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सोशल मीडिया पर जंतर-मंतर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि वहां प्रदर्शन कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया है।
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सोशल मीडिया पर जंतर-मंतर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि वहां प्रदर्शन कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया है।
More news from झारखंड and nearby areas
- झारखंड के गढ़वा में साइकिल के लिए बच्चों से ₹50 की वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। बच्चों से इस तरह पैसे वसूले जाने के बाद वहां काफी हंगामा खड़ा हो गया। इस हंगामे के बाद शिक्षक ने बच्चों से लिए गए पैसे वापस लौटा दिए हैं।1
- गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड के डुमरसोता गांव की लालपति देवी सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उनका दिव्यांग बेटा इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगा रहा था। इस संकट में 'फेसबुक परिवार' नामक सोशल मीडिया समूह और स्थानीय लोगों ने मुख्य रूप से आगे आकर उनकी मदद की। इस समूह ने मिलकर इस बेघर महिला के मकान पर रहने योग्य सीट डालकर खुशियां बांटीं। इस पूरे मामले को लेकर तीखा आक्रोश व्यक्त किया गया है कि इस प्रकार की सेवा और मदद के लिए ही सभी पंचायतों के मुखिया और सरपंच चुने गए हैं। प्रखंड विकास अधिकारी को तत्काल सुविधा मुहैया करानी चाहिए थी, लेकिन सरकार सोई हुई है। इसे ही भारत और झारखंड की असली सच्चाई बताया गया है।2
- झारखंड के गढ़वा जिले के सगमा धुरकी में शादी के महज तीसरे दिन ही पति की निर्मम हत्या करने का बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। इस खौफनाक वारदात के बाद मृतक के पिता का कलेजा फट गया है।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के दुद्धि स्थित प्राथमिक विद्यालय महुअरिया फुलवार में बच्चों से सफाई कराने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्कूल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- सोनभद्र के दुद्धि ब्लॉक अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय महवरिया, फुलवार में पढ़ाई के समय छोटे-छोटे बच्चों से जबरन कचरा साफ कराए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। एक जिम्मेदार नागरिक द्वारा लिखे गए शिकायत पत्र के अनुसार, आज सुबह 10:55 बजे जब वह स्कूल पहुंचे, तो वहां पढ़ाई के समय बच्चों से पढ़ाई कराने के बजाय उनसे कचरा साफ कराया जा रहा था। शिकायतकर्ता ने कड़ा विरोध जताते हुए सवाल उठाया है कि क्या बच्चों का काम पढ़ना नहीं है और क्या उनसे इस तरह कचरा फेंकवाना सही है? शिकायत पत्र में आरटीई (RTE) कानून 2009 का हवाला देते हुए कहा गया है कि स्कूल में बच्चों से इस तरह का श्रम कराना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस मामले में साक्ष्य के तौर पर ऑडियो और फोटो भी उपलब्ध होने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाए और दोषी शिक्षकों व स्टाफ पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों का भविष्य खराब न हो और उन्हें पढ़ने का पूरा मौका मिल सके।4
- देशभर में NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के विरोध में बलरामपुर जिले के कुसमी में नागरिकों, छात्र-छात्राओं, छात्र हितैषियों और जनप्रतिनिधियों ने एक शांतिपूर्ण रैली निकाली। इस प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कथित पेपर लीक की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष व समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने की पुरजोर मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार बेहद जरूरी हैं। उन्होंने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाया जाए ताकि देश के करोड़ों छात्रों का परीक्षा व्यवस्था पर विश्वास फिर से बहाल हो सके।1
- लातेहार के गारू क्षेत्र में दुबियाखाड़ से महुआडाड़ जाने वाली सड़क पूरी तरह से टूट-फूट कर बदहाल हो चुकी है। इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ रास्ते देखने को मिल रहे हैं, जिससे यहाँ से गुजरने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस दयनीय स्थिति को देखते हुए सरकार से बेहद विनम्रतापूर्वक निवेदन और गुजारिश की गई है कि इस सड़क की अविलंब मरम्मत कराई जाए। साथ ही, इस बात को वीडियो के माध्यम से सरकार और प्रशासन तक पहुँचाने की पुरजोर अपील की गई है ताकि जल्द से जल्द कोई सुधारात्मक कदम उठाया जा सके।1
- झारखंड के गढ़वा जिले में जल सहियाओं ने बेहद कम वेतन और महीनों से बकाया मानदेय के विरोध में 20 जुलाई 2026 को गढ़वा समाहरणालय पर धरना-प्रदर्शन किया। जल सहियाएं लंबे समय से अपनी सेवाओं के बदले उचित वेतन देने और सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग कर रही हैं। इसी सिलसिले में अपनी आवाज बुलंद करने के लिए सभी जल सहियाएं समाहरणालय पर एकत्रित हुईं। आंदोलनकारी जल सहियाओं की मुख्य मांग है कि उनके मानदेय में भारी वृद्धि की जाए। उनका स्पष्ट नारा है कि "₹2000 में दम नहीं, ₹18000 से कम नहीं" और वे राज्य के न्यूनतम मजदूरी के बराबर यानी ₹18,000 मासिक मानदेय की मांग कर रही हैं। इसके साथ ही, पिछले कई महीनों और कुछ मामलों में सालों से बकाया मानदेय तथा प्रोत्साहन राशि का तुरंत भुगतान करने, सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर ₹20 लाख का बीमा या मुआवजा देने और 65 वर्ष तक सेवा की गारंटी देने की मांग भी पुरजोर तरीके से उठाई गई है। जल सहियाओं का यह भी कहना है कि पेयजल एवं स्वच्छता से जुड़े कार्य ठेकेदारों के बजाय उनके माध्यम से कराए जाने को प्राथमिकता दी जाए।4