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सिंगरौली से आए आदिवासी प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से की मुलाक़ात,और अपनी पीड़ा सुनाई ... एमपी के सिंगरौली जिले के आदिवासी इलाकों में वर्षों से चल रहे विस्थापन, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं के संकट की गूंज अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है, इसी संदर्भ में एक प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मिला,आंखों में आंसू और दर्द भरी ज़ुबान से उन्होंने उनके जंगल कटने का दुख सुनाया। प्रतिनिधिमंडल से मिलकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बताया कि यह केवल सिंगरौली की कहानी नहीं है, यह वही दर्द है, वही अन्याय है, जिसे देशभर के आदिवासी झेल रहे हैं, आदिवासी इस देश के अतिक्रमणकारी नहीं हैं, वे भारत के पहले मालिक हैं, उनकी जल, जंगल, ज़मीन पर उनका नैतिक और संवैधानिक अधिकार दोनों है, भारत अपने पहले निवासियों को कुचलकर आगे नहीं बढ़ सकता। साथ ही उन्होंने कहा कि आदिवासी भाई बहनों के साथ खड़ा हूं, उनकी ज़मीन, उनके जंगल, उनके बच्चों का भविष्य - किसी भी कीमत पर छीना नहीं जा सकता।

2 hrs ago
user_Breaking khabar24
Breaking khabar24
पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
2 hrs ago
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सिंगरौली से आए आदिवासी प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से की मुलाक़ात,और अपनी पीड़ा सुनाई ... एमपी के सिंगरौली जिले के आदिवासी इलाकों में वर्षों से चल रहे विस्थापन, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं के संकट की गूंज अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है, इसी संदर्भ में एक प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मिला,आंखों में आंसू और दर्द भरी ज़ुबान से उन्होंने उनके जंगल कटने का दुख सुनाया। प्रतिनिधिमंडल से मिलकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बताया कि

यह केवल सिंगरौली की कहानी नहीं है, यह वही दर्द है, वही अन्याय है, जिसे देशभर के आदिवासी झेल रहे हैं, आदिवासी इस देश के अतिक्रमणकारी नहीं हैं, वे भारत के पहले मालिक हैं, उनकी जल, जंगल, ज़मीन पर उनका नैतिक और संवैधानिक अधिकार दोनों है, भारत अपने पहले निवासियों को कुचलकर आगे नहीं बढ़ सकता। साथ ही उन्होंने कहा कि आदिवासी भाई बहनों के साथ खड़ा हूं, उनकी ज़मीन, उनके जंगल, उनके बच्चों का भविष्य - किसी भी कीमत पर छीना नहीं जा सकता।

More news from Bihar and nearby areas
  • बिहार की राजधानी पटना के आलमगंज थाना इलाके के बजरंगपुरी में मंगलवार की सुबह (10 फरवरी 2026) एक कमेटी के उत्सव हॉल में भयंकर आग लग गई है। फायर ब्रिगेड की दर्जनों गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग पर कंट्रोल करने की कोशिश कर रही हैं। आसपास के घरों को खाली कराया जा रहा है, तस्वीरों और वीडियो में देख सकते हैं आग इतनी भयंकर लगी हुई है कि आग पर कंट्रोल करने में फायर ब्रिगेड टीम को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
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    बिहार की राजधानी पटना के आलमगंज थाना इलाके के बजरंगपुरी में मंगलवार की सुबह (10 फरवरी 2026) एक कमेटी के उत्सव हॉल में भयंकर आग लग गई है। फायर ब्रिगेड की दर्जनों गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग पर कंट्रोल करने की कोशिश कर रही हैं। आसपास के घरों को खाली कराया जा रहा है, तस्वीरों और वीडियो में देख सकते हैं आग  इतनी भयंकर लगी हुई है कि आग पर कंट्रोल करने में फायर ब्रिगेड टीम को काफी परेशानियों  का सामना करना पड़ रहा है
    user_APNA CITY TAK NEWS
    APNA CITY TAK NEWS
    Patna Rural, Bihar•
    1 hr ago
  • बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि लगभग 40,000 के आसपास नियुक्ति होगी, बिहार में चौथे चरण के तहत शिक्षक बहाली होनी है. ऐसे में टीआरई-4 की बहाली को लेकर एक तरफ जहां बजट सत्र के दौरान सदन में मुद्दा उठ रहा है तो दूसरी ओर छात्र संगठन भी नोटिफिकेशन जारी करने के लिए लगातार आंदोलन कर रहे हैं. कल यानी शनिवार (07 फरवरी, 2026) को भी आंदोलन करने की घोषणा की गई है. इस बीच आज (शुक्रवार) शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बहाली को लेकर साफ कर दिया है कि बहुत जल्द बीपीएससी से नोटिफिकेशन निकलेगा. प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
