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रामगढ़ पचवारा में आज मौसम बहुत ज्यादा खराब है कि किसानों को बड़ी परेशानी हो रही है फसल काटने समय
Rakesh Meena
रामगढ़ पचवारा में आज मौसम बहुत ज्यादा खराब है कि किसानों को बड़ी परेशानी हो रही है फसल काटने समय
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- Post by Rakesh Meena1
- मंडावरी | कस्बे में गणगौर पर्व के उपलक्ष्य में नगर पालिका प्रशासन के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय उत्सव के दूसरे दिन माता की सवारी पूरी भव्यता के साथ निकाली गई। भक्ति, परंपरा और उत्साह के संगम के साथ निकली इस शोभायात्रा ने पूरे कस्बे को उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया। भजनों की स्वर लहरियों और आतिशबाजी के साथ निकला कारवां नगर पालिका कार्यालय से गाजे-बाजे के साथ शुरू हुई गणगौर माता की सवारी में बैंड-बाजे भजनों की मधुर स्वर लहरियां बिखेर रहे थे। मुख्य बाजार से गुजरते समय शोभायात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। आसमान में होती आतिशबाजी और माता के जयकारों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यह शोभायात्रा मुख्य मार्ग से होती हुई ब्राह्मणी माता की छतरी पहुंची, जहाँ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की गई। प्रशासनिक अमला और जनसैलाब रहा मौजूद इस सांस्कृतिक आयोजन के दौरान नगर पालिका का समस्त स्टाफ और कस्बे के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। शोभायात्रा में मुख्य रूप से: अधिशासी अधिकारी (EO): शंभूलाल मीणा सहायक लेखा अधिकारी: राकेश मीणा अन्य कर्मचारी: ललिता बैरवा, राम खिलाड़ी मीणा, कैलाश शिवाजी, प्रेम शर्मा। साथ ही बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, नगर पालिका के सफाई कर्मचारी और रंग-बिरंगे पारंपरिक लिबास में सजी कस्बे की सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। नवाचार: महिलाओं को भेंट की गई 'सब्जी बास्केट' शोभायात्रा का समापन पुनः नगर पालिका कार्यालय पर हुआ। यहाँ नगर पालिका प्रशासन द्वारा एक अनूठी पहल देखने को मिली। उत्सव में सम्मिलित हुई महिलाओं को नगर पालिका की ओर से सब्जी की बास्केट (टोकनी) उपहार स्वरूप भेंट की गई। इस उपहार को पाकर महिलाओं के चेहरे खिल उठे और उन्होंने प्रशासन के इस व्यवहार की सराहना की। चर्चा का केंद्र रहा ईओ का प्रबंधन कस्बेवासियों के बीच गणगौर की इस भव्य सवारी और अभूतपूर्व उत्साह को लेकर विशेष चर्चा रही। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस सफल आयोजन और व्यवस्थाओं के पीछे अधिशासी अधिकारी शंभूलाल मीणा का प्रत्यक्ष मार्गदर्शन और सराहनीय योगदान रहा है। उनके प्रयासों से ही इस बार गणगौर उत्सव ने एक नया स्वरूप लिया। ग्राउंड रिपोर्ट : खेमराज जोशी2
- #Dausa #बांदीकुई: खबर का असर' मौके पर पहुंची बिजली निगम की टीम , खबर के बाद हरकत में आया प्रशासन, शिकायत की गंभीरता को देख अधिकारियों लिया एक्शन, टूटने की कगार पर थी घर के ऊपर से गुजर रही 33 KV लाइन, आज उसी घर में बेटे की लगन को लेकर चल रही थी तैयारी लेकिन परिजनों और मेहमानों को सता रहा था अनहोनी का डर, अंतवाड़ा बढ चौराहे के पास स्थित हीरालाल सैनी के घर का वाकया , खबर चलने के बाद मह ज 2 घंटे बाद टीम पहुंची मौके पर, तुरंत लाइन को बदलकर किया दुरुस्त, उपभोक्ता ने जताया आभार1
- मलखंभ प्रदर्शन, गोरिल्ला भालू नृत्य, तोप पुष्प वर्षा, हरियाणवी नृत्य ग्रुप, ऊंट, घोड़े रहे आकर्षण का केंद्र शाही लवाजमें के साथ निकली बूढी गणगौर की सवारी मुस्लिम समुदाय ने शरबत पिलाकर एवं पुष्प वर्षा कर किया स्वागत लालसोट। नगर परिषद से पूजा-अर्चना के बाद की बूढ़ी गणगौर सवारी शाही लवाजमें के साथ शहर के मुख्य मार्गों से निकाली गई। बैंड की धुनों, पचरंगी साफों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। इस दौरान विधायक ने भाग लेकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। शोभायात्रा में मलखंभ, गोरिल्ला-भालू नृत्य, हरियाणवी डांस, कच्ची घोड़ी, कालबेलिया, ऊंट-घोड़ा सवारी व झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। मुस्लिम समुदाय ने जगह-जगह शरबत पिलाकर व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी, वहीं सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा।4
