नगर परिषद के वार्ड संख्या छह, मुहल्ला डोहटबारी निवासी 80 वर्षीय रघु मंडल ने अपनी अटूट आस्था और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है। एक साल से भी अधिक समय से, वह सड़क किनारे, गलियों और मुहल्लों से फेंकी गई ईंटों को चुनकर इकट्ठा कर रहे थे, जिनका उपयोग वह एक मंदिर बनाने में करना चाहते थे। शुरुआत में लोग उनके इस काम को 'सनकीपन' कहते थे, उनका उपहास उड़ाते थे और पूछते थे कि वह इन ईंटों का क्या करेंगे, जब उनका अपना खाने और रहने का ठिकाना नहीं है। लोग सोचते थे कि बिना पैसे के मंदिर कैसे बनेगा, लेकिन रघु मंडल लोगों की बातों से अप्रभावित रहे और अपने काम में लगे रहे। आज, जब मंदिर निर्माण की दीवारें खड़ी हो गई हैं, तो लोगों को रघु मंडल की बात समझ आने लगी है। पटेल चौक से डोहटवारी जाने वाली सड़क पर कला भवन के पीछे मोड़ के पास एक विशाल पीपल के वृक्ष के ठीक बगल में हनुमान मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी दीवारें अब स्पष्ट दिख रही हैं। रघु मंडल आर्थिक रूप से कमजोर होने और हाइड्रोसील जैसी बीमारी से पीड़ित होने के कारण चलने-फिरने में भी कठिनाई के बावजूद इस काम में पूरी लगन से जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि तीन दशक पहले उन्होंने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर उसी जगह पर पीपल का यह पौधा लगाया था, जो अब एक विशाल वृक्ष बन चुका है। रिक्शा चलाने का काम छोड़ चुके रघु मंडल अब अपनी पेंशन की राशि से अपना खर्च चलाते हैं और उसमें से कुछ पैसे मंदिर निर्माण के लिए भी बचाते हैं। उन्होंने ईंटें चुनने के अलावा, लोगों से थोड़ी-थोड़ी बालू और सीमेंट भी मांगकर जमा की और पेंशन के पैसों से राजमिस्त्री को भुगतान किया। वह मिस्त्री के साथ खुद भी निर्माण कार्य में हाथ बंटा रहे हैं। हालांकि, मंदिर का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है और छत की ढलाई में कुछ और समय लगेगा। इलाके में रघु मंडल के इस प्रयास की खूब सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों ने उनके संकल्प की प्रशंसा की है, और निजी शिक्षक प्रभाष यादव ने इसे 'प्रेरणादायक' तथा समाज के लिए एक 'मिसाल' बताया है, जिससे युवाओं को सीख लेनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि जिस उम्र में लोग आराम करना चाहते हैं, उस उम्र में रघु मंडल समाज और धर्म के लिए एक अच्छा काम कर रहे हैं, जो मेहनत, श्रद्धा और दृढ़ संकल्प का संदेश देता है। शिक्षक प्रभाष यादव, नीतीश शर्मा, प्रमोद कुमार यादव, मुकेश साह, कौशल कुमार यादव, पिंटू चौरसिया, प्रशांत अहीर, बुटन मंडल, दीपक मंडल, सुधांशु कुमार सहित कई ग्रामीण उनके इस कार्य की सराहना करने वालों में शामिल हैं। लोगों का मानना है कि रघु मंडल ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादा मजबूत हो तो उम्र, बीमारी और आर्थिक परेशानी भी अच्छे काम के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।
नगर परिषद के वार्ड संख्या छह, मुहल्ला डोहटबारी निवासी 80 वर्षीय रघु मंडल ने अपनी अटूट आस्था और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है। एक साल से भी अधिक समय से, वह सड़क किनारे, गलियों और मुहल्लों से फेंकी गई ईंटों को चुनकर इकट्ठा कर रहे थे, जिनका उपयोग वह एक मंदिर बनाने में करना चाहते थे। शुरुआत में लोग उनके इस काम को 'सनकीपन' कहते थे, उनका उपहास उड़ाते थे और पूछते थे कि वह इन ईंटों का क्या करेंगे, जब उनका अपना खाने और रहने का ठिकाना नहीं है। लोग सोचते थे कि बिना पैसे के मंदिर कैसे बनेगा, लेकिन रघु मंडल लोगों की बातों से अप्रभावित रहे और अपने काम में लगे रहे। आज, जब मंदिर निर्माण
की दीवारें खड़ी हो गई हैं, तो लोगों को रघु मंडल की बात समझ आने लगी है। पटेल चौक से डोहटवारी जाने वाली सड़क पर कला भवन के पीछे मोड़ के पास एक विशाल पीपल के वृक्ष के ठीक बगल में हनुमान मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी दीवारें अब स्पष्ट दिख रही हैं। रघु मंडल आर्थिक रूप से कमजोर होने और हाइड्रोसील जैसी बीमारी से पीड़ित होने के कारण चलने-फिरने में भी कठिनाई के बावजूद इस काम में पूरी लगन से जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि तीन दशक पहले उन्होंने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर उसी जगह पर पीपल का यह पौधा लगाया था, जो अब एक विशाल वृक्ष बन चुका है। रिक्शा चलाने का