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    बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि लगभग 40,000 के आसपास नियुक्ति होगी, बिहार में चौथे चरण के तहत शिक्षक बहाली होनी है. ऐसे में टीआरई-4 की बहाली को लेकर एक तरफ जहां बजट सत्र के दौरान सदन में मुद्दा उठ रहा है तो दूसरी ओर छात्र संगठन भी नोटिफिकेशन जारी करने के लिए लगातार आंदोलन कर रहे हैं. कल यानी शनिवार (07 फरवरी, 2026) को भी आंदोलन करने की घोषणा की गई है. इस बीच आज (शुक्रवार) शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बहाली को लेकर साफ कर दिया है कि बहुत जल्द बीपीएससी से नोटिफिकेशन निकलेगा. प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
    user_Live Global.18 News
    Live Global.18 News
    पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
    1 hr ago
  • एमपी के सिंगरौली जिले के आदिवासी इलाकों में वर्षों से चल रहे विस्थापन, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं के संकट की गूंज अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है, इसी संदर्भ में एक प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मिला,आंखों में आंसू और दर्द भरी ज़ुबान से उन्होंने उनके जंगल कटने का दुख सुनाया। प्रतिनिधिमंडल से मिलकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बताया कि यह केवल सिंगरौली की कहानी नहीं है, यह वही दर्द है, वही अन्याय है, जिसे देशभर के आदिवासी झेल रहे हैं, आदिवासी इस देश के अतिक्रमणकारी नहीं हैं, वे भारत के पहले मालिक हैं, उनकी जल, जंगल, ज़मीन पर उनका नैतिक और संवैधानिक अधिकार दोनों है, भारत अपने पहले निवासियों को कुचलकर आगे नहीं बढ़ सकता। साथ ही उन्होंने कहा कि आदिवासी भाई बहनों के साथ खड़ा हूं, उनकी ज़मीन, उनके जंगल, उनके बच्चों का भविष्य - किसी भी कीमत पर छीना नहीं जा सकता।
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    एमपी के सिंगरौली जिले के आदिवासी इलाकों में वर्षों से चल रहे विस्थापन, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं के संकट की गूंज अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है, इसी संदर्भ में एक प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मिला,आंखों में आंसू और दर्द भरी ज़ुबान से उन्होंने उनके जंगल कटने का दुख सुनाया।
प्रतिनिधिमंडल से मिलकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बताया कि यह केवल सिंगरौली की कहानी नहीं है, यह वही दर्द है, वही अन्याय है, जिसे देशभर के आदिवासी झेल रहे हैं, आदिवासी इस देश के अतिक्रमणकारी नहीं हैं,
वे भारत के पहले मालिक हैं,
उनकी जल, जंगल, ज़मीन पर उनका नैतिक और संवैधानिक अधिकार दोनों है, भारत अपने पहले निवासियों को कुचलकर आगे नहीं बढ़ सकता।
साथ ही उन्होंने कहा कि आदिवासी भाई बहनों के साथ खड़ा हूं,  उनकी ज़मीन, उनके जंगल, उनके बच्चों का भविष्य - किसी भी कीमत पर छीना नहीं जा सकता।
    user_Breaking khabar24
    Breaking khabar24
    पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
    2 hrs ago
  • शुक्रवार को बाढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बाइक सवार अपराधियों द्वारा एक व्यक्ति से 6 लाख रुपये की छिनतई किए जाने की सूचना प्राप्त हुई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज का अवलोकन कर जांच शुरू कर दी गई, अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-01 बाढ़, द्वारा स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
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    शुक्रवार को बाढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बाइक सवार अपराधियों द्वारा एक व्यक्ति से 6 लाख रुपये की छिनतई किए जाने की सूचना प्राप्त हुई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज का अवलोकन कर जांच शुरू कर दी गई, अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-01 बाढ़, द्वारा स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया गया।  पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
