रायगढ़ पुलिस को तमनार में 8 जून को हुई 2 लाख रुपये की उठाईगिरी के एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, जहाँ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशानुसार तमनार पुलिस ने जशपुर में सात दिनों तक कैंप कर एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह घटना तमनार स्थित अपेक्स बैंक के बाहर हुई थी, जहाँ एक ग्रामीण की मोटरसाइकिल की डिक्की तोड़कर 2 लाख रुपये की चोरी की गई थी। पुलिस जांच में पता चला कि यह 'नट गिरोह' बैंक से निकली रकम पर नजर रखकर डिक्की तोड़ने की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस टीम ने अपेक्स बैंक और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया, जिसके बाद तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर ग्राम गाला निवासी विशाल उर्फ हरि नट पर संदेह गहराया। ग्राम गाला पहुंचकर, पुलिस ने सरपंच और स्थानीय गवाहों को सीसीटीवी फुटेज दिखाए, जिन्होंने संदिग्ध की पहचान विशाल उर्फ हरि नट के रूप में की। इसी दौरान, उसके साथी धर्मेन्द्र नट उर्फ धर्मेन्द्र मीणा के सक्रिय होने की भी जानकारी मिली। इसके बाद, धर्मेन्द्र मीणा उर्फ धर्मेन्द्र नट (उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम झक्कड़पुर, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर) को जशपुर जिले के पत्थलगांव क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। थाना तमनार में इस संबंध में अपराध क्रमांक-135/2026 धारा 303(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल, चोरी की रकम से खरीदी गई एक नई टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल और डिक्की तोड़ने में इस्तेमाल किया गया लोहे का औजार बरामद किया गया है। जब्त की गई कुल संपत्ति का मूल्य लगभग 2 लाख रुपये है। इस बड़ी सफलता पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा है कि उठाईगिरी और संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त आदतन अपराधियों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की पेशेवर और लगातार कार्रवाई जारी रहेगी, क्योंकि अब अपराध करके बच निकलना आसान नहीं है।
रायगढ़ पुलिस को तमनार में 8 जून को हुई 2 लाख रुपये की उठाईगिरी के एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, जहाँ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशानुसार तमनार पुलिस ने जशपुर में सात दिनों तक कैंप कर एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह घटना तमनार स्थित अपेक्स बैंक के बाहर हुई थी, जहाँ एक ग्रामीण की मोटरसाइकिल की डिक्की तोड़कर 2 लाख रुपये की चोरी की गई थी। पुलिस जांच में पता चला कि यह 'नट गिरोह' बैंक से निकली रकम पर नजर रखकर डिक्की तोड़ने की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस टीम ने अपेक्स बैंक और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया, जिसके बाद तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर ग्राम गाला निवासी विशाल उर्फ हरि नट पर संदेह गहराया। ग्राम गाला पहुंचकर, पुलिस ने सरपंच और स्थानीय गवाहों को सीसीटीवी फुटेज दिखाए, जिन्होंने संदिग्ध की पहचान विशाल उर्फ हरि नट के रूप में की। इसी दौरान, उसके साथी धर्मेन्द्र नट उर्फ धर्मेन्द्र मीणा के सक्रिय होने की भी जानकारी मिली। इसके बाद, धर्मेन्द्र मीणा उर्फ धर्मेन्द्र नट (उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम झक्कड़पुर, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर) को जशपुर जिले के पत्थलगांव क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। थाना तमनार में इस संबंध में अपराध क्रमांक-135/2026 धारा 303(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल, चोरी की रकम से खरीदी गई एक नई टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल और डिक्की तोड़ने में इस्तेमाल किया गया लोहे का औजार बरामद किया गया है। जब्त की गई कुल संपत्ति का मूल्य लगभग 2 लाख रुपये है। इस बड़ी सफलता पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा है कि उठाईगिरी और संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त आदतन अपराधियों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की पेशेवर और लगातार कार्रवाई जारी रहेगी, क्योंकि अब अपराध करके बच निकलना आसान नहीं है।
