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*थाना अनपरा क्षेत्रान्तर्गत एक व्यक्ति द्वारा दो नाबालिग बच्चियों के साथ अनुचित स्पर्श (Bad Touch) करने व पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही करने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी पिपरी सोनभद्र, श्री हर्ष पाण्डेय की बाइट।👆🏾👆🏾* *थाना अनपरा क्षेत्रान्तर्गत एक व्यक्ति द्वारा दो नाबालिग बच्चियों के साथ अनुचित स्पर्श (Bad Touch) करने व पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही करने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी पिपरी सोनभद्र, श्री हर्ष पाण्डेय की बाइट।👆🏾👆🏾*
Bharat kumar bharat
*थाना अनपरा क्षेत्रान्तर्गत एक व्यक्ति द्वारा दो नाबालिग बच्चियों के साथ अनुचित स्पर्श (Bad Touch) करने व पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही करने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी पिपरी सोनभद्र, श्री हर्ष पाण्डेय की बाइट।👆🏾👆🏾* *थाना अनपरा क्षेत्रान्तर्गत एक व्यक्ति द्वारा दो नाबालिग बच्चियों के साथ अनुचित स्पर्श (Bad Touch) करने व पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही करने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी पिपरी सोनभद्र, श्री हर्ष पाण्डेय की बाइट।👆🏾👆🏾*
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- एक ही मंडप में 304 जोड़े बने जीवनसाथी - लेकिन कई सपने रह गए अधूरे।सामूहिक विवाह योजना के भव्य आयोजन के बीच उठे गंभीर सवाल, पात्र लाभार्थियों को अंतिम समय में बाहर किए जाने का आरोप। ANCHOR :- सोनभद्र में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक तरफ जहां 304 जोड़ों ने एक ही मंडप में सात फेरे लेकर नई जिंदगी की शुरुआत की, वहीं दूसरी तरफ इस भव्य आयोजन के बीच एक ऐसा पहलू भी सामने आया, जिसने पूरे कार्यक्रम पर सवाल खड़े कर दिए।राबर्ट्सगंज के उर्मौरा स्थित डायट परिसर में हुए इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में परंपराओं के साथ विवाह संपन्न कराए गए, सरकारी सहायता और गृहस्थी का सामान देकर नई शुरुआत की उम्मीदें भी जगाई गईं लेकिन इसी बीच एक रोचक और संवेदनशील मोड़ पर कहानी बदलती नजर आई।मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को लेकर अब आरोप सामने आ रहे हैं कि कई पात्र लाभार्थियों को आखिरी समय में योजना से बाहर कर दिया गया।यानि जहां एक तरफ शहनाइयां गूंज रही थीं, वहीं दूसरी तरफ कुछ घरों में सन्नाटा पसर गया। VO 1 :- सामूहिक विवाह के इस भव्य मंच पर 302 हिंदू और 2 मुस्लिम जोड़ों का विवाह पूरे रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया।वैदिक मंत्रों और पारंपरिक रस्मों के बीच जोड़ों ने सात फेरे लिए और जीवनभर साथ निभाने का वचन दिया।मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने आशीर्वाद दिया, तो वहीं कार्यक्रम के दौरान सपा सांसद छोटेलाल खरवार का पारंपरिक गीतों को गाने का अंदाज लोगों को खूब भाया लोकगीतों की गूंज ने माहौल को जीवंत कर दिया।लेकिन इसी भव्य आयोजन के बीच मारकुंडी ग्राम पंचायत से एक शिकायत ने कहानी का दूसरा पहलू उजागर कर दिया।ग्राम प्रधान उदयम सिंह यादव ने आरोप लगाया है कि गांव के कई गरीब परिवारों के युवक-युवतियों का ऑनलाइन आवेदन कर चयन भी हो चुका था, लेकिन शादी की तारीख तय होने के बाद अचानक उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया।तस्वीर में दिख रही यह युवती…जो अपने विवाह के सपने सजा चुकी थी आज इसी कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाली थी…लेकिन “लक्ष्य पूरा हो गया” कहकर उसके सपनों को रोक दिया गया। VO 2 :- आरोप है कि 23 मार्च को प्रस्तावित विवाह के लिए परिवारों ने तैयारियां शुरू कर दी थीं घरों में रस्में चल रही थीं लेकिन 21 मार्च को खंड विकास अधिकारी की ओर से यह कहकर रोक दिया गया कि लक्ष्य पूरा हो चुका है।यानि जिन घरों में शहनाई बजने वाली थी, वहां मायूसी छा गई।वहीं इस पूरे आयोजन में एक और बड़ा सवाल खड़ा हुआ कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनर में विभागीय समाज कल्याण राज्य मंत्री और ओबरा विधायक संजीव गौड़ का नाम मुख्य अतिथि के तौर पर दर्ज था, लेकिन वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।हैरानी की बात ये भी रही कि जिले का एक भी भाजपा विधायक कार्यक्रम स्थल पर नजर नहीं आया।