सनातन पूजा भंडार: पूजा सामग्री का भरोसेमंद ब्रांड, अब खुद में पहचान ,हमारा कोई कंपटीशन नहीं है, सनातन पूजा भंडार: पूजा सामग्री का भरोसेमंद ब्रांड, अब खुद में पहचान छत्तीसगढ़: धार्मिक और पारंपरिक वस्तुओं की दुनिया में आज सनातन पूजा भंडार ने अपनी अलग पहचान और विश्वास के साथ खुद को एक ब्रांड के रूप में स्थापित कर लिया है। स्थानीय भक्तों और ग्राहकों के अनुसार, सनातन पूजा भंडार सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि पूजा सामग्री और अनुभव का केंद्र बन चुका है। यहाँ मिलने वाली सभी वस्तुएँ – चाहे वह धूप-दीपक, अगरबत्ती, पूजा थाल या अन्य धार्मिक सामग्री हों – सावधानीपूर्वक चुनी और शुद्धता में प्रमाणित होती हैं। संचालकों के कथन: श्री विवेकानंद पांडेय: "हमारा उद्देश्य सिर्फ पूजा सामग्री बेचना नहीं है, बल्कि हर ग्राहक के पूजा अनुभव को पूर्ण और पवित्र बनाना है। सनातन पूजा भंडार में हर वस्तु शुद्धता और गुणवत्ता के साथ आती है।" श्री प्रिंसु पांडेय: "हमारा कोई कंपटीशन नहीं है, क्योंकि हम खुद में एक ब्रांड हैं। हर भक्त यहाँ से लौटते समय संतुष्ट और विश्वास से भरा अनुभव लेकर जाता है।" श्री अभिजीत पांडेय: "सनातन पूजा भंडार का हर उत्पाद हमारी श्रद्धा और पारंपरिक मूल्यों का प्रतिबिंब है। हम चाहते हैं कि हर ग्राहक यहाँ से केवल सामग्री ही नहीं, बल्कि पूजा की सच्ची अनुभूति लेकर जाए।" स्थानीय ग्राहकों ने भी अपनी संतुष्टि व्यक्त की: कृष्ण राज गिरी: "मैं वर्षों से सनातन पूजा भंडार से पूजा सामग्री लेता हूँ। यहाँ हर चीज़ शुद्ध और भरोसेमंद है। उनका सर्विस अनुभव बहुत अच्छा है।" निलेश पांडेय: "यहाँ का हर उत्पाद पारंपरिक और गुणवत्ता में श्रेष्ठ है। सनातन पूजा भंडार ने पूजा को आसान और सार्थक बना दिया है।" अजय पांडेय: "हर बार जब मैं यहाँ आता हूँ, मुझे लगता है कि मैं सिर्फ सामग्री नहीं बल्कि पूजा की सच्ची अनुभूति ले जा रहा हूँ।" प्रमोद देवांगन: "सनातन पूजा भंडार में मुझे हमेशा भरोसे और श्रद्धा के साथ खरीदारी का अनुभव मिलता है। यही वजह है कि मैं हमेशा यहाँ आता हूँ।" स्थानीय लोग और भक्त इस बात की सराहना करते हैं कि सनातन पूजा भंडार हर ग्राहक को पारंपरिक मूल्य और आधुनिक सुविधा दोनों प्रदान करता है। चाहे त्योहार का समय हो या रोजमर्रा की पूजा, यहाँ ग्राहकों को संपूर्ण और शुद्ध पूजा सामग्री आसानी से मिलती है। विशेष रूप से, सनातन पूजा भंडार ने यह साबित किया है कि विश्वास और गुणवत्ता ही सच्चे ब्रांड की पहचान हैं। "जहाँ हर पूजा होती है पूरी, भरोसे और श्रद्धा के साथ।"
सनातन पूजा भंडार: पूजा सामग्री का भरोसेमंद ब्रांड, अब खुद में पहचान ,हमारा कोई कंपटीशन नहीं है, सनातन पूजा भंडार: पूजा सामग्री का भरोसेमंद ब्रांड, अब खुद में पहचान छत्तीसगढ़: धार्मिक और पारंपरिक वस्तुओं की दुनिया में आज सनातन पूजा भंडार ने अपनी अलग पहचान और विश्वास के साथ खुद को एक ब्रांड के रूप में स्थापित कर लिया है। स्थानीय भक्तों और ग्राहकों के अनुसार, सनातन पूजा भंडार सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि पूजा सामग्री और अनुभव का केंद्र बन चुका है। यहाँ मिलने वाली सभी वस्तुएँ – चाहे वह धूप-दीपक, अगरबत्ती, पूजा थाल या अन्य धार्मिक सामग्री हों – सावधानीपूर्वक चुनी और शुद्धता में प्रमाणित होती हैं। संचालकों के कथन: श्री विवेकानंद पांडेय: "हमारा उद्देश्य सिर्फ पूजा सामग्री बेचना नहीं है, बल्कि हर ग्राहक के पूजा अनुभव को पूर्ण और पवित्र बनाना है। सनातन पूजा भंडार में हर वस्तु शुद्धता और