- लालसोट उपखंड में गणगौर के पावन पर्व पर आज दूसरे दिन गणगौर माता की शाही सवारी गाजे बाजे-गाजे के धूमधाम से नगर में प्रमुख मार्गो से होती हुए निकाली गई ... #लालसोट की शान ऐतिहासिक #गणगौर_ #राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में गणगौर का विशेष स्थान है, और जब बात #लालसोट की आती है तो यह उत्सव केवल एक #परंपरा नहीं, बल्कि आस्था, उत्साह और एकता का जीवंत प्रतीक बन जाता है। पिछले कई दशकों से लालसोट में भरने वाला #गणगौर_मेला नगर की पहचान और गौरव का केंद्र रहा है। #लोकसंस्कृति का उत्सव है। माँ गौरी और भगवान शिव की पूजा के साथ महिलाएँ अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। सजी-धजी प्रतिमाओं की शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित महिलाएँ, लोकगीतों की मधुर गूँज और ढोल-नगाड़ों की थाप पूरे वातावरण को भक्तिमय और रंगीन बना देती है। लालसोट का यह ऐतिहासिक मेला सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। यहाँ हर वर्ग, हर समुदाय और हर आयु का व्यक्ति एक साथ आकर इस उत्सव को भव्य बनाता है। स्थानीय व्यापारियों के लिए यह मेला आर्थिक संबल का अवसर बनता है, वहीं युवाओं के लिए यह अपनी संस्कृति से जुड़ने का माध्यम है। गणगौर मेला लालसोट की धड़कन है-जहाँ परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम दिखाई देता है। यह उत्सव हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है और आने वाली पीढ़ियों को हमारी परंपराओं के बारे में अवगत कराता है। गणगौर माता की सवारी के दौरान कच्ची घोड़ी व ऊंट नृत्य, गोरिल्ला बालू नृत्य, अलगोजा पार्टी, भवाई नृत्य, तारक मेहता/ डबल फ्रेम, तोप पुष्प वर्षा, करेला कुत्थक नृत्य, बिना मुंडी कलाकार, लड्डू गोपाल की झांकी, झांकी नरसिंह अवतार, हरियाणवी नृत्य ग्रुप, ब्लोअर तोप गैस तोप, ताज बैंड हिंडौन, राधा कृष्ण मयूर नृत्य ग्रुप, चरकुला नृत्य वृंदावन, मलखंभ प्रदर्शन, हाईवे कलाकारों द्वारा अनोखा प्रदर्शन किया गया। इस दौरान हिन्द दरबार बैंड, हिन्द विजय बैंड, सोना बैंड मंडावरी, बालक बैंड लालसोट द्वारा वाद्य यंत्रों की ध्वनि से सम्पूर्ण वातावरण संगीत में हो गया, वही इस दौरान वही आतिशबाजी का भी आयोजन किया गया। इस शोभायात्रा में लालसोट विधायक रामविलास मीणा, निवर्तमान सभापति प्रतिनिधि सोनू बिनोरी, पहला ख्याल संगीत दंगल समिति अध्यक्ष चौथमल सुकारिया, अशोक चौधरी एडवोकेट, भागचंद सैनी, बालमुकुंद शर्मा, रिकॉर्डिंग मोबाइल नंबर शिव शंकर जोशी, राकेश जोशी, महेश जांगिड़, मुरारी सैनी, रामपुर माली कपड़े वाले, जीतू बढ़ाया, सुभाष भीवाल, बालमुकुंद शर्मा, प्रेम चौधरी, बाबूलाल हाडा, रवि हाडा, जयप्रकाश सैनी, सूरज सैनी एडवोकेट, सहित हजारों की संख्या में गणमान्य लोग रहे मौजूद।4
- Post by Yogesh Kumar Gupta1
- दौसा जिले सहित कई गांव में सुबह से ही ठंडी हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू1
- बस्सी क्षेत्र से बड़ी खबर मौसम का हुआ बदलाव बारिश शुरू हुई किसानों की फसलों का हुआ नुकसान बांसखोह कस्बा स्थित झर, पाटन,मोहनपुरा,बस्सी,आसपास कई गांवों में सुबह से अचानक बारिश की शुरुआत हुई इस दौरान किसानों का कहना है कि दिन रात मेहनत करने के बाद भी फसलों का नुकसान हो गया इस समय किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित है सुबह से मौसम भी ठंडा हो रहा है इस मौके पर किसान कैलाश शर्मा श्यामपुरा, रमेश सैनी,हरिनारायण मीणा,छीतर मीणा अन्य किसानों ने बताया3