इस पर सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने मंच से ही तंज कसते हुए कहा कि 2027 के बाद ये नेता जनता के बीच नजर नहीं आएंगे…और जनमानस से जुड़े कार्यक्रमों से दूरी बनाना इसी का संकेत है।उन्होंने यह भी याद दिलाया कि दिशा की बैठक में भी इसी तरह जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी देखने को मिली थी। VO 3 :- वहीं इस पूरे मामले को लेकर जब कार्यक्रम में मौजूद मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी से सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की कोई जानकारी अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आई है।हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर कहीं भी किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो उसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन पात्र जोड़ों को इस बार अवसर नहीं मिल सका, उन्हें 26 मार्च को आयोजित होने वाले अगले मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा।अब बड़ा सवाल यही है कि क्या उन अधूरे सपनों को फिर से पूरा होने का मौका मिल पाएगा…या फिर यह मामला भी जांच के दायरे में ही सिमट कर रह जाएगा। Byte: जागृति अवस्थी - सीडीओ, सोनभद्र Byte: छोटेलाल खरवार, सपा सांसद, राबर्ट्सगंज byte: रतन लाल, पीड़ित byte: रामेश्वर प्रसाद, पीड़ित byte: उधम सिंह, ग्राम प्रधान मारकुंडी4
- सोनभद्र जनपद के बभनी थाना क्षेत्र अंतर्गत रम्पाकुरर गांव में एक 23 वर्षीय युवती का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतका की पहचान सुकमन (23 वर्ष), पुत्री अमरजीत के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, घटना से कुछ समय पहले युवती का फोन पर किसी व्यक्ति से विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि इसी विवाद के बाद उसने कथित रूप से दुपट्टे के सहारे फांसी लगा ली। हालांकि, घटना के समय घर के अन्य सदस्य बाहर गए हुए थे, जिससे काफी देर तक किसी को इसकी भनक नहीं लग सकी। जब परिजन घर लौटे तो उन्होंने युवती को फंदे से लटका देखा। यह दृश्य देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही बभनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए साक्ष्य जुटाए और परिजनों से पूछताछ कर घटना की पूरी जानकारी ली। प्रभारी निरीक्षक दिन्नु प्रसाद यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल पुलिस कॉल डिटेल और युवती के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी खंगाल रही है, ताकि घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके। गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं, जिससे माहौल पूरी तरह गमगीन बना हुआ है।2
- सोनभद्र। जिले के बभनी थाना क्षेत्र अंतर्गत रम्पाकुरर गांव में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक 23 वर्षीय युवती का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान सुकमन (23) पुत्री अमरजीत के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, घटना से पहले युवती का फोन पर किसी से विवाद हुआ था। झगड़े के बाद उसने कथित तौर पर दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि घटना के समय घर के अन्य सदस्य बाहर गए हुए थे, जिसके चलते काफी देर बाद इस घटना की जानकारी हो सकी। जब परिजन घर पहुंचे तो युवती का शव फंदे से लटकता देख उनके होश उड़ गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ कर आवश्यक जानकारी जुटाई और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक दिन्नु प्रसाद यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू से मामले की गहन जांच कर रही है, ताकि घटना के पीछे की असल वजह सामने आ सके।1
- लोकेशन -सोनभद्र -कम्पोजिट स्कूल गोठानी वार्षिकोत्सव समारोह व शिक्षा चौपाल आयोजन - चोपन -सोनभद्र के आदिवासी क्षेत्र के रेणुका नदी पार ग्राम पंचायत गोठानी में न्याय पंचायत सिन्दूरीया द्वारा कम्पोजिट स्कूल गोठानी वार्षिकोत्सव समारोह व शिक्षा चौपाल का आयोजन किया गया। जिसमें कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि संजीव त्रिपाठी, मंडल अध्यक्ष चोपन संजय केशरी मौजूद रहे। कार्यक्रम के संचालक मनीष श्रीवास्तव ने किया इस दौरान मां सरस्वती पुजन कर शुभारंभ कराया गया। कम्पोजिट स्कूल के बच्चों द्वारा संस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से नृत्य करते दिखी बच्चे और आदिवासी क्षेत्र कि सरकारी स्कूल के बच्चों का बहुत अच्छा कला देखने को मिला जिसमें बच्चों ने भक्ति गाना व देश भक्ति,बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के गाना पर बच्चों डांस प्रस्तुत किए। देखा जा रहा है कि आदिवासी क्षेत्र मे शिक्षा मे अब छात्र छात्राएं किसी भी मामले में कम नहीं है शिक्षा के क्षेत्र में आगे देखने को मिल रहा है। और एक बच्ची ने छात्र वित्तीय परिक्षा में पास हो गई उस बच्ची को इंटर शिक्षा के लिए सरकार द्वारा प्रतिमाह 1000 हजार रूपया मिले गा यह बहुत हि गर्व कि बात है आदिवासी क्षेत्र की बेटी के लिए।