2 का बस स्टैंड बना सवालों का अड्डा, निर्माण में लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल 6 -7 फिट के कालम पर बनेगा शॉपिंग कंपलेक्स 2 का बस स्टैंड बना सवालों का अड्डा, निर्माण में लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल 6 -7 फिट के कालम पर बनेगा शॉपिंग कंपलेक्स नगर परिषद साईंखेड़ा में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बस स्टैंड, यात्री प्रतीक्षालय और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण अब विवादों के घेरे में आ गया है। जिस परियोजना को नगर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए शुरू किया गया था, वही अब अव्यवस्था और कथित गुणवत्ताहीन निर्माण का उदाहरण बनती जा रही है। क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह द्वारा 9 मार्च 2024 को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन किया गया था, जिसे तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाना था। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि निर्माण कार्य न केवल धीमी गति से चल रहा है, बल्कि इसकी गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के निर्माण में कॉलम की गहराई एक समान नहीं रखी गई है—कहीं 6 फीट, कहीं 7, 8 और कहीं 10 फीट तक खुदाई की गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की अनियमितता भवन की मजबूती को सीधे प्रभावित करती है और भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि निर्माण स्थल पर अनिवार्य सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, जबकि नियमों के अनुसार कार्य का नाम, लागत, ठेकेदार, समय-सीमा और तकनीकी अधिकारियों की जानकारी सार्वजनिक करना जरूरी होता है। सूचना के अभाव में पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इतना ही नहीं, स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि परियोजना के मूल नक्शे के अनुरूप दुकानों का निर्माण नहीं किया जा रहा है, जिससे पूरी योजना की उपयोगिता पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों से इस संबंध में पूछे जाने पर स्पष्ट जवाब नहीं मिला, जिससे पूरे मामले में संदेह और गहराता जा रहा है। जनता का सवाल सीधा है— जब 2 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं, तो क्या निर्माण की गुणवत्ता और मानकों से समझौता किया जा रहा है? अगर नींव ही कमजोर होगी, तो यह बस स्टैंड और कॉम्प्लेक्स कितने दिन सुरक्षित रह पाएगा? स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और कार्य को मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है, या फिर यह परियोजना भी सवालों के साए में ही पूरी होगी।
2 का बस स्टैंड बना सवालों का अड्डा, निर्माण में लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल 6 -7 फिट के कालम पर बनेगा शॉपिंग कंपलेक्स 2 का बस स्टैंड बना सवालों का अड्डा, निर्माण में लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल 6 -7 फिट के कालम पर बनेगा शॉपिंग कंपलेक्स नगर परिषद साईंखेड़ा में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बस स्टैंड, यात्री प्रतीक्षालय और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण अब विवादों के घेरे में आ गया है। जिस परियोजना को नगर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए शुरू किया गया था, वही अब अव्यवस्था और कथित गुणवत्ताहीन निर्माण का उदाहरण बनती जा रही है। क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह द्वारा 9 मार्च 2024 को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन किया गया था, जिसे तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाना था। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि निर्माण कार्य न केवल धीमी
गति से चल रहा है, बल्कि इसकी गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के निर्माण में कॉलम की गहराई एक समान नहीं रखी गई है—कहीं 6 फीट, कहीं 7, 8 और कहीं 10 फीट तक खुदाई की गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की अनियमितता भवन की मजबूती को सीधे प्रभावित करती है और भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि निर्माण स्थल पर अनिवार्य सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, जबकि नियमों के अनुसार कार्य का नाम, लागत, ठेकेदार, समय-सीमा और तकनीकी अधिकारियों की जानकारी सार्वजनिक करना जरूरी होता है। सूचना के अभाव में पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इतना ही नहीं, स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि परियोजना के मूल नक्शे के अनुरूप दुकानों का
