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बस भारिया गांव में एक गाय पिछले चार दिनों से लगातार एक ही खेत के चक्कर लगा रही है। इस रहस्यमयी घटना ने लोगों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह कोई चमत्कार है या फिर गाय किसी बीमारी से पीड़ित है। इस अजीबोगरीब मामले पर एक खास रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है।

14 hrs ago
user_राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
Spa पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
14 hrs ago

बस भारिया गांव में एक गाय पिछले चार दिनों से लगातार एक ही खेत के चक्कर लगा रही है। इस रहस्यमयी घटना ने लोगों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह कोई चमत्कार है या फिर गाय किसी बीमारी से पीड़ित है। इस अजीबोगरीब मामले पर एक खास रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है।

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  • बस भारिया गांव में एक गाय पिछले चार दिनों से लगातार एक ही खेत के चक्कर लगा रही है। इस रहस्यमयी घटना ने लोगों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह कोई चमत्कार है या फिर गाय किसी बीमारी से पीड़ित है। इस अजीबोगरीब मामले पर एक खास रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है।
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    बस भारिया गांव में एक गाय पिछले चार दिनों से लगातार एक ही खेत के चक्कर लगा रही है। इस रहस्यमयी घटना ने लोगों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह कोई चमत्कार है या फिर गाय किसी बीमारी से पीड़ित है। इस अजीबोगरीब मामले पर एक खास रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है।
    user_राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
    राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
    Spa पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • टीकमगढ़ नगर पालिका में प्रधानमंत्री आवास योजना और दुकान आवंटन से जुड़े कथित करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार मामले को लेकर सोमवार को एक विशेष सम्मेलन आयोजित किया गया, जो हंगामे की भेंट चढ़ गया। बैठक की शुरुआत में ही पार्षदों ने सम्मेलन की सूचना के साथ एजेंडा नहीं भेजे जाने पर कड़ी आपत्ति और नाराजगी व्यक्त की। पार्षद हबीब खान ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व जानकारी के एजेंडा प्रस्तुत कर गड़बड़ी करने का प्रयास किया जा रहा था। यह विशेष सम्मेलन नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के निर्देश पर बुलाया गया था, जिसका उद्देश्य उन आरोपों और जांच बिंदुओं पर चर्चा करना था, जिन्हें टीकमगढ़ विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला ने विधानसभा में उठाया था। विधायक ने प्रधानमंत्री आवास योजना और दुकान आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं तथा भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विस्तृत जांच की मांग की थी। विधानसभा में उठाए गए 147 हितग्राहियों से जुड़े इस मामले की जांच लोकायुक्त संगठन द्वारा की गई थी, जो अभी भी विचाराधीन है। इसके अतिरिक्त, उप संचालक स्थानीय संपरीक्षा सागर द्वारा वर्ष 2019-20, 2020-21 और 2021-22 की 157 ऑडिट आपत्तियों के जवाब तैयार कर सीनियर ऑडिटर के अभिमत के लिए भेजे गए हैं, जिनमें से 59 आपत्तियों पर अभिमत प्राप्त हो चुका है। जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने से यह मामला काफी गंभीर माना जा रहा है। इस संबंध में पूर्व में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष, तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी रीता कैलासिया और गीता मांझी से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए थे। इन्हीं मामलों में आगे की कार्रवाई के उद्देश्य से बुलाई गई इस महत्वपूर्ण बैठक में अंततः पार्षदों ने रखे गए एजेंडा को निरस्त कर दिया। इस दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष सुषमा संजय नायक, कांग्रेस पार्षद पूनम जायसवाल सहित अधिकांश कांग्रेसी पार्षद अनुपस्थित रहे। वहीं, भाजपा पार्षद अभिषेक खरे ने साफ कहा कि, "पुराने काले कारनामों को हम साफ करने नहीं बैठे हैं। जिसने जैसा किया है, उसे उसकी सजा भुगतनी चाहिए।" बैठक के निष्कर्षहीन रहने से नगर पालिका के इस बहुचर्चित मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर अब नए सिरे से चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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    टीकमगढ़ नगर पालिका में प्रधानमंत्री आवास योजना और दुकान आवंटन से जुड़े कथित करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार मामले को लेकर सोमवार को एक विशेष सम्मेलन आयोजित किया गया, जो हंगामे की भेंट चढ़ गया। बैठक की शुरुआत में ही पार्षदों ने सम्मेलन की सूचना के साथ एजेंडा नहीं भेजे जाने पर कड़ी आपत्ति और नाराजगी व्यक्त की। पार्षद हबीब खान ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व जानकारी के एजेंडा प्रस्तुत कर गड़बड़ी करने का प्रयास किया जा रहा था।

