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Santosh kumar
More news from बिहार and nearby areas
- Post by Santosh kumar1
- Post by Shiv ji Kumar1
- आस्था के नाम पर वोट की फसल? बिहार में 'जयंती राजनीति' का पूरा सच! आशुतोष कुमार और जयंती का 'एजेंडा'—क्या स्वर्ण समाज में दरार डालने की है "जय सियाराम दोस्तों! क्या आज हमारे महापुरुषों की जयंतियाँ सिर्फ राजनीतिक लाभ का जरिया बन गई हैं? भगवान परशुराम जी की जयंती के बहाने बिहार में जो कुछ भी हुआ, वह समाज को जोड़ने के लिए था या किसी खास राजनीतिक एजेंडे को चमकाने के लिए? आशुतोष कुमार के यू-टर्न से लेकर राधा मोहन सिंह को टारगेट करने तक—जानिए इस 'जयंती पॉलिटिक्स' के पीछे का असली खेल। वीडियो देखें और अपनी राय साझा करें।" #BiharPolitics #ParshuramJayanti #BrahminEkta #AshutoshKumar #SocialJustice #PoliticalAgenda #BiharNews #RadhaMohanSingh1
- Post by Mukesh Kumar Sahani2
- #ब्रेकिंगन्यूज़- #मोतिहारी जिले के #राजेपुर थाना क्षेत्र के परसोनिया गांव में उस वक्त #हड़कंप मच गया, जब एक युवती 33,000 वोल्ट के/ #बिजली पोल पर #चढ़ गई। ***************************1
- (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) सीतामढ़ी 22 अप्रैल 2026- सीतामढ़ी:-जिला समाहरणालय स्थित विमर्श कक्ष में अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सुक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME)पी०एम० विश्वकर्मा योजना की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। उक्त योजना पर अपर समाहर्ता द्वारा बारी-बारी से सभी बैंक अधिकारियों से योजनाओं की अद्यतन प्रगति के बारे में वार्तालाप की गई एवं निदेशित किया गया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पी० एम० एफ० एम०ई योजना में अचूक रूप से शत प्रतिशत ऋण की स्वीकृति एवं भुगतान करना सुनिश्चित करें। सभी बैंकर्स को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना प्रशिक्षण प्राप्त लाभुकों को बैंक में लंबित ऋण आवेदनों को त्वरित गति से ऋण स्वीकृति एवं भुगतान करने हेतु निदेशित किया।समीक्षात्मक बैठक के साथ साथ उद्योग संवाद का आयोजन किया गया।उक्त उद्योग संवाद का उदेश्य जिले में औद्योगिक विकास को गति देना स्थानीय उद्यमियों की समस्याओं को सुनना तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न औद्योगिक योजनाओं की जानकारी प्रदान करना। उद्योग संवाद के दौरान अपर समाहर्ता द्वारा उद्यमियों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए उनके द्वारा उठाए गए सुझावों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु निदेशित किया गया। उन्होने कहा कि जिला प्रशासन उद्योगो के अनुकूल वातावरण सृजित करने के लिए प्रतिबध है जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सके।बैंक में औद्योगिक निवेश, रोजगार, ऋण सुविधा, प्रशिक्षण भूमि उपलब्धता आधारभूत संरचना तथा विभागीय समन्वय से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।उद्यमी संवाद में वरीय उप समाहर्ता बैंकिग, जिला उद्योग के महाप्रबंधक, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, डी०डी०एम० नाबार्ड, डी०पी०एम० जीविका, क्षेत्रिय प्रबंधक बियाडा, जिला उद्योग केन्द्र के पदाधिकारी, विभिन्न विभाग के प्रतिनिधि एवं जिला के उद्यमीगण उपस्थित रहे।3
