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एक बेहद अनोखा कछुआ देखा गया है, जिसकी पीठ पर सितारे जैसे निशान बने हुए हैं।
Namdev gujre Khabar bhart news
एक बेहद अनोखा कछुआ देखा गया है, जिसकी पीठ पर सितारे जैसे निशान बने हुए हैं।
More news from Betul and nearby areas
- मुलताई क्षेत्र के ग्राम चिखलीकला में सोमवार दोपहर लगभग 3:20 बजे शिवबा बधिए के खेत में बने जानवरों के कोठे में अचानक आग लग गई। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आग की चपेट में आने से सिंचाई पाइप, कृषि उपकरण, गोबर खाद और जलाऊ लकड़ी जलकर खाक हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही नगर परिषद की फायर टीम तत्काल मौके पर पहुंची। फायर ड्राइवर राहुल चंडालिया और फायरमैन गिरीश पिपले तथा सुमित पुरी ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया, जिससे आग को आसपास के क्षेत्र में फैलने से रोका जा सका। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं है, हालांकि किसान को कृषि सामग्री का नुकसान हुआ है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संरक्षण के संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चलाए जा रहे "जल गंगा संवर्धन अभियान" के तहत, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की भैंसदेही समिति ने शुक्रवार 16 मई 2025 को विकासखण्ड भैंसदेही, जिला बैतूल में एक वृहद साफ-सफाई कार्यक्रम आयोजित किया। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन के तहत आयोजित यह कार्यक्रम स्थानीय पूर्णा नदी पर केंद्रित था, जिसके साथ अन्य जल स्रोतों को भी स्वच्छ करने का प्रयास किया गया। इस अभियान की शुरुआत नदी, तालाब, कुएं, हैंडपंप और अन्य पेयजल स्रोतों के पूजन से हुई, जिसमें समिति के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जल देवता का आह्वान किया। इसके बाद व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाया गया, जिसके अंतर्गत नदी तटों, नालों, तालाबों और सार्वजनिक पेयजल स्रोतों के आसपास फैले कचरे, प्लास्टिक और जलकुंभी को हटाया गया। कुओं और हैंडपंपों के चबूतरों की भी विशेष सफाई की गई। "सुरक्षित जल - समृद्ध कल" के संदेश के साथ गंगा कलश यात्रा भी कार्यक्रम का हिस्सा थी। कार्यक्रम में जन अभियान परिषद की नगर विकास प्रस्फुटन समिति और प्रस्फुटन समिति के स्वयंसेवकों के अलावा स्थानीय ग्रामीण, स्कूली छात्र और जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। समिति ने उपस्थित सभी लोगों को जल की एक-एक बूंद बचाने, जल स्रोतों को प्रदूषण से मुक्त रखने और वर्षा जल संचयन के महत्व के लिए प्रेरित किया। समिति के अध्यक्ष ने बताया कि "जल गंगा संवर्धन अभियान" का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुएं, बावड़ी, तालाब, नदी और नालों को पुनर्जीवित करना तथा आमजन में जल संरक्षण के प्रति चेतना जागृत करना है। यह अभियान 16 मई से पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है, और इसके समापन पर सभी प्रतिभागियों ने जल स्रोतों को स्वच्छ रखने तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित करने का संकल्प लिया।2
- इटारसी के 12 बंगला क्षेत्र में रेलवे प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है, जहाँ सालों पुराने और जर्जर हो चुके रेलवे क्वार्टरों को युद्ध स्तर पर खाली कराकर ढहाया जा रहा है। जर्जर इमारतों से होने वाले खतरे को देखते हुए रेलवे ने बुलडोज़र चलाकर जमीन को समतल करने का काम शुरू किया है। बताया गया है कि इनमें से कई क्वार्टर लंबे समय से खाली पड़े थे, जबकि कुछ में लोग अवैध रूप से रह रहे थे। रेलवे की इस कार्रवाई के बाद अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है और वे अब पलायन कर रहे हैं। इस खाली हुई जगह पर रेलवे को क्या बनाना चाहिए, इस पर 'इटारसी अपडेट' ने पाठकों से अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करने का आह्वान किया है।1
- पांढुर्णा में कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस बैठक में मोही घाट पर स्थित ब्लैक स्पॉट पर तत्काल सुरक्षा उपाय करने के आदेश दिए गए, साथ ही वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए स्पीड डिटेक्शन सिस्टम लगाने और तेज रफ्तार पर चलने वाले वाहनों पर स्वचालित चालान काटने के भी निर्देश दिए गए हैं। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग-47 पर एक अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त, शहर में भारी वाहनों के प्रवेश के लिए एक निश्चित समय तय करने को कहा गया है। नागरिकों की सुविधा के लिए जिले में एक आरटीओ कार्यालय खोलने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है, जिससे उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगी। सड़कों के उचित रखरखाव और सफाई के साथ-साथ टोल प्लाजा पर जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम और सुरक्षा उपायों को अंतिम रूप दिया है।1