यह विशेष सम्मेलन नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के निर्देश पर बुलाया गया था, जिसका उद्देश्य उन आरोपों और जांच बिंदुओं पर चर्चा करना था, जिन्हें टीकमगढ़ विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला ने विधानसभा में उठाया था। विधायक ने प्रधानमंत्री आवास योजना और दुकान आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं तथा भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विस्तृत जांच की मांग की थी। विधानसभा में उठाए गए 147 हितग्राहियों से जुड़े इस मामले की जांच लोकायुक्त संगठन द्वारा की गई थी, जो अभी भी विचाराधीन है। इसके अतिरिक्त, उप संचालक स्थानीय संपरीक्षा सागर द्वारा वर्ष 2019-20, 2020-21 और 2021-22 की 157 ऑडिट आपत्तियों के जवाब तैयार कर सीनियर ऑडिटर के अभिमत के लिए भेजे गए हैं, जिनमें से 59 आपत्तियों पर अभिमत प्राप्त हो चुका है।

जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने से यह मामला काफी गंभीर माना जा रहा है। इस संबंध में पूर्व में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष, तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी रीता कैलासिया और गीता मांझी से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए थे।

इन्हीं मामलों में आगे की कार्रवाई के उद्देश्य से बुलाई गई इस महत्वपूर्ण बैठक में अंततः पार्षदों ने रखे गए एजेंडा को निरस्त कर दिया। इस दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष सुषमा संजय नायक, कांग्रेस पार्षद पूनम जायसवाल सहित अधिकांश कांग्रेसी पार्षद अनुपस्थित रहे। वहीं, भाजपा पार्षद अभिषेक खरे ने साफ कहा कि, "पुराने काले कारनामों को हम साफ करने नहीं बैठे हैं। जिसने जैसा किया है, उसे उसकी सजा भुगतनी चाहिए।"

बैठक के निष्कर्षहीन रहने से नगर पालिका के इस बहुचर्चित मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर अब नए सिरे से चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
    user_Manish Yadav
    Manish Yadav
    पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जतारा के शासकीय अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में छात्राओं, अतिथियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहाँ उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश सचिव रामरतन दीक्षित ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं, और उन्हें लगाना जितना आवश्यक है, उतना ही उनका संरक्षण और संवर्धन भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि प्राचार्य जी.के. चंद्रवार ने भी अपने संबोधन में कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए उनकी सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती विमलेश भगोरिया ने पेड़ों की रक्षा को हम सभी की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 5 जून से 21 जून तक चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता से संबंधित गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम का संचालन प्रेम नारायण सेन ने किया। इस अवसर पर अधीक्षिका श्रीमती विमलेश भगोरिया ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया, जिसके बाद सभी अतिथियों और छात्राओं ने मिलकर परिसर में पौधरोपण किया। कार्यक्रम में रमेश अहिरवार, राजकुमार जैन, सक्सेना जी सहित छात्रावास के स्टाफ, छात्राएं और अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
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    विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जतारा के शासकीय अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में छात्राओं, अतिथियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहाँ उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश सचिव रामरतन दीक्षित ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं, और उन्हें लगाना जितना आवश्यक है, उतना ही उनका संरक्षण और संवर्धन भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि प्राचार्य जी.के. चंद्रवार ने भी अपने संबोधन में कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए उनकी सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।

छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती विमलेश भगोरिया ने पेड़ों की रक्षा को हम सभी की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 5 जून से 21 जून तक चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता से संबंधित गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम का संचालन प्रेम नारायण सेन ने किया। इस अवसर पर अधीक्षिका श्रीमती विमलेश भगोरिया ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया, जिसके बाद सभी अतिथियों और छात्राओं ने मिलकर परिसर में पौधरोपण किया। कार्यक्रम में रमेश अहिरवार, राजकुमार जैन, सक्सेना जी सहित छात्रावास के स्टाफ, छात्राएं और अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
    user_Anil Mishra patrkar
    Anil Mishra patrkar
    Photographer जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    16 min ago
  • विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जतारा के शासकीय अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत एक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में छात्राओं, अतिथियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश सचिव रामरतन दीक्षित ने पेड़ों को जीवन का आधार बताया। उन्होंने पौधों को लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर जोर देते हुए सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि प्राचार्य जी.के. चंद्रवार ने भी इस बात पर बल दिया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे। छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती विमलेश भगोरिया ने पेड़ों की रक्षा को हम सभी की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने जानकारी दी कि 5 जून से 21 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम का संचालन प्रेम नारायण सेन ने किया, और अधीक्षिका श्रीमती विमलेश भगोरिया ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर रमेश अहिरवार, राजकुमार जैन, सक्सेना जी सहित छात्रावास स्टाफ, छात्राएं और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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    विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जतारा के शासकीय अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत एक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में छात्राओं, अतिथियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश सचिव रामरतन दीक्षित ने पेड़ों को जीवन का आधार बताया। उन्होंने पौधों को लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर जोर देते हुए सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि प्राचार्य जी.के. चंद्रवार ने भी इस बात पर बल दिया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे।

छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती विमलेश भगोरिया ने पेड़ों की रक्षा को हम सभी की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने जानकारी दी कि 5 जून से 21 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम का संचालन प्रेम नारायण सेन ने किया, और अधीक्षिका श्रीमती विमलेश भगोरिया ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर रमेश अहिरवार, राजकुमार जैन, सक्सेना जी सहित छात्रावास स्टाफ, छात्राएं और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
    user_Mahendra Kumar Dubey
    Mahendra Kumar Dubey
    Voice of people जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    25 min ago
  • एक वीडियो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कांग्रेस को लेकर दिए गए बयानों को सुना जा सकता है। यह वीडियो श्रोताओं को मुख्यमंत्री के उन कथनों को सुनने के लिए निर्देशित करता है जो उन्होंने कांग्रेस के संदर्भ में कहे हैं।
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    एक वीडियो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कांग्रेस को लेकर दिए गए बयानों को सुना जा सकता है। यह वीडियो श्रोताओं को मुख्यमंत्री के उन कथनों को सुनने के लिए निर्देशित करता है जो उन्होंने कांग्रेस के संदर्भ में कहे हैं।
    user_बुंदेली संवाद न्यूज
    बुंदेली संवाद न्यूज
    Local News Reporter खरगापुर, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • छतरपुर जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम बूदौर में शासकीय पट्टे की भूमि के अवैध क्रय-विक्रय, नामांतरण और जबरन कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित ग्रामीणों, जिनमें संतोष कुशवाहा, बबलू, राजू, ननकोले, लाल्ले, राजेश सहित अन्य आवेदक शामिल हैं, ने छतरपुर कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर को दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम बूदौर की भूमि खसरा क्रमांक 1122, जो कि शासन से प्राप्त पट्टे की भूमि है और पूर्व से ही तालाब के रूप में दर्ज है, को अजीत सिंह वर्मा, गायत्री पचौरी और महेंद्र अग्रवाल द्वारा बिना किसी सक्षम शासकीय अनुमति के अवैध रूप से क्रय कर लिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, नियमों को ताक पर रखकर इस भूमि का अवैध तरीके से नामांतरण भी करा लिया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उक्त खसरा नंबर का रकबा खतौनी में 6 हेक्टेयर से अधिक है, जबकि मौके के नक्शे में यह केवल 3 हेक्टेयर के आसपास है, जिससे स्पष्ट होता है कि बिना जांच-पड़ताल के ही पट्टों का वितरण कर दिया गया। ग्रामीणों ने शिकायत में यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि बिना किसी तरमीम या सीमांकन के, कथित क्रेताओं द्वारा रमेश पचौरी, मनीष पचौरी और विष्णु पचौरी के साथ मिलकर लगभग 40 से 50 अज्ञात लोगों को जेसीबी मशीन के साथ मौके पर भेजा गया। इन लोगों ने ग्रामीणों की भूमि पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की, और जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। साथ ही, उन्हें भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी गईं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए इस विवादित भूमि की विधिवत जांच कराई जाए और दबंगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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    छतरपुर जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम बूदौर में शासकीय पट्टे की भूमि के अवैध क्रय-विक्रय, नामांतरण और जबरन कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित ग्रामीणों, जिनमें संतोष कुशवाहा, बबलू, राजू, ननकोले, लाल्ले, राजेश सहित अन्य आवेदक शामिल हैं, ने छतरपुर कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

कलेक्टर को दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम बूदौर की भूमि खसरा क्रमांक 1122, जो कि शासन से प्राप्त पट्टे की भूमि है और पूर्व से ही तालाब के रूप में दर्ज है, को अजीत सिंह वर्मा, गायत्री पचौरी और महेंद्र अग्रवाल द्वारा बिना किसी सक्षम शासकीय अनुमति के अवैध रूप से क्रय कर लिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, नियमों को ताक पर रखकर इस भूमि का अवैध तरीके से नामांतरण भी करा लिया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उक्त खसरा नंबर का रकबा खतौनी में 6 हेक्टेयर से अधिक है, जबकि मौके के नक्शे में यह केवल 3 हेक्टेयर के आसपास है, जिससे स्पष्ट होता है कि बिना जांच-पड़ताल के ही पट्टों का वितरण कर दिया गया।

