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रांची: यातायात जाम कम करने हेतु प्रमुख सड़कों का निरीक्षण, कई महत्वपूर्ण निर्देश
Sanjay kumar
रांची: यातायात जाम कम करने हेतु प्रमुख सड़कों का निरीक्षण, कई महत्वपूर्ण निर्देश
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- न्यूनतम दर के आधार पर दानिश इंटरप्राइजेज को मिला एक वर्ष का ठेका बिरसा जैविक उद्यान चकला ओरमांझी में मांसाहारी जानवरों के खान-पान सामग्री आपूर्ति को लेकर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई। जानकारी के अनुसार टेंडर में आफसीन इंटरप्राइजेज, आफताब इंटरप्राइजेज, मोकीन अंसारी और दानिश इंटरप्राइजेज सहित चार प्रतिभागियों ने आवेदन किया था। टेंडर प्रक्रिया के दौरान मोकीन अंसारी द्वारा निर्धारित राशि जमा नहीं करने के कारण उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद टेंडर समिति ने सभी प्रस्तावों की समीक्षा की, जिसमें न्यूनतम दर रहने के आधार पर दानिश इंटरप्राइजेज को एक वर्ष के लिए आपूर्ति का ठेका प्रदान किया गया। टेंडर समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है, ताकि उद्यान में मांसाहारी जानवरों के लिए समय पर गुणवत्तापूर्ण आहार उपलब्ध कराया जा सके।1
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- वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड सरकार द्वारा पृथ्वी दिवस 2026 के अवसर पर "हमारी शक्ति, हमारा ग्रह" थीम के तहत पलाश सभागार, वन भवन, डोरंडा में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जिसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और पर्यावरण विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF & HAFF) संजीव कुमार ने कहा कि पृथ्वी दिवस केवल औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि पूरे वर्ष पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत प्रयासों का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने कहा, हम सालभर पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करते हैं, लेकिन इस दिन हम एकजुट होकर रणनीति बनाते हैं और आगे की दिशा तय करते हैं।" उन्होंने जल, जैव विविधता और वृक्षों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ये तत्व मानव अस्तित्व के मूल आधार हैं। औद्योगिकीकरण के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस के भीतर नियंत्रित नहीं किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। श्री कुमार ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे ग्रंथों और जीवनशैली में प्रकृति संरक्षण का स्पष्ट संदेश निहित है। "अरण्यम सह पृथ्वी सो नमोस्तु" का उल्लेख करते हुए उन्होंने महुआ, कुसुम और आसन जैसे आजीविका से जुड़े पौधों के संरक्षण और जल संरक्षण पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम में झारखंड राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष विश्वनाथ शाह, पीसीसीएफ (बंजर भूमि) ए.टी. मिश्रा, पीसीसीएफ (वन्यप्राणी) रवि रंजन, डॉ. ज्योतिष करकेट्टा और डॉ. बबली सिंह सहित कई विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास पर अपने विचार साझा किए। बोर्ड के सचिव आदिल अजीम ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है, और छोटे प्रयासों से बड़ा परिवर्तन संभव है। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में अरुण महली, मधुबाला देवी, दिनेश तिग्गा, सुनील कच्छप, पप्पू कुमार और श्रीमती चंचला देवी शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पृथ्वी की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। इस मौके पर आईएफएस संदीप शिंदे, डॉ. आर. शेंगा पांडियन (आरसीसीएफ, बोकारो), डीएफओ हजारीबाग मोहन प्रकाश, डीएफओ रजनीश कुमार, तकनीकी पदाधिकारी हरिशंकर लाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।1