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पूर्वी चंपारण जिले के पकड़ीदयाल को अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई, जिसके बाद क्षेत्र को अतिक्रमण से पूरी तरह आज़ाद कर दिया गया।

13 hrs ago
user_Khabar Of Point
Khabar Of Point
प्रेस रिर्पोटर पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
13 hrs ago

पूर्वी चंपारण जिले के पकड़ीदयाल को अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई, जिसके बाद क्षेत्र को अतिक्रमण से पूरी तरह आज़ाद कर दिया गया।

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  • पूर्वी चंपारण जिले के पकड़ीदयाल को अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई, जिसके बाद क्षेत्र को अतिक्रमण से पूरी तरह आज़ाद कर दिया गया।
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    पूर्वी चंपारण जिले के पकड़ीदयाल को अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई, जिसके बाद क्षेत्र को अतिक्रमण से पूरी तरह आज़ाद कर दिया गया।
    user_Khabar Of Point
    Khabar Of Point
    प्रेस रिर्पोटर पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    13 hrs ago
  • पूर्वी चंपारण में मालाकार भरत भगत ने एक यीशु प्रचारक को लोगों के बीच एक संदेश पत्र बांटते हुए देखा और उनसे सीधी बहस की। प्रचारक जन-जन को प्रभु यीशु के वचन सुनाकर जगा रहे थे, और बड़ी अभिलाषा से यह संदेश पत्र मालाकार भरत भगत को भी आदर सहित दिया, जिसमें प्रभु का गुणगान था और भक्ति करने की गुहार लगाई गई थी। जब मालाकार भरत भगत ने उस संदेश पत्र को पढ़ा, तो उसमें गरुड़ पुराण धर्म कांड परेत खंड 38:13 का हवाला देते हुए लिखा था कि "परवरदिगार परमेश्वर ईश्वर ना लकड़ी में होते हैं, ना पत्थर में होते हैं, और ना ही मिट्टी की बनी मूर्ति में पाए जाते हैं।" इस पर मालाकार भरत भगत ने प्रचारक से पूछा कि उनका शरीर किस चीज़ से बना है, तो प्रचारक ने उत्तर दिया कि उनका पाँच तत्वों से बना शरीर मिट्टी का बना है। मालाकार भरत भगत ने इस बात पर जोर दिया कि सनातन धर्म के आध्यात्मिक ग्रंथ गरुड़ पुराण के 38:13 में संदेश पत्र में दर्शाई गई बातों से बिल्कुल अलग विवरण है। उनके अनुसार, गरुड़ पुराण के धर्म कांड या प्रेत कांड में मृत्यु के बाद की अवस्था, आत्मा की यात्रा और श्राद्ध कर्म का विस्तृत वर्णन है, और यह ग्रंथ भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच संवाद पर आधारित है। मालाकार भरत भगत ने प्रचारक से पूछा कि उनके संदेश पत्र में ऐसी "भ्रामक संदेश" क्यों लिखा है और वे लोगों को गुमराह करके क्या हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने प्रचारक से सोचने को कहा कि अगर लकड़ी में प्राण नहीं होते तो उसमें फूल कैसे खिलते हैं, और अगर मिट्टी की मूर्ति में ईश्वर का वास नहीं होता तो मनुष्यों के मुख से निकलने वाली आवाज़ कौन कहलाती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस वंश से प्रचारक आते हैं, उसी लकड़ी पर खिले फूलों को उन्होंने अपनी जीविका का साधन क्यों बनाया है। मालाकार भरत भगत ने बताया कि उनका अपना वंश, यानी मालाकार भरत भगत का वंश, बगिया में लगे पेड़ों के फूलों से अपनी आजीविका चलाता है, और इसलिए उन्होंने प्रचारक से ऐसे भ्रामक संदेश फैलाने के पीछे का असली मकसद स्पष्ट करने का आग्रह किया। जब प्रचारक कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सके, तो वहाँ उपस्थित लोगों ने अपने बुजुर्गों की बातों और सनातन धर्म के ग्रंथों का हवाला देते हुए कहा कि "हमारा सनातन धर्म का एक ही है पुकार, बिना हरि कृपा तृण नहीं डोले।" उन्होंने तर्क दिया कि मानव तन हो या किसी भी जीव-जंतु का तन, सभी पाँच तत्वों से बने मिट्टी के पुतले या मूर्ति के समान हैं और सभी में ईश्वर का वास है। उन्होंने प्रचारक महोदय से आग्रह किया कि वे जन-जन के बीच बांटे जाने वाले संदेश पत्र पर पुनर्विचार करें और उसमें सुधार करें, क्योंकि मनुष्य लिखे हुए को जीने का आधार और कानूनी आधार बना लेता है। मालाकार भरत भगत ने चेतावनी दी कि यदि यह संदेश विद्वानों के बीच मिथ्या सिद्ध हुआ, तो लोगों के मन में प्रचारक और प्रभु यीशु के प्रति घृणा, अविश्वास और धक्का उत्पन्न होगा। उन्होंने प्रचारक पर आरोप लगाया कि वे ईसाई कुल में उत्पन्न नहीं हुए हैं और उनके धर्म पर उनका अधिकार नहीं है, बल्कि अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए उनके शरण में गए हैं। उनके अनुसार, यह प्रचार प्रसार केवल जीवन जीने का साधन है, जिसका उपयोग ईसाई समुदाय अपनी संख्या बढ़ाने के लिए कर रहा है। मालाकार भरत भगत ने अंत में प्रचारक से अनुरोध किया कि वे मानव जीवन के रहस्य को समझें और मानवता के धर्म का पालन करें, क्योंकि जिस माता-पिता से जन्म मिलता है, वही उस मानव जीवन का धर्म बन जाता है।
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    पूर्वी चंपारण में मालाकार भरत भगत ने एक यीशु प्रचारक को लोगों के बीच एक संदेश पत्र बांटते हुए देखा और उनसे सीधी बहस की। प्रचारक जन-जन को प्रभु यीशु के वचन सुनाकर जगा रहे थे, और बड़ी अभिलाषा से यह संदेश पत्र मालाकार भरत भगत को भी आदर सहित दिया, जिसमें प्रभु का गुणगान था और भक्ति करने की गुहार लगाई गई थी।