ग्रामीणों ने शिकायत में यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि बिना किसी तरमीम या सीमांकन के, कथित क्रेताओं द्वारा रमेश पचौरी, मनीष पचौरी और विष्णु पचौरी के साथ मिलकर लगभग 40 से 50 अज्ञात लोगों को जेसीबी मशीन के साथ मौके पर भेजा गया। इन लोगों ने ग्रामीणों की भूमि पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की, और जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। साथ ही, उन्हें भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी गईं।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए इस विवादित भूमि की विधिवत जांच कराई जाए और दबंगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
    user_पत्रकार पुष्पेंद्र तिवारी
    पत्रकार पुष्पेंद्र तिवारी
    Agricultural Loan Agency लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • टीकमगढ़ जिले के पलेरा जनपद की ग्राम पंचायत महेंद्र महेवा में गौशाला के नाम पर बड़े भ्रष्टाचार का घिनौना खेल उजागर हुआ है, जिसे सुनकर हर सनातनी का खून खौल उठेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन महीने से यह गौशाला पूरी तरह बंद है और कागजों पर गौमाता की फर्जी उपस्थिति दिखाकर लाखों रुपए का सरकारी धन लूटा जा रहा है। गौशाला का ताला जंग खा चुका है, जो यह दर्शाता है कि इसे कई दिनों से खोला ही नहीं गया। अंदर हरे-भरे पेड़ उग आए हैं, जो इसकी बदहाली की कहानी कहते हैं। आरोप है कि जमीनी हकीकत शून्य होने के बावजूद, कागजों पर हर दिन फर्जी हाजिरी दर्ज कर सरकारी राशि का सरेआम बंदरबांट किया जा रहा है। यही नहीं, गौशाला की संपत्ति पर भी डाका डाला गया है; गर्मी से बचाने के लिए लगे पंखे और पानी की मोटर भी गायब हो चुकी हैं। यह घोटाला तब सामने आया जब स्थानीय जागरूक नागरिक अमूल वर्मा ने गौशाला की बदहाली का एक लाइव वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होते ही विभाग में हड़कंप मच गया और फंसता देख पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी मुन्ना लाल सेंगर ने आनन-फानन में कागजों पर गायों की उपस्थिति को शून्य कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, पशु चिकित्सा अधिकारी मुन्ना लाल सेंगर और जय मां गायत्री स्व सहायता समूह की मिलीभगत से यह पूरा खेल महीनों से चल रहा है, जहां बिना गायों के केवल फाइलों में एंट्री कर जनता की गाढ़ी कमाई और गौमाता के हक के पैसों का गबन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मामले को गंभीर बताते हुए दोषी अधिकारियों और समूह के अध्यक्ष व सचिव पर तत्काल कार्रवाई करने के साथ-साथ शासकीय राशि की वसूली की मांग की है। अब देखना यह होगा कि टीकमगढ़ जिला प्रशासन इन 'गौ-भक्षकों' पर क्या ठोस कार्रवाई करता है, या फिर इस मामले को भी फाइलों में दबाकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
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    टीकमगढ़ जिले के पलेरा जनपद की ग्राम पंचायत महेंद्र महेवा में गौशाला के नाम पर बड़े भ्रष्टाचार का घिनौना खेल उजागर हुआ है, जिसे सुनकर हर सनातनी का खून खौल उठेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन महीने से यह गौशाला पूरी तरह बंद है और कागजों पर गौमाता की फर्जी उपस्थिति दिखाकर लाखों रुपए का सरकारी धन लूटा जा रहा है।

गौशाला का ताला जंग खा चुका है, जो यह दर्शाता है कि इसे कई दिनों से खोला ही नहीं गया। अंदर हरे-भरे पेड़ उग आए हैं, जो इसकी बदहाली की कहानी कहते हैं। आरोप है कि जमीनी हकीकत शून्य होने के बावजूद, कागजों पर हर दिन फर्जी हाजिरी दर्ज कर सरकारी राशि का सरेआम बंदरबांट किया जा रहा है। यही नहीं, गौशाला की संपत्ति पर भी डाका डाला गया है; गर्मी से बचाने के लिए लगे पंखे और पानी की मोटर भी गायब हो चुकी हैं।