निर्माण नहीं किया जा रहा है, जिससे पूरी योजना की उपयोगिता पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों से इस संबंध में पूछे जाने पर स्पष्ट जवाब नहीं मिला, जिससे पूरे मामले में संदेह और गहराता जा रहा है। जनता का सवाल सीधा है— जब 2 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं, तो क्या निर्माण की गुणवत्ता और मानकों से समझौता किया जा रहा है? अगर नींव ही कमजोर होगी, तो यह बस स्टैंड और कॉम्प्लेक्स कितने दिन सुरक्षित रह पाएगा? स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और कार्य को मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है, या फिर यह परियोजना भी सवालों के साए में ही पूरी होगी।
- नारसिंहपुर: "डबल इंजन सरकार" में बदहाल किसान, कांग्रेस ने उग्र आंदोलन की दी चेतावनी नारसिंहपुर। प्रदेश में किसानों की निरंतर अनदेखी और उनकी ज्वलंत समस्याओं के समाधान में देरी को लेकर गुरुवार को नारसिंहपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल के नाम डिप्टी कलेक्टर देवंती परते को ज्ञापन सौंपा। 1
- करेली थाना अंतर्गत सासबहू निवासी प्रमोद मेहरा ने एसपी ऑफिस पहुंचकर एसपी को एक लिखित आवेदन दिया है जिसमें उसने बताया है कि 15 दिन पहले उसकी पत्नी उसके बच्चे को लेकर घर से गायब हो गई है जिसकी शिकायत उसने करेली थाने में की है लेकिन आज दिनांक तक कोई सूचना नहीं मिली है और ना ही कोई कार्रवाई की गई है जिसको लेकर उसने एसपी को आवेदन दिया और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1
- गोटेगांव में राजयोगिनी दादी रतन मोहनी जी कि पुण्य स्मृति में प्रजापति ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में पत्रकारों का हुआ सम्मान समारोह2
- jiwan kesa hai dekho or samjho kiya hai jindagi me............1
- सीहोर। जिले में किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान चार घंटे तक इंतजार करने के बाद भी कलेक्टर के मौके पर नहीं7 पहुंचने से नाराज उमंग सिंघार (मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष) भड़क उठे। उन्होंने मौके पर मौजूद एडीएम को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाते हुए नाराजगी जताई। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि किसानों की समस्याओं को लेकर वे ज्ञापन देने पहुंचे थे, लेकिन लंबे इंतजार के बावजूद कलेक्टर नहीं आए। इससे आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने विरोध जताने के लिए एक कुत्ते को प्रतीकात्मक रूप से “कलेक्टर” बनाकर उसके माध्यम से ज्ञापन सौंप दिया। प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस पार्टी आगे और बड़ा आंदोलन करेगी। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की और किसानों को राहत देने की मांग उठाई।1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- करेली में दीन बंधु ग्रुप ने राहगीरों के लिए शुरू किया नि:शुल्क प्याऊ और सत्तू स्टाल करेली (नरसिंहपुर)। भीषण गर्मी के प्रकोप और बढ़ते तापमान को देखते हुए सामाजिक सरोकारों में अग्रणी 'दीन बंधु ग्रुप' की महिलाओं ने एक सराहनीय पहल की है। ग्रुप द्वारा नगर के मुख्य मार्ग (मेन रोड) पर राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए ठंडे जल, शरबत और सत्तू के स्टाल का भव्य शुभारंभ किया गया। स्टाल के शुभारंभ के अवसर पर ग्रुप की सदस्यों ने बताया कि वर्तमान में सूर्य की तपिश और लू के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से लंबी दूरी तय करने वाले राहगीरों और जरूरतमंदों को राहत देने के उद्देश्य से यह स्टाल लगाया गया है। यह सेवा निरंतर एक माह तक जारी रहेगी। ग्रुप ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि गर्मी की अधिकता इसी तरह बनी रही, तो इस सेवा की अवधि को आगे भी बढ़ाया जाएगा।,1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1