जब मालाकार भरत भगत ने उस संदेश पत्र को पढ़ा, तो उसमें गरुड़ पुराण धर्म कांड परेत खंड 38:13 का हवाला देते हुए लिखा था कि "परवरदिगार परमेश्वर ईश्वर ना लकड़ी में होते हैं, ना पत्थर में होते हैं, और ना ही मिट्टी की बनी मूर्ति में पाए जाते हैं।" इस पर मालाकार भरत भगत ने प्रचारक से पूछा कि उनका शरीर किस चीज़ से बना है, तो प्रचारक ने उत्तर दिया कि उनका पाँच तत्वों से बना शरीर मिट्टी का बना है। मालाकार भरत भगत ने इस बात पर जोर दिया कि सनातन धर्म के आध्यात्मिक ग्रंथ गरुड़ पुराण के 38:13 में संदेश पत्र में दर्शाई गई बातों से बिल्कुल अलग विवरण है। उनके अनुसार, गरुड़ पुराण के धर्म कांड या प्रेत कांड में मृत्यु के बाद की अवस्था, आत्मा की यात्रा और श्राद्ध कर्म का विस्तृत वर्णन है, और यह ग्रंथ भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच संवाद पर आधारित है।

मालाकार भरत भगत ने प्रचारक से पूछा कि उनके संदेश पत्र में ऐसी "भ्रामक संदेश" क्यों लिखा है और वे लोगों को गुमराह करके क्या हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने प्रचारक से सोचने को कहा कि अगर लकड़ी में प्राण नहीं होते तो उसमें फूल कैसे खिलते हैं, और अगर मिट्टी की मूर्ति में ईश्वर का वास नहीं होता तो मनुष्यों के मुख से निकलने वाली आवाज़ कौन कहलाती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस वंश से प्रचारक आते हैं, उसी लकड़ी पर खिले फूलों को उन्होंने अपनी जीविका का साधन क्यों बनाया है। मालाकार भरत भगत ने बताया कि उनका अपना वंश, यानी मालाकार भरत भगत का वंश, बगिया में लगे पेड़ों के फूलों से अपनी आजीविका चलाता है, और इसलिए उन्होंने प्रचारक से ऐसे भ्रामक संदेश फैलाने के पीछे का असली मकसद स्पष्ट करने का आग्रह किया।

