समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने 2027 के चुनाव में केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि ऐसा हुआ तो पूरी समाजवादी पार्टी चंबल चली जाएगी, जो भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज किए जाने की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। उन्होंने इसे एक खतरनाक परंपरा बताया, जहाँ एक मुख्यमंत्री के हटने के बाद अगला मुख्यमंत्री आते ही पूर्ववर्ती पर प्राथमिकी दर्ज कर देगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जहाँ भाजपा सरकार बनने के बाद अपने मुख्यमंत्री के खिलाफ गंभीर धाराओं के मुकदमे वापस ले लेती है, वहीं एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। अखिलेश यादव ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया और कहा कि इससे ज्यादा खतरनाक काम लोकतंत्र में क्या हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा उत्तर प्रदेश का चुनाव जीत गई तो यह देश का आखिरी चुनाव होगा। महंगाई के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि डॉलर जितना ऊपर जाएगा और रुपया जितना नीचे जाएगा, उतनी ही चाय महंगी होती जाएगी। उन्होंने स्मार्ट सिटी बनाने वालों द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटरों की भी आलोचना की और उन गरीबों व किसानों को बधाई दी जिन्होंने इन मीटरों को उखाड़ फेंका। सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार बढ़ने का भी आरोप लगाया, यह कहते हुए कि उनके मंत्री लोग बेईमानी कर रहे हैं। उन्होंने एक मंत्री का विभाग हटाए जाने का जिक्र करते हुए भविष्यवाणी की कि भाजपा के कई विधायकों के टिकट कट जाएंगे और उनका मंत्री पद तो अभी 'हाफ' हुआ है, आने वाले समय में उनकी टिकट 'साफ' हो जाएगी। अखिलेश यादव ने विपक्ष की एकता पर भी बात की और कहा कि वह इंडिया गठबंधन और कांग्रेस पर बहस नहीं करना चाहते, बल्कि सच्चाई यह है कि यदि विपक्ष और इंडिया गठबंधन एकजुट रहे तो भाजपा को हराया जा सकता है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि अगर कांग्रेस 403 सीटों पर तैयारी कर रही है और सपा भी 403 पर तैयारी कर रही है तो इसका मतलब है कि 806 विधानसभाओं की तैयारी हो रही है, यानी इंडिया गठबंधन भाजपा को हराने के लिए 'डबल तैयारी' कर रहा है। उन्होंने राजनीति में गिरती भाषा की मर्यादा पर भी चिंता जताई और कहा कि भाजपा के कई लोग किसी भी नेता का सम्मान नहीं करते और 'अनपार्लियामेंट्री लैंग्वेज' का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। विदेश नीति को लेकर भी अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की विदेश नीति जिम्मेदार है जिसके कारण युद्ध नहीं रुका और हमारे लोग मारे गए जो नेवी के जहाज लेकर आ रहे थे। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर ईरान में हवाई जहाज उतार दिए जाते, जैसे पाकिस्तान में उतरे थे, तो यह युद्ध नहीं होता। अंत में, उन्होंने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि उत्तर प्रदेश में गांजा बहुत पकड़ा जा रहा है, पहले गोरखपुर में और अब लखनऊ में भी पकड़ा जा रहा है।
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने 2027 के चुनाव में केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि ऐसा हुआ तो पूरी समाजवादी पार्टी चंबल चली जाएगी, जो भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज किए जाने की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। उन्होंने इसे एक खतरनाक परंपरा बताया, जहाँ एक मुख्यमंत्री के हटने के बाद अगला मुख्यमंत्री आते ही पूर्ववर्ती पर प्राथमिकी दर्ज कर देगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जहाँ भाजपा सरकार बनने के बाद अपने मुख्यमंत्री के खिलाफ गंभीर धाराओं के मुकदमे वापस ले लेती है, वहीं एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। अखिलेश यादव ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया और कहा कि इससे ज्यादा खतरनाक काम लोकतंत्र में क्या हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा उत्तर प्रदेश का चुनाव जीत गई तो यह देश का आखिरी चुनाव होगा। महंगाई के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि डॉलर जितना ऊपर जाएगा और