काम छोड़ चुके रघु मंडल अब अपनी पेंशन की राशि से अपना खर्च चलाते हैं और उसमें से कुछ पैसे मंदिर निर्माण के लिए भी बचाते हैं। उन्होंने ईंटें चुनने के अलावा, लोगों से थोड़ी-थोड़ी बालू और सीमेंट भी मांगकर जमा की और पेंशन के पैसों से राजमिस्त्री को भुगतान किया। वह मिस्त्री के साथ खुद भी निर्माण कार्य में हाथ बंटा रहे हैं। हालांकि, मंदिर का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है और छत की ढलाई में कुछ और समय लगेगा। इलाके में रघु मंडल के इस प्रयास की खूब सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों ने उनके संकल्प की प्रशंसा की है, और निजी शिक्षक प्रभाष यादव ने इसे 'प्रेरणादायक' तथा समाज के लिए एक 'मिसाल' बताया
है, जिससे युवाओं को सीख लेनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि जिस उम्र में लोग आराम करना चाहते हैं, उस उम्र में रघु मंडल समाज और धर्म के लिए एक अच्छा काम कर रहे हैं, जो मेहनत, श्रद्धा और दृढ़ संकल्प का संदेश देता है। शिक्षक प्रभाष यादव, नीतीश शर्मा, प्रमोद कुमार यादव, मुकेश साह, कौशल कुमार यादव, पिंटू चौरसिया, प्रशांत अहीर, बुटन मंडल, दीपक मंडल, सुधांशु कुमार सहित कई ग्रामीण उनके इस कार्य की सराहना करने वालों में शामिल हैं। लोगों का मानना है कि रघु मंडल ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादा मजबूत हो तो उम्र, बीमारी और आर्थिक परेशानी भी अच्छे काम के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।
- नगर परिषद के वार्ड संख्या छह, मुहल्ला डोहटबारी निवासी 80 वर्षीय रघु मंडल ने अपनी अटूट आस्था और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है। एक साल से भी अधिक समय से, वह सड़क किनारे, गलियों और मुहल्लों से फेंकी गई ईंटों को चुनकर इकट्ठा कर रहे थे, जिनका उपयोग वह एक मंदिर बनाने में करना चाहते थे। शुरुआत में लोग उनके इस काम को 'सनकीपन' कहते थे, उनका उपहास उड़ाते थे और पूछते थे कि वह इन ईंटों का क्या करेंगे, जब उनका अपना खाने और रहने का ठिकाना नहीं है। लोग सोचते थे कि बिना पैसे के मंदिर कैसे बनेगा, लेकिन रघु मंडल लोगों की बातों से अप्रभावित रहे और अपने काम में लगे रहे। आज, जब मंदिर निर्माण की दीवारें खड़ी हो गई हैं, तो लोगों को रघु मंडल की बात समझ आने लगी है। पटेल चौक से डोहटवारी जाने वाली सड़क पर कला भवन के पीछे मोड़ के पास एक विशाल पीपल के वृक्ष के ठीक बगल में हनुमान मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी दीवारें अब स्पष्ट दिख रही हैं। रघु मंडल आर्थिक रूप से कमजोर होने और हाइड्रोसील जैसी बीमारी से पीड़ित होने के कारण चलने-फिरने में भी कठिनाई के बावजूद इस काम में पूरी लगन से जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि तीन दशक पहले उन्होंने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर उसी जगह पर पीपल का यह पौधा लगाया था, जो अब एक विशाल वृक्ष बन चुका है। रिक्शा चलाने का काम छोड़ चुके रघु मंडल अब अपनी पेंशन की राशि से अपना खर्च चलाते हैं और उसमें से कुछ पैसे मंदिर निर्माण के लिए भी बचाते हैं। उन्होंने ईंटें चुनने के अलावा, लोगों से थोड़ी-थोड़ी बालू और सीमेंट भी मांगकर जमा की और पेंशन के पैसों से राजमिस्त्री को भुगतान किया। वह मिस्त्री के साथ खुद भी निर्माण कार्य में हाथ बंटा रहे हैं। हालांकि, मंदिर का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है और छत की ढलाई में कुछ और समय लगेगा। इलाके में रघु मंडल के इस प्रयास की खूब सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों ने उनके संकल्प की प्रशंसा की है, और निजी शिक्षक प्रभाष यादव ने इसे 'प्रेरणादायक' तथा समाज के लिए एक 'मिसाल' बताया है, जिससे युवाओं को सीख लेनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि जिस उम्र में लोग आराम करना चाहते हैं, उस उम्र में रघु मंडल समाज और धर्म के लिए एक अच्छा काम कर रहे हैं, जो मेहनत, श्रद्धा और दृढ़ संकल्प का संदेश देता है। शिक्षक प्रभाष यादव, नीतीश शर्मा, प्रमोद कुमार यादव, मुकेश साह, कौशल कुमार यादव, पिंटू चौरसिया, प्रशांत अहीर, बुटन मंडल, दीपक मंडल, सुधांशु कुमार सहित कई ग्रामीण उनके इस कार्य की सराहना करने वालों में शामिल हैं। लोगों का मानना है कि रघु मंडल ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादा मजबूत हो तो उम्र, बीमारी और आर्थिक परेशानी भी अच्छे काम के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।4
