कड़ी आपत्ति और नाराजगी व्यक्त की। पार्षद हबीब खान ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व जानकारी के एजेंडा प्रस्तुत कर गड़बड़ी करने का प्रयास किया जा रहा था।

यह विशेष सम्मेलन नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के निर्देश पर बुलाया गया था, जिसका उद्देश्य उन आरोपों और जांच बिंदुओं पर चर्चा करना था, जिन्हें टीकमगढ़ विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला ने विधानसभा में उठाया था। विधायक ने प्रधानमंत्री आवास योजना और दुकान आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं तथा भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विस्तृत जांच की मांग की थी। विधानसभा में उठाए गए 147 हितग्राहियों से जुड़े इस मामले की जांच लोकायुक्त संगठन द्वारा की गई थी, जो अभी भी विचाराधीन है। इसके अतिरिक्त, उप संचालक स्थानीय संपरीक्षा सागर द्वारा वर्ष 2019-20, 2020-21 और 2021-22 की 157 ऑडिट आपत्तियों के जवाब तैयार कर सीनियर ऑडिटर के अभिमत के लिए भेजे गए हैं, जिनमें से 59 आपत्तियों पर अभिमत प्राप्त हो चुका है।

जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने से यह मामला काफी गंभीर माना जा रहा है। इस संबंध में पूर्व में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष, तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी रीता कैलासिया और गीता मांझी से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए थे।

इन्हीं मामलों में आगे की कार्रवाई के उद्देश्य से बुलाई गई इस महत्वपूर्ण बैठक में अंततः पार्षदों ने रखे गए एजेंडा को निरस्त कर दिया। इस दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष सुषमा संजय नायक, कांग्रेस पार्षद पूनम जायसवाल सहित अधिकांश कांग्रेसी पार्षद अनुपस्थित रहे। वहीं, भाजपा पार्षद अभिषेक खरे ने साफ कहा कि, "पुराने काले कारनामों को हम साफ करने नहीं बैठे हैं। जिसने जैसा किया है, उसे उसकी सजा भुगतनी चाहिए।"

बैठक के निष्कर्षहीन रहने से नगर पालिका के इस बहुचर्चित मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर अब नए सिरे से चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
    user_Manish Yadav
    Manish Yadav
    पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • छतरपुर जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम बूदौर में शासकीय पट्टे की भूमि के अवैध क्रय-विक्रय, नामांतरण और जबरन कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित ग्रामीणों, जिनमें संतोष कुशवाहा, बबलू, राजू, ननकोले, लाल्ले, राजेश सहित अन्य आवेदक शामिल हैं, ने छतरपुर कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर को दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम बूदौर की भूमि खसरा क्रमांक 1122, जो कि शासन से प्राप्त पट्टे की भूमि है और पूर्व से ही तालाब के रूप में दर्ज है, को अजीत सिंह वर्मा, गायत्री पचौरी और महेंद्र अग्रवाल द्वारा बिना किसी सक्षम शासकीय अनुमति के अवैध रूप से क्रय कर लिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, नियमों को ताक पर रखकर इस भूमि का अवैध तरीके से नामांतरण भी करा लिया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उक्त खसरा नंबर का रकबा खतौनी में 6 हेक्टेयर से अधिक है, जबकि मौके के नक्शे में यह केवल 3 हेक्टेयर के आसपास है, जिससे स्पष्ट होता है कि बिना जांच-पड़ताल के ही पट्टों का वितरण कर दिया गया। ग्रामीणों ने शिकायत में यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि बिना किसी तरमीम या सीमांकन के, कथित क्रेताओं द्वारा रमेश पचौरी, मनीष पचौरी और विष्णु पचौरी के साथ मिलकर लगभग 40 से 50 अज्ञात लोगों को जेसीबी मशीन के साथ मौके पर भेजा गया। इन लोगों ने ग्रामीणों की भूमि पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की, और जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। साथ ही, उन्हें भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी गईं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए इस विवादित भूमि की विधिवत जांच कराई जाए और दबंगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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    छतरपुर जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम बूदौर में शासकीय पट्टे की भूमि के अवैध क्रय-विक्रय, नामांतरण और जबरन कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित ग्रामीणों, जिनमें संतोष कुशवाहा, बबलू, राजू, ननकोले, लाल्ले, राजेश सहित अन्य आवेदक शामिल हैं, ने छतरपुर कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

कलेक्टर को दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम बूदौर की भूमि खसरा क्रमांक 1122, जो कि शासन से प्राप्त पट्टे की भूमि है और पूर्व से ही तालाब के रूप में दर्ज है, को अजीत सिंह वर्मा, गायत्री पचौरी और महेंद्र अग्रवाल द्वारा बिना किसी सक्षम शासकीय अनुमति के अवैध रूप से क्रय कर लिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, नियमों को ताक पर रखकर इस भूमि का अवैध तरीके से नामांतरण भी करा लिया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उक्त खसरा नंबर का रकबा खतौनी में 6 हेक्टेयर से अधिक है, जबकि मौके के नक्शे में यह केवल 3 हेक्टेयर के आसपास है, जिससे स्पष्ट होता है कि बिना जांच-पड़ताल के ही पट्टों का वितरण कर दिया गया।

