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*विंध्य कृषि आदान विक्रेता संघ सैकड़ों की संख्या में कलेक्ट्रेट रवाना*
Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
*विंध्य कृषि आदान विक्रेता संघ सैकड़ों की संख्या में कलेक्ट्रेट रवाना*
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- ब्रेकिंग न्यूज़ ▪️कांग्रेस विधायक दल की बैठक ▪️मध्य प्रदेश विधानसभा का आज एक दिवसीय विशेष सत्र ▪️महिला आरक्षण पर चर्चा, सरकार पेश करेगी संकल्प ▪️ सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक ▪️ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अध्यक्षता में रणनीति तैयार ▪️ 543 लोकसभा सीटों पर 33% आरक्षण की मांग ▪️ कांग्रेस सरकार की मंशा पर उठाएगी सवाल ▪️सदन में हंगामे के आसार, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने ▪️महिला आरक्षण मुद्दे पर सियासत1
- SRI Lakshminath ♥️ Bhagvan Siv ♥️ ❤️ SANKAR JI VASAKRAJ ♥️ MAHARAJ GOVIND SAWARIYA SETH 🌺 🙏🏽 JI Aapki JAY ♥️ HO SDA SARVDA AAP HI AAP HO HARI OM 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI ♥️ OM ♥️ 🙏🏽 🕉 SIVAY NAMAH ♥️ SRI RAM JAY RAM JAY JAY RAM ♥️1
- Post by Hello Chittorgarh News1
- भदेसर। गो सम्मान अभियान के तहत भदेसर उपखंड मुख्यालय पर गो भक्तों के द्वारा संकीर्तन प्रार्थना करते हुए मुख्य बाजार से गुजरे तथा उपखंड कार्यालय पहुंचे जहां पर उपखंड अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण भदेसर तहसीलदार शिव सिंह को ज्ञापन पत्र सोपा। ज्ञापन में बताया कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना, गो हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाना वह गो संवर्धन संरक्षण के लिए सरकारी नीतियां बनाने की मांग के साथ ही उपखंड मुख्यालय पर गो भक्तों ग्राम वासियों एवं संतों के सानिध्य में ज्ञापन पत्र सोपा गया। इस कार्यक्रम को सर्व समाज के प्रतिनिधि शामिल थे ज्ञापन देने से पूर्व पूरे नगर में जुलूस निकाला गया जिसमें गौ भक्त भजनों पर थिरकते हुए चल रहे थे। तथा गौ माता के जयकारे लगाए जा रहे थे ज्ञापन पत्र सोपने से पूर्व उपस्थित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये तथा आज के परिपेक्ष में गौ माता की उपयोगिता बताई।1
- खुला पत्र: एक ससुर की पीड़ा, **सेवा में,समस्त देशवासियों एवं न्याय के रक्षकगण, **आखिर कितने बेगुनाह पुरुषों की जान लेगी ये अबला समझी जाने वाली नारी, आखिर क्यों ये समाज ओर हमारे देश का कानून ** किसी बेगुनाह की मौत से पहले अपनी संवेदना व्यक्त नहीं करता **सोते रहो आज इस युवक ने आत्महत्या की है,कल आपके बेटे की बारी है ** यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है—यह उन लाखों पति, सास-ससुर और ससुराल वालों की अनकही पीड़ा है, जो आज अदालतों की गलियों में गूंज रही है। आज जब हम न्याय के मंदिर में खड़े होते हैं, तो आंखों में आंसू और दिल में निराशा होती है। क्या यही वह स्थान है जहां सत्य और धर्म की रक्षा की शपथ ली जाती थी? हमारी आंखों के सामने विवाह जैसे पवित्र बंधन का चीरहरण हो रहा है। यह अब प्रेम का रिश्ता नहीं, बल्कि एक खुली तिजोरी बन गया है, जिसकी चाबी तलाक के कागजों में छिपी है। जब हम अपने बच्चों का विवाह करते हैं, तो सपने देखते हैं—एक घर होगा, परिवार होगा, बच्चे होंगे जो बुढ़ापे का सहारा बनेंगे।लेकिन आज उन्हीं सपनों की कीमत वसूली जा रही है। क्या पति, सास-ससुर होना अपराध बन गया है?क्या विवाह का अर्थ केवल एटीएम बनकर रह गया है? हमारी मेहनत, हमारी कमाई, हमारा आत्मसम्मान—सब कुछ लुट रहा है, और हम असहाय खड़े हैं।झूठे आरोपों के सामने हमारा चरित्र अपराधी बना दिया जाता है। न्यायाधीश महोदय, क्या हमारी पीड़ा आपको दिखाई नहीं देती?कब तक निर्दोष लोगों को धमकियों, झूठे केसों और अपमान का सामना करना पड़ेगा? हमारे बैंक खाते खाली हो गए, हमारा सम्मान भीड़ में कुचला गया, कभी सड़क पर, कभी थाने में।क्या कानून के पास इसका कोई समाधान नहीं है? यह प्रश्न आज हर उस निर्दोष पुरुष का है—हमें न्याय कब मिलेगा? क्या कोई पूछेगा कि पुरुष के भी आंसू होते हैं?क्या उनकी पीड़ा का कोई मूल्य नहीं? **यह केवल एक पत्र नहीं, बल्कि टूटे हुए परिवारों की अंतिम पुकार है।आज हर पुरुष हाथ जोड़कर , दिल की गहराई से पूछ रहा है ** क्या न्याय अब केवल धन और भावनाओं का खेल बन गया है? जागो देशवासियों, जागो न्याय के रक्षकों।इस व्यवस्था में सुधार जरूरी है, इससे पहले कि जनता का विश्वास न्याय के मंदिर से हमेशा के लिए खत्म हो जाए। अगर आज नहीं जागे, तो आने वाली पीढ़ियां विवाह को ही एक खतरा मानने लगेंगी। मेरे आंसू ही इस पत्र की कीमत हैं।क्या आप इसे स्वीकार करेंगे? **— पीड़ित सास-ससुर, पति और ससुराल पक्ष की ओर से(एक टूटे हुए दिल की आवाज)**न्याय की टूटती उम्मी1
- Post by Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉ1
- Post by सुनील कुमार खटीक1
- *विंध्य कृषि आदान विक्रेता संघ सैकड़ों की संख्या में कलेक्ट्रेट रवाना*1