गुणवत्ता के साथ आती है।" श्री प्रिंसु पांडेय: "हमारा कोई कंपटीशन नहीं है, क्योंकि हम खुद में एक ब्रांड हैं। हर भक्त यहाँ से लौटते समय संतुष्ट और विश्वास से भरा अनुभव लेकर जाता है।" श्री अभिजीत पांडेय: "सनातन पूजा भंडार का हर उत्पाद हमारी श्रद्धा और पारंपरिक मूल्यों का प्रतिबिंब है। हम चाहते हैं कि हर ग्राहक यहाँ से केवल सामग्री ही नहीं, बल्कि पूजा की सच्ची अनुभूति लेकर जाए।" स्थानीय ग्राहकों ने भी अपनी संतुष्टि व्यक्त की: कृष्ण राज गिरी: "मैं वर्षों से सनातन पूजा भंडार से पूजा सामग्री लेता हूँ। यहाँ हर चीज़ शुद्ध और भरोसेमंद है। उनका सर्विस अनुभव बहुत अच्छा है।" निलेश पांडेय: "यहाँ का हर उत्पाद पारंपरिक और गुणवत्ता में श्रेष्ठ है। सनातन पूजा भंडार ने पूजा को आसान और सार्थक बना दिया है।" अजय पांडेय: "हर बार जब मैं यहाँ आता हूँ, मुझे लगता है कि मैं सिर्फ सामग्री नहीं बल्कि पूजा की सच्ची अनुभूति ले जा रहा हूँ।" प्रमोद देवांगन: "सनातन पूजा भंडार में मुझे हमेशा भरोसे और श्रद्धा के साथ खरीदारी का अनुभव मिलता है। यही वजह है कि मैं हमेशा यहाँ आता हूँ।" स्थानीय लोग और भक्त इस बात की सराहना करते हैं कि सनातन पूजा भंडार हर ग्राहक को पारंपरिक मूल्य और आधुनिक सुविधा दोनों प्रदान करता है। चाहे त्योहार का समय हो या रोजमर्रा की पूजा, यहाँ ग्राहकों को संपूर्ण और शुद्ध पूजा सामग्री आसानी से मिलती है। विशेष रूप से, सनातन पूजा भंडार ने यह साबित किया है कि विश्वास और गुणवत्ता ही सच्चे ब्रांड की पहचान हैं। "जहाँ हर पूजा होती है पूरी, भरोसे और श्रद्धा के साथ।"
- विशेष आलेख कहते हैं कि सत्ता और प्रशासन की नाक बहुत तेज होती है, उसे दूर से ही घोटाले और गड़बड़ियां सूंघने की आदत होती है। लेकिन बनारसी फेब्रिकेटर के बगल में लालपुर और चैनपुर दुग्गड की चिप्स फैक्ट्री के मामले में शायद यह 'घ्राण शक्ति' (सूंघने की क्षमता) जवाब दे गई है। आज आलम यह है कि फैक्ट्री से निकलने वाली सड़ांध ने पूरे इलाके के जन-जीवन को 'नर्क' बना दिया है, लेकिन विडंबना देखिए—ग्रामीणों के लिए जो 'असहनीय दुर्गंध' है, वह शायद जिले के आला अधिकारियों और कलेक्टर साहब के लिए किसी 'मधुर सुगंध' से कम नहीं है! तभी तो महीनों से ग्रामीण अपनी बदहाली का रोना रो रहे हैं, लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। साहब! यह सिर्फ बदबू नहीं, प्रशासनिक विफलता की सड़न है जब हैंडपंपों और बोरवेल से पानी की जगह 'बदबूदार जहर' निकलने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि सिस्टम सड़ चुका है। चिप्स फैक्ट्री का गंदा पानी जमीन के अंदर रिसकर ग्रामीणों की नसों में जहर घोल रहा है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, बुजुर्गों का दम घुट रहा है, और लोग अपने ही घरों में रुमाल बांधकर बैठने को मजबूर हैं। क्या एसी कमरों में बैठने वाले अधिकारियों को इस बात का अंदाजा भी है कि एक लोटा साफ पानी न मिल पाने का दर्द क्या होता है? फैक्ट्री की मनमानी या 'सुगंधित' सांठगांठ? सवाल यह उठता है कि क्या प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की आंखें बंद हैं? या फिर फैक्ट्री के 'रसूख' की खुशबू इतनी तेज है कि उसके आगे गरीब ग्रामीणों की चीखें और सड़ते हुए पानी की दुर्गंध दब गई है? अगर कलेक्टर साहब की नाक तक यह दुर्गंध नहीं पहुंच रही, तो यह मान लेना चाहिए कि विकास की चकाचौंध में 'आम आदमी' की बुनियादी जरूरतें—साफ हवा और शुद्ध पानी—अब गौण हो चुकी हैं। निष्कर्ष ग्रामीणों का आक्रोश अब ज्वालामुखी की तरह फटने को तैयार है। अगर प्रशासन ने जल्द ही अपनी 'सुगंधित नींद' से जागकर इस चिप्स फैक्ट्री पर नकेल नहीं कसी, तो जनता को अपनी नाक बचाने के लिए सड़कों पर उतरने से कोई नहीं रोक पाएगा। याद रहे साहब, जनता की बदुआओं की दुर्गंध बहुत लंबी चलती है!3
