एक ही मंडप में 304 जोड़े बने जीवनसाथी - लेकिन कई सपने रह गए अधूरे।सामूहिक विवाह योजना के भव्य आयोजन के बीच उठे गंभीर सवाल, पात्र लाभार्थियों को अंतिम समय में बाहर किए जाने का आरोप। ANCHOR :- सोनभद्र में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक तरफ जहां 304 जोड़ों ने एक ही मंडप में सात फेरे लेकर नई जिंदगी की शुरुआत की, वहीं दूसरी तरफ इस भव्य आयोजन के बीच एक ऐसा पहलू भी सामने आया, जिसने पूरे कार्यक्रम पर सवाल खड़े कर दिए।राबर्ट्सगंज के उर्मौरा स्थित डायट परिसर में हुए इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में परंपराओं के साथ विवाह संपन्न कराए गए, सरकारी सहायता और गृहस्थी का सामान देकर नई शुरुआत की उम्मीदें भी जगाई गईं लेकिन इसी बीच एक रोचक और संवेदनशील मोड़ पर कहानी बदलती नजर आई।मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को लेकर अब आरोप सामने आ रहे हैं कि कई पात्र लाभार्थियों को आखिरी समय में योजना से बाहर कर दिया गया।यानि जहां एक तरफ शहनाइयां गूंज रही थीं, वहीं दूसरी तरफ कुछ घरों में सन्नाटा पसर गया। VO 1 :- सामूहिक विवाह के इस भव्य मंच पर 302 हिंदू और 2 मुस्लिम जोड़ों का विवाह पूरे रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया।वैदिक मंत्रों और पारंपरिक रस्मों के बीच जोड़ों ने सात फेरे लिए और जीवनभर साथ निभाने का वचन दिया।मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने आशीर्वाद दिया, तो वहीं कार्यक्रम के दौरान सपा सांसद छोटेलाल खरवार का पारंपरिक गीतों को गाने का अंदाज लोगों को खूब भाया लोकगीतों की गूंज ने माहौल को जीवंत कर दिया।लेकिन इसी भव्य आयोजन के बीच मारकुंडी ग्राम पंचायत से एक शिकायत ने कहानी का दूसरा पहलू उजागर कर दिया।ग्राम प्रधान उदयम सिंह यादव ने आरोप लगाया है कि गांव के कई गरीब परिवारों के युवक-युवतियों का ऑनलाइन आवेदन कर चयन भी हो चुका था, लेकिन शादी की तारीख तय होने के बाद अचानक उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया।तस्वीर में दिख रही यह युवती…जो अपने विवाह के सपने सजा चुकी थी आज इसी कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाली थी…लेकिन “लक्ष्य पूरा हो गया” कहकर उसके सपनों को रोक दिया गया। VO 2 :- आरोप है कि 23 मार्च को प्रस्तावित विवाह के लिए परिवारों ने तैयारियां शुरू कर दी थीं घरों में रस्में चल रही थीं लेकिन 21 मार्च को खंड विकास अधिकारी की ओर से यह कहकर रोक दिया गया कि लक्ष्य पूरा हो चुका है।यानि जिन घरों में शहनाई बजने वाली थी, वहां मायूसी छा गई।वहीं इस पूरे आयोजन में एक और बड़ा सवाल खड़ा हुआ कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनर में विभागीय समाज कल्याण राज्य मंत्री और ओबरा विधायक संजीव गौड़ का नाम मुख्य अतिथि के तौर पर दर्ज था, लेकिन वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।हैरानी की बात ये भी रही कि जिले का एक भी भाजपा विधायक कार्यक्रम स्थल पर नजर नहीं आया।इस पर सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने मंच से ही तंज कसते हुए कहा कि 2027 के बाद ये नेता जनता के बीच नजर नहीं आएंगे…और जनमानस से जुड़े कार्यक्रमों से दूरी बनाना इसी का संकेत है।उन्होंने यह भी याद दिलाया कि दिशा की बैठक में भी इसी तरह जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी देखने को मिली थी। VO 3 :- वहीं इस पूरे मामले को लेकर जब कार्यक्रम में मौजूद मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी से सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की कोई जानकारी अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आई है।हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर कहीं भी किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो उसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन पात्र जोड़ों को इस बार अवसर नहीं मिल सका, उन्हें 26 मार्च को आयोजित होने वाले अगले मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा।अब बड़ा सवाल यही है कि क्या उन अधूरे सपनों को फिर से पूरा होने का मौका मिल पाएगा…या फिर यह मामला भी जांच के दायरे में ही सिमट कर रह जाएगा। Byte: जागृति अवस्थी - सीडीओ, सोनभद्र Byte: छोटेलाल खरवार, सपा सांसद, राबर्ट्सगंज byte: रतन लाल, पीड़ित byte: रामेश्वर प्रसाद, पीड़ित byte: उधम सिंह, ग्राम प्रधान मारकुंडी एक ही मंडप में 304 जोड़े बने जीवनसाथी - लेकिन कई सपने रह गए अधूरे।सामूहिक विवाह योजना के भव्य आयोजन के बीच उठे गंभीर सवाल, पात्र लाभार्थियों को अंतिम समय में बाहर किए जाने का आरोप। ANCHOR :- सोनभद्र में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक तरफ जहां 304 जोड़ों ने एक ही मंडप में सात फेरे लेकर नई जिंदगी की शुरुआत की, वहीं दूसरी तरफ इस भव्य आयोजन के बीच एक ऐसा पहलू भी सामने आया, जिसने पूरे कार्यक्रम पर सवाल खड़े कर दिए।राबर्ट्सगंज के उर्मौरा स्थित डायट परिसर में हुए इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में परंपराओं के साथ विवाह संपन्न कराए गए, सरकारी सहायता और गृहस्थी का सामान देकर नई शुरुआत की उम्मीदें भी जगाई गईं लेकिन इसी बीच एक रोचक और संवेदनशील मोड़ पर कहानी बदलती नजर आई।मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को लेकर अब आरोप सामने आ रहे हैं कि कई पात्र लाभार्थियों को आखिरी समय में योजना से बाहर कर दिया गया।यानि जहां एक तरफ शहनाइयां गूंज रही थीं, वहीं दूसरी तरफ कुछ घरों में सन्नाटा पसर गया। VO 1 :- सामूहिक विवाह के इस भव्य मंच पर 302 हिंदू और 2 मुस्लिम जोड़ों का विवाह पूरे रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया।वैदिक मंत्रों और पारंपरिक रस्मों के बीच जोड़ों ने सात फेरे लिए और जीवनभर साथ निभाने का वचन दिया।मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने आशीर्वाद दिया, तो वहीं कार्यक्रम के दौरान सपा सांसद छोटेलाल खरवार का पारंपरिक गीतों को गाने का अंदाज लोगों को खूब भाया लोकगीतों की गूंज ने माहौल को जीवंत कर दिया।लेकिन इसी भव्य आयोजन के बीच मारकुंडी ग्राम पंचायत से एक शिकायत ने कहानी का दूसरा पहलू उजागर कर दिया।ग्राम प्रधान उदयम सिंह यादव ने आरोप लगाया है कि गांव के कई गरीब परिवारों के युवक-युवतियों का ऑनलाइन आवेदन कर चयन भी हो चुका था, लेकिन शादी की तारीख तय होने के बाद अचानक उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया।तस्वीर में दिख रही यह युवती…जो अपने विवाह के सपने सजा चुकी थी आज इसी कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाली थी…लेकिन “लक्ष्य पूरा हो गया” कहकर उसके सपनों को रोक दिया गया। VO 2 :- आरोप है कि 23 मार्च को प्रस्तावित विवाह के लिए परिवारों ने तैयारियां शुरू कर दी थीं घरों में रस्में चल रही थीं लेकिन 21 मार्च को खंड विकास अधिकारी की ओर से यह कहकर रोक दिया गया कि लक्ष्य पूरा हो चुका है।यानि जिन घरों में शहनाई बजने वाली थी, वहां मायूसी छा गई।वहीं इस पूरे आयोजन में एक और बड़ा सवाल खड़ा हुआ कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनर में विभागीय समाज कल्याण राज्य मंत्री और ओबरा विधायक संजीव गौड़ का नाम मुख्य अतिथि के तौर पर दर्ज था, लेकिन वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।हैरानी की बात ये भी रही कि जिले का एक भी भाजपा विधायक कार्यक्रम स्थल पर नजर नहीं आया।