    user_Live Bihar News Network
    Live Bihar News Network
    Journalist Patna Rural, Bihar•
    4 hrs ago
  • रंगो के बौछार के साथ स्वागत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन
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    रंगो के बौछार के साथ स्वागत 
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन
    user_Bharat news point
    Bharat news point
    Librarian पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
    4 hrs ago
  • किसकी औकात जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का माइक बंद कर दे,भस्म हो जाएगा –अशोक चौधरी गरमा गए । #NitishKumar #AshokChaudhary #RabriDevi #vidhansabha #BiharPolitics #BiharSarkar
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    किसकी औकात जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का माइक बंद कर दे,भस्म हो जाएगा –अशोक चौधरी गरमा गए ।
#NitishKumar #AshokChaudhary #RabriDevi #vidhansabha #BiharPolitics #BiharSarkar
    user_News Darshan India
    News Darshan India
    पत्रकार Patna, Bihar•
    5 hrs ago
  • राजधानी पटना के संपतचक में RSS वैलनेस हॉस्पिटल जहां मिलता है उत्तम इलाज की व्यवस्था...
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    राजधानी पटना के संपतचक में RSS वैलनेस हॉस्पिटल जहां मिलता है उत्तम इलाज की व्यवस्था...
    user_बिहार खबर न्यूज़
    बिहार खबर न्यूज़
    Reporter पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
    6 hrs ago
  • *फाइलेरिया मुक्त बिहार बनाना हम सबका दायित्व – लोकेश कुमार सिंह, स्वास्थ्य सचिव बिहार* · राज्य के 34 जिलों के 396 प्रखंडों में 10 फरवरी से शुरू होगा मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान · 10 से 28 फरवरी के दौरान लगभग 8 करोड़ 93 लाख लाभार्थियों को फाइलेरिया से सुरक्षा हेतु दवाएं खिलाई जाएंगी · 11 फरवरी को पूरे राज्य के 34 जिलों मे होगा मेगा कैंप, 1 करोड़ लोगों को 1 दिन में दवा खिलाने का लक्ष्य पटना, 9 फरवरी 2026 : राज्य सरकार फाइलेरिया मुक्त बिहार के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु सामूहिक रणनीति के तहत कार्य कर रही है। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अंतर्विभागीय सहभागिता एवं सामुदायिक सहयोग के माध्यम से फाइलेरिया उन्मूलन के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्यस्तरीय अंतर-विभागीय समन्वय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए राज्य के स्वास्थ्य सचिव, लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि राज्य फाइलेरिया उन्मूलन के पथ पर तेजी से बढ़ रहा है और इसमे सभी विभागों का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है । स्वास्थ्य सचिव ने यह भी बताया कि एक अभिनव पहल के तहत, राज्य सरकार 11 फरवरी को 34 जिलों के 396 प्रखंडों में मेगा कैम्प का आयोजन कर रही है जिसका वर्चुअल उद्घाटन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पाण्डेय जी द्वारा किया जाएगा । किन्तु 10 फरवरी से 28 फरवरी तक प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की टीम घर-घर जाकर बचे हुए लोगों को अपने सामने दवा खिलाना सुनिश्चित करेगी । इस वर्ष विशेष निर्देश प्रदान किया गया है कि किसी भी परिस्थिति में दवाओ का वितरण नहीं किया जाएगा । इसी क्रम में आज चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार एवं ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज़ द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन, पीरामल स्वास्थ्य एवं सीफार के साथ समन्वय स्थापित करते हुए, पटना में मीडिया सहयोगियों के लिए एक राज्य स्तरीय मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए भारत सरकार के क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यालय के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रवि शंकर सिंह ने फाइलेरिया उन्मूलन के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार