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गाडरवारा यातायात पुलिस और गाडरवारा थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आज सख्ती साफ नजर आई।
कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
गाडरवारा यातायात पुलिस और गाडरवारा थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आज सख्ती साफ नजर आई।
- Dilipb KaharMadhya Pradesh😂6 hrs ago
- Dilipb KaharMadhya Pradesh😡6 hrs ago
- Dilipb KaharMadhya Pradesh💣6 hrs ago
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- नरसिंहपुर: "डबल इंजन सरकार" में बदहाल किसान, कांग्रेस ने उग्र आंदोलन की दी चेतावनी नरसिंहपुर। प्रदेश में किसानों की निरंतर अनदेखी और उनकी ज्वलंत समस्याओं के समाधान में देरी को लेकर गुरुवार को नारसिंहपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल के नाम डिप्टी कलेक्टर देवंती परते को ज्ञापन सौंपा।1
- 2 का बस स्टैंड बना सवालों का अड्डा, निर्माण में लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल 6 -7 फिट के कालम पर बनेगा शॉपिंग कंपलेक्स नगर परिषद साईंखेड़ा में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बस स्टैंड, यात्री प्रतीक्षालय और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण अब विवादों के घेरे में आ गया है। जिस परियोजना को नगर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए शुरू किया गया था, वही अब अव्यवस्था और कथित गुणवत्ताहीन निर्माण का उदाहरण बनती जा रही है। क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह द्वारा 9 मार्च 2024 को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन किया गया था, जिसे तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाना था। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि निर्माण कार्य न केवल धीमी गति से चल रहा है, बल्कि इसकी गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के निर्माण में कॉलम की गहराई एक समान नहीं रखी गई है—कहीं 6 फीट, कहीं 7, 8 और कहीं 10 फीट तक खुदाई की गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की अनियमितता भवन की मजबूती को सीधे प्रभावित करती है और भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि निर्माण स्थल पर अनिवार्य सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, जबकि नियमों के अनुसार कार्य का नाम, लागत, ठेकेदार, समय-सीमा और तकनीकी अधिकारियों की जानकारी सार्वजनिक करना जरूरी होता है। सूचना के अभाव में पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इतना ही नहीं, स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि परियोजना के मूल नक्शे के अनुरूप दुकानों का निर्माण नहीं किया जा रहा है, जिससे पूरी योजना की उपयोगिता पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों से इस संबंध में पूछे जाने पर स्पष्ट जवाब नहीं मिला, जिससे पूरे मामले में संदेह और गहराता जा रहा है। जनता का सवाल सीधा है— जब 2 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं, तो क्या निर्माण की गुणवत्ता और मानकों से समझौता किया जा रहा है? अगर नींव ही कमजोर होगी, तो यह बस स्टैंड और कॉम्प्लेक्स कितने दिन सुरक्षित रह पाएगा? स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और कार्य को मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है, या फिर यह परियोजना भी सवालों के साए में ही पूरी होगी।3
- पोषण पखवाड़ा' अभियान के अंतर्गत नरसिंहपुर रेलवे अस्पताल में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रेलवें चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. आर. कुर्रे के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में रेलवे कर्मचारियों और उनके परिजनों को पोषण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। डॉ. कुर्रे ने अपने संबोधन में संतुलित आहार की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि दैनिक जीवन में मोटे अनाज (मिलेट्स), हरी सब्जियां और फलों का समावेश बीमारियों से बचाव के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण में व्यक्तिगत जिम्मेदारी और स्वच्छता की भूमिका को भी रेखांकित किया। इस दौरान उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ बेहतर खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ दिलाई गई।1
- https://youtube.com/shorts/iOht15DSUbY?si=Vi4ieRX8IVr2pnAc1
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