ग्रामीणों ने शिकायत में यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि बिना किसी तरमीम या सीमांकन के, कथित क्रेताओं द्वारा रमेश पचौरी, मनीष पचौरी और विष्णु पचौरी के साथ मिलकर लगभग 40 से 50 अज्ञात लोगों को जेसीबी मशीन के साथ मौके पर भेजा गया। इन लोगों ने ग्रामीणों की भूमि पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की, और जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। साथ ही, उन्हें भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी गईं।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए इस विवादित भूमि की विधिवत जांच कराई जाए और दबंगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
    user_पत्रकार पुष्पेंद्र तिवारी
    पत्रकार पुष्पेंद्र तिवारी
    Agricultural Loan Agency लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • एक गाय पिछले पाँच दिनों से लगातार रंभा रही है और उसने रुकने का नाम नहीं लिया है। इस असामान्य स्थिति को देखते हुए, गांववालों ने मिलकर गाय की पूजा की और उसे चुनरी भी पहनाई है।
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    एक गाय पिछले पाँच दिनों से लगातार रंभा रही है और उसने रुकने का नाम नहीं लिया है। इस असामान्य स्थिति को देखते हुए, गांववालों ने मिलकर गाय की पूजा की और उसे चुनरी भी पहनाई है।
    user_बुंदेली संवाद न्यूज
    बुंदेली संवाद न्यूज
    Local News Reporter खरगापुर, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देशों के बाद, जतारा जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बेरवार ग्रामीण जनसेवा का एक सफल मॉडल बनकर उभरी है। यह पंचायत ग्रामीणों को अधिकांश सरकारी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध करा रही है, जिससे उन्हें जनपद कार्यालय या अन्य सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिली है। इस पहल के तहत, ग्राम पंचायत के सरपंच स्वयं गांव में घर-घर जाकर लोगों की समस्याओं को सुनते हैं और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों व अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हैं। पंचायत में प्राप्त आवेदनों को व्यवस्थित रूप से संकलित कर हर मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में प्रस्तुत किया जाता है, ताकि शिकायतों और मांगों का शीघ्र निपटारा हो सके। पंचायत परिसर में ही सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, पटवारी और आधार सेंटर जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं मौजूद होने से ग्रामीणों को प्रमाण पत्र, राजस्व संबंधी कार्य, रोजगार योजनाओं की जानकारी और आधार से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर मिल रही हैं। ग्रामीणों ने पंचायत की इस कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए बताया है कि इस व्यवस्था से उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है। ग्राम पंचायत बेरवार की यह पहल ग्रामीण प्रशासन को आमजन के द्वार तक पहुंचाने का एक प्रभावी और अनुकरणीय उदाहरण साबित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत स्तर पर इसी तरह सेवाएं उपलब्ध होती रहीं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
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    टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देशों के बाद, जतारा जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बेरवार ग्रामीण जनसेवा का एक सफल मॉडल बनकर उभरी है। यह पंचायत ग्रामीणों को अधिकांश सरकारी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध करा रही है, जिससे उन्हें जनपद कार्यालय या अन्य सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिली है।

इस पहल के तहत, ग्राम पंचायत के सरपंच स्वयं गांव में घर-घर जाकर लोगों की समस्याओं को सुनते हैं और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों व अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हैं। पंचायत में प्राप्त आवेदनों को व्यवस्थित रूप से संकलित कर हर मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में प्रस्तुत किया जाता है, ताकि शिकायतों और मांगों का शीघ्र निपटारा हो सके। पंचायत परिसर में ही सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, पटवारी और आधार सेंटर जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं मौजूद होने से ग्रामीणों को प्रमाण पत्र, राजस्व संबंधी कार्य, रोजगार योजनाओं की जानकारी और आधार से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर मिल रही हैं।

ग्रामीणों ने पंचायत की इस कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए बताया है कि इस व्यवस्था से उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है। ग्राम पंचायत बेरवार की यह पहल ग्रामीण प्रशासन को आमजन के द्वार तक पहुंचाने का एक प्रभावी और अनुकरणीय उदाहरण साबित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत स्तर पर इसी तरह सेवाएं उपलब्ध होती रहीं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
    user_Mahendra Kumar Dubey
    Mahendra Kumar Dubey
    Voice of people जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • टीकमगढ़ के ऐतिहासिक गऊघाट पर कलेक्टर ने स्वयं पहुंचकर सफाई अभियान चलाया, जिससे वर्षों से कीचड़ और गंदगी से भरे इस स्थल को एक नया जीवन मिला है। इस पहल का उद्देश्य गऊघाट को उसके पुराने स्वरूप में लौटाना है ताकि स्थानीय लोग यहां शांतिपूर्ण पल बिता सकें। कलेक्टर ने नगर पालिका को इस स्थल की सफाई, पुताई और लाइटिंग सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
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    टीकमगढ़ के ऐतिहासिक गऊघाट पर कलेक्टर ने स्वयं पहुंचकर सफाई अभियान चलाया, जिससे वर्षों से कीचड़ और गंदगी से भरे इस स्थल को एक नया जीवन मिला है। इस पहल का उद्देश्य गऊघाट को उसके पुराने स्वरूप में लौटाना है ताकि स्थानीय लोग यहां शांतिपूर्ण पल बिता सकें। कलेक्टर ने नगर पालिका को इस स्थल की सफाई, पुताई और लाइटिंग सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
    user_Jamil khan
    Jamil khan
    टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    1 day ago
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