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गढ़वा में दुकानदार के आँखों के सामने से 20 लाख की चोरी नरेश बाबू शराब से दिनदहाड़े 20 लाख के सोने के गहनों की हुई चोरी

11 hrs ago
user_Shital vishwakarma
Shital vishwakarma
पत्रकार बिश्नुनपुर, गढवा•
11 hrs ago

गढ़वा में दुकानदार के आँखों के सामने से 20 लाख की चोरी नरेश बाबू शराब से दिनदहाड़े 20 लाख के सोने के गहनों की हुई चोरी

More news from गढवा and nearby areas
  • Post by Shital vishwakarma
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    Post by Shital vishwakarma
    user_Shital vishwakarma
    Shital vishwakarma
    पत्रकार बिश्नुनपुर, गढवा•
    13 hrs ago
  • गढ़वा शहर के ज्वेलरी दुकान में चोरी
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    गढ़वा शहर के ज्वेलरी दुकान में चोरी
    user_Anit tiwary
    Anit tiwary
    Local Politician गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    23 hrs ago
  • Post by दैनिक भास्कर डंडई
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    Post by दैनिक भास्कर डंडई
    user_दैनिक भास्कर डंडई
    दैनिक भास्कर डंडई
    Local News Reporter दंदई, गढ़वा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • डंडई में ‘नीलगाय संकट’ गहराया: रातों-रात उजड़ रहीं फसलें, किसान मुआवजे की राह तकते । डंडई प्रखंड के डंडई पंचायत सहित आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों नीलगायों का भारी आतंक देखा जा रहा है। नीलगायों के झुंड ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरते हुए बड़े पैमाने पर फसलों को बर्बाद कर दिया है, जिससे क्षेत्र के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पीड़ित किसानों में मुख्य रूप से बोलिया ग्राम के मंदिश भुईयां तथा डंडई पंचायत के रोज मोहम्मद अंसारी, सुल्तान अंसारी, रामकिशुन ठाकुर, कृष्ण ठाकुर, रामलाल ठाकुर एवं अमेरिका ठाकुर शामिल हैं। किसानों ने बताया कि रात के अंधेरे में नीलगायों का झुंड खेतों में घुसकर गेहूं, अरहर और मटर जैसी महत्वपूर्ण फसलों को चर जा रहा है या पैरों तले रौंदकर नष्ट कर दे रहा है। शनिवार दोपहर 3:00 बजे किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर और कड़ी मेहनत कर फसलें तैयार की थीं, लेकिन अब उनकी आंखों के सामने फसल बर्बाद हो रही है। प्रभावित किसानों ने विभागीय अधिकारियों और प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में नीलगायों के आतंक से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही नष्ट हुई फसलों का उचित आकलन कर मुआवजा दिया जाए तथा वन विभाग द्वारा घेराबंदी या अन्य सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित किए जाएं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया, तो उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है।
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    डंडई में ‘नीलगाय संकट’ गहराया: रातों-रात उजड़ रहीं फसलें, किसान मुआवजे की राह तकते ।
डंडई प्रखंड के डंडई पंचायत सहित आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों नीलगायों का भारी आतंक देखा जा रहा है। नीलगायों के झुंड ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरते हुए बड़े पैमाने पर फसलों को बर्बाद कर दिया है, जिससे क्षेत्र के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पीड़ित किसानों में मुख्य रूप से बोलिया ग्राम के मंदिश भुईयां तथा डंडई पंचायत के रोज मोहम्मद अंसारी, सुल्तान अंसारी, रामकिशुन ठाकुर, कृष्ण ठाकुर, रामलाल ठाकुर एवं अमेरिका ठाकुर शामिल हैं। किसानों ने बताया कि रात के अंधेरे में नीलगायों का झुंड खेतों में घुसकर गेहूं, अरहर और मटर जैसी महत्वपूर्ण फसलों को चर जा रहा है या पैरों तले रौंदकर नष्ट कर दे रहा है। शनिवार दोपहर 3:00 बजे
किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर और कड़ी मेहनत कर फसलें तैयार की थीं, लेकिन अब उनकी आंखों के सामने फसल बर्बाद हो रही है। प्रभावित किसानों ने विभागीय अधिकारियों और प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में नीलगायों के आतंक से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही नष्ट हुई फसलों का उचित आकलन कर मुआवजा दिया जाए तथा वन विभाग द्वारा घेराबंदी या अन्य सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया, तो उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • झारखंड गढ़वा जिला के सगमा ब्लॉक में 29 आदिवासी घर से बेघर हो गए 1 मंथ बाहर रहे भुईयां समाज इसी को देखते हुए आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष और केंद्रीय अध्यक्ष