- बिलासपुर में तोरवा पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक युवती का दैहिक शोषण करने वाले आरोपी सूरज यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने 19 जून 2026 को तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि जून 2025 में उसकी पहचान अशोक नगर निवासी सूरज यादव (34 वर्ष) से हुई थी। बातचीत और मेल-मिलाप बढ़ने के दौरान आरोपी ने पीड़िता से शादी करने का वादा किया। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने लंबे समय तक युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में उसने विवाह करने से साफ इंकार कर दिया। पीड़िता की रिपोर्ट पर तोरवा थाने में अपराध क्रमांक 340/2026 के तहत धारा 69 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया और विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी तोरवा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश की और उसे 20 जून 2026 को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। बिलासपुर पुलिस ने इस संबंध में कहा है कि महिला संबंधी अपराधों के प्रति पुलिस संवेदनशील और प्रतिबद्ध है, तथा ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- रायपुर जिला की ग्राम पंचायत बुंडेरा के सरपंच पर अपने पद का दुरुपयोग और गुंडागर्दी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्राम पंचायत बुंडेरा निवासी तोरण कुमार साहू, पिता शत्रुघ्न साहू ने खरोरा थाना, तहसील खरोरा, जिला रायपुर, छत्तीसगढ़ में आरोप लगाया है कि सरपंच द्वारा गुंडागर्दी करते हुए उनके घर और एक ब्रिक्स कंपनी पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है, जिसके लिए उनसे 10 लाख रुपये की मांग की जा रही है। तोरण कुमार साहू के अनुसार, पैसा न दिए जाने पर 14.06.2026 को सरपंच ने अपने भाई, पत्नी और अन्य साथियों के साथ मिलकर उनके घर के चारों तरफ बनी सुरक्षा बाउंड्री को तोड़ दिया, जिससे उन्हें और उनके परिवार को मानसिक एवं आर्थिक क्षति पहुंची है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि सरपंच ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए, उनकी ही जमीन पर श्रम दिवस मनाने और 'प्रधानमंत्री जी के 12 वर्ष पूर्ण होने का दिवस' मनाने के लिए रोजगार गारंटी योजना के लगभग 200 लोगों को बुलाया। इस दौरान, सरपंच और उनके साथियों ने उन्हें तथा उनके परिवार वालों को गाली-गलौज करते हुए घेरा छोड़ दिया, जबकि उन्हें सरपंच या तहसील कार्यालय से कोई नोटिस नहीं दिया गया था। तोरण कुमार साहू का आरोप है कि सरपंच द्वारा उन्हें बार-बार गाली-गलौज और मानसिक-आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खुद सरपंच कई जगहों पर बेजा कब्जा किए हुए हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती, जबकि गरीब परिवारों का भी बहुत शोषण किया जा रहा है। इस मामले में तोरण कुमार साहू ने एसडीम कार्यालय पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन दिया है, जिसमें उन्होंने सरपंच के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का भी कहना है कि सरपंच द्वारा किए गए अवैध कब्जों की भी निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।4
- बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 52 लिंगियाडीह में अपनी वर्षों पुरानी बस्ती को बचाने की मांग को लेकर नागरिकों का आंदोलन लगातार 212 दिनों से जारी है। आंदोलनकारी नागरिकों का आरोप है कि उनकी बस्ती को हटाकर व्यावसायिक परियोजनाएं विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। क्षेत्रवासी अपने आवास, पुनर्वास और अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन को स्थानीय पार्षद दिलीप पाटिल का भी समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने बताया कि प्रशासन और शासन को कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। हालांकि, अब तक इस दिशा में कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक बस्तीवासियों के हितों की रक्षा के संबंध में कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।1
- शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोहका में 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस विशेष कार्यक्रम में गांव की महिलाएं, ग्रामीणजन, शिक्षकगण, पंचगण, छात्र-छात्राएं और पत्रकार धीरेंद्र कुमार जायसवाल सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। योग के विभिन्न आसनों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। शिक्षकों और वक्ताओं ने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डाला, साथ ही सभी को नियमित योगाभ्यास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी बताया कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की एक अनमोल धरोहर है, जो व्यक्ति को स्वस्थ, निरोग और तनावमुक्त जीवन जीने का मार्ग दिखाता है, तथा यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का माध्यम भी है। इस अवसर पर, महिलाओं, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।1
- बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पलारी विकासखंड अंतर्गत ग्राम भरुवाडीह में गुरुवार को एक अनोखा घटनाक्रम सामने आया, जब जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे की कार सड़क पर डीजल खत्म होने के कारण बंद हो गई। आरोप है कि पास के एसएस पेट्रोल पंप से महज 500 मीटर की दूरी पर खड़ी होने के बावजूद, चालक को डिब्बे में 4 लीटर डीजल देने से मना कर दिया गया। पेट्रोल पंप प्रबंधन की मदद न मिलने से नाराज होकर, ग्रामीणों ने बैलों की मदद से कार को रस्सी से बांधकर पेट्रोल पंप तक खींचा। बैलों से खिंचती कार को देखकर मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए और देखते ही देखते यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। चालक के बार-बार निवेदन करने के बावजूद पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने डिब्बे में डीजल देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे ने पेट्रोल पंप प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम ग्रामीणों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास सीमित विकल्प होते हैं और ऐसी स्थिति में पेट्रोल पंपों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उपसरपंच फागू सेन सहित कई ग्रामीणों ने भी पेट्रोल पंप के रवैये पर नाराजगी जताई और पहले भी ऐसी कठिनाइयों का सामना करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार के पेट्रोल पंप पहुंचने के बाद वहां लगभग एक घंटे तक विवाद, बहस, नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन चलता रहा। आखिरकार, वाहन में डीजल डाला गया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। रवि बंजारे ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत जिला कलेक्टर से करने की बात कही है और आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीणों के साथ आंदोलन करने की भी चेतावनी दी है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।2
- बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुआं पाली स्कूल के पास एक अज्ञात वाहन से गिरने के कारण एक शराबी युवक की मौत हो गई है। बिल्हा पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। यह घटना शनिवार दोपहर की है, जिसकी सूचना बिल्हा पुलिस को डायल 112 के माध्यम से प्राप्त हुई थी। बिल्हा पुलिस से रविवार सुबह 11:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर 1:30 बजे डायल 112 को एक कॉलर ने फोन पर सूचना दी कि ग्राम कुआं पाली स्कूल के नजदीक मरघट के पास सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा है। मौके पर पहुंची डायल 112 की टीम को लोगों की भीड़ मिली, जिसमें से कुछ लोगों ने बताया कि मृतक का नाम शिवकुमार मरावी, पिता जयपाल मरावी, उम्र 35 वर्ष है। वह ग्राम खम्हारडी थाना बिल्हा, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़ का रहने वाला था। शिवकुमार हमाली का काम करता था और शराबी किस्म का था, जो अक्सर घूम-घूम कर शराब पिया करता था। घटना के दिन वह बरतोरी की ओर से एक अज्ञात मोटरसाइकिल में एक अज्ञात व्यक्ति के साथ शराब पीकर आ रहा था। वह अत्यधिक शराब के नशे में था और खुद ही सड़क किनारे गिर गया, जिससे उसके सीने, नाक और मुंह में चोटें आईं। मोटरसाइकिल चला रहा अज्ञात व्यक्ति उसे वहीं पर छोड़कर भाग गया। शिवकुमार काफी समय तक घटना स्थल पर पड़ा रहा और वहां से गुजरने वाले लोग उसे शराब के नशे में पड़ा हुआ समझते रहे, लेकिन सही समय पर इलाज न मिलने के कारण उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद तत्काल मृतक को डायल 112 वाहन से बिल्हा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताली मेमो प्राप्त होने पर बिल्हा पुलिस ने मर्ग इंटीमेशन कायम कर जांच पंचनामा की कार्रवाई की। मृतक के परिजनों को सूचना देकर शनिवार शाम करीब 6:30 बजे मृतक के शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। बिल्हा पुलिस इस मामले की आगे की जांच में डटी हुई है। इस घटना से यह बात साफ है कि उमस भरी गर्मी के दिनों में अत्यधिक शराब का सेवन और शराब पीकर वाहन चलाना या वाहन के पीछे बैठना भी जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए वाहन चलाते वक्त हेलमेट का प्रयोग अवश्य करना चाहिए और शराब पीकर वाहन चलाने से बचना चाहिए, क्योंकि जीवन अमूल्य है।1
