टीकमगढ़ जिले के पलेरा जनपद की ग्राम पंचायत महेंद्र महेवा में गौशाला के नाम पर बड़े भ्रष्टाचार का घिनौना खेल उजागर हुआ है, जिसे सुनकर हर सनातनी का खून खौल उठेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन महीने से यह गौशाला पूरी तरह बंद है और कागजों पर गौमाता की फर्जी उपस्थिति दिखाकर लाखों रुपए का सरकारी धन लूटा जा रहा है। गौशाला का ताला जंग खा चुका है, जो यह दर्शाता है कि इसे कई दिनों से खोला ही नहीं गया। अंदर हरे-भरे पेड़ उग आए हैं, जो इसकी बदहाली की कहानी कहते हैं। आरोप है कि जमीनी हकीकत शून्य होने के बावजूद, कागजों पर हर दिन फर्जी हाजिरी दर्ज कर सरकारी राशि का सरेआम बंदरबांट किया जा रहा है। यही नहीं, गौशाला की संपत्ति पर भी डाका डाला गया है; गर्मी से बचाने के लिए लगे पंखे और पानी की मोटर भी गायब हो चुकी हैं। यह घोटाला तब सामने आया जब स्थानीय जागरूक नागरिक अमूल वर्मा ने गौशाला की बदहाली का एक लाइव वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होते ही विभाग में हड़कंप मच गया और फंसता देख पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी मुन्ना लाल सेंगर ने आनन-फानन में कागजों पर गायों की उपस्थिति को शून्य कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, पशु चिकित्सा अधिकारी मुन्ना लाल सेंगर और जय मां गायत्री स्व सहायता समूह की मिलीभगत से यह पूरा खेल महीनों से चल रहा है, जहां बिना गायों के केवल फाइलों में एंट्री कर जनता की गाढ़ी कमाई और गौमाता के हक के पैसों का गबन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मामले को गंभीर बताते हुए दोषी अधिकारियों और समूह के अध्यक्ष व सचिव पर तत्काल कार्रवाई करने के साथ-साथ शासकीय राशि की वसूली की मांग की है। अब देखना यह होगा कि टीकमगढ़ जिला प्रशासन इन 'गौ-भक्षकों' पर क्या ठोस कार्रवाई करता है, या फिर इस मामले को भी फाइलों में दबाकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
टीकमगढ़ जिले के पलेरा जनपद की ग्राम पंचायत महेंद्र महेवा में गौशाला के नाम पर बड़े भ्रष्टाचार का घिनौना खेल उजागर हुआ है, जिसे सुनकर हर सनातनी का खून खौल उठेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन महीने से यह गौशाला पूरी तरह बंद है और कागजों पर गौमाता की फर्जी उपस्थिति दिखाकर लाखों रुपए का सरकारी धन लूटा जा रहा है। गौशाला का ताला जंग खा चुका है, जो यह दर्शाता है कि इसे कई दिनों से खोला ही नहीं गया। अंदर हरे-भरे पेड़ उग आए हैं, जो इसकी बदहाली की कहानी कहते हैं। आरोप है कि जमीनी हकीकत शून्य होने के बावजूद, कागजों पर हर दिन फर्जी हाजिरी दर्ज कर सरकारी राशि का सरेआम बंदरबांट किया जा रहा है। यही नहीं, गौशाला की संपत्ति पर भी डाका डाला गया है; गर्मी से बचाने के लिए लगे पंखे और पानी की मोटर भी गायब हो चुकी हैं। यह घोटाला तब सामने आया जब स्थानीय जागरूक नागरिक अमूल वर्मा
ने गौशाला की बदहाली का एक लाइव वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होते ही विभाग में हड़कंप मच गया और फंसता देख पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी मुन्ना लाल सेंगर ने आनन-फानन में कागजों पर गायों की उपस्थिति को शून्य कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, पशु चिकित्सा अधिकारी मुन्ना लाल सेंगर और जय मां गायत्री स्व सहायता समूह की मिलीभगत से यह पूरा खेल महीनों से चल रहा है, जहां बिना गायों के केवल फाइलों में एंट्री कर जनता की गाढ़ी कमाई और गौमाता के हक के पैसों का गबन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मामले को गंभीर बताते हुए दोषी अधिकारियों और समूह के अध्यक्ष व सचिव पर तत्काल कार्रवाई करने के साथ-साथ शासकीय राशि की वसूली की मांग की है। अब देखना यह होगा कि टीकमगढ़ जिला प्रशासन इन 'गौ-भक्षकों' पर क्या ठोस कार्रवाई करता है, या फिर इस मामले को भी फाइलों में दबाकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