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    झारखंड गढ़वा जिला के सगमा ब्लॉक में 29 आदिवासी घर से बेघर हो गए 1 मंथ बाहर रहे भुईयां समाज इसी को देखते हुए आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष और केंद्रीय अध्यक्ष
    user_Men of jharkhand
    Men of jharkhand
    पत्रकार Dhurki, Garhwa•
    14 hrs ago
  • पूनम सिंह के लिए मनोज सिंह उतरे मैदान में
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    पूनम सिंह के लिए मनोज सिंह उतरे मैदान में
    user_JHARKHAND BULLETIN
    JHARKHAND BULLETIN
    पत्रकार मेदिनीनगर (डाल्टनगंज), पलामू, झारखंड•
    20 hrs ago
  • बेतला राष्ट्रीय उद्यान (Betla National Park) झारखंड के लातेहार जिले में स्थित है, जिसे आधिकारिक तौर पर 1986 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में अधिसूचित किया गया था। हालाँकि, इसका क्षेत्र 1973-74 से ही पलामू टाइगर रिजर्व (Palamau Tiger Reserve) के रूप में बाघ परियोजना का हिस्सा था। यह राज्य का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है।  मुख्य तथ्य: स्थापना (राष्ट्रीय उद्यान): सितंबर 1986 टाइगर रिजर्व के रूप में शुरुआत: 1973-74 स्थान: छोटानागपुर पठार, लातेहार और पलामू जिला, झारखंड क्षेत्रफल: लगभग 226-232 वर्ग किलोमीटर  यह पार्क बाघों, हाथियों, और भारतीय बाइसन (गौर) के लिए प्रसिद्ध है।  बेतला नेशनल पार्क कहाँ हैं ? और इसकी स्थापना कब हुई थी ? - Quora 15 Nov 2023 — * Sunil Kumar Sharma. उपवन संरक्षक अब 2019को से नि (1978–मौजूदा) लेखक ने · 2वर्ष बेतला राष्ट्रीय उद्यान झारखंड राज्य के लातेहार जिले के छोटा नागपुर पठार में स्थ...  Quora संरक्षित क्षेत्र - बेतला | वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग Translated — बेतला राष्ट्रीय उद्यान बेतला राष्ट्रीय उद्यान झारखंड के लातेहार जिले में स्थित है। यह राज्य का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है। यह 226.33 वर्ग किलोमीटर क्ष झारखंड के राष्ट्रीय उद्यान, मानचित्र, वन्यजीव अभ्यारण्य, बाघ अभ्यारण्य Translated — बेतला राष्ट्रीय उद्यान झारखंड का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 1986 में अधिसूचित किया गया था और यह लातेहार और पलामू जिलों में 231.67 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र 16 Feb 2026 — Betla National Park, nestled in the Palamu Tiger Reserve, is one of India's oldest wildlife sanctuaries and a true paradise for nature enthusiasts. Spread over . पलामू किला (झारखंड) का निर्माण 17वीं शताब्दी (लगभग 1673 ईस्वी के आसपास) में चेरो राजवंश के प्रतापी राजा मेदिनी राय (Medini Rai) ने करवाया था। यह किला औरंगा नदी के किनारे, लातेहार जिले के बेतला के पास स्थित है। इस परिसर में दो किले हैं - एक पुराना किला (राजा प्रताप राय द्वारा पूर्व में) और नया किला (राजा मेदिनी राय द्वारा), जो चेरो शासन की शक्ति के प्रतीक हैं।
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    बेतला राष्ट्रीय उद्यान (Betla National Park) झारखंड के लातेहार जिले में स्थित है, जिसे आधिकारिक तौर पर 1986 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में अधिसूचित किया गया था। हालाँकि, इसका क्षेत्र 1973-74 से ही पलामू टाइगर रिजर्व (Palamau Tiger Reserve) के रूप में बाघ परियोजना का हिस्सा था। यह राज्य का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है। 
मुख्य तथ्य:
स्थापना (राष्ट्रीय उद्यान): सितंबर 1986
टाइगर रिजर्व के रूप में शुरुआत: 1973-74
स्थान: छोटानागपुर पठार, लातेहार और पलामू जिला, झारखंड
क्षेत्रफल: लगभग 226-232 वर्ग किलोमीटर 
यह पार्क बाघों, हाथियों, और भारतीय बाइसन (गौर) के लिए प्रसिद्ध है। 
बेतला नेशनल पार्क कहाँ हैं ? और इसकी स्थापना कब हुई थी ? - Quora
15 Nov 2023 — * Sunil Kumar Sharma. उपवन संरक्षक अब 2019को से नि (1978–मौजूदा) लेखक ने · 2वर्ष बेतला राष्ट्रीय उद्यान झारखंड राज्य के लातेहार जिले के छोटा नागपुर पठार में स्थ...

