शेखपुरा जिले के घाटकुसुम्भा प्रखंड मुख्यालय स्थित टाटी नदी के किनारे बड़ी मात्रा में मेडिकल वेस्ट मिलने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से करीब 700 मीटर दक्षिण टाटी नदी के किनारे इस्तेमाल की गई सिरिंज, सुई, ग्लव्स और अन्य खतरनाक जैव-चिकित्सा अपशिष्ट बिखरे पड़े मिले। खुले में पड़े इस कचरे को लेकर लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के बजाय उसे खुले स्थान पर फेंक दिया जाता है। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन और कचरा उठाव से जुड़े ठेकेदार को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने आशंका जताई कि बरसात और बाढ़ के समय यह कचरा नदी के पानी और खेतों में फैल सकता है, जिससे भूजल प्रदूषित होने, संक्रमण फैलने और इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. आशा कुमारी ने नदी किनारे मेडिकल कचरा फेंके जाने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में निस्तारण निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार ही कराया जाता है। दूसरी तरफ, सूत्रों के मुताबिक पूरे मुंगेर प्रमंडल में मेडिकल वेस्ट के निस्तारण का जिम्मा एक निजी कंपनी को सौंपा गया है, लेकिन कंपनी पर नियमित उठाव न करने के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और सुरक्षित निस्तारण की मांग की है।
शेखपुरा जिले के घाटकुसुम्भा प्रखंड मुख्यालय स्थित टाटी नदी के किनारे बड़ी मात्रा में मेडिकल वेस्ट मिलने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से करीब 700 मीटर दक्षिण टाटी नदी के किनारे इस्तेमाल की गई सिरिंज, सुई, ग्लव्स और अन्य खतरनाक जैव-चिकित्सा अपशिष्ट बिखरे पड़े मिले। खुले में पड़े इस कचरे को लेकर लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने
के बजाय उसे खुले स्थान पर फेंक दिया जाता है। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन और कचरा उठाव से जुड़े ठेकेदार को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने आशंका जताई कि बरसात और बाढ़ के समय यह कचरा नदी के पानी और खेतों में फैल सकता है, जिससे भूजल प्रदूषित होने, संक्रमण फैलने और इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. आशा कुमारी
ने नदी किनारे मेडिकल कचरा फेंके जाने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में निस्तारण निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार ही कराया जाता है। दूसरी तरफ, सूत्रों के मुताबिक पूरे मुंगेर प्रमंडल में मेडिकल वेस्ट के निस्तारण का जिम्मा एक निजी कंपनी को सौंपा गया है, लेकिन कंपनी पर नियमित उठाव न करने के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और सुरक्षित निस्तारण की मांग की है।
- जिले के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और ग्रामीण समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने गुरुवार की दोपहर करीब 3 बजे चेवाड़ा प्रखंड की चक्रदरा पंचायत स्थित रविदास टोला का गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों के साथ डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान यह बात सामने आई कि रोजगार के अभाव में अधिकांश ग्रामीण काम के लिए ईंट-भट्ठों पर बाहर चले जाते हैं। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि पलायन रुके और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। ग्राम विकास के लिए जिलाधिकारी ने कृषि फार्म विकसित करने, नई दुकानें स्थापित कराने, महिलाओं को जीविका समूह से जोड़ने, सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने और बच्चों की पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे टोले में पक्की गली-नाली निर्माण, पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ देने, नए राशन कार्ड बनाने और छूटे सदस्यों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ देने के लिए गांव में सहयोग शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए। संवाद कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण युवतियों रूबी कुमारी और पिंकी कुमारी ने बिहार पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए दौड़ ट्रैक बनवाने की मांग रखी। वहीं राजेश कुमार ने स्वरोजगार के लिए सहायता और छोटी बच्चियों ने सुरक्षित आवागमन के लिए पिंक बस चलाने का अनुरोध किया, जिस पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक पहल का भरोसा दिया। निरीक्षण के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी और ग्रामीण आवास सहायक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व ग्रामीण मौजूद रहे।1
- लखीसराय में अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पटना एसटीएफ से मिली गुप्त सूचना के आधार पर कवैया थाना पुलिस ने विशेष अभियान चलाते हुए पिता-पुत्र समेत तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तस्करों के पास से कुल एक अवैध पिस्टल, 70 जिंदा कारतूस और दो मैगजीन जब्त की हैं। पुलिस टीम ने नगर परिषद के वार्ड संख्या-29 स्थित मकूना गांव में छापेमारी कर रामेश्वर महतो और उसके पुत्र सत्येंद्र कुमार को गिरफ्तार किया। इनके घर से एक अवैध पिस्टल और 40 जिंदा कारतूस बरामद हुए। दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर पुलिस ने वार्ड संख्या-17 स्थित संसार पोखर निवासी दुर्गी मंडल के घर पर छापेमारी की, जहां से 30 जिंदा कारतूस और दो मैगजीन बरामद की गई तथा दुर्गी मंडल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी है। इस बात की तफ्तीश की जा रही है कि हथियार और कारतूस कहां से लाए गए थे, इन्हें किसे सप्लाई किया जाना था और इस गिरोह में कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।1
- केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक के दोषियों को शीघ्र कड़ी सजा देने, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने और दिल्ली व पटना में आंदोलनकारी छात्र-युवाओं पर हुए बर्बर पुलिसिया दमन तथा फर्जी मुकदमों को खारिज करने की मांग पर 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद को सफल बनाने के उद्देश्य से छात्र-युवा संगठन आइसा और आर वाई ए ने नालंदा जिले के बिहारशरीफ नगर के विभिन्न स्थानों और मोड़ों पर नुक्कड़ सभाएं व प्रचार अभियान चलाया। इन नुक्कड़ सभाओं को आर वाई ए के जिलाध्यक्ष कामरेड बिरेश कुमार, युवा नेता कामरेड राजेश रविदास, कामरेड सुनिल कुमार और कामरेड फस्सीउद्दीन आदि नेताओं ने संबोधित किया। नेताओं ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में 152 से ज्यादा बार पेपर लीक हो चुका है और सरकार ने शिक्षा, परीक्षा तथा भर्ती की पूरी प्रक्रिया को माफियाओं के हवाले कर दिया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को ही पेपर लीक का कर्ता-धर्ता बताया और एनटीए को 'पेपर लीक एजेंसी' करार दिया। छात्र और युवा नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक छात्र-युवाओं का यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है और लगातार जारी रहेगा।2
- भगवान जगन्नाथ जी के प्रति अगाध श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करते हुए 'जय जगन्नाथ जी' का उद्घोष किया गया है। धार्मिक आस्था और भक्ति भाव से परिपूर्ण इस संदेश में भगवान जगन्नाथ जी के प्रति पूर्ण समर्पण दर्शाया गया है।1
- गंगा में डूबने से दो बालकों की मौत हो गई है, जिसके बाद मोकामा में SDRF की स्थायी तैनाती की मांग एक बार फिर से उठ गई है। पिछले तीन वर्षों के भीतर गंगा में डूबने से 50 से अधिक मौतों का दावा किया गया है, जिसके आधार पर मोकामा में SDRF की स्थायी मौजूदगी सुनिश्चित करने की मांग को बार-बार दोहराया जा रहा है।1
- शेखपुरा जिले के घाटकुसुम्भा प्रखंड मुख्यालय स्थित टाटी नदी के किनारे बड़ी मात्रा में मेडिकल वेस्ट मिलने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से करीब 700 मीटर दक्षिण टाटी नदी के किनारे इस्तेमाल की गई सिरिंज, सुई, ग्लव्स और अन्य खतरनाक जैव-चिकित्सा अपशिष्ट बिखरे पड़े मिले। खुले में पड़े इस कचरे को लेकर लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के बजाय उसे खुले स्थान पर फेंक दिया जाता है। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन और कचरा उठाव से जुड़े ठेकेदार को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने आशंका जताई कि बरसात और बाढ़ के समय यह कचरा नदी के पानी और खेतों में फैल सकता है, जिससे भूजल प्रदूषित होने, संक्रमण फैलने और इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. आशा कुमारी ने नदी किनारे मेडिकल कचरा फेंके जाने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में निस्तारण निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार ही कराया जाता है। दूसरी तरफ, सूत्रों के मुताबिक पूरे मुंगेर प्रमंडल में मेडिकल वेस्ट के निस्तारण का जिम्मा एक निजी कंपनी को सौंपा गया है, लेकिन कंपनी पर नियमित उठाव न करने के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और सुरक्षित निस्तारण की मांग की है।3
- शेखपुरा के समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में गुरुवार को जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में डेंगू की रोकथाम और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए समीक्षा बैठक आयोजित की गई। शाम 4:00 बजे संपन्न हुई इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में घर-घर स्वच्छता अभियान चलाया जाए और एंटी-लार्वा रसायनों का नियमित छिड़काव कराया जाए। इसके अलावा नगर परिषद एवं पंचायत स्तर पर साफ-सफाई, जलजमाव की रोकथाम और फॉगिंग अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी गई। बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने जानकारी दी कि डेंगू मरीजों के बेहतर उपचार के लिए सदर अस्पताल में 30 बेड का विशेष वार्ड तैयार कर लिया गया है। मरीजों की सुविधा के लिए आवश्यक दवाओं, जांच किट और अन्य चिकित्सा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। जिलाधिकारी ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को सभी वार्डों में नियमित फॉगिंग कराने तथा पंचायतों के मुखियाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भी फॉगिंग और स्वच्छता अभियान चलाने का निर्देश दिया। इस समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, डीपीएम स्वास्थ्य, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों के प्रबंधक, चिकित्सा पदाधिकारी एवं हेल्थ इंडिकेटर कर्मी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे अपने घर और आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बांह के कपड़े पहनें और बुखार या डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराकर चिकित्सकीय सलाह लें।1
- शुभ शनिवार के अवसर पर 'जय शनिदेव' का स्मरण करते हुए श्री शनिदेव महाराज का भक्ति मंत्र साझा किया गया है। इस पावन अवसर पर भगवान शनिदेव की भक्ति से भरा संदेश प्रस्तुत कर शनिवार की शुभकामनाएं दी गई हैं।1
- पटना जिले के बाढ़ स्थित बुढ़नीचक गाँव में दिनदहाड़े चोरी की एक वारदात सामने आई है। घटना के दौरान बदमाशों ने घर के सदस्यों को बंधक बना लिया और फिर चोरी की इस घटना को अंजाम दिया।1