के समन्वित प्रयासों से ही इस बीमारी का पूर्ण उन्मूलन संभव है। अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (फाइलेरिया), बिहार डॉ. श्यामा राय के नेतृत्व में 10 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक राज्य के 34 जिलों के 396 प्रखंडों में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान प्रारंभ किया जाएगा । इस अभियान के अंतर्गत 38,215 ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर्स के माध्यम से लगभग 8 करोड़ 93 लाख लाभार्थियों को बूथों तथा घर-घर जाकर फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन अपने समक्ष किया जाएगा । जिनमे से 19 जिलों — बांका, गोपालगंज, भागलपुर, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, नालंदा, नवादा, भोजपुर, बक्सर एवं पटना में लाभार्थियों को दो दवाएं अल्बेंडाज़ोल एवं डी.ई.सी. दी जाएंगी, जबकि शेष 15 जिलों — अरवल, औरंगाबाद, बेगूसराय, गया, जमुई, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सारण, शेखपुरा, शिवहर, वैशाली, दरभंगा, लखीसराय, पूर्णिया एवं समस्तीपुर में तीन दवाएं अल्बेंडाज़ोल, डी.ई.सी. एवं आइवरमेक्टिन खिलाई जाएंगी । 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर अन्य सभी पात्र व्यक्तियों को आयु के अनुसार फाइलेरिया रोधी दवाएं प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति में ही खिलाई जाएंगी । राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी श्री राम रतन ने कहा कि फाइलेरिया से प्रभावित क्षेत्रों में अंतिम छोर तक आबादी तक पहुंचना तथा लाभार्थियों को स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति में दवा सेवन कराना ही एमडीए अभियान की सफलता की कुंजी है । उन्होंने बताया कि फाइलेरिया रोधी दवाएं पूर्णतः सुरक्षित हैं । उच्च रक्तचाप, मधुमेह, गठिया अथवा अन्य सामान्य रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को भी ये दवाएं अवश्य खानी चाहिए । उन्होंने कहा कि सामान्यतः इन दवाओं से कोई दुष्प्रभाव नहीं होता और यदि किसी व्यक्ति को दवा सेवन के बाद मितली या चक्कर जैसे लक्षण अनुभव होते हैं, तो यह शुभ संकेत है, जिसका अर्थ है कि शरीर में मौजूद फाइलेरिया के परजीवी दवा के प्रभाव से नष्ट हो रहे हैं । विश्व स्वास्थ्य संगठन के राज्य एनटीडी समन्वयक डॉ. राजेश पाण्डेय ने बताया कि फाइलेरिया (हाथीपांव) एक गंभीर सार्वजनिक जन-स्वास्थ्य समस्या है, जो क्यूलेक्स मच्छरों के काटने से फैलती है । डब्ल्यू.एच.ओ. के अनुसार यह रोग विश्व स्तर पर दीर्घकालिक दिव्यांगता के प्रमुख कारणों में से एक है । उन्होंने कहा कि फाइलेरिया के कारण हाइड्रोसील, लिम्फेडेमा तथा दूधिया सफेद मूत्र (काइलूरिया) जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिनसे प्रभावित व्यक्तियों को सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी आजीविका एवं कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है। डॉ. पाण्डेय ने बताया कि यदि प्रत्येक लाभार्थी लगातार 5 वर्षों तक वर्ष में सिर्फ एक बार फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कर लेता है, तो फाइलेरिया से स्थायी रूप से बचाव संभव है । साथ ही मॉर्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन कार्यक्रम के अंतर्गत लिम्फेडेमा से ग्रसित व्यक्तियों की देखभाल एवं हाइड्रोसील रोगियों का समुचित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है । कार्यक्रम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु राज्य एवं जिला स्तर से प्रतिदिन निगरानी एवं रिपोर्टिंग की जाएगी । पीरामल स्वास्थ्य के प्रतिनिधि बिकास सिन्हा ने बताया कि 11 फरवरी 2026 को बिहार में आयोजित होने वाले मेगा एमडीए कैंप के दौरान बड़े पैमाने पर जीविका दीदियों को स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति में फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाने की रणनीति बनाई गई है । इस अवसर पर सीफार के राज्य प्रतिनिधि रणविजय सिंह ने फाइलेरिया सपोर्ट नेटवर्क के सदस्यों के अनुभव मीडिया कर्मियों के साथ साझा किए । उन्होंने बताया कि यह नेटवर्क स्कूलों, पंचायतों एवं अन्य सामुदायिक बैठकों के माध्यम से लोगों को एमडीए के दौरान