कुशीनगर में बड़ी गंडक नदी के दाएं तट पर स्थित त्रिवेणी तटबंध के किलोमीटर 12.700 पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा बनाए जा रहे वीरभार स्पर (ठोकर) का नोजल पहली ही बारिश में धंस गया है। इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और ग्राम प्रधान ने निर्माण में अनियमितता और घटिया सामग्री के प्रयोग का आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मॉनसून की शुरुआत में हुई पहली बारिश में ही स्पर के नोजल का अगला हिस्सा धंस गया, जबकि नदी का जलस्तर अभी सामान्य है और पानी का प्रवाह एक लाख क्यूसेक से भी कम है। इसके बावजूद निर्माणाधीन ढांचे का क्षतिग्रस्त होना गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्राम प्रधान समेत स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू होने के समय से ही मानकों की अनदेखी की जा रही थी और कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बाढ़ के समय नदी का जलस्तर बढ़ा, तो तटबंध और आसपास के गांवों के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। सिंचाई विभाग के सूचना बोर्ड के अनुसार, वीरभार स्पर के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम भाग में बोल्डर क्रेट तथा नोजल निर्माण सहित विभिन्न कार्य लगभग 789.44 लाख रुपये की लागत से कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा है कि करोड़ों रुपये की इस परियोजना का हिस्सा पहली ही बारिश में धंस जाना एक गंभीर जांच का विषय है। उन्होंने शासन और जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करने, गुणवत्ता की समीक्षा करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने बाढ़ से पहले क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है।
कुशीनगर में बड़ी गंडक नदी के दाएं तट पर स्थित त्रिवेणी तटबंध के किलोमीटर 12.700 पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा बनाए जा रहे वीरभार स्पर (ठोकर) का नोजल पहली ही बारिश में धंस गया है। इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और ग्राम प्रधान ने निर्माण में अनियमितता और घटिया सामग्री के प्रयोग का आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मॉनसून की शुरुआत में हुई पहली बारिश में ही स्पर के नोजल का अगला हिस्सा धंस गया, जबकि नदी का जलस्तर अभी सामान्य है और पानी का प्रवाह एक लाख क्यूसेक से भी कम है। इसके बावजूद निर्माणाधीन ढांचे का क्षतिग्रस्त होना गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्राम प्रधान समेत स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू होने के समय से ही मानकों की अनदेखी की
जा रही थी और कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बाढ़ के समय नदी का जलस्तर बढ़ा, तो तटबंध और आसपास के गांवों के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। सिंचाई विभाग के सूचना बोर्ड के अनुसार, वीरभार स्पर के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम भाग में बोल्डर क्रेट तथा नोजल निर्माण सहित विभिन्न कार्य लगभग 789.44 लाख रुपये की लागत से कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा है कि करोड़ों रुपये की इस परियोजना का हिस्सा पहली ही बारिश में धंस जाना एक गंभीर जांच का विषय है। उन्होंने शासन और जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करने, गुणवत्ता की समीक्षा करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने बाढ़ से पहले क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है।
- कुशीनगर में एक सिंगल रोड पर हुए एक हादसे में एक कार ने गलत लेन में घुसकर बाइक सवार तीन लोगों को रौंद दिया।1
- कुशीनगर में बड़ी गंडक नदी के दाएं तट पर स्थित त्रिवेणी तटबंध के किलोमीटर 12.700 पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा बनाए जा रहे वीरभार स्पर (ठोकर) का नोजल पहली ही बारिश में धंस गया है। इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और ग्राम प्रधान ने निर्माण में अनियमितता और घटिया सामग्री के प्रयोग का आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मॉनसून की शुरुआत में हुई पहली बारिश में ही स्पर के नोजल का अगला हिस्सा धंस गया, जबकि नदी का जलस्तर अभी सामान्य है और पानी का प्रवाह एक लाख क्यूसेक से भी कम है। इसके बावजूद निर्माणाधीन ढांचे का क्षतिग्रस्त होना गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्राम प्रधान समेत स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू होने के समय से ही मानकों की अनदेखी की जा रही थी और कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बाढ़ के समय नदी का जलस्तर बढ़ा, तो तटबंध और आसपास के गांवों के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। सिंचाई विभाग के सूचना बोर्ड के अनुसार, वीरभार स्पर के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम भाग में बोल्डर क्रेट तथा नोजल निर्माण सहित विभिन्न कार्य लगभग 789.44 लाख रुपये की लागत से कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा है कि करोड़ों रुपये की इस परियोजना का हिस्सा पहली ही बारिश में धंस जाना एक गंभीर जांच का विषय है। उन्होंने शासन और जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करने, गुणवत्ता की समीक्षा करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने बाढ़ से पहले क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है।2
