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फुसरो नगर परिषद के सभी 28 वार्ड के नवनिर्वाचित वार्ड पार्षद ने अपने-अपने पद का लिया शपथ. सभी को बोकारो डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने दिलायी शपथ.
Rajendra Gaur
फुसरो नगर परिषद के सभी 28 वार्ड के नवनिर्वाचित वार्ड पार्षद ने अपने-अपने पद का लिया शपथ. सभी को बोकारो डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने दिलायी शपथ.
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- धनबाद. (रिपोर्ट प्रेम कुमार). झरिया क्षेत्र में एलपीजी गैस की भारी किल्लत ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है। बस्ताकोला रेस्क्यू के पास धनबाद–सिंदरी मुख्य मार्ग पर सैकड़ों लोगों ने सड़क जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया। पिछले तीन से चार दिनों से गैस सिलेंडर के लिए परेशान लोग सुबह-सुबह सिलेंडर लेकर एजेंसी पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें हर दिन निराश होकर खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।1
- धनबाद से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है. राज्य की पहली 8 लेन सड़क एक बार फिर धंस गई है. झारखंड मोड़ स्थित क्रेशर के समीप सर्विस रोड का एक हिस्सा अचानक धंस गया और वहां खतरनाक गड्डा बन गया है. इससे 8 लेन सड़क निर्माण की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई है. स्थानीय लोगों के मुताबिक उक्त स्थान पर सड़क का हिस्सा अचानक बैठ गया और देखते ही देखते गहरा गड्डा हो गया.1
- धनबाद 400 करोड़ की सड़क बनी भ्रष्टाचार का गड्ढा! धनबाद में फिर धंसी 8 लेन रोड, #चुनावी मुद्दा बना पूर्व मेयर चन्द्रशेखर अग्रवाल ने जम कर किया था प्रचार , कई बार हो चुकी बदहाली का शिकार धनबाद में विकास के नाम पर करोड़ों की लूट का एक और नमूना सामने आया है। भूली–झारखंड मोड़ के पास 8 लेन सड़क का हिस्सा अचानक धंस गया और देखते ही देखते एक खतरनाक गड्ढे में बदल गया। यह वही सड़क है जिस पर सरकार और प्रशासन ने “आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर” का ढिंढोरा पीटा था, लेकिन अब हकीकत जमीन पर धंसती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है—इस सड़क पर पहले भी कई बार गड्ढे बन चुके हैं, लेकिन हर बार लीपापोती कर मामला दबा दिया गया। सवाल उठता है कि आखिर हर बार उसी जगह सड़क क्यों धंसती है? क्या यह सिर्फ पाइपलाइन लीकेज है या फिर निर्माण में हुए भारी भ्रष्टाचार की पोल खुल रही है? करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस सड़क में विश्व बैंक की भागीदारी भी रही है, जिससे इसकी गुणवत्ता और पारदर्शिता पर और बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद अगर सड़क बार-बार धंस रही है, तो यह साफ संकेत है कि कहीं न कहीं खेल बड़ा है। इस पूरे मामले में अब पूर्व मेयर चंद्रशेखर की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। क्या उनके कार्यकाल में इस प्रोजेक्ट में गुणवत्ता से समझौता किया गया? क्या ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत से जनता के पैसे की बंदरबांट हुई? लोग अब खुलकर कह रहे हैं कि अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच हुई तो कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। प्रशासन की चुप्पी भी शक को और गहरा कर रही है। आखिर कब तक जनता की जान के साथ इस तरह खिलवाड़ होता रहेगा? #dhanbadnews1
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