लखीसराय के रामगढ़ चौक स्थित शिव मंदिर में आषाढ़ और सावन के महीने में जलजमाव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। पिछले दिनों से हो रही लगातार बारिश और जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण पूरा मंदिर प्रांगण तालाब में तब्दील हो गया है। जलजमाव की स्थिति इतनी खराब है कि पानी गर्भगृह तक पहुंच चुका है, जिससे शिवलिंग तक पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है और श्रद्धालुओं को घुटने भर पानी में खड़े होकर पूजा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस बदहाली से स्थानीय श्रद्धालु और पुजारी बेहद नाराज हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में यही स्थिति पैदा होती है, लेकिन प्रशासन ने अब तक जल निकासी का कोई स्थायी उपाय नहीं किया है। परिसर में फिसलन के कारण बुजुर्गों और महिलाओं के गिरने का डर बना रहता है, जिसके चलते कई लोग बिना जलाभिषेक किए ही वापस लौटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों और मंदिर समिति के सदस्यों ने जिला प्रशासन और नगर पंचायत से तुरंत पानी निकासी, परिसर की साफ-सफाई और मरम्मत कराने की मांग की है। मंदिर में रोजाना सैकड़ों लोग जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में इस समस्या को जल्द दूर नहीं किया गया तो आस्था के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी संकट गहरा सकता है।
लखीसराय के रामगढ़ चौक स्थित शिव मंदिर में आषाढ़ और सावन के महीने में जलजमाव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। पिछले दिनों से हो रही लगातार बारिश और जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण पूरा मंदिर प्रांगण तालाब में तब्दील हो गया है। जलजमाव की स्थिति इतनी खराब है कि पानी गर्भगृह तक पहुंच चुका है, जिससे शिवलिंग तक पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है और श्रद्धालुओं को घुटने भर पानी में खड़े होकर पूजा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस बदहाली से स्थानीय श्रद्धालु और पुजारी बेहद नाराज हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में यही स्थिति पैदा होती है, लेकिन प्रशासन ने अब तक जल निकासी का कोई स्थायी उपाय नहीं किया है। परिसर में फिसलन के कारण बुजुर्गों और महिलाओं के गिरने का डर बना रहता है, जिसके चलते कई लोग बिना जलाभिषेक किए ही वापस लौटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों और मंदिर समिति के सदस्यों ने जिला प्रशासन और नगर पंचायत से तुरंत पानी निकासी, परिसर की साफ-सफाई और मरम्मत कराने की मांग की है। मंदिर में रोजाना सैकड़ों लोग जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में इस समस्या को जल्द दूर नहीं किया गया तो आस्था के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी संकट गहरा सकता है।
- लखीसराय के रामगढ़ चौक स्थित शिव मंदिर में आषाढ़ और सावन के महीने में जलजमाव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। पिछले दिनों से हो रही लगातार बारिश और जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण पूरा मंदिर प्रांगण तालाब में तब्दील हो गया है। जलजमाव की स्थिति इतनी खराब है कि पानी गर्भगृह तक पहुंच चुका है, जिससे शिवलिंग तक पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है और श्रद्धालुओं को घुटने भर पानी में खड़े होकर पूजा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस बदहाली से स्थानीय श्रद्धालु और पुजारी बेहद नाराज हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में यही स्थिति पैदा होती है, लेकिन प्रशासन ने अब तक जल निकासी का कोई स्थायी उपाय नहीं किया है। परिसर में फिसलन के कारण बुजुर्गों और महिलाओं के गिरने का डर बना रहता है, जिसके चलते कई लोग बिना जलाभिषेक किए ही वापस लौटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों और मंदिर समिति के सदस्यों ने जिला प्रशासन और नगर पंचायत से तुरंत पानी निकासी, परिसर की साफ-सफाई और मरम्मत कराने की मांग की है। मंदिर में रोजाना सैकड़ों लोग जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में इस समस्या को जल्द दूर नहीं किया गया तो आस्था के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी संकट गहरा सकता है।1
- बिहार के जमुई में बच्चे रोजाना कीचड़ और जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं। बच्चों को होने वाली इस रोज की परेशानी के बावजूद प्रशासन सोया हुआ है, जिससे अब सीधे तौर पर यह सवाल खड़ा किया जा रहा है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा।1
- सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल उठाकर श्रद्धालु बाबा बैजनाथ धाम पहुंचने लगे हैं। बाबा के धाम पहुंच रहे श्रद्धालुओं के बीच चारों तरफ 'हर-हर महादेव' के जयघोष गूंज रहे हैं।1
- शेखपुरा के चेवाड़ा में पुराने थाना के समीप सोमवार को 33 हजार केवी विद्युत लाइन का इंसुलेटर जलने से करीब 3 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। अचानक बिजली गुल होने से शहर और आसपास के क्षेत्रों के हजारों उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी और उमस के बीच भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बिजली संकट के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सब पावर ग्रिड के कनीय विद्युत अभियंता (जेई) राजकुमार प्रसाद ने बताया कि पुराने थाना के समीप 33 हजार केवी लाइन का इंसुलेटर जल जाने के कारण यह तकनीकी खराबी आई थी। सूचना मिलते ही विभाग की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए क्षतिग्रस्त इंसुलेटर को बदलने व लाइन की मरम्मत का काम शुरू किया। करीब 3 घंटे तक चले मेंटेनेंस कार्य के बाद सोमवार दोपहर लगभग 3 बजे बिजली आपूर्ति पुनः बहाल कर दी गई, जिसके बाद सभी प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य रूप से विद्युत आपूर्ति शुरू हो गई। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि बिजली संबंधी किसी भी तकनीकी समस्या की सूचना तत्काल विभाग के हेल्पलाइन या स्थानीय कार्यालय को दें।1
- Yek badi khabar magar machh ne kiya bache par hamala or hamale ki dora me magar machha ne bache ko kha gaya he🐊🐊🌧🏞😓😰😥😭😱😱😱😱🙏🙏🙏 Yek badi khabar magar machh ne kiya bache par hamala or hamale ki dora me magar machha ne bache ko kha gaya he🐊🐊🌧🏞😓😰😥😭😱😱😱😱🙏🙏🙏1
- लखीसराय रेलवे स्टेशन पर रविवार की रात एक दर्दनाक हादसे में एएनएम की छात्रा राखी कुमारी की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतका की पहचान शहर के नया बाजार स्थित दुर्गा गर्ल्स स्कूल के समीप वार्ड संख्या-26 निवासी बबलू कुमार वर्मा की पुत्री राखी कुमारी के रूप में हुई है। वह एएनएम की पढ़ाई कर रही थीं और घटना के वक्त पटना से अपने घर लौट रही थीं, इसी दौरान लखीसराय रेलवे स्टेशन पर वह हादसे का शिकार हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन की चपेट में आने से राखी के सिर में गंभीर चोट आई थी। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने तुरंत रेलवे पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें इलाज के लिए तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों के काफी प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। स्वास्थ्य विभाग में सेवा देने का सपना देखने वाली राखी की इस असमय मौत से उनके परिवार की खुशियां मातम में बदल गई हैं और घर पर चीख-पुकार का माहौल है। इस दर्दनाक घटना से उनके साथ पढ़ने वाली छात्राएं और परिचित भी स्तब्ध हैं और पूरे इलाके में शोक की लहर है।1