- साइबर ठगी का बड़ा खुलासा बैंक खातों की खरीद फरोख्त करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार...... डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा मामले मे आरोपियों के विरुद्ध की गई सख्त वैधानिक कार्यवाही। आरोपीगण मामले मे शामिल अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फ्रॉड के रकम लेन देन हेतु बैंक खाता की खरीद विक्री कर घटना कर रहे थे कारित। आरोपियों द्वारा प्रार्थी के एकाउंट मे अपराध/साइबर ठगी से सम्बंधित रकम कुल 48500/- रुपये का ट्रांजेक्शन करवाकर रकम निकलावकर कारित की गई थी घटना। मामले मे शामिल अन्य आरोपियों का पता तलाश किया जा रहा है, फरार आरोपियों कों शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जायगा। मामले का संछिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी शौर्य प्रताप साकिन गांधीनगर हनुमान मंदिर के पास थाना गांधीनगर द्वारा दिनांक 29/03/26 को थाना गांधीनगर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि प्रार्थी का ऋत्विक सिंह निवासी सब्जी मार्केट के पीछे गांधीनगर से बहुत पहले से परिचय है जो दुध डेयरी और चाय दुकान का संचालन करता था। इस दौरान दिसम्बर 2024 मे ऋत्विक सिंह प्रार्थी के घर आकर उसका खाता काम नहीं करने की बात बोलकर झांसे मे लेकर 48500/- रुपये डेयरी का रकम बोलकर मंगा लिया एवं एटीएम लेकर उक्त रकम निकाल लिया, उसके कुछ दिन बाद प्रार्थी का खाता होल्ड हो गया था। खाता के सम्बन्ध मे अग्रिम जानकारी लेने पर अपराध/साइबर ठगी से सम्बंधित रकम लेंन देन करने पर खाता होल्ड होने की जानकारी प्रार्थी को प्राप्त हुई है, इसी दौरान प्रार्थी को जानकारी मिला कि रित्विक सिंह अपने दोस्त अमन गुप्ता निवासी देवीगंज रोड अम्बिकापुर के साथ मिलकर इसी प्रकार से कई लोगों के खाता में रूपये मंगाये है। मामले मे प्रार्थी कि रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर मे अपराध क्रमांक 168/26 धारा 318(4),3(5) बी. एन. एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया। मामले को संज्ञान मे लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा थाना गांधीनगर पुलिस टीम को मामले मे सख़्ती से कार्यवाही कर प्रकरण मे शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे, इसी क्रम मे थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा दौरान विवेचना प्रार्थी व गवाहों का कथन दर्ज किया गया, खाता में ट्रांसफर रकम के संबंध में ऑनलाईन पोर्टल पर चेक किये जाने पर शिकायत दर्ज होना पाया गया, विवेचना दौरान आरोपी ऋत्विक सिंह और अमन गुप्ता को हिरासत में लेकर पुछताछ किया गया जो आरोपियों द्वारा अपना नाम (01) ऋत्विक सिंह आत्मज नरेन्द्र कुमार सिंह उम्र 25 वर्ष निवासी गांधीनगर हाई स्कूल के पिछे थाना गांधीनगर (02)अमन कुमार गुप्ता आत्मज स्व० चंद्रशेखर गुप्ता उम्र 24 वर्ष निवासी देवीगंज रोड, थाना कोतवाली अंबिकापुर का होना बताये, आरोपियों से पूछताछ किये जाने पर बताये कि आरोपीगण मामले मे शामिल अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फ्रॉड के रकम लेन देन हेतु बैंक खाता की खरीद विक्री किया करते थे। आरोपी रित्विक सिंह के द्वारा अपना तीन खाता एवं प्रार्थी का खाता