जब प्रचारक कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सके, तो वहाँ उपस्थित लोगों ने अपने बुजुर्गों की बातों और सनातन धर्म के ग्रंथों का हवाला देते हुए कहा कि "हमारा सनातन धर्म का एक ही है पुकार, बिना हरि कृपा तृण नहीं डोले।" उन्होंने तर्क दिया कि मानव तन हो या किसी भी जीव-जंतु का तन, सभी पाँच तत्वों से बने मिट्टी के पुतले या मूर्ति के समान हैं और सभी में ईश्वर का वास है। उन्होंने प्रचारक महोदय से आग्रह किया कि वे जन-जन के बीच बांटे जाने वाले संदेश पत्र पर पुनर्विचार करें और उसमें सुधार करें, क्योंकि मनुष्य लिखे हुए को जीने का आधार और कानूनी आधार बना लेता है। मालाकार भरत भगत ने चेतावनी दी कि यदि यह संदेश विद्वानों के बीच मिथ्या सिद्ध हुआ, तो लोगों के मन में प्रचारक और प्रभु यीशु के प्रति घृणा, अविश्वास और धक्का उत्पन्न होगा। उन्होंने प्रचारक पर आरोप लगाया कि वे ईसाई कुल में उत्पन्न नहीं हुए हैं और उनके धर्म पर उनका अधिकार नहीं है, बल्कि अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए उनके शरण में गए हैं। उनके अनुसार, यह प्रचार प्रसार केवल जीवन जीने का साधन है, जिसका उपयोग ईसाई समुदाय अपनी संख्या बढ़ाने के लिए कर रहा है। मालाकार भरत भगत ने अंत में प्रचारक से अनुरोध किया कि वे मानव जीवन के रहस्य को समझें और मानवता के धर्म का पालन करें, क्योंकि जिस माता-पिता से जन्म मिलता है, वही उस मानव जीवन का धर्म बन जाता है।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    23 hrs ago
  • यह पोस्ट भारत के जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालयों में जनता के साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर एक सीधा सवाल उठाती है। इस प्रश्न के उत्तर में 'डेमोक्रेसी!' शब्द का प्रयोग किया गया है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता से व्यवहार की वास्तविक स्थिति पर एक तीखा कटाक्ष है।
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    यह पोस्ट भारत के जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालयों में जनता के साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर एक सीधा सवाल उठाती है। इस प्रश्न के उत्तर में 'डेमोक्रेसी!' शब्द का प्रयोग किया गया है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता से व्यवहार की वास्तविक स्थिति पर एक तीखा कटाक्ष है।
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
  • पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मनिशा प्रा पंचायत के वार्ड नंबर 2 में गलत तरीकों से सीमेंट बनाए जाने की शिकायत सामने आई है। निवेदन किया गया है कि इस पर तत्काल कार्रवाई की जाए। शिकायत के अनुसार, गर्बा में रात 12 बजे से 2 बजे तक यह काम किया जाता है, जिससे गरीब लोगों का पैसा बर्बाद हो रहा है।
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    पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मनिशा प्रा पंचायत के वार्ड नंबर 2 में गलत तरीकों से सीमेंट बनाए जाने की शिकायत सामने आई है। निवेदन किया गया है कि इस पर तत्काल कार्रवाई की जाए। शिकायत के अनुसार, गर्बा में रात 12 बजे से 2 बजे तक यह काम किया जाता है, जिससे गरीब लोगों का पैसा बर्बाद हो रहा है।
    user_Anjan Kumar
    Anjan Kumar
    चकिया (पिपरा), पूर्वी चंपारण, बिहार•
    9 hrs ago
  • उदय कुमार नामक एक स्थानीय निवासी ने बिहार सरकार और ग्राम पंचायत से महदैया वार्ड नंबर 7 में मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनके अनुसार, इस क्षेत्र में सड़क पर लगातार पानी जमा रहता है, जिससे आवागमन में भारी कठिनाई होती है। इसके अतिरिक्त, गाँव के निवासियों को पीने का पानी भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कुमार ने विशेष रूप से यह आग्रह किया है कि महदैया वार्ड नंबर 7 में पड़ने वाली इस कच्ची सड़क को एक पक्की सड़क में बदला जाए। उन्होंने यह भी बताया कि इस गली में एक भी बिजली का पोल और स्ट्रीट लाइट नहीं है, जिसके कारण लोगों को अंधेरे और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बिहार सरकार और ग्राम पंचायत से इन समस्याओं का तत्काल समाधान करने और आवश्यक बुनियादी ढाँचा प्रदान करने की अपील की है।
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    उदय कुमार नामक एक स्थानीय निवासी ने बिहार सरकार और ग्राम पंचायत से महदैया वार्ड नंबर 7 में मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनके अनुसार, इस क्षेत्र में सड़क पर लगातार पानी जमा रहता है, जिससे आवागमन में भारी कठिनाई होती है। इसके अतिरिक्त, गाँव के निवासियों को पीने का पानी भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