इस कार्यक्रम में ग्राम प्रधान गोठानी धरमू सहीत शिक्षिका व शिक्षक के साथ सैकड़ों ग्रामीण बच्चे मौजूद रहे बाइट - जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि संजीव त्रिपाठी4
- जनपद सोनभद्र घोरावल तहसील के ग्राम भैसवार में भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति सोनभद्र का धरना 309 दिन में पहुंचा इस धरने का नेतृत्व कर रहे हैं भारती किसान यूनियन लोक शक्ति के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा एवं संजय कुमार यादव कुशवाहा ने बताया कि चकबंदी विभाग के कर्मचारी गांव में अभद्रता का प्रयोग करते हुए कहा कि धरने पर बैठे किसान हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते जिला सचिव संजय कुमार यादव ने जिला सचिव संजय कुमार यादव ने चकबंदी विभाग के जो कर्मचारी गांव में आए थे उन पर सख्त कार्रवाई किया जाए2
- Post by Ravindra Singh1
- सोनभद्र ओबरा क्षेत्र स्थित दुसान कंपनी में पिछले चार महीनों से वेतन न मिलने से नाराज मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को एक हेल्पर ने कंपनी परिसर में जमकर हंगामा किया, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अन्य मजदूर भी विरोध में शामिल हो गए। जानकारी के अनुसार, कंपनी में कार्यरत कई मजदूरों को बीते चार महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। बार-बार मांग के बावजूद केवल आश्वासन मिलने से नाराज एक हेल्पर ने विरोध शुरू किया। देखते ही देखते अन्य कर्मचारी भी उसके समर्थन में उतर आए और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की मजदूरों का आरोप है कि वेतन न मिलने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है, लेकिन कंपनी प्रबंधन इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहा है।1
- (सोनभद्र) ओबरा क्षेत्र स्थित दुसान कंपनी में वेतन भुगतान को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। पिछले चार महीनों से वेतन न मिलने से परेशान मजदूरों का आक्रोश सोमवार को खुलकर सामने आ गया, जब कंपनी परिसर में अचानक हंगामे की स्थिति बन गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कंपनी में कार्यरत एक हेल्पर ने लगातार हो रही अनदेखी और आश्वासन से तंग आकर विरोध जताना शुरू किया। उसका विरोध धीरे-धीरे उग्र होता गया और देखते ही देखते अन्य मजदूर भी उसके समर्थन में उतर आए। कुछ ही समय में पूरा परिसर नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन से गूंज उठा, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद मजदूरों का कहना है कि वे पिछले चार महीनों से वेतन के लिए लगातार प्रबंधन से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन जानबूझकर मामले को टाल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। मजदूरों ने बताया कि वेतन न मिलने के कारण उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। कई मजदूरों के परिवारों पर इसका सीधा असर पड़ा है—बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन और अन्य जरूरी खर्च प्रभावित हो रहे हैं। कुछ मजदूरों ने यह भी बताया कि उन्हें उधार लेकर अपने परिवार का भरण-पोषण करना पड़ रहा है। विरोध कर रहे मजदूरों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो वे व्यापक स्तर पर आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि जरूरत पड़ने पर वे कार्य बहिष्कार, धरना-प्रदर्शन और संबंधित अधिकारियों से शिकायत तक का रास्ता अपनाएंगे। इस पूरे मामले में कंपनी प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे मजदूरों में और अधिक नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि प्रशासन या संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।2
- Post by आजाद जमावादी1