रुपया जितना नीचे जाएगा, उतनी ही चाय महंगी होती जाएगी। उन्होंने स्मार्ट सिटी बनाने वालों द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटरों की भी आलोचना की और उन गरीबों व किसानों को बधाई दी जिन्होंने इन मीटरों को उखाड़ फेंका। सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार बढ़ने का भी आरोप लगाया, यह कहते हुए कि उनके मंत्री लोग बेईमानी कर रहे हैं। उन्होंने एक मंत्री का विभाग हटाए जाने का जिक्र करते हुए भविष्यवाणी की कि भाजपा के कई विधायकों के टिकट कट जाएंगे और उनका मंत्री पद तो अभी 'हाफ' हुआ है, आने वाले समय में उनकी टिकट 'साफ' हो जाएगी। अखिलेश यादव ने विपक्ष की एकता पर भी बात की और कहा कि वह इंडिया गठबंधन और कांग्रेस पर बहस नहीं करना चाहते, बल्कि सच्चाई यह है कि यदि विपक्ष और इंडिया गठबंधन एकजुट रहे तो भाजपा को हराया जा सकता है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि अगर कांग्रेस 403 सीटों पर तैयारी कर रही है और सपा भी 403 पर तैयारी कर रही है तो इसका मतलब है कि 806 विधानसभाओं की तैयारी हो रही है, यानी इंडिया गठबंधन भाजपा को हराने के लिए 'डबल तैयारी' कर रहा है। उन्होंने राजनीति में गिरती भाषा की मर्यादा पर भी चिंता जताई और कहा कि भाजपा के कई लोग किसी भी नेता का सम्मान नहीं करते और 'अनपार्लियामेंट्री लैंग्वेज' का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। विदेश नीति को लेकर भी अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की विदेश नीति जिम्मेदार है जिसके कारण युद्ध नहीं रुका और हमारे लोग मारे गए जो नेवी के जहाज लेकर आ रहे थे। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर ईरान में हवाई जहाज उतार दिए जाते, जैसे पाकिस्तान में उतरे थे, तो यह युद्ध नहीं होता। अंत में, उन्होंने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि उत्तर प्रदेश में गांजा बहुत पकड़ा जा रहा है, पहले गोरखपुर में और अब लखनऊ में भी पकड़ा जा रहा है।
- मैनपुरी शहर की काशीराम कॉलोनी, आजाद नगर के निवासी लंबे समय से गंदगी, जलभराव और पेयजल संकट जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन समस्याओं का समाधान न होने से आक्रोशित होकर लोगों ने प्रदर्शन किया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। कॉलोनी में नलों से गंदा पानी आने के कारण पीने के पानी की भारी किल्लत है। वहीं, सेप्टिक टैंकों की समय पर सफाई न होने से पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैली हुई है, जिससे स्थानीय नागरिकों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को हो रही है, क्योंकि पीने के पानी के लिए केवल एक ही नल ठीक से काम कर रहा है। इस नल पर सुबह से शाम तक पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगी रहती हैं, और इस कारण अक्सर विवाद भी होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन उनकी शिकायतों पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन की लगातार उपेक्षा के चलते कॉलोनीवासियों ने यह प्रदर्शन करने पर मजबूर हुए। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने, नालियों की सफाई कराने तथा जलभराव और सेप्टिक टैंक की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।1
- पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी चर्चाओं के बीच, तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा ने अपनी पार्टी के भीतर कथित असंतोष और बागी रुख को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विशेष रूप से सायनी घोष के कथित रुख पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे घटनाक्रम राजनीति में भरोसे को कमजोर करते हैं। मोइत्रा ने सीधा सवाल उठाया, "जब सायनी जैसे लोग पूरी तरह पलट जाते हैं, तो फिर राजनीति में किस पर भरोसा किया जाए? यह बेहद दुखद और परेशान करने वाला है।" मोइत्रा ने कथित बागी नेताओं की मंशा पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने वर्षों तक नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों का जमकर विरोध किया, उनके रुख में अचानक आया बदलाव कई अनसुलझे प्रश्न छोड़ जाता है। इसके साथ ही महुआ मोइत्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी से जुड़े कई नेताओं को जनता के बीच अपनी पहचान बनाने में इसलिए सफलता मिली, क्योंकि उन्हें ममता बनर्जी और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस का प्रबल समर्थन प्राप्त था। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि राजनीतिक निष्ठा और सिद्धांतों को हमेशा व्यक्तिगत हितों से ऊपर रखा जाना चाहिए। इस तीखे बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चाएं और भी तेज हो गई हैं, और पार्टी के भीतर चल रही हलचल पर सबकी नजर बनी हुई है।1