- रायगढ़ पुलिस ने तमनार-पूंजीपथरा मार्ग पर जली हुई अवस्था में मिली एक महिला की लाश के सनसनीखेज अंधे कत्ल का 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में मृतिका के प्रेमी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, 17 जून 2026 को तमनार चौक से पूंजीपथरा जाने वाले एक पगडंडी मार्ग पर अधेड़ महिला का जला हुआ शव बरामद हुआ था, जिस पर पूंजीपथरा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटनास्थल पर शव को घसीटने के निशान भी मिले थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर विशेष दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने मृतिका के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया तथा औद्योगिक क्षेत्रों में प्रसारित किए, जिससे उसकी पहचान जशपुर जिले के ग्राम बोरो निवासी मंगरिता एक्का (60 वर्ष) के रूप में हुई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लक्ष्मी कॉलोनी में रहने वाला इमिलीयूस तिग्गा (45 वर्ष) भी घटना के बाद से गायब था, जिसे बाद में पुलिस टीम ने जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से पूंजीपथरा क्षेत्र में मजदूरी कर रहा था और करीब तीन माह पहले उसकी पहचान मंगरिता एक्का से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए थे। दोनों पति-पत्नी की तरह किराए के मकान में साथ रह रहे थे, लेकिन मृतिका उसे दूसरी पत्नी रखने के शक में अक्सर विवाद करती थी। आरोपी के अनुसार, 17 जून को दोनों घर से निकले और रास्ते में महुआ पेड़ के नीचे बैठकर शराब पी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया, जिसके बाद आरोपी ने मंगरिता की साड़ी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव को झाड़ियों में छिपा दिया और बाद में पेट्रोल खरीदकर शव को क्रेशर डस्ट के ढेर के पास ले जाकर आग के हवाले कर दिया ताकि उसकी पहचान छिपायी जा सके। पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम पर घटना में प्रयुक्त पेट्रोल की बोतल, माचिस, घटनाकाल के कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए कहा कि रायगढ़ पुलिस गंभीर अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण, सोशल मीडिया और मानवीय सूचना तंत्र का प्रभावी उपयोग कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है, और ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।4
- खरवे गांव में इस समय खौफ पसरा हुआ है। शांति पूजा कराने वाले एक बैगा की जान जा चुकी है, और अब सबकी नजरें केवल फारेंसिक जांच पर टिकी हुई हैं।1
- गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम उषाढ़ में शनिवार को दिनदहाड़े दो अज्ञात बदमाश कथित पुलिसकर्मी बनकर एक व्यवसायी गिरीश यादव का पिस्तौल की नोक पर अपहरण कर फरार हो गए। यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे, किराना, छड़-सीमेंट तथा आटा चक्की का व्यवसाय करने वाले गिरीश यादव अपने घर के गलियारे में विश्राम कर रहे थे, जबकि उनका पुत्र पंकज यादव दुकान संभाल रहा था। इसी दौरान नीले रंग की कार में सवार दो व्यक्ति दुकान पर पहुंचे, जिन्होंने पहले सिगरेट और पानी खरीदा और गिरीश यादव के बारे में पूछताछ की। जैसे ही पंकज अपने पिता को बुलाने भीतर गया, दोनों आरोपी जबरन घर में घुस गए। परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने गिरीश यादव को स्टील रंग की पिस्तौल दिखाते हुए स्वयं को पुलिसकर्मी बताया और साथ चलने को कहा। विरोध करने पर उन्हें पैर में गोली मारने की धमकी दी गई, जिसके बाद बदमाश उन्हें जबरन अपनी कार में बैठाकर बरौर बस्ती की दिशा में ले गए। परिवार के सदस्यों के शोर मचाने के बावजूद आरोपी तेज रफ्तार से वाहन लेकर भाग निकले। पंकज यादव ने पुलिस को वाहन के नंबर का आंशिक हिस्सा "OD 8552" देखा होने की जानकारी दी है। इस घटना का पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है, जिसमें दो संदिग्ध व्यक्तियों को व्यापारी को जबरन वाहन तक ले जाते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। पुलिस अब इसी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है। व्यापारी की पत्नी के मुंहबोले भाई मनीष जायसवाल ने बरौर क्षेत्र में संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास भी किया था, लेकिन आरोपी वाहन लेकर मरवाही की ओर भाग निकले। व्यापारी की पत्नी दुर्गा यादव की शिकायत पर मरवाही थाने में मामला दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट होने के बाद कि ले जाने वाले व्यक्ति वास्तविक पुलिसकर्मी नहीं थे, पुलिस ने अपहरण, धमकी और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच तेज कर दी है। एडिशनल एसपी अविनाश मिश्रा ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 3(5), 333, 351(3) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है, जिसके लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। गौरतलब है कि लगभग 25 दिन पहले ही जिले में एक सर्राफा व्यापारी की हत्या की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। लगातार हो रही इन गंभीर वारदातों ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। अपराधियों द्वारा पुलिस का भेष धारण कर दिनदहाड़े अपहरण जैसी घटना को अंजाम दिए जाने से व्यापारियों और आम नागरिकों में गहरी चिंता व्याप्त है। अब पूरे जिले की निगाहें पुलिस कार्रवाई और अपहृत व्यापारी की सुरक्षित बरामदगी पर टिकी हुई हैं।1