Quora
संरक्षित क्षेत्र - बेतला | वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
Translated — बेतला राष्ट्रीय उद्यान बेतला राष्ट्रीय उद्यान झारखंड के लातेहार जिले में स्थित है। यह राज्य का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है। यह 226.33 वर्ग किलोमीटर क्ष
झारखंड के राष्ट्रीय उद्यान, मानचित्र, वन्यजीव अभ्यारण्य, बाघ अभ्यारण्य
Translated — बेतला राष्ट्रीय उद्यान झारखंड का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 1986 में अधिसूचित किया गया था और यह लातेहार और पलामू जिलों में 231.67 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र
16 Feb 2026 — Betla National Park, nestled in the Palamu Tiger Reserve, is one of India's oldest wildlife sanctuaries and a true paradise for nature enthusiasts. Spread over .
पलामू किला (झारखंड) का निर्माण 17वीं शताब्दी (लगभग 1673 ईस्वी के आसपास) में चेरो राजवंश के प्रतापी राजा मेदिनी राय (Medini Rai) ने करवाया था। यह किला औरंगा नदी के किनारे, लातेहार जिले के बेतला के पास स्थित है। इस परिसर में दो किले हैं - एक पुराना किला (राजा प्रताप राय द्वारा पूर्व में) और नया किला (राजा मेदिनी राय द्वारा), जो चेरो शासन की शक्ति के प्रतीक हैं।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    6 hrs ago
  • दौलत सोनी के हौसले बुलंद नगर परिषद अध्यक्ष पद प्रत्याशी चार नंबर टॉर्च छाप
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    दौलत सोनी के हौसले बुलंद नगर परिषद अध्यक्ष पद प्रत्याशी चार नंबर टॉर्च छाप
    user_Shital vishwakarma
    Shital vishwakarma
    पत्रकार बिश्नुनपुर, गढवा•
    14 hrs ago
  • फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में तेजी: चिकित्सा पदाधिकारी ने गांव-गांव पहुंचकर किया निरीक्षण, लोगों को दवा सेवन के लिए किया जागरूक चिनिया से हेमंत कुमार की रिपोर्ट फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शनिवार को चिनियां प्रखंड के विभिन्न गांवों में सघन अभियान चलाया गया। इस दौरान चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पल्लवी कुमारी एवं स्वास्थ्यकर्मी लाल मोहम्मद अंसारी ने दोपहर 2:00 बजे गांव-गांव पहुंचकर सहींया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यों का निरीक्षण किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। टीम ने रनपुरा, चपकली, विलैयती खैर और चिनियां सहित कई गांवों का दौरा कर दवा वितरण की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कार्यों में और सुधार लाने पर जोर दिया गया तथा स्वास्थ्य कर्मियों को घर-घर जाकर लोगों को दवा खाने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया। अभियान के तहत ग्रामीणों को फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए दवा सेवन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। लोगों को समझाया गया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और समय पर सेवन करने से बीमारी से बचाव संभव है। शाम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिनिया में इवनिंग ब्रीफिंग का आयोजन किया गया, जिसमें दिनभर के कार्यों की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति तय की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया मुक्त गढ़वा बनाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। अभियान को लेकर ग्रामीणों में भी जागरूकता बढ़ती नजर आई और कई जगहों पर लोगों ने स्वेच्छा से दवा का सेवन किया। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
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    फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में तेजी: चिकित्सा पदाधिकारी ने गांव-गांव पहुंचकर किया निरीक्षण, लोगों को दवा सेवन के लिए किया जागरूक
चिनिया से हेमंत कुमार की रिपोर्ट 
फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शनिवार को चिनियां प्रखंड के विभिन्न गांवों में सघन अभियान चलाया गया। इस दौरान चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पल्लवी कुमारी एवं स्वास्थ्यकर्मी लाल मोहम्मद अंसारी ने दोपहर 2:00 बजे गांव-गांव पहुंचकर सहींया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यों का निरीक्षण किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
टीम ने रनपुरा, चपकली, विलैयती खैर और चिनियां सहित कई गांवों का दौरा कर दवा वितरण की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कार्यों में और सुधार लाने पर जोर दिया गया तथा स्वास्थ्य कर्मियों को घर-घर जाकर लोगों को दवा खाने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया।
अभियान के तहत ग्रामीणों को फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए दवा सेवन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। लोगों को समझाया गया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और समय पर सेवन करने से बीमारी से बचाव संभव है।
शाम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिनिया में इवनिंग ब्रीफिंग का आयोजन किया गया, जिसमें दिनभर के कार्यों की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति तय की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया मुक्त गढ़वा बनाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।
अभियान को लेकर ग्रामीणों में भी जागरूकता बढ़ती नजर आई और कई जगहों पर लोगों ने स्वेच्छा से दवा का सेवन किया। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    23 hrs ago
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