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#समृद्धि_यात्रा आज के अंतिम चरण में कैमूर के पावन धरती पर माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को आगमन हुआ इस सभा को संबोधित करते हुए अपने मुखार बिंदु से माननीय मंत्री मोo जमा खान साहब। #mdzamakhan #NitishKumar
आजाद जमावादी
#समृद्धि_यात्रा आज के अंतिम चरण में कैमूर के पावन धरती पर माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को आगमन हुआ इस सभा को संबोधित करते हुए अपने मुखार बिंदु से माननीय मंत्री मोo जमा खान साहब। #mdzamakhan #NitishKumar
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- Post by आजाद जमावादी1
- भभुआ (कैमूर): राष्ट्रीय जनता दल (राजद) कैमूर इकाई ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित समृद्धि यात्रा को लेकर कड़ा विरोध जताया है। राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जिला मुख्यालय भभुआ आने के बजाय जनता से बचते हुए एक मंत्री के निजी आवास पर कार्यक्रम कर रहे हैं, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। विरोध प्रदर्शन के दौरान रामगढ़ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अजीत सिंह ने कहा कि यह समृद्धि यात्रा नहीं बल्कि “विदाई यात्रा” है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रगति यात्रा के दौरान कैमूर जिले के लिए लगभग 950 करोड़ रुपये की घोषणाएं की गई थीं, लेकिन अब तक उनमें से किसी भी योजना को धरातल पर नहीं उतारा गया। उन्होंने कहा कि घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं और वर्तमान यात्रा में भी पूर्व घोषणाओं का कोई उल्लेख नहीं किया जा रहा है। वहीं भभुआ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी बिरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि पिछले 21 वर्षों में मुख्यमंत्री ने कैमूर जिले को केवल झूठी घोषणाएं और शिलापट्ट देने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि जिला कलेक्ट्रेट समेत कई महत्वपूर्ण विकास कार्य पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और वरिष्ठ नेता जगदानंद सिंह के कार्यकाल की देन हैं। उनके अनुसार मोहनिया अनुमंडल सहित जिले में कई प्रखंडों का निर्माण पूर्व सरकार में हुआ, जबकि वर्तमान सरकार पुराने भवनों का रखरखाव भी नहीं करा पा रही है। राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जनता से डरकर जिला मुख्यालय आने से बच रहे हैं और यह यात्रा भाजपा के इशारों पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तविक विकास करना होता तो मुख्यमंत्री भभुआ पहुंचकर जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों की समस्याएं सुनते और जनता से सीधे संवाद करते। कार्यक्रम में राजद नेता बबनलाल श्रीवास्तव, सुरेश सिंह, संतोष पटेल, पशुपतिनाथ सिंह, संजय सिंह, अवधेश कुशवाहा, सुबास यादव, नंदकुमार यादव, आकाश पटेल, रोहित तिवारी सहित कई नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। राजद नेताओं ने चेतावनी दी कि आने वाले समय में जनता सरकार को जवाब देने का काम करेगी। रिपोर्ट ---ओम प्रकाश तिवारी4
- डेहरी में कल आ रहे सीएम नीतीश कुमार। भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक। एसपी बोले- चैती छठ के संध्या अर्घ्य को लेकर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।1
- चन्दौली (कटेंसर) पंचायत भवन निर्माणचन्दौली जिले में पंचायत भवन का निर्माण आमतौर पर ग्राम पंचायत स्तर पर किया जाता है। यह निर्माण कार्य अक्सर सरकारी योजनाओं जैसे: 15वाँ वित्त आयोग मनरेगा (MGNREGA) राज्य वित्त आयोग के तहत कराया जाता है। 🏢 पंचायत भवन का उद्देश्य ग्राम पंचायत की बैठकें सरकारी योजनाओं का संचालन ग्रामीणों की शिकायत/सुविधा केंद्र दस्तावेज़ और रिकॉर्ड रखने की जगह 🔎 अगर आप जानना चाहते हैं:अगर आप जानना चाहते हैं: निर्माण हुआ है या नहीं बजट/टेंडर/कार्य प्रगति शिकायत कैसे करें फोटो या लोकेशन तो आप ये कर सकते हैं: अपने ग्राम पंचायत सचिव या प्रधान से संपर्क करें ब्लॉक कार्यालय (BDO) से जानकारी लें पंचायत राज विभाग की वेबसाइट देखें1
- Post by पत्रकार अमान खान (ब्यूरो चीफ)1
- Post by Raman Kishor Chaubey1
- आदिवासी युवतियों ने नौकरी का झांसा देकर ठगी करने के मामले में मंगलवार दोपहर 12 बजे ,चुर्क पुलिस लाइन में स्थित एसपी ऑफिस पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया। उनका कहना था कि उन लोगो को वाराणसी में बंधक बनाकर काम कराया गया और नौकरी देने के नाम पर उनसे रुपये वसूले गए, सभी पांचों लड़कियां किसी तरह भागकर सोनभद्र पहुंची और FIR दर्ज कराने बभनी थाने गयीं लेकिन कोई कारर्वाई नहीं हुई। पीड़ितों ने काशी हरबोना एसोसिएट रतनपुरा वाराणसी नामक कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित सावित्री, देवंती, मानमती, अनीता खरवार और राकेश खरवार ने बताया कि उन्हें अच्छी सैलरी का लालच देकर फोन के जरिए वाराणसी बुलाया गया। वहां पहुंचने पर उनसे फर्जी फॉर्म भरवाए गए और रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर मोटी रकम वसूली गई। सावित्री से 21 हजार, देवती से 40 हजार, मानमती से 26 हजार, अनीता खरवार से 26 हजार और राकेश खरवार से 17,050 रुपए लिए गए। युवतियों का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें बंधक बनाकर काम कराया। उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए थे और परिजनों से बातचीत पर नजर रखी जाती थी। कुछ दिन बाद मौका मिलते ही सभी वहां से भागकर अपने घर सोनभद्र लौट आईं। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने अपनी जमा रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उनके साथ पीड़ित और परिजन पुलिस लाइन चुर्क पहुंचे और अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि घटना वाराणसी की होने के कारण जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला वाराणसी स्थानांतरित किया जा रहा है। अब पूरे प्रकरण की जांच वाराणसी पुलिस करेगी।1
- Post by आजाद जमावादी1