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नरसिंहपुर में बेमौसम बारिश, तेज हवाओं से फसलें गिरीं: चना, मसूर और गेहूं की कटाई से पहले किसानों की बढ़ी चिंता
Dharmendra sahu
नरसिंहपुर में बेमौसम बारिश, तेज हवाओं से फसलें गिरीं: चना, मसूर और गेहूं की कटाई से पहले किसानों की बढ़ी चिंता
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- Post by Dharmendra sahu1
- गाडरवारा में आगामी ईद और नवरात्रि के त्यौहारों को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। इसी कड़ी में पुलिस ने शहर के मुख्य मार्गों पर फ्लैग मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। 📢 गाडरवारा पुलिस का फ्लैग मार्च: मुख्य बिंदु * सुरक्षा का संदेश: त्यौहारों के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह मार्च निकाला गया। * प्रशासनिक नेतृत्व: मार्च में पुलिस बल के साथ वरिष्ठ अधिकारी और पेट्रोलिंग वाहन भी शामिल रहे। * शहर का भ्रमण: पुलिस की टीमों ने मुख्य बाजारों और संवेदनशील इलाकों से गुजरते हुए आम जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। 📰 समाचार रिपोर्ट हेडलाइन: आगामी त्यौहारों को लेकर गाडरवारा में पुलिस का फ्लैग मार्च, सुरक्षा के कड़े इंतजाम गाडरवारा: ईद और नवरात्रि के मद्देनजर गाडरवारा पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए आज शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस बल द्वारा फ्लैग मार्च किया गया। इस दौरान सायरन बजाते हुए पुलिस के वाहन और पैदल मार्च करते जवानों ने शहरवासियों को सुरक्षा का अहसास कराया। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि त्यौहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और सभी नागरिक सुरक्षित महसूस करें।1
- Post by Sandeep gound4
- चिमाढाना में क्रेशर माफिया की मनमानी: लीज से कई गुना अधिक खुदाई, पूरा पहाड़ खोखला,ग्रामीणों ने लगाए आरोप* गौरझामर खनन माफिया और गिट्टी क्रेशर संचालकों की बेलगाम मनमानी ने एक बार फिर पर्यावरण और स्थानीय लोगों की नींद उड़ा दी है। प्रशासनिक के नियमों और लीज की शर्तों को खुलेआम ताक पर रखते हुए कई क्रेशर संचालकों ने निर्धारित क्षेत्र से कई गुना अधिक जगह में खुदाई कर डाली है। स्थानीय सूत्रों और जांच में सामने आया है कि जहां लीज में केवल 6 मीटर तक गहराई तक खुदाई की अनुमति थी, वहीं माफियाओं ने पूरा पहाड़ खोद डाला। सागर जिले की देवरी विधानसभा क्षेत्र चिमाढाना में एक मामले में क्रेशर संचालकों ने अनुमति से कई गुना ज्यादा खनन किया, जिससे आसपास के गांवों में मिट्टी का कटाव तेज हो गया है और उपजाऊ भूमि बंजर होने की कगार पर पहुंच गई है। क्योंकि उन्होंने लीज क्षेत्र से बाहर जाकर बड़े पैमाने पर खुदाई की थी। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि दिन-रात ब्लास्टिंग और मशीनों की आवाज से घरों की दीवारें दरक रही हैं, पानी के स्रोत सूख रहे हैं और फसलें बर्बाद हो रही हैं। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "ये लोग राजनीतिक संरक्षण में बैठे हैं। कार्रवाई का नाम सिर्फ कागजों पर है, जमीन पर कुछ नहीं होता।" खनिज विभाग के अधिकारी की मिली भगत से हो रहा काला कार नाम लेकिन राजनीतिक दबाव और मोटी रिश्वत के चलते कार्रवाई रुक जाती है। पर्यावरणविदों का कहना है कि ऐसी अंधाधुंध खुदाई से मध्य प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है और जलस्तर तेजी से गिर रहा है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि सख्त कार्रवाई हो, क्रेशर सील किए जाएं और दोषियों पर भारी जुर्माना लगाया जाए। क्या इस बार सरकार खनन माफियाओं पर असली सर्जिकल स्ट्राइक करेगी या फिर कागजी शेर बने रहेगी? यह सवाल अब स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यावरण प्रेमियों के मन में भी गूंज रहा है। इनका कहना है आपके द्वारा जानकारी प्राप्त हुई है मैं सभी क्रेशर चेक करवाता हूं जिस किसी ने भी सीमा से अधिक खुदाई की होगी जांच करके उचित करवाही की जायेगी अनित पाण्डया खनिज अधिकारी1
- Post by Jagtapal Yadav g1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- नकुल नाथ की सभा में हुये विवाद का वीडियो हुया वाययरल1
- Post by Dharmendra sahu1