इस पर सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने मंच से ही तंज कसते हुए कहा कि 2027 के बाद ये नेता जनता के बीच नजर नहीं आएंगे…और जनमानस से जुड़े कार्यक्रमों से दूरी बनाना इसी का संकेत है।उन्होंने यह भी याद दिलाया कि दिशा की बैठक में भी इसी तरह जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी देखने को मिली थी। VO 3 :- वहीं इस पूरे मामले को लेकर जब कार्यक्रम में मौजूद मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी से सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की कोई जानकारी अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आई है।हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर कहीं भी किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो उसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन पात्र जोड़ों को इस बार अवसर नहीं मिल सका, उन्हें 26 मार्च को आयोजित होने वाले अगले मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा।अब बड़ा सवाल यही है कि क्या उन अधूरे सपनों को फिर से पूरा होने का मौका मिल पाएगा…या फिर यह मामला भी जांच के दायरे में ही सिमट कर रह जाएगा। Byte: जागृति अवस्थी - सीडीओ, सोनभद्र Byte: छोटेलाल खरवार, सपा सांसद, राबर्ट्सगंज byte: रतन लाल, पीड़ित byte: रामेश्वर प्रसाद, पीड़ित byte: उधम सिंह, ग्राम प्रधान मारकुंडी
एक ही मंडप में 304 जोड़े बने जीवनसाथी - लेकिन कई सपने रह गए अधूरे।सामूहिक विवाह योजना के भव्य आयोजन के बीच उठे गंभीर सवाल, पात्र लाभार्थियों को अंतिम समय में बाहर किए जाने का आरोप। ANCHOR :- सोनभद्र में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक तरफ जहां 304 जोड़ों ने एक ही मंडप में सात फेरे लेकर नई जिंदगी की शुरुआत की, वहीं दूसरी तरफ इस भव्य आयोजन के बीच एक ऐसा पहलू भी सामने आया, जिसने पूरे कार्यक्रम पर सवाल खड़े कर दिए।राबर्ट्सगंज के उर्मौरा स्थित डायट परिसर में हुए इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में परंपराओं के साथ विवाह संपन्न कराए गए, सरकारी सहायता और गृहस्थी का सामान देकर नई शुरुआत की उम्मीदें भी जगाई गईं लेकिन इसी बीच एक रोचक और संवेदनशील मोड़ पर कहानी बदलती नजर आई।मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को लेकर अब आरोप सामने आ रहे हैं कि कई पात्र लाभार्थियों को आखिरी समय में योजना से बाहर कर दिया गया।यानि जहां एक तरफ शहनाइयां गूंज रही थीं, वहीं दूसरी तरफ कुछ घरों में सन्नाटा पसर गया। VO 1 :- सामूहिक विवाह के इस भव्य मंच पर 302 हिंदू और 2 मुस्लिम जोड़ों का विवाह पूरे रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया।वैदिक मंत्रों और पारंपरिक रस्मों के बीच जोड़ों ने सात फेरे लिए और जीवनभर साथ निभाने का वचन दिया।मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने आशीर्वाद दिया, तो वहीं कार्यक्रम के दौरान सपा सांसद छोटेलाल खरवार का पारंपरिक गीतों को गाने का अंदाज लोगों को खूब भाया लोकगीतों की गूंज ने माहौल को जीवंत कर दिया।लेकिन इसी भव्य आयोजन के बीच मारकुंडी ग्राम पंचायत से एक शिकायत ने कहानी का दूसरा पहलू उजागर कर दिया।ग्राम प्रधान उदयम सिंह यादव ने आरोप लगाया है कि गांव के कई गरीब परिवारों के युवक-युवतियों का ऑनलाइन आवेदन कर चयन भी हो चुका था, लेकिन शादी की तारीख तय होने के बाद अचानक उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया।तस्वीर में दिख रही यह युवती…जो अपने विवाह के सपने सजा चुकी थी आज इसी कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाली थी…लेकिन “लक्ष्य पूरा
