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जलूस ए ईदमिलादुन नबी का जलूस निकला दरभंगा के किलाघाट से जलूस ए ईदमिलादुन नबी का जलूस निकला दरभंगा के किलाघाट से
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जलूस ए ईदमिलादुन नबी का जलूस निकला दरभंगा के किलाघाट से जलूस ए ईदमिलादुन नबी का जलूस निकला दरभंगा के किलाघाट से
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- BreakingNews नेपाल में अचानक बाढ़ के बाद बिहार में भी हाई अलर्ट, बिहार के 6 जिलों मे सतर्कता बढ़ाई..हालात से निपटने के लिए NDRF टीमें अलर्ट मोड पर सुनिए सीतामढ़ी जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया क्या बोले अफबाहो पर ध्यान ना दे बिहार1
- हाँ, इस बात को सकारात्मक और कानून के दायरे में जनता तक पहुँचाना बेहतर रहेगा—अधिकारी की ईमानदारी की सराहना भी हो और जनता को यह संदेश भी मिले कि किसी भी काम के लिए बिचौलिये या कमीशन की जरूरत नहीं है। हाँ, इस बात को सकारात्मक और कानून के दायरे में जनता तक पहुँचाना बेहतर रहेगा—अधिकारी की ईमानदारी की सराहना भी हो और जनता को यह संदेश भी मिले कि किसी भी काम के लिए बिचौलिये या कमीशन की जरूरत नहीं है।1
- जलूस ए ईदमिलादुन नबी का जलूस निकला दरभंगा के किलाघाट से जलूस ए ईदमिलादुन नबी का जलूस निकला दरभंगा के किलाघाट से1
- बहेड़ी में बोलेरो का कहर! 😱 45 साल के अरुण की मौत, गाड़ी से 302 ग्राम गांजा बरामद! बहेड़ी में बोलेरो का कहर! 😱 45 साल के अरुण की मौत, गाड़ी से 302 ग्राम गांजा बरामद!1
- स्वतंत्रता सेनानी के पुत्र 2 साल से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं आखिर कब मिलेगा न्याय बिहार के दरभंगा जिला के बहादुरपुर प्रखंड के भरतपुर देवासी राजेश पासवान जिनके पिताजी स्वतंत्रता सेनानी थे उन्हें जो जमीन का पर्चा दिया गया था और जिस जमीन लिए थे जिसे उनके पास कागजात है लेकिन उन्हें वह बाहर में माधुरी करते थे और अपनी जमीन विश्वास पर किसी को दिए हुए थे जब उन्हें पता चला कि हमारे जमीन को कुछ लोगों के द्वारा भेज दिया गया है या बचा जा रहा है तो उन्होंने आवेदन रजिस्ट्री ऑफिस कर्मचारी थाना एवं कई जगह पर गए हैं 2 साल के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अभी तक नहीं मिला नहीं उन्होंने कहा कि अगर मुझे निष्पक्ष जांच कर हमारी जमीन को मुझे दिया जाए जो 2 साल से मजदूरी करते हैं आखिर उन्होंने कहा कि जब कभी हम जाते हैं तो हमें जान से मारने की धमकी एवं थाना खरीदने की बात करते हैं और कहते हैं कि जो इनका मदद करेगा उसे भी बक्सा नहीं जाएगा आखिर प्रशासन से न्याय की को हर लगाते हुए क्या कुछ कहे चलिए अच्छी पूरा इंटरव्यू1
- सहोड़ा गांव में धूमधाम से मनाई गई राजा सलहेश पूजा, तलवार पर खड़े होकर दिखाए गए.. हायाघाट प्रखंड क्षेत्र के आनंदपुर सिहोड़ा पंचायत स्थित सहोड़ा गांव अखाड़ा परिसर में सदियों पुरानी परंपरा के तहत राजा सलहेश पूजा धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। पूजा के दौरान पजियार ने तलवार पर खड़े होने समेत कई तरह के हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को रोमांचित किया। वहीं, राजा सलहेश मंदिर के निर्माण कार्य को भी जोर-शोर से आगे बढ़ाया जा रहा है। पूजा समिति और स्थानीय लोगों के सहयोग से मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। इस दौरान मुखिया कृष्णकांत चौधरी, दीपक कुमार झा, मनीष सिंह, रंजीत भगत, अशोक पासवान, रंजीत पासवान, विनोद पासवान, विजय पासवान, सूर्या पासवान, दिलीप राय, देवकांत राय, रामबाबू पासवान अमरजीत पासवान समेत सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।1
- 🚨 बिहार में गंडक को लेकर बड़ा अलर्ट! बिहार के आधिकारिक Flood Forecast में डुमरियाघाट (गोपालगंज) में गंडक खतरे के निशान से ऊपर, जबकि रेवाघाट (मुजफ्फरपुर), हाजीपुर और बगहा में गंडक चेतावनी स्तर से ऊपर दर्ज है। नेपाल की बाढ़ का पानी ट्रिशूली नदी के रास्ते गंडक सिस्टम में आने की वजह से अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण हैं। हालांकि अधिकारियों ने फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं बताई है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। 👉 नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोग अफवाहों से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। स्थिति बदल सकती है—ताजा अपडेट के लिए जुड़े रहें।1
- नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त 2026 को ग्लेशियर/चट्टान टूटने और भूकंपीय हलचल के कारण भोटेकोशी, त्रिशूली और ल्हांदे नदियों में भीषण (अचानक बाढ़) आया है। नुकसान की स्थिति: जान-माल की क्षति: 95 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और कई सौ लोग लापता हैं। लापता लोग: लगभग 380+ पर्यटक (जिनमें 100 से अधिक भारतीय शामिल हैं) और दर्जनों स्थानीय व सुरक्षाकर्मी लापता हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर: 19 से अधिक पुल, सड़कों के कई किलोमीटर हिस्से और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (बिजली परियोजनाएं) बह गए हैं या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। भारत पर असर: बिहार और यूपी में अलर्ट: नेपाल से आ रही नदियों (जैसे गंडक, कोशी और त्रिशूली) का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण बिहार के 6 सीमावर्ती जिलों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। निकासी कार्य: बिहार प्रशासन ने निचले इलाकों से करीब 5,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। राहत और मदद: भारत सरकार ने वायुसेना (C-17 और C-130J विमानों) के ज़रिए नेपाल में तुरंत 10 टन राहत सामग्री, दवाएं और बचाव टीमें भेजी हैं।1