- नर्मदापुरम जिले के पिपरिया स्थित मलकजरा गांव के एक किसान से अभद्रता करने वाले जूनियर इंजीनियर (JE) का भोपाल तबादला कर दिया गया है। यह प्रशासनिक कार्रवाई किसान से हुए दुर्व्यवहार के मामले में की गई है।1
- ग्राम पंचायत बांगई के ग्राम मुंगासिया के किसान नान्हो यदुवंशी ने पौधों को पेड़ बनाकर नई जिंदगी देने के कठिन कार्य को अपनी मेहनत और संकल्प से संभव कर दिखाया है। उन्होंने न केवल अपने खेत में फलदार पौधों का संरक्षण किया, बल्कि गांव के शांतिधाम और नर्सरी के पौधों को भी जीवन देकर पर्यावरण संरक्षण की एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की। वर्ष 2016-17 में नंदन फलोद्यान योजना के तहत उन्हें लगभग 400 पौधे मिले थे, जिनमें मुख्य रूप से आम और कुछ आंवला के पौधे शामिल थे। समय पर सिंचाई, गोबर खाद, दवा-छिड़काव और नियमित देखरेख के चलते आज ये सभी पौधे बड़े पेड़ों का रूप ले चुके हैं, जिससे उनके खेत में लहलहाती हरियाली गांव के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गई है। नान्हो यदुवंशी का यह योगदान केवल अपने खेत तक सीमित नहीं रहा; उन्होंने अपने खेत से लगे शांतिधाम और पंचायत नर्सरी में लगाए गए लगभग 400 पौधों की जिम्मेदारी भी स्वयं उठाई। जब योजनाओं की अवधि समाप्त होने पर पौधों की देखरेख कम हो गई, तो उन्होंने अपने निजी खर्च से तार फेंसिंग कराई, टैंकर से पानी पहुंचाया और सूख चुके पौधों की जगह नए पौधे लगाकर उन्हें जीवित रखा। नान्हो यदुवंशी का मानना है कि यदि हर किसान अपने खेत में मात्र 10 पौधे लगाकर उन्हें पेड़ बनने तक संभाल ले, तो धरती एक बार फिर हरी-भरी हो जाएगी। भविष्य की तैयारी के लिए वे हमेशा लगभग 100 देशी आम के पौधे तैयार रखते हैं, ताकि किसी पौधे के सूखने पर तुरंत उसकी जगह नया पौधा लगाया जा सके। पिछले वर्ष उन्होंने निजी खर्च से 100 कलमी दशहरी आम के पौधे भी रोपे। ग्राम पंचायत बांगई के जनप्रतिनिधि उनकी इस पहल को अनुकरणीय बताते हुए कहते हैं कि नान्हो यदुवंशी ने अपने खेत के साथ-साथ मोक्षधाम को भी फलदार पेड़ों से सजाकर उसे हरियाली का एक सुंदर केंद्र बना दिया है।2
- मनोहर अग्रवाल की रिपोर्ट के अनुसार, चिचोली के चिरापाटला के पास इथेनॉल से भरा एक टैंकर अनियंत्रित हो गया। इस घटना के कारण, एक व्यक्ति 'प्लेंडो' घायल हो गए।1
- लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने सोमवार, 25 मई 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुलताई का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जनरल वार्ड, महिला वार्ड, ड्रेसिंग वार्ड सहित अन्य वार्डों का जायजा लिया और भर्ती मरीजों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके अतिरिक्त, उन्होंने रसोई शाला और प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया तथा उनके संचालन के विषय में मुलताई के बीएमओ से विवरण प्राप्त किया। श्री पटेल ने पोषण पुनर्वास केंद्र का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद निर्देश दिए कि केंद्र का प्रभावी संचालन किया जाए। उन्होंने कहा कि फील्ड से कुपोषण के प्रकरणों को तत्परता से पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भेजा जाए और तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाए। मंत्री ने कुपोषण को जड़ से समाप्त करने की दिशा में प्रभावी प्रयास करने पर जोर दिया। इस दौरान, उन्होंने बालक इंद्रेश कोड़ी से बातचीत की और उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। उन्होंने बच्चों की डाइट और फील्ड पर उनकी पहचान कैसे की जाती है, इस संबंध में जानकारी ली और प्राथमिकता के आधार पर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्रों में शिफ्ट करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन, सीएमएचओ डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े, एसडीएम श्री राजीव कहार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।3
- इटारसी शहर के नागरिक गंदे और अनियमित पेयजल की समस्या से बेहद परेशान हैं, जिसके चलते अब उन्होंने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अधिवक्ता सिद्धार्थ महेश आर्य के नेतृत्व में एक जन जागरूकता अभियान शुरू किया गया है, जिसकी मुख्य माँग है "साफ पानी दो या टैक्स लेना बंद करो"। यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल की लड़ाई नहीं है, बल्कि हर उस आम इंसान के लिए है जो पूरा टैक्स भरने के बावजूद दूषित पानी के कारण बीमारियों का खतरा झेलता है। अभियान का ज़ोर इस बात पर है कि गंदा पानी किसी पार्टी को देखकर नहीं आता, इसलिए सभी को अपनी सेहत के लिए मिलकर आवाज़ उठानी चाहिए। नागरिकों ने प्रशासन से माँग की है कि इस गंभीर समस्या का तत्काल और स्थाई समाधान निकाला जाए।1