- कुशीनगर जिले के कोप जंगल में स्थित वृहद गौ संरक्षण केंद्र का जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) आलोक प्रियदर्शी ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान केंद्र में कई खामियां पाई गईं, जिसमें सबसे प्रमुख गौशाला में लगा बायोगैस प्लांट का बंद मिलना था। यह बात सामने आई कि एक माह पहले जिलाधिकारी (डीएम) के निरीक्षण में भी यह बायोगैस प्लांट बंद मिला था, और तब एक सप्ताह के भीतर सुधार के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। डीपीआरओ के इस निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने स्वयं पुष्टि की है कि वृहद गौ संरक्षण केंद्र के निरीक्षण में कई खामियां पाई गई हैं।2
- वीडियो बनाना एक कला है। जब कोई व्यक्ति वीडियो बनाता है, तो उसके गांव के लोग इस पर टिप्पणी करते हुए कहते हैं कि वह वीडियो बना रहा है और एक 'क्रेएटर' बन गया है।1
- उत्तर प्रदेश में ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और उचित दर विक्रेताओं ने कुशीनगर के जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश सरकार को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के ज़रिए राशन विक्रेताओं ने अपने लाभांश (कमीशन) में वृद्धि करने और न्यूनतम आय की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की है। विक्रेताओं का कहना है कि उत्तर प्रदेश में प्रति क्विंटल मिलने वाला लाभांश अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है, जिससे राशन दुकानों का संचालन मुश्किल हो गया है। बढ़ती महंगाई, दुकान चलाने, परिवहन और अन्य खर्चों को देखते हुए, वर्तमान लाभांश से परिवार का भरण-पोषण करना और दुकान चलाना अब संभव नहीं है। एसोसिएशन ने ज़ोर दिया है कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएँ मिल सकें और दुकानों का सुचारु संचालन हो, इसके लिए लाभांश बढ़ाया जाए और मासिक न्यूनतम आय सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि सरकार ने उनकी इन मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशभर के उचित दर विक्रेता आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस ज्ञापन पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और विभिन्न जिलों के राशन विक्रेताओं के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं।4
- दुनिया की सबसे अमीर सांसद के तौर पर पहचानी जाने वाली ईराक की एक महिला सांसद से जुड़ा एक चौंकाने वाला रहस्य सामने आया है। बताया गया है कि यह महिला सांसद सोने की अंडरवियर पहनती हैं। यह बड़ा खुलासा तब हुआ जब एंटी करप्शन की टीम ने छापा मारा। इस छापेमारी के दौरान ही यह इतना बड़ा रहस्य उजागर हुआ, जिसे सुनकर लोग दांतों तले उंगली दबा लेंगे।1
- जनपद कुशीनगर के सेवरही ब्लॉक स्थित दयाल चैनपट्टी घाट पर पीपा पुल निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में, पूर्व विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय कुमार लल्लू ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को 3 जुलाई 2026 को एक पत्र भेजकर जनहित में शीघ्र पीपा पुल निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने जिला अधिकारी को भी इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा है। अजय कुमार लल्लू ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र के चैनपट्टी घाट पर पीपा पुल का निर्माण ग्रामीणों और किसानों के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस घाट से प्रतिदिन सैकड़ों परिवारों के लोग और लगभग 100 गांवों के किसान नदी पार कर आवागमन करते हैं। किसानों की करीब 50 हजार एकड़ कृषि भूमि नदी के दूसरी ओर स्थित है, जहां खेती करने के लिए उन्हें प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पिछले दो दशकों में नदी पार करते समय कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, और स्थानीय प्रशासन व अधिकारियों द्वारा समय-समय पर किए गए स्थल निरीक्षण से समस्या की गंभीरता स्पष्ट होती है। पूर्व विधायक ने जोर देकर कहा कि चैनपट्टी घाट पर पीपा पुल बनने से हजारों किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही, इससे कृषि कार्यों में तेजी आएगी, समय और आर्थिक संसाधनों की बचत होगी, और क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को एक नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने प्रमुख सचिव से जनहित और किसानों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए चैनपट्टी घाट पर पीपा पुल निर्माण की स्वीकृति तत्काल प्रदान करने का आग्रह किया है।4
- पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता नुरुल इस्लाम का अंडों से हिसाब कर दिया गया है। बताया गया है कि यह कार्रवाई 15 साल के कथित कुशासन, भ्रष्टाचार और जनता के उत्पीड़न का परिणाम है। आरोप है कि इन्हीं वजहों से अब जनता चुन-चुन कर नेताओं से हिसाब ले रही है।1