- मैनपुरी जिले के बेवर कस्बे के मोहल्ला काजीटोला में बुधवार रात हुई एक मारपीट की घटना में 33 वर्षीय सचिन पुत्र विजयपाल को गोली मार दी गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक, काजीटोला निवासी सचिन बुधवार रात मोहल्ले की 18 फुट खड़ंजे वाली गली में मौजूद थे, तभी कुछ लोग वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर, आरोपियों ने फायरिंग कर दी जिसमें सचिन के सीने के पास गोली लगी। बताया जा रहा है कि गोली शरीर को पार करते हुए निकल गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़े। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और घायल सचिन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवर ले जाया गया। वहाँ चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।1
- मैनपुरी जिले के करहल स्थित नागला धारा गाँव में गली की स्थिति बेहद खराब है, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश का मौसम होने के कारण यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। लोगों का कहना है कि ऊपर से पड़ोसी समर चलाकर पूरी गली में पानी भर देते हैं, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं। गाँववालों ने संबंधित अधिकारियों से इस बदहाल गली का काम जल्द से जल्द कराए जाने की जोरदार मांग की है।1
- एटा में आज भगवान जी के भंडारे का प्रसाद वितरण चल रहा है। इस शुभ अवसर पर भक्त 'राधे राधे' का उच्चारण करते हुए प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं, और सभी से इस पवित्र आयोजन को देखने का आग्रह किया गया है।1
- मैनपुरी के बेवर थाना क्षेत्र के मोहल्ला धनकारी में 28 वर्षीय सलमा नामक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। सलमा का शव शनिवार रात उसके ससुराल के ऊपरी कमरे में फंदे से लटका मिला। रविवार सुबह मायके पक्ष को जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और भारी हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, सलमा की शादी लगभग 10 वर्ष पहले यूसुफ के साथ हुई थी और उनके तीन बच्चे भी हैं। बताया जा रहा है कि यूसुफ जयपुर में नौकरी करता है। मृतका के मायके पक्ष और स्थानीय लोगों के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि यूसुफ के किसी अन्य महिला से संबंध थे, जिसका सलमा लगातार विरोध करती थी। इसी विवाद के चलते सलमा कुछ समय से अपने मायके में रह रही थी। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार को ही कोर्ट के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हुआ था। इस समझौते के बाद ससुराल पक्ष सलमा को विदा कराकर अपने घर ले आया था, लेकिन ससुराल लौटने के ठीक अगले ही दिन उसकी संदिग्ध मौत हो गई। मृतका की मां ने दामाद यूसुफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि बेटी के साथ मारपीट की गई और बाद में उसे फंदे पर लटका कर हत्या कर दी गई। मां ने आरोप लगाया है कि पति के कथित अवैध संबंधों को लेकर अक्सर विवाद होता था और इसी रंजिश के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस के पहुंचने पर ससुराल पक्ष से केवल मृतका की सास मौजूद मिलीं, जबकि पति समेत अन्य परिजन घर से गायब बताए गए।1
- एटा जिले में अखिलेश यादव ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। यह बयान जिले और राज्य की खबरों में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे एटा न्यूज़ और एटा ब्रेकिंग के रूप में प्रसारित किया गया है।1
- एटा जिले के अचलपुर अतरंजिखेरा थाने से संबंधित एक तत्काल जानकारी सामने आई है।1
- कानपुर से गोरखपुर होते हुए मुंबई जाने वाली एक ट्रेन में महिलाओं के बीच एक बहुत भयंकर लड़ाई हुई। इस घटना से संबंधित अधिक विवरण उपलब्ध नहीं हैं।1