- बड़ी खबर है कि ओबीसी महासभा ने पलेरा में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज़ बुलंद की है। महासभा ने इन मांगों के संबंध में अपनी बात रखी।1
- पलेरा, टीकमगढ़ में नगर परिषद द्वारा शहर के विकास कार्यों को लगातार गति दी जा रही है, इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 4 में एक सीसी रोड निर्माण का भूमिपूजन संपन्न हुआ। वार्ड वासियों के लिए एक सौगात के रूप में यह सड़क हरिश्चंद्र रैकवार के मकान से गौड़ बाबा के पास तक निर्मित की जाएगी, जिसकी कुल लागत ₹40 लाख 55 हजार रुपये है। इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती गायत्री विनोद वर्मा ने भूमिपूजन कर किया। इस अवसर पर नगर परिषद सीएमओ सुश्री शिवी उपाध्याय, उपयंत्री सुश्री मोनिका खरे सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें पार्षदगण अभय मोर, गुलाब आदिवासी, मानसिंह राय, रामकिशोर कुशवाहा, मुकेश यादव, रानू तिवारी, सांसद प्रतिनिधि सुनील खटीक, विधायक प्रतिनिधि विनोद वर्मा, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अशोक अहिरवार, पुष्पेंद्र सिंह, किशोरी कुशवाहा, राकेश खरे, भूपत राय, संतराम राय, विश्वदीप चौहान, मलखान यादव, अवधेश रावत और नगर के अन्य बुद्धिजीवी एवं जनप्रतिनिधि शामिल थे। नगर परिषद का लक्ष्य है कि पलेरा के हर वार्ड में सड़क, नाली और बुनियादी सुविधाओं का लगातार विस्तार हो।2
- टीकमगढ़ जिले के खरगापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले देरी गांव में कालका माता मंदिर के पास दारूखोरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।1
- टीकमगढ़ शहर में अंबेडकर तिराहे से नए बस स्टैंड तक ₹1 करोड़ 43 लाख की लागत से बनाई जा रही डामर सड़क गुरुवार को उस समय विवादों में घिर गई, जब निर्माण कार्य की गुणवत्ता की परतें खुद सड़क के साथ उखड़ने लगीं। जिस सड़क को शहर के विकास की नई पहचान बताया जा रहा था, वह अपने निर्माण के दौरान ही सवालों के घेरे में आ गई। डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी नगर पालिका अध्यक्ष अंजली शर्मा और बाद में पूर्व विधायक राकेश गिरी के निरीक्षण में ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए। निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचीं प्रभारी अध्यक्ष अंजली शर्मा को स्थानीय पार्षदों और नागरिकों ने शिकायत की कि सड़क में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। शिकायत के बाद जब सड़क की परत खुदवाई गई, तो डामर के नीचे मजबूत आधार की जगह धूल और ढीली सतह दिखाई दी, जिससे अधिकारी भी हैरान रह गए और उन्होंने मौके पर ही निर्माण कार्य को रुकवा दिया।1
- सस्ते दामों पर सोना दिलाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये की ठगी करने वाले टीकमगढ़ निवासी आरोपी को झांसी पुलिस ने एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई झांसी के बरुआसागर थाना क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लाखों रुपये की नकदी, एक अवैध तमंचा और मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी दीपचंद कुशवाहा, जो टीकमगढ़ का निवासी है, ने इंदौर निवासी दीपक दुबे और उसके एक साथी को बड़ी मात्रा में सोना कम दाम पर उपलब्ध कराने का लालच दिया था। आरोप है कि दीपचंद ने पीड़ितों को बरुआसागर बुलाया, उन्हें सोने का एक नमूना दिखाया और फिर बाकी सोना लाने का बहाना बनाकर उनसे 10 लाख रुपये ले लिए और मौके से फरार हो गया। इसके बाद आरोपी ने पीड़ितों को धमकी भी दी। पीड़ितों की शिकायत के बाद बरुआसागर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर, पुलिस ने देर रात चेकिंग के दौरान आरोपी को घेर लिया। इस दौरान हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी दीपचंद कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 6 लाख 27 हजार रुपये नकद, एक .315 बोर का अवैध तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस अब आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है और मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।2