और अमन गुप्ता के द्वारा अपना एक करेंट अकाउंट मय सीम के मामले मे शामिल अन्य आरोपी को दिया गया है। जिन खातों में ऑनलाईन फ्रॉड के माध्यम से रकम ट्रांसफर होना पाया गया। इसके अलावा पियुष तिवारी के खाता में भी रूपये ट्रांसफर कराकर नगदी आहरण कर नगदी प्राप्त कर सीडीएम मशीन के माध्यम से ट्रांसफर करना बताया गया, मामले मे शामिल आरोपी पियुष तिवारी को तलब कर पुछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम (03) पियुष तिवारी आत्मज कृपा शंकर तिवारी उम्र 25 वर्ष निवासी सत्तीपारा थाना अम्बिकापुर* का होना बताया, आरोपी से घटना के सम्बन्ध मे पूछताछ किये जाने पर अपराध घटित करना स्वीकार किया गया, पियुश कुमार तिवारी के खाता में कई ऑनलाईन शिकायतो का रकम ट्रांसफर होना पाया गया। आरोपीगण एक साथ मिलकर फ्रॉड से संबंधित रकम को प्राप्त करने हेतु अपने और अन्य लोगों के बैंक खाता का उपयोग किये है। जो प्रकरण में धारा 317(4) बी.एन.एस. जोड़ा गया, आरोपियों के मोबाईल से खाता एवं रकम लेन देन का डाटा संधारित कर मय मोबाईल के जप्त किया गया। आरोपियों के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण मे आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाता है। सम्पूर्ण कार्यवाही मे थाना गांधीनगर से उप निरीक्षक दिलीप दुबे, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह, प्रधान आरक्षक विकास सिन्हा, आरक्षक वीरेंद्र पैकरा, लालदेव, अशोक यादव, घनश्याम देवांगन, राहुल केरकेट्टा, अमन पुरी, विकास मिश्रा, रमेश राजवाड़े सक्रिय रहे।1
- 🛑 ब्रेकिंग न्यूज़ | अंबिकापुर 🛑 ग्राम पंचायत लबजी के आंगनबाड़ी केंद्र की जर्जर हालत, किराए के कच्चे मकान में चल रहा संचालन अंबिकापुर जनपद के ग्राम पंचायत लबजी में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र बदहाली के आंसू रो रहा है। केंद्र की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि बच्चों और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, वर्षों से आंगनबाड़ी केंद्र को मजबूरी में पास ही एक किराए के कच्चे मकान में संचालित किया जा रहा है। नया भवन निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है, जिसके कारण न तो बच्चों को सही सुविधाएं मिल पा रही हैं और न ही कार्यकर्ता एवं सहायिका को उचित कार्यस्थल। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरपंच, सचिव और विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार शिकायत के बावजूद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नए भवन का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए और आंगनबाड़ी केंद्र को सुरक्षित एवं व्यवस्थित स्थान पर संचालित किया जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके। 📢 रिपोर्टर: हिमांशु राज md news Vice Bureau, Ambikapur (छत्तीसगढ़) 📞 78058380764
- Post by Ramesh Kumar Kewat1
- Jai Shri Ram jai hanuman ji Maharaj दोरज पहाड़ी हनुमान जी का दर्शन करे अपने जीवन को धन्य बनावे जय श्री राम जय हनुमान जी हनुमान जी सभी की मनोकामना पूर्ण करे जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम3
- बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत सिंदूर में निर्माण कार्य भारी अनियमित जल संसाधन के द्वारा कराए जा रहे काम गुणवत्ताहीन एवं घाटिया की सिम के नहर निर्माण किया जा रहा है जिसके लेकर ग्रामीणों ने जताया दुख1
- अवैध शराब तस्कर का गिरफ्तार होने के बाद पुलिस के साथ फोटो1
- Post by Suraj shriwastava1