- सहरसा जिले की रघुनाथपुर पंचायत के गोंदराम पश्चिम टोला स्थित वार्ड नंबर 2 से यह शिकायत सामने आई है कि नलजल योजना खराब पड़ी है। इसके चलते स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। योजना के बंद होने के कारण पानी लगातार सड़क पर बहता रहता है, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतें होती हैं। इस समस्या को लेकर नलजल विभाग से शिकायत की गई है।2
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- एक वीडियो में बारिश के दौरान एक गांव के रास्ते की बदहाल स्थिति को दिखाया गया है। वीडियो साझा करने वाले व्यक्ति ने लोगों से अपील की है कि वे इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें, ताकि इस गंभीर समस्या पर ध्यान दिया जा सके।1
- मोहम्मद वकील साहब की बेटी की शादी भरौपट्टी वार्ड नंबर 13, ग्राम भैरोपट्टी में होने जा रही है। शादी के इस अवसर पर भरौपट्टी वार्ड नंबर 13, ग्राम भैरोपट्टी में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।1
- सहरसा जिले के सौर बाज़ार में अखंड रामधुनी महायज्ञ के आयोजन से आसपास के सभी क्षेत्रों में पूरी तरह से भक्तिमय वातावरण व्याप्त हो गया है। इस महायज्ञ के प्रभाव से पूरे इलाके में श्रद्धा और भक्ति का माहौल फैल गया है।1
- पटना के चर्चित प्रोफेसर और IAS, BPSC, JPSC, तथा UGC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में हजारों सफल अभ्यर्थियों के मार्गदर्शक डॉ. अशोक कुमार ने अपनी नई पुस्तक "भारत में संवैधानिक शासन और लोकतंत्र" (B.A. Semester-II, MJC-2) प्रकाशन के लिए प्रेषित की है। यह कृति संविधान, लोकतंत्र और सुशासन की समझ को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इसी क्रम में, एडवोकेट ऑफ जेएसडी काउंसिल के निदेशक डॉ. सुमंत राव ने पटना के अशोक राजपथ स्थित स्कूल ऑफ पॉलिटिकल साइंस में डॉ. अशोक कुमार से मुलाकात की और उनके शैक्षणिक योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. अशोक कुमार ने "पढ़ो और पढ़ाओ अभियान" के तहत एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसके अनुसार प्रत्येक रविवार को विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों को निःशुल्क स्टडी मैटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल शिक्षा, जागरूकता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रसार में युवाओं के लिए प्रेरणादायी साबित होने की उम्मीद है। यह जन अभियान संवैधानिक चेतना और ज्ञान-साधना का एक नया अध्याय स्थापित कर रहा है, जिसे एडवोकेट ऑफ जेएसडी काउंसिल (N.P.O.) द्वारा "सेव द डेमोक्रेसी" के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।1
- शुक्रवार सुबह बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में हुए एक भीषण सड़क हादसे में मधेपुरा जिले में पदस्थापित तीन थाना प्रभारियों और उनके चालक सहित कुल चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद खबर से पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं मृतक अधिकारियों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, मधेपुरा जिले में कार्यरत ये तीनों थाना प्रभारी पटना में आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के बाद कार से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान, साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में उनकी तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही तीनों पुलिस अधिकारियों तथा चालक की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जैसे ही हादसे की खबर मधेपुरा पुलिस प्रशासन तक पहुंची, पूरे पुलिस महकमे में शोक छा गया और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। मृतक अधिकारियों के परिजनों को सूचना मिलने के बाद परिवारों में मातम पसर गया है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने भी इस दुखद घटना पर शोक जताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की है। फिलहाल पुलिस इस भीषण हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है। प्रारंभिक तौर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, दुर्घटना कार के सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकराने के कारण हुई।1