कुमार ने विशेष रूप से यह आग्रह किया है कि महदैया वार्ड नंबर 7 में पड़ने वाली इस कच्ची सड़क को एक पक्की सड़क में बदला जाए। उन्होंने यह भी बताया कि इस गली में एक भी बिजली का पोल और स्ट्रीट लाइट नहीं है, जिसके कारण लोगों को अंधेरे और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बिहार सरकार और ग्राम पंचायत से इन समस्याओं का तत्काल समाधान करने और आवश्यक बुनियादी ढाँचा प्रदान करने की अपील की है।
    user_Uday Kumar
    Uday Kumar
    मीनापुर, मुजफ्फरपुर, बिहार•
    10 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, राम कृपाल यादव ने तेजस्वी यादव के शासनकाल पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि तेजस्वी यादव के 'राज्य' में अपराधी 'सम्राट' की तरह थे, जिसका अर्थ है कि उस दौरान अपराधियों का बोलबाला था। यह बयान बिहार से जुड़ी ताज़ा ख़बरों के संदर्भ में आया है।
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    ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, राम कृपाल यादव ने तेजस्वी यादव के शासनकाल पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि तेजस्वी यादव के 'राज्य' में अपराधी 'सम्राट' की तरह थे, जिसका अर्थ है कि उस दौरान अपराधियों का बोलबाला था। यह बयान बिहार से जुड़ी ताज़ा ख़बरों के संदर्भ में आया है।
    user_RAJA KUMAR
    RAJA KUMAR
    पत्रकार पूर्वी चंपारण, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    17 hrs ago
  • सुगौली नगर पंचायत की एक सामान्य बोर्ड बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगर क्षेत्र के विकास और सौंदर्यीकरण से संबंधित विषयों पर प्रमुखता से चर्चा हुई। हालांकि, बैठक के दौरान जनता के दैनिक जीवन की कई आवश्यक ज़रूरतों और समस्याओं पर कोई चर्चा नहीं हो पाई, जिससे इन महत्वपूर्ण बिंदुओं की अनदेखी सामने आई है।
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    सुगौली नगर पंचायत की एक सामान्य बोर्ड बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगर क्षेत्र के विकास और सौंदर्यीकरण से संबंधित विषयों पर प्रमुखता से चर्चा हुई। हालांकि, बैठक के दौरान जनता के दैनिक जीवन की कई आवश्यक ज़रूरतों और समस्याओं पर कोई चर्चा नहीं हो पाई, जिससे इन महत्वपूर्ण बिंदुओं की अनदेखी सामने आई है।
    user_Shambhu sharan
    Shambhu sharan
    सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    6 hrs ago
  • कुत्ते और बंदर के बीच एक अनोखी और अद्भुत दोस्ती देखने को मिली है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उनका यह प्यार भरा रिश्ता लोगों के लिए सौहार्द की एक मिसाल बन गया है, जो बेहद मनमोहक लग रहा है।
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    कुत्ते और बंदर के बीच एक अनोखी और अद्भुत दोस्ती देखने को मिली है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उनका यह प्यार भरा रिश्ता लोगों के लिए सौहार्द की एक मिसाल बन गया है, जो बेहद मनमोहक लग रहा है।
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    5 hrs ago
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