हो गया” कहकर उसके सपनों को रोक दिया गया। VO 2 :- आरोप है कि 23 मार्च को प्रस्तावित विवाह के लिए परिवारों ने तैयारियां शुरू कर दी थीं घरों में रस्में चल रही थीं लेकिन 21 मार्च को खंड विकास अधिकारी की ओर से यह कहकर रोक दिया गया कि लक्ष्य पूरा हो चुका है।यानि जिन घरों में शहनाई बजने वाली थी, वहां मायूसी छा गई।वहीं इस पूरे आयोजन में एक और बड़ा सवाल खड़ा हुआ कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनर में विभागीय समाज कल्याण राज्य मंत्री और ओबरा विधायक संजीव गौड़ का नाम मुख्य अतिथि के तौर पर दर्ज था, लेकिन वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।हैरानी की बात ये भी रही कि जिले का एक भी भाजपा विधायक कार्यक्रम स्थल पर नजर नहीं आया।इस पर सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने मंच से ही तंज कसते हुए कहा कि 2027 के बाद ये नेता जनता के बीच नजर नहीं आएंगे…और जनमानस से जुड़े कार्यक्रमों से दूरी बनाना इसी का संकेत है।उन्होंने यह भी याद दिलाया कि दिशा की बैठक में भी इसी तरह जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी देखने को मिली थी। VO 3 :- वहीं इस पूरे मामले को लेकर जब कार्यक्रम में मौजूद मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी से सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की कोई जानकारी अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आई है।हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर कहीं भी किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो उसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन पात्र जोड़ों को इस बार अवसर नहीं मिल सका, उन्हें 26 मार्च को आयोजित होने वाले अगले मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा।अब बड़ा सवाल यही है कि क्या उन अधूरे सपनों को फिर से पूरा होने का मौका मिल पाएगा…या फिर यह मामला भी जांच के दायरे में ही सिमट कर रह जाएगा। Byte: जागृति अवस्थी - सीडीओ, सोनभद्र Byte: छोटेलाल खरवार, सपा सांसद, राबर्ट्सगंज byte: रतन लाल, पीड़ित byte: रामेश्वर प्रसाद, पीड़ित byte: उधम सिंह, ग्राम प्रधान मारकुंडी एक ही
मंडप में 304 जोड़े बने जीवनसाथी - लेकिन कई सपने रह गए अधूरे।सामूहिक विवाह योजना के भव्य आयोजन के बीच उठे गंभीर सवाल, पात्र लाभार्थियों को अंतिम समय में बाहर किए जाने का आरोप। ANCHOR :- सोनभद्र में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक तरफ जहां 304 जोड़ों ने एक ही मंडप में सात फेरे लेकर नई जिंदगी की शुरुआत की, वहीं दूसरी तरफ इस भव्य आयोजन के बीच एक ऐसा पहलू भी सामने आया, जिसने पूरे कार्यक्रम पर सवाल खड़े कर दिए।राबर्ट्सगंज के उर्मौरा स्थित डायट परिसर में हुए इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में परंपराओं के साथ विवाह संपन्न कराए गए, सरकारी सहायता और गृहस्थी का सामान देकर नई शुरुआत की उम्मीदें भी जगाई गईं लेकिन इसी बीच एक रोचक और संवेदनशील मोड़ पर कहानी बदलती नजर आई।मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को लेकर अब आरोप सामने आ रहे हैं कि कई पात्र लाभार्थियों को आखिरी समय में योजना से बाहर कर दिया गया।यानि जहां एक तरफ शहनाइयां गूंज रही थीं, वहीं दूसरी तरफ कुछ घरों में सन्नाटा पसर गया। VO 1 :- सामूहिक विवाह के इस भव्य मंच पर 302 हिंदू और 2 मुस्लिम जोड़ों का विवाह पूरे रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया।वैदिक मंत्रों और पारंपरिक रस्मों के बीच जोड़ों ने सात फेरे लिए और जीवनभर साथ निभाने का वचन दिया।मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने आशीर्वाद दिया, तो वहीं कार्यक्रम के दौरान सपा सांसद छोटेलाल खरवार का पारंपरिक गीतों को गाने का अंदाज लोगों को खूब भाया लोकगीतों की गूंज ने माहौल को जीवंत कर दिया।