दवा सेवन के लिए प्रेरित कर रहा है । मीडिया संवाद सत्र के दौरान ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज़ के प्रतिनिधि अनुज घोष ने मीडिया से अपील की कि वे अपने समाचार पत्रों, चैनलों एवं डिजिटल माध्यमों के द्वारा आमजन को प्रेरित करें कि वे मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम के दौरान फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति में ही सुनिश्चित करें । कार्यक्रम के अंत में राज्य सलाहकार (फाइलेरिया), डॉ. अनुज सिंह रावत द्वारा सभी गणमान्य मीडिया प्रतिनिधियों यथा – प्रिन्ट, इलेक्ट्रॉनिक एवं स्वतंत्र मीडिया के पदाधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया ।
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    *फाइलेरिया मुक्त बिहार बनाना हम सबका दायित्व – लोकेश कुमार सिंह, स्वास्थ्य सचिव बिहार*
·         राज्य के 34 जिलों के 396 प्रखंडों में 10 फरवरी से शुरू होगा मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान
·         10 से 28 फरवरी के दौरान लगभग 8 करोड़ 93 लाख लाभार्थियों को फाइलेरिया से सुरक्षा हेतु दवाएं खिलाई जाएंगी
·         11 फरवरी को पूरे राज्य के 34 जिलों मे होगा मेगा कैंप, 1 करोड़ लोगों को 1 दिन में दवा खिलाने का लक्ष्य
पटना, 9 फरवरी 2026 : राज्य सरकार फाइलेरिया मुक्त बिहार के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु सामूहिक रणनीति के तहत कार्य कर रही है। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अंतर्विभागीय सहभागिता एवं सामुदायिक सहयोग के माध्यम से फाइलेरिया उन्मूलन के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्यस्तरीय अंतर-विभागीय समन्वय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए राज्य के स्वास्थ्य सचिव, लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि राज्य फाइलेरिया उन्मूलन के पथ पर तेजी से बढ़ रहा है और इसमे सभी विभागों का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है । स्वास्थ्य सचिव ने यह भी बताया कि एक अभिनव पहल के तहत, राज्य सरकार 11 फरवरी को 34 जिलों के 396 प्रखंडों में मेगा कैम्प का आयोजन कर रही है जिसका वर्चुअल उद्घाटन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पाण्डेय जी द्वारा किया जाएगा । किन्तु 10 फरवरी से 28 फरवरी तक प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की टीम घर-घर जाकर बचे हुए लोगों को अपने सामने दवा खिलाना सुनिश्चित करेगी । इस वर्ष विशेष निर्देश प्रदान किया गया है कि किसी भी परिस्थिति में दवाओ का वितरण नहीं किया जाएगा ।
इसी क्रम में आज चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार एवं ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज़ द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन, पीरामल स्वास्थ्य एवं सीफार के साथ समन्वय स्थापित करते हुए, पटना में मीडिया सहयोगियों के लिए एक राज्य स्तरीय मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए भारत सरकार के क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यालय के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रवि शंकर सिंह ने फाइलेरिया उन्मूलन के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार के समन्वित प्रयासों से ही इस बीमारी का पूर्ण उन्मूलन संभव है।
अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (फाइलेरिया), बिहार डॉ. श्यामा राय के नेतृत्व में 10 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक राज्य के 34 जिलों के 396 प्रखंडों में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान प्रारंभ किया जाएगा । इस अभियान के अंतर्गत 38,215 ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर्स के माध्यम से लगभग 8 करोड़ 93 लाख लाभार्थियों को बूथों तथा घर-घर जाकर फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन अपने समक्ष किया जाएगा । 
