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नर्मदापुरम जिले के पिपरिया स्थित मलकजरा गांव के एक किसान से अभद्रता करने वाले जूनियर इंजीनियर (JE) का भोपाल तबादला कर दिया गया है। यह प्रशासनिक कार्रवाई किसान से हुए दुर्व्यवहार के मामले में की गई है।
Chhagan Kushawaha
नर्मदापुरम जिले के पिपरिया स्थित मलकजरा गांव के एक किसान से अभद्रता करने वाले जूनियर इंजीनियर (JE) का भोपाल तबादला कर दिया गया है। यह प्रशासनिक कार्रवाई किसान से हुए दुर्व्यवहार के मामले में की गई है।
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- इटारसी के 12 बंगला क्षेत्र में रेलवे प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है, जहाँ सालों पुराने और जर्जर हो चुके रेलवे क्वार्टरों को युद्ध स्तर पर खाली कराकर ढहाया जा रहा है। जर्जर इमारतों से होने वाले खतरे को देखते हुए रेलवे ने बुलडोज़र चलाकर जमीन को समतल करने का काम शुरू किया है। बताया गया है कि इनमें से कई क्वार्टर लंबे समय से खाली पड़े थे, जबकि कुछ में लोग अवैध रूप से रह रहे थे। रेलवे की इस कार्रवाई के बाद अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है और वे अब पलायन कर रहे हैं। इस खाली हुई जगह पर रेलवे को क्या बनाना चाहिए, इस पर 'इटारसी अपडेट' ने पाठकों से अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करने का आह्वान किया है।1
- पिपरिया के धनाश्री श्री में जनसुनवाई के दौरान हुए एक विवाद का वीडियो सामने आया है। जानकारी के अनुसार, एक ग्रामीण ने मुख्यमंत्री को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और गाली-गलौज भी की, जिससे वहां मौजूद एक सरकारी कर्मचारी अत्यधिक नाराज हो गया। वायरल हुए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि नाराज कर्मचारी ग्रामीण को जनसुनवाई कक्ष से बाहर निकालते हुए अपशब्दों का प्रयोग कर रहा है। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस घटना से पहले, बनखेड़ी चादौंन में भी एक हितग्राही के साथ अभद्रता का ऐसा ही एक मामला सामने आया था। लगातार सामने आ रहे इस तरह के वीडियो प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।1
- गाडरवारा स्थित राठी वेयरहाउस खरीदी केंद्र में हुई गुणवत्ता जांच में कुल 1785 क्विंटल गेहूं फेल हो गया है। इस परिणाम के बाद खरीदी प्रक्रिया में अनियमितताओं की बात सामने आई है, जिसको लेकर स्थानीय लोगों और संबंधित पक्षों द्वारा इन अनियमितताओं की गहन जांच की मांग की जा रही है।1
- नरसिंहपुर में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सिंगरी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए जनभागीदारी से श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल इस अभियान में शामिल हुए, जहां अखंड निराहार परम पूज्य दादा गुरु भी उपस्थित थे। मंत्री श्री पटेल ने सिंगरी नदी में स्वयं श्रमदान कर लोगों को इस नेक कार्य के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वयंसेवी संगठनों और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए श्रमदान किया। सभी ने मिलकर सिंगरी नदी को स्वच्छ, सुंदर और पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से कार्य किया।1
- एक बेहद अनोखा कछुआ देखा गया है, जिसकी पीठ पर सितारे जैसे निशान बने हुए हैं।1
- नरसिंहपुर जिले के नर्मदा तट पर स्थित सुप्रसिद्ध बरमान घाट पर, जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर प्रशासन विशेष रूप से मुस्तैद है और इसी कारण बरमान घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को और भी पुख्ता किया गया है। इन उपायों के तहत, गहरे पानी में फ्लोटिंग बॉल भी लगाए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- इटारसी शहर के नागरिक गंदे और अनियमित पेयजल की समस्या से बेहद परेशान हैं, जिसके चलते अब उन्होंने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अधिवक्ता सिद्धार्थ महेश आर्य के नेतृत्व में एक जन जागरूकता अभियान शुरू किया गया है, जिसकी मुख्य माँग है "साफ पानी दो या टैक्स लेना बंद करो"। यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल की लड़ाई नहीं है, बल्कि हर उस आम इंसान के लिए है जो पूरा टैक्स भरने के बावजूद दूषित पानी के कारण बीमारियों का खतरा झेलता है। अभियान का ज़ोर इस बात पर है कि गंदा पानी किसी पार्टी को देखकर नहीं आता, इसलिए सभी को अपनी सेहत के लिए मिलकर आवाज़ उठानी चाहिए। नागरिकों ने प्रशासन से माँग की है कि इस गंभीर समस्या का तत्काल और स्थाई समाधान निकाला जाए।1
- गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत सिंगरी नदी के पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर श्रमदान का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल में मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल और अखंड निराहार परम पूज्य दादा गुरु ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। उनके साथ-साथ, अनेक जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों और अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी सिंगरी नदी को नया जीवन प्रदान करने के इस प्रयास में अपना श्रमदान दिया।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें साढ़े सात सौ साल के एक लंबे अंतराल के बाद माँ वाग्देवी के दर्शन और पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।1