लेकिन इसी भव्य आयोजन के बीच मारकुंडी ग्राम पंचायत से एक शिकायत ने कहानी का दूसरा पहलू उजागर कर दिया।ग्राम प्रधान उदयम सिंह यादव ने आरोप लगाया है कि गांव के कई गरीब परिवारों के युवक-युवतियों का ऑनलाइन आवेदन कर चयन भी हो चुका था, लेकिन शादी की तारीख तय होने के बाद अचानक उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया।तस्वीर में दिख रही यह युवती…जो अपने विवाह के सपने सजा चुकी थी आज इसी कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाली थी…लेकिन “लक्ष्य पूरा हो गया”
कहकर उसके सपनों को रोक दिया गया। VO 2 :- आरोप है कि 23 मार्च को प्रस्तावित विवाह के लिए परिवारों ने तैयारियां शुरू कर दी थीं घरों में रस्में चल रही थीं लेकिन 21 मार्च को खंड विकास अधिकारी की ओर से यह कहकर रोक दिया गया कि लक्ष्य पूरा हो चुका है।यानि जिन घरों में शहनाई बजने वाली थी, वहां मायूसी छा गई।वहीं इस पूरे आयोजन में एक और बड़ा सवाल खड़ा हुआ कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनर में विभागीय समाज कल्याण राज्य मंत्री और ओबरा विधायक संजीव गौड़ का नाम मुख्य अतिथि के तौर पर दर्ज था, लेकिन वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।हैरानी की बात ये भी रही कि जिले का एक भी भाजपा विधायक कार्यक्रम स्थल पर नजर नहीं आया।इस पर सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने मंच से ही तंज कसते हुए कहा कि 2027 के बाद ये नेता जनता के बीच नजर नहीं आएंगे…और जनमानस से जुड़े कार्यक्रमों से दूरी बनाना इसी का संकेत है।उन्होंने यह भी याद दिलाया कि दिशा की बैठक में भी इसी तरह जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी देखने को मिली थी। VO 3 :- वहीं इस पूरे मामले को लेकर जब कार्यक्रम में मौजूद मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी से सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की कोई जानकारी अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आई है।हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर कहीं भी किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो उसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन पात्र जोड़ों को इस बार अवसर नहीं मिल सका, उन्हें 26 मार्च को आयोजित होने वाले अगले मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा।अब बड़ा सवाल यही है कि क्या उन अधूरे सपनों को फिर से पूरा होने का मौका मिल पाएगा…या फिर यह मामला भी जांच के दायरे में ही सिमट कर रह जाएगा। Byte: जागृति अवस्थी - सीडीओ, सोनभद्र Byte: छोटेलाल खरवार, सपा सांसद, राबर्ट्सगंज byte: रतन लाल, पीड़ित byte: रामेश्वर प्रसाद, पीड़ित byte: उधम सिंह, ग्राम प्रधान मारकुंडी
- Post by पत्रकार अमान खान (ब्यूरो चीफ)1
- आदिवासी युवतियों ने नौकरी का झांसा देकर ठगी करने के मामले में मंगलवार दोपहर 12 बजे ,चुर्क पुलिस लाइन में स्थित एसपी ऑफिस पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया। उनका कहना था कि उन लोगो को वाराणसी में बंधक बनाकर काम कराया गया और नौकरी देने के नाम पर उनसे रुपये वसूले गए, सभी पांचों लड़कियां किसी तरह भागकर सोनभद्र पहुंची और FIR दर्ज कराने बभनी थाने गयीं लेकिन कोई कारर्वाई नहीं हुई। पीड़ितों ने काशी हरबोना एसोसिएट रतनपुरा वाराणसी नामक कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित सावित्री, देवंती, मानमती, अनीता खरवार और राकेश खरवार ने बताया कि उन्हें अच्छी सैलरी का लालच देकर फोन के जरिए वाराणसी बुलाया गया। वहां पहुंचने पर उनसे फर्जी फॉर्म भरवाए गए और रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर मोटी रकम वसूली गई। सावित्री से 21 हजार, देवती से 40 हजार, मानमती से 26 हजार, अनीता खरवार से 26 हजार और राकेश खरवार से 17,050 रुपए लिए गए। युवतियों का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें बंधक बनाकर काम कराया। उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए थे और परिजनों से बातचीत पर नजर रखी जाती थी। कुछ दिन बाद मौका मिलते ही सभी वहां से भागकर अपने घर सोनभद्र लौट आईं। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने अपनी जमा रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उनके साथ पीड़ित और परिजन पुलिस लाइन चुर्क पहुंचे और अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि घटना वाराणसी की होने के कारण जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला वाराणसी स्थानांतरित किया जा रहा है। अब पूरे प्रकरण की जांच वाराणसी पुलिस करेगी।1
- wyndhamganj saliyadi par hua ha1
- *थाना अनपरा क्षेत्रान्तर्गत एक व्यक्ति द्वारा दो नाबालिग बच्चियों के साथ अनुचित स्पर्श (Bad Touch) करने व पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही करने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी पिपरी सोनभद्र, श्री हर्ष पाण्डेय की बाइट।👆🏾👆🏾*1
- पहुंचायाअनपरा, सोनभद्र (हर्ष पाण्डेय, पिपरी): उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के अनपरा नगर में एक सनसनीखेज घटना ने इलाके को हिलाकर रख दिया है। यहां एक स्थानीय इलेक्ट्रीशियन पर महज 9 साल की मासूम बच्ची से 'बैड टच' करने का संगीन आरोप लगा है। ट्यूशन के दौरान पढ़ाई के बीच टीचर द्वारा की गई यह घिनौनी हरकत तब राज खुला जब बच्ची ने घर आकर अपनी आपबीती सुनाई। परिजनों और आसपास की महिलाओं में आक्रोश की लहर दौड़ गई। गुस्साए लोगों ने आरोपी की दुकान पर धावा बोल दिया और उसे पकड़कर जमकर पिटाई की। करीब 1 किलोमीटर तक घसीटते हुए उसे थाने पहुंचाया गया, जहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पीड़िता की मां की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। सीओ ने भरोसा दिलाया कि मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा।घटना की पूरी परिधि बेहद दर्दनाक है। बताया जाता है कि आरोपी इलेक्ट्रीशियन स्थानीय स्तर पर बच्चों को ट्यूशन भी देता था। अनपरा नगर के एक वार्ड में रहने वाली 9 साल की बच्ची नियमित रूप से उसके पास पढ़ने जाती थी। मंगलवार को ट्यूशन के दौरान पढ़ाई के बीच आरोपी ने बच्ची के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की। बच्ची ने डरते-डरते घर लौटकर अपनी मां को सारी घटना बताई। मां ने बेटी से पूछताछ की तो 'बैड टच' की आपबीती सुनकर खून का पानी हो गया।यह बात जल्द ही आसपास की महिलाओं तक फैल गई। आक्रोशित परिजन और महिलाएं आरोपी की इलेक्ट्रिकल दुकान पर पहुंचीं। वहां आरोपी को घेर लिया गया और लोगों ने पहले तो उसे लाठियों और जूतों से पीटा। विरोधियों का गुस्सा इतना भड़का कि आरोपी को दुकान से बाहर घसीट लिया गया। करीब 1 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए गुस्साए लोग उसे थाने ले गए। रास्ते भर नारेबाजी होती रही और सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठा हो गए। थाने के बाहर हंगामा मच गया, लेकिन पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया।सोशल मीडिया पर भीड़ द्वारा आरोपी को पकड़कर पीटने और घसीटते हुए थाने ले जाने का वीडियो वायरल हो चुका है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे लोग आरोपी को सजा दे रहे थे। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोग आरोपी जैसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।