यह घोटाला तब सामने आया जब स्थानीय जागरूक नागरिक अमूल वर्मा ने गौशाला की बदहाली का एक लाइव वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होते ही विभाग में हड़कंप मच गया और फंसता देख पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी मुन्ना लाल सेंगर ने आनन-फानन में कागजों पर गायों की उपस्थिति को शून्य कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, पशु चिकित्सा अधिकारी मुन्ना लाल सेंगर और जय मां गायत्री स्व सहायता समूह की मिलीभगत से यह पूरा खेल महीनों से चल रहा है, जहां बिना गायों के केवल फाइलों में एंट्री कर जनता की गाढ़ी कमाई और गौमाता के हक के पैसों का गबन किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने मामले को गंभीर बताते हुए दोषी अधिकारियों और समूह के अध्यक्ष व सचिव पर तत्काल कार्रवाई करने के साथ-साथ शासकीय राशि की वसूली की मांग की है। अब देखना यह होगा कि टीकमगढ़ जिला प्रशासन इन 'गौ-भक्षकों' पर क्या ठोस कार्रवाई करता है, या फिर इस मामले को भी फाइलों में दबाकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
    user_Manish Yadav
    Manish Yadav
    पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • छतरपुर जिले की जनसुनवाई में मंगलवार को एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची गौतम नगर निवासी लक्ष्मी लटौरिया भीषण गर्मी और उमस के कारण जनसुनवाई परिसर के बाहर बेहोश होकर गिर पड़ीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काफी देर तक कोई भी अधिकारी या जिम्मेदार कर्मचारी उनकी मदद के लिए नहीं पहुंचा। मौके पर मौजूद एक महिला पत्रकार ने उन्हें पानी पिलाकर संभाला, जिसके बाद उन्हें होश आया। होश में आने के बाद लक्ष्मी फूट-फूटकर रोने लगीं और अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उन्होंने ज़रूरत के समय कुछ राशि उधार ली थी, जिसका बड़ा हिस्सा वे पहले ही चुका चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद उनसे भारी ब्याज की मांग की जा रही है। महिला का आरोप है कि ब्याज न देने पर उनके मकान पर ताला लगाकर कब्ज़ा कर लिया गया है, उनके किरायेदारों को भगा दिया गया है, और उनके परिवार को धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस में उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई है। इस घटना ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जब जनसुनवाई का मूल उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सुनना और तत्काल राहत प्रदान करना है, तब परिसर के बाहर बेहोश पड़ी एक फरियादी महिला तक प्रशासन की नज़र क्यों नहीं पहुंची। इससे यह प्रश्न भी उठता है कि क्या जनसुनवाई केवल ज्ञापन लेने तक ही सीमित होकर रह गई है। फिलहाल, महिला ने प्रशासन से अपनी सुरक्षा, न्याय और अपने मकान का कब्ज़ा वापस दिलाने की मांग की है। इस मामले में अभी तक प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।
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    छतरपुर जिले की जनसुनवाई में मंगलवार को एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची गौतम नगर निवासी लक्ष्मी लटौरिया भीषण गर्मी और उमस के कारण जनसुनवाई परिसर के बाहर बेहोश होकर गिर पड़ीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काफी देर तक कोई भी अधिकारी या जिम्मेदार कर्मचारी उनकी मदद के लिए नहीं पहुंचा। मौके पर मौजूद एक महिला पत्रकार ने उन्हें पानी पिलाकर संभाला, जिसके बाद उन्हें होश आया।

होश में आने के बाद लक्ष्मी फूट-फूटकर रोने लगीं और अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उन्होंने ज़रूरत के समय कुछ राशि उधार ली थी, जिसका बड़ा हिस्सा वे पहले ही चुका चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद उनसे भारी ब्याज की मांग की जा रही है। महिला का आरोप है कि ब्याज न देने पर उनके मकान पर ताला लगाकर कब्ज़ा कर लिया गया है, उनके किरायेदारों को भगा दिया गया है, और उनके परिवार को धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस में उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई है।

इस घटना ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जब जनसुनवाई का मूल उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सुनना और तत्काल राहत प्रदान करना है, तब परिसर के बाहर बेहोश पड़ी एक फरियादी महिला तक प्रशासन की नज़र क्यों नहीं पहुंची। इससे यह प्रश्न भी उठता है कि क्या जनसुनवाई केवल ज्ञापन लेने तक ही सीमित होकर रह गई है। फिलहाल, महिला ने प्रशासन से अपनी सुरक्षा, न्याय और अपने मकान का कब्ज़ा वापस दिलाने की मांग की है। इस मामले में अभी तक प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।
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    U Live India
    Chhatarpur, Bhopal•
    3 hrs ago
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