- पूर्वी चंपारण के चकिया से एक आस्था से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है, जहां बर्मदिया स्थित इंडियन गैस गोदाम परिसर में बने हनुमान मंदिर में आज विधि-विधान के साथ गैस गोदाम के संचालक राकेश सिंह जजमान के रूप में बैठे और आचार्य के द्वारा वैदिक मंत्र कर कर प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया गया। चकिया के बर्मदिया इंडियन गैस गोदाम परिसर में आज धार्मिक माहौल उस समय भक्तिमय हो गया, जब वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सिद्ध पीठ हनुमान जी की प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा कर विधिवत स्थापना की गई। इस दौरान मंदिर परिसर “जय श्री राम” और “बजरंगबली की जय” के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और हनुमान जी की आराधना में लीन दिखे। प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत हनुमान आराधना और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। स्थानीय आयोजकों ने बताया कि इस मंदिर के निर्माण से क्षेत्र में धार्मिक आस्था और भी मजबूत होगी और लोगों को एक आध्यात्मिक केंद्र मिलेगा। कुल मिलाकर, चकिया में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने पूरे इलाके को भक्तिमय माहौल में सराबोर कर दिया।1
- --जब-जब इस भारत भूमि पर अधर्म बढ़ा,जब-जब निर्बल पर अत्याचार हुआ, जब-जब सत्ता के मद में चूर लोगों ने न्याय को रौंदा तब-तब परशुराम का वह फरसा उठा। (मनीष साह सन ऑफ इंडिया अनुमंडल ब्यूरो चीफ, दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार शाखा मोतिहारी पूर्वीचंपारण) मोतिहारी 22 अप्रैल 2026- मोतिहारी:-भगवान परशुराम जयंती जय परशुराम! जय जय परशुराम!! के उद्घोष के साथ राष्ट्रीय ब्राह्मण संघ ने NH बायपास स्थित सतवींंन विवाह भवन के हाल में आज वैशाख शुक्ल तृतीया का वह पावन दिन पर भगवान परशुराम जयंती का आयोजन किया गया। आज अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर भगवान परशुराम की प्रतिमा पर वैदिक मंत्रों के उद्घोष के साथ पूजा अर्चना किया गया।इस अवसर पर ब्राह्मण समाज सामाजिक आर्थिक विषयों पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्राह्मण समाज के प्रबुद्ध श्री चन्द्रकिशोर मिश्रा, जितेन्द्र तिवारी,नरेश पांडेय, सुशील पाठक, अनिकेत पांडेय,रजत पाठक,पुष्कर झा,राहुल आर पांडेय,अमित पाठक,पंकज द्विवेदी, सशक्त महिला समाज सेवी मिनी द्विवेदी,गायिका सलोनी कुमारी,अखिलेश मिश्रा, अभिनव पाण्डेय,राजू चौबे, रोचक झा आदि लोगों ने सभा को संबोधित करके ब्राह्मण समाज का मनोबल बढ़ाया।सभा का संचालक वरिष्ठ शिक्षक श्री संजय तिवारी एवं अध्यक्षता श्री अखिलेश कुमार मिश्रा ने किया।राष्ट्रीय ब्राह्मण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी ब्राह्मणों से आह्वान किया कि भगवान परशुराम महायोद्धा जिस ने पृथ्वी को अन्याय और अधर्म से मुक्त करनेका बीड़ा उठाया। इस बात को ब्राह्मण समाजअंगीकृत करे।राष्ट्रीय ब्राह्मण संघ के सचिव श्री चंद्रमोहन मिश्रा ने कहा विप्र भाइयों,भगवान परशुराम को भगवान विष्णुका का छठा अवतार माना जाता है। उनके हाथ मेंधारण किया गया फरसा वह महज एक हथियार नहीं था।वह उनकी वीरता,पराक्रम और धर्म की रक्षा के अटूट संकल्प का प्रतीक था!जब-जब इस भारत भूमि पर अधर्म बढ़ा,जब-जब निर्बल पर अत्याचार हुआ, जब-जब सत्ता के मद में चूर लोगों ने न्याय को रौंदा तब-तब परशुराम का वह फरसा उठा।और आज भी वह फरसा जरूरत है!मुख्य अतिथि युवातुर्क मुकेश पाठक ने अपने संबोधन करते हुए कहा कि भगवान परशुराम का अवतार धर्म की पुनर्स्था पना के लि ए हुआ था। जब पृथ्वी पर अधर्म, अन्याय और अत्याचार बढ़ा तब भगवान विष्णु ने परशुराम रूप मेंअवतार लि या।भाइयों, आज हम भी उस दौर मेंजी रहेहैं। चारों तरफ देखो भ्रष्टाचार है, झूठ है, अन्याय है, कमजोर को दबाया जा रहा है। सरकारी तंत्र ताकत के नशेमेंहैऔर आम आदमी पि स रहा है। ऐसे में परशुराम जयंती का संदेश सि र्फ पूजा-पाठ का नहीं है।यह संघर्ष का संदेश है। वि द्रोह का संदेश है।खड़ेहोनेका संदेश है!भाइयों,परशुराम जी साहस, ज्ञान और शक्ति के अनूठेसंगम थे। उन्होंनेशस्त्र और शास्त्र दोनों मेंनि पुणता हासिल की थी।संगठन के मुख्य कार्यकर्ता अमित पाठक ने कहा कि जीवन की घटनाएं हमें सिखाती हैं कि अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना और धर्म का मार्ग अपनाना ही मनुष्य का सबसे बड़ा कर्तव्य है।2