- पलेरा नगर परिषद में विकास कार्यों को नई गति देते हुए आज वार्ड क्रमांक 4 में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। हरिश्चंद्र रैकवार के मकान से गॉड बाबा के पास तक बनने वाली ₹40 लाख 55 हजार की लागत की सीसी रोड का विधिवत भूमि पूजन संपन्न हुआ। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्रवासियों को जर्जर रास्तों और कीचड़ से मुक्ति मिलेगी, जिससे उनका आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा। नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती गायत्री विनोद वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर इस सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस गरिमामयी अवसर पर नगर परिषद सीएमओ सुश्री शिवी उपाध्याय, उपयंत्री सुश्री मोनिका खरे, समस्त पार्षदगण, सांसद व विधायक प्रतिनिधि, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सहित नगर के गणमान्य नागरिक और पत्रकार बंधु विशेष रूप से उपस्थित रहे। नगर परिषद पलेरा ने इस दौरान हर वार्ड के विकास और नागरिकों की सुविधाओं के लिए निरंतर कटिबद्ध रहने का संकल्प दोहराया।1
- छतरपुर, मध्य प्रदेश के गढ़ी मलहरा थाना क्षेत्र में एक गंभीर आपराधिक मामले के फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस और आरोपियों के परिजनों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई, जिसमें एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, अपराध क्रमांक 128/26 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत तुलाराम अहिरवार सहित कुल आठ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। यह मामला सेशन ट्रायल से संबंधित था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को लगातार थाने में उपस्थित होने के लिए सूचित किया जा रहा था। आरोपियों द्वारा पहले 15 दिन का समय मांगा गया था और बाद में परिवार में शोक होने के कारण तेरहवीं संस्कार तक का समय भी पुलिस से लिया गया था। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन तेरहवीं के बाद सभी आरोपी दिल्ली चले गए और फरार हो गए। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्य आरोपी तुलाराम अहिरवार अपने घर पर मौजूद मिला, जिसे हिरासत में लेने पुलिस पहुंची। पुलिस के अनुसार, आरोपी को थाने लाने के दौरान उसके परिजनों द्वारा अनावश्यक रूप से माहौल खराब करने का प्रयास किया गया। पुलिस का आरोप है कि कुछ लोग हाथों में लाठियां लेकर पुलिस टीम की घेराबंदी करते दिखाई दिए, जिसके चलते पुलिस को अपने बचाव में हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान, आरोपी के भाई रामू अहिरवार ने प्रधान आरक्षक बृजेश यादव पर हमला करने की नीयत से ईंट उठाई और उसे रोकने के दौरान प्रधान आरक्षक को लात मार दी। घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है। छतरपुर के एसपी रजत सकलेचा ने इस संबंध में अपनी बात रखी है।4
- आवारा पशुओं से संबंधित एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है, जिसमें आम जनता से सतर्क रहने का आग्रह किया गया है। इस विशेष रिपोर्ट में लोगों को अपने माता-पिता और छोटे बच्चों को आवारा पशुओं से दूर रखने की सलाह दी गई है, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1