जिनमे से 19 जिलों — बांका, गोपालगंज, भागलपुर, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, नालंदा, नवादा, भोजपुर, बक्सर एवं पटना में लाभार्थियों को दो दवाएं अल्बेंडाज़ोल एवं डी.ई.सी. दी जाएंगी, जबकि शेष 15 जिलों — अरवल, औरंगाबाद, बेगूसराय, गया, जमुई, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सारण, शेखपुरा, शिवहर, वैशाली, दरभंगा, लखीसराय, पूर्णिया एवं समस्तीपुर में तीन दवाएं अल्बेंडाज़ोल, डी.ई.सी. एवं आइवरमेक्टिन खिलाई जाएंगी । 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर अन्य सभी पात्र व्यक्तियों को आयु के अनुसार फाइलेरिया रोधी दवाएं प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति में ही खिलाई जाएंगी ।
राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी श्री राम रतन ने कहा कि फाइलेरिया से प्रभावित क्षेत्रों में अंतिम छोर तक आबादी तक पहुंचना तथा लाभार्थियों को स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति में दवा सेवन कराना ही एमडीए अभियान की सफलता की कुंजी है । उन्होंने बताया कि फाइलेरिया रोधी दवाएं पूर्णतः सुरक्षित हैं । उच्च रक्तचाप, मधुमेह, गठिया अथवा अन्य सामान्य रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को भी ये दवाएं अवश्य खानी चाहिए । उन्होंने कहा कि सामान्यतः इन दवाओं से कोई दुष्प्रभाव नहीं होता और यदि किसी व्यक्ति को दवा सेवन के बाद मितली या चक्कर जैसे लक्षण अनुभव होते हैं, तो यह शुभ संकेत है, जिसका अर्थ है कि शरीर में मौजूद फाइलेरिया के परजीवी दवा के प्रभाव से नष्ट हो रहे हैं ।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के राज्य एनटीडी समन्वयक डॉ. राजेश पाण्डेय ने बताया कि फाइलेरिया (हाथीपांव) एक गंभीर सार्वजनिक जन-स्वास्थ्य समस्या है, जो क्यूलेक्स मच्छरों के काटने से फैलती है । डब्ल्यू.एच.ओ. के अनुसार यह रोग विश्व स्तर पर दीर्घकालिक दिव्यांगता के प्रमुख कारणों में से एक है । उन्होंने कहा कि फाइलेरिया के कारण हाइड्रोसील, लिम्फेडेमा तथा दूधिया सफेद मूत्र (काइलूरिया) जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिनसे प्रभावित व्यक्तियों को सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी आजीविका एवं कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है। डॉ. पाण्डेय ने बताया कि यदि प्रत्येक लाभार्थी लगातार 5 वर्षों तक वर्ष में सिर्फ एक बार फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कर लेता है, तो फाइलेरिया से स्थायी रूप से बचाव संभव है । साथ ही मॉर्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन कार्यक्रम के अंतर्गत लिम्फेडेमा से ग्रसित व्यक्तियों की देखभाल एवं हाइड्रोसील रोगियों का समुचित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है । कार्यक्रम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु राज्य एवं जिला स्तर से प्रतिदिन निगरानी एवं रिपोर्टिंग की जाएगी ।
पीरामल स्वास्थ्य के प्रतिनिधि बिकास सिन्हा ने बताया कि 11 फरवरी 2026 को बिहार में आयोजित होने वाले मेगा एमडीए कैंप के दौरान बड़े पैमाने पर जीविका दीदियों को स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति में फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाने की रणनीति बनाई गई है ।
इस अवसर पर सीफार के राज्य प्रतिनिधि रणविजय सिंह ने फाइलेरिया सपोर्ट नेटवर्क के सदस्यों के अनुभव मीडिया कर्मियों के साथ साझा किए । उन्होंने बताया कि यह नेटवर्क स्कूलों, पंचायतों एवं अन्य सामुदायिक बैठकों के माध्यम से लोगों को एमडीए के दौरान दवा सेवन के लिए प्रेरित कर रहा है ।
मीडिया संवाद सत्र के दौरान ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज़ के प्रतिनिधि अनुज घोष ने मीडिया से अपील की कि वे अपने समाचार पत्रों, चैनलों एवं डिजिटल माध्यमों के द्वारा आमजन को प्रेरित करें कि वे मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम के दौरान फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति में ही सुनिश्चित करें ।
कार्यक्रम के अंत में राज्य सलाहकार (फाइलेरिया), डॉ. अनुज सिंह रावत द्वारा सभी गणमान्य मीडिया प्रतिनिधियों यथा – प्रिन्ट, इलेक्ट्रॉनिक एवं स्वतंत्र मीडिया के पदाधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया ।
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    पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
    3 hrs ago
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