माहेश्वरी सभा के चुनाव सम्पन्न, गोपाल कृष्ण पटवारी बने अध्यक्ष शाहपुरा भैरू लाल लक्षकार तहसील माहेश्वरी सभा क्षेत्र के चुनाव बीड के बालाजी परिसर में चुनाव अधिकारी ओमप्रकाश गन्दोडिया की उपस्थिति में निर्विरोध संपन्न हुए। चुनाव अधिकारी गदोडिया ने बताया कि अध्यक्ष गोपाल कृष्ण पटवारी व मंत्री भागचंद मंत्री निर्विरोध चुने गए जो पुराने चेहरे पर नई मोहर लगी है । पिछले कार्यकाल में समाज के लिए कोई उपलब्धि हासिल नहीं की ।बैठक में चार जिला प्रतिनिधि शाहपुरा नगर से रामप्रसाद खेड़ा, श्यामा प्रसाद चेचाणी, संजय झवर ,व सुरेश कुमार मूंदड़ा व 4 जिला प्रतिनिधि ग्रामीण क्षेत्र से कैलाश अजमेरा ,महावीर प्रसाद हेड़ा ,संजय मंत्री व जगदीश सोमानी निर्विरोध चुने गए अध्यक्ष पटवारी ने 21 सदस्यों की कार्य समिति का कार्यकारी मंडल बनाया । प्रक्रिया में 37 सदस्यों की उपस्थिति रही। मंत्री भागचंद मंत्री ने शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न होने पर सभी का आभार व्यक्त किया।
माहेश्वरी सभा के चुनाव सम्पन्न, गोपाल कृष्ण पटवारी बने अध्यक्ष शाहपुरा भैरू लाल लक्षकार तहसील माहेश्वरी सभा क्षेत्र के चुनाव बीड के बालाजी परिसर में चुनाव अधिकारी ओमप्रकाश गन्दोडिया की उपस्थिति में निर्विरोध संपन्न हुए। चुनाव अधिकारी गदोडिया ने बताया कि अध्यक्ष गोपाल कृष्ण पटवारी व मंत्री भागचंद मंत्री निर्विरोध चुने गए जो पुराने चेहरे पर नई मोहर लगी है । पिछले कार्यकाल में समाज के लिए कोई उपलब्धि हासिल नहीं की ।बैठक में चार जिला प्रतिनिधि शाहपुरा नगर से रामप्रसाद खेड़ा, श्यामा प्रसाद चेचाणी, संजय झवर ,व सुरेश कुमार मूंदड़ा व 4 जिला प्रतिनिधि ग्रामीण क्षेत्र से कैलाश अजमेरा ,महावीर प्रसाद हेड़ा ,संजय मंत्री व जगदीश सोमानी निर्विरोध चुने गए अध्यक्ष पटवारी ने 21 सदस्यों की कार्य समिति का कार्यकारी मंडल बनाया । प्रक्रिया में 37 सदस्यों की उपस्थिति रही। मंत्री भागचंद मंत्री ने शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न होने पर सभी का आभार व्यक्त किया।
- भीलवाड़ा के कोटरी में सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। टूटे-फूटे रास्तों के कारण राहगीरों को चलने-फिरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- गांव होली खेड़ा में किस की खेत के ऊपर एक डीपी जलग गई है विद्युत लाइन की और हादसा हो सकता था लेकिन भगवान ने बचा लिया गांव होलीरडा मैं एक किसान के खेत के ऊपर डीपी सा लग गई है बहुत बड़ा हादसा हो सकता है लेकिन टल गया2
- महत्वपूर्ण अनसुलझे रहस्य सवाल: कांस्टेबल भागचंद सैनी मर्डर से जुड़े सवाल महत्वपूर्ण अनसुलझे रहस्य सवाल: कांस्टेबल भागचंद सैनी मर्डर से जुड़े सवाल दूनी/टोंक (हरि शंकर माली)। कांस्टेबल भागचंद सैनी हत्याकांड को लेकर अब भी कई ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब ना तो पुलिस जांच में सामने आया है और ना ही प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया। मृतक के परिजनों, समाज और क्षेत्रीय लोगों के मन में लगातार संदेह बना हुआ है। मामले में कई बिंदुओं पर अब भी रहस्य बरकरार है और लोग सीआईडी जांच से जल्द खुलासे की मांग कर रहे हैं। घटना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि ड्यूटी के दौरान मीट लेने कौन गया था। वहीं पार्टी के लिए टोंक से खाना और अन्य खाद्य सामग्री कौन लेकर आया तथा वह खाना किन-किन पुलिसकर्मियों ने और कहां खाया, इस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। घटना वाली रात ककोड़ पुलिस चौकी पर देर रात अकेला कौन मौजूद था, यह भी अब तक सामने नहीं आया। इसी दौरान रात्रि करीब 2:27 बजे कांस्टेबल भागचंद सैनी की पत्नी को चौकी से फोन किसने किया और फोन पर क्या बातचीत हुई, यह भी रहस्य बना हुआ है। परिजनों के अनुसार यह भी स्पष्ट नहीं हुआ कि सिपाही भागचंद सैनी गश्त के लिए कितने बजे निकले थे। क्या इसकी सूचना ड्यूटी ऑफिसर या संबंधित पुलिस थाने को दी गई थी? वह वर्दी में थे या बिना वर्दी के, इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार कांस्टेबल भागचंद सैनी ने पुलिस थाने के व्हाट्सएप ग्रुप पर अलग-अलग समय पर गश्त की लोकेशन साझा की थी। हालांकि उनका मोबाइल फोन और अंतिम लोकेशन आखिर कितने बजे तक सक्रिय रही, इसको लेकर भी संशय है। बताया जा रहा है कि ढाबे से उनकी आखिरी लोकेशन रात 2:58 बजे की मिली, इसके बाद लोकेशन अचानक गायब हो गई। मामले में यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि सिपाही की हत्या रात्रि लगभग 3 बजे के आसपास हुई। इसके बाद भी उसी रात 7 ट्रैक्टर बजरी के निकलने की चर्चा सामने आई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि उस समय डीओ ड्यूटी किसकी थी और बजरी किसकी शह पर तथा किसकी एंट्री से निकली। क्या बजरी परिवहन करने वालों को गश्त पर मौजूद सिपाही भागचंद सैनी दिखाई नहीं दिए या उन्हें घटना की जानकारी नहीं हुई? मृतक सिपाही की पेंट पर खून के निशान नहीं मिलने और ढाबे से लोकेशन गायब होने को लेकर भी परिजन सवाल उठा रहे हैं। वहीं मोबाइल का डाटा किसने, कैसे और क्यों नष्ट किया गया, इस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। पुलिस प्रेस नोट में मोबाइल फोन को लेकर कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं होने से भी संदेह गहराता जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि परिवार के कुछ सदस्यों को पुलिस द्वारा धमकाया गया। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त बंदूक आखिर किसकी थी और अन्य आरोपी कौन थे, यह भी अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। लोगों के बीच यह सवाल भी बना हुआ है कि दोनों आरोपियों को पुलिस ने कहां से गिरफ्तार किया। प्रेस नोट में गिरफ्तारी स्थल का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया। यदि आरोपी शिकारी थे तो उन्हें कहां से पकड़ा गया और इस कार्रवाई के गवाह कौन थे? जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि आरोपी शिकारी नहीं बल्कि ट्रक-ट्रेलर चालक थे। घटना में दिखाई गई फिटनेस खत्म बाइक आखिर किसके नाम पर दर्ज है और आरोपियों से बरामद दिखाया गया छर्रा कहां से आया, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। मृतक कांस्टेबल भागचंद सैनी के परिजनों ने शुरू से ही बजरी माफिया पर हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को शिकारी बताया। इसी कारण परिजनों और माली समाज में पुलिस जांच को लेकर संदेह बना हुआ है। अब क्षेत्र के लोग मामले की निष्पक्ष जांच और सीआईडी से जल्द खुलासे की मांग कर रहे हैं।1
- रोड फूटने के कारण और नाली नहीं बनने के कारण रोड के ऊपर से पानी निकल रहा है गंदा पानी इसे हमारे एरिया के जो भी निकलने वाले को परेशानी होने के कारण सरपंच भी सुनवाई नहीं कर रहा वाटर लाइन जब से डालिए जब का रोड नहीं बना हुआ है इसलिए रोड भी खराब हो गया नाली भी खराब हो गई इसके ऊपर कई मकान रोड के ऊपर भी आ रहे हैं धन्यवाद3
- राजस्थान के पुष्कर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'ग्राम विकास चौपाल' का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और राज्य के विकास पर चर्चा की। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति देना और स्थानीय मुद्दों को हल करना है।1
- बूंदी जिले में 'भादवा रानी' विषय पर एक नई कविता प्रकाशित हुई है। यह रचना स्थानीय इतिहास या किसी व्यक्ति विशेष पर प्रकाश डाल सकती है। पूरी कहानी जानने के लिए कविता पढ़ें।1
- बूंदी के छत्रपुरा स्थित श्री वीर तेजाजी महाराज मंदिर में चल रही रामलीला में सूर्पनखा की नाक काटना, स्वर्ण हिरण वध और सीता हरण जैसे भावुक प्रसंगों का मंचन हुआ। इन दृश्यों ने क्षेत्रवासियों को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।1
- राजस्थान के पुष्कर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ग्राम विकास चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और राज्य के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।1