पुलिस की कार्रवाई और भविष्य की रूपरेखा पिपरी थाने में पीड़िता की मां ने तहरीर देकर मामला दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पिपरी सीओ हर्ष पाण्डेय ने बताया, "मामला बेहद गंभीर है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। हम फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलवाएंगे ताकि जल्द से जल्द सजा मिल सके। पीड़िता को पूर्ण सुरक्षा दी जाएगी और जांच पूरी पारदर्शिता से होगी।" सीओ ने आगे कहा कि ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।इलाके में सनसनी और जागरूकता की मांग अनपरा नगर और आसपास के इलाकों में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए ट्यूशन सेंटरों और स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ानी चाहिए। कई महिलाओं ने कहा कि ऐसे अपराधियों को सजा मिलनी ही चाहिए ताकि अन्य लोग सबक लें। पुलिस ने भीड़ को शांत करने के बाद स्थिति नियंत्रण में बता दी है।यह घटना एक बार फिर बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों की ओर ध्यान दिलाती है। जागरूकता अभियान चलाने और सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत है।बाइट: "मामला POCSO के तहत दर्ज है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा ताकि दोषी को कड़ी सजा मिले।" - हर्ष पाण्डेय, सीओ पिपरी, सोनभद्र।2
- अनपरा, सोनभद्र: जिले के अनपरा नगर पंचायत में 9 साल की मासूम बच्ची के साथ इलेक्ट्रीशियन टीचर की शर्मनाक हरकत ने इलाके को स्तब्ध कर दिया। ट्यूशन के दौरान 'बैड टच' करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बच्ची ने घर लौटकर मां को आपबीती सुनाई, तो गुस्से से आगबबूला परिजन और आसपास की महिलाएं आरोपी की दुकान पर टूट पड़े। घटना मंगलवार को दोपहर में घटी। स्थानीय इलेक्ट्रीशियन पर बच्ची से छेड़छाड़ का आरोप है। पढ़ाई के बहाने उसने मासूम के साथ अश्लील हरकत की। बच्ची ने घर आकर मां को सारी घटना बताई। यह सुनते ही परिजन भड़क उठे। गुस्साए लोगों ने आरोपी को दुकान से घसीटकर बाहर निकाला और जमकर पिटाई की। करीब 1 किलोमीटर तक उसे घसीटते हुए अनपरा थाने पहुंचाया। सूचना मिलते ही थाने पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। आरोपी को भीड़ ने दबोच लिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पीड़िता की मां की तहरीर पर POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीओ हर्ष पांडेय ने दी सख्त चेतावनी: पिपरी सीओ हर्ष पांडेय ने बताया, "यह बेहद गंभीर मामला है। आरोपी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलेगा। दोषी को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है।" इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों ने आरोपी को सजा देने की मांग तेज कर दी है।1
- Post by कालचिंतन समाचार1
- सोनभद्र के डायट परिसर मैदान में सोमवार को संपन्न हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में मारकुंडी ग्राम पंचायत की 7 लड़कियों को विवाह में शामिल होने से रोकने के मामले में मारकुंडी के ग्राम प्रधान उधम सिंह यादव ने जांच की मांग किया है,शिकायती पत्र लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्राम प्रधान उधम सिंह यादव ने कहा कि इन लड़कियों का विवाह पहले से ही निर्धारित था,दो-दो बार जांच भी हो चुकी थी लेकिन सामूहिक विवाह कार्यक्रम से एक दिन पहले ही प्रशासन ने उन्हें रोक दिया,जबकि लड़कियों के सभी रिश्तेदार पहुंच चुके थे और उनकी विवाह की अन्य रस्में भी घरवाले संपन्न कर चुके थे,ऐसे में कन्याओं और लड़कियों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।1