झारखंड से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए बैद्यनाथ राम का जीवन संघर्ष, सादगी और जनसेवा की एक प्रेरक कहानी है। राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय होने से पहले, वे एक समर्पित शिक्षक के रूप में बच्चों को शिक्षा प्रदान करते थे। बैद्यनाथ राम अपने अनुशासन, सरल स्वभाव और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे, जहाँ चॉक और डस्टर उनके दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा थे और वे कक्षा में बच्चों को 'क' से कमल और 'ख' से खरगोश पढ़ाते थे। समाज की समस्याओं को करीब से देखने और लोगों के हितों के लिए काम करने की तीव्र इच्छा ने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर निरंतर सक्रिय रहकर, बैद्यनाथ राम ने धीरे-धीरे जनता के बीच अपनी एक मजबूत पहचान स्थापित की। उन्होंने अपने संघर्ष और कड़ी मेहनत के दम पर राजनीति में अपनी एक विशिष्ट जगह बनाई है और आज वे झारखंड की राजनीति के महत्वपूर्ण चेहरों में गिने जाते हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विश्वासपात्र नेताओं में शुमार बैद्यनाथ राम को राज्यसभा भेजा जाना उनकी वर्षों की अथक मेहनत और जनसेवा का सम्मान माना जा रहा है। एक समय विद्यालय में बच्चों को शिक्षा देने वाले बैद्यनाथ राम अब देश के सर्वोच्च सदनों में से एक राज्यसभा में झारखंड की आवाज बुलंद करेंगे। उनका यह सफर इस बात का प्रमाण है कि समर्पण, ईमानदारी और जनता के प्रति प्रतिबद्धता के माध्यम से कोई भी व्यक्ति जीवन में ऊंचाइयों तक पहुँच सकता है।
झारखंड से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए बैद्यनाथ राम का जीवन संघर्ष, सादगी और जनसेवा की एक प्रेरक कहानी है। राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय होने से पहले, वे एक समर्पित शिक्षक के रूप में बच्चों को शिक्षा प्रदान करते थे। बैद्यनाथ राम अपने अनुशासन, सरल स्वभाव और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे, जहाँ चॉक और डस्टर उनके दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा थे और वे कक्षा में बच्चों को 'क' से कमल और 'ख' से खरगोश पढ़ाते थे। समाज की समस्याओं को करीब से देखने और लोगों के हितों के लिए काम करने की तीव्र इच्छा ने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर निरंतर सक्रिय रहकर, बैद्यनाथ राम ने धीरे-धीरे जनता के बीच अपनी एक मजबूत पहचान स्थापित की। उन्होंने अपने संघर्ष और कड़ी मेहनत के दम पर राजनीति में अपनी एक विशिष्ट जगह बनाई है और आज वे झारखंड की राजनीति के महत्वपूर्ण चेहरों में गिने जाते हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विश्वासपात्र नेताओं में शुमार बैद्यनाथ राम को राज्यसभा भेजा जाना उनकी वर्षों की अथक मेहनत और जनसेवा का सम्मान माना जा रहा है। एक समय विद्यालय में बच्चों को शिक्षा देने वाले बैद्यनाथ राम अब देश के सर्वोच्च सदनों में से एक राज्यसभा में झारखंड की आवाज बुलंद करेंगे। उनका यह सफर इस बात का प्रमाण है कि समर्पण, ईमानदारी और जनता के प्रति प्रतिबद्धता के माध्यम से कोई भी व्यक्ति जीवन में ऊंचाइयों तक पहुँच सकता है।
- झारखंड के लातेहार जिले के गारू थाना क्षेत्र अंतर्गत कोटाम मोड़ के समीप टांगीनाथ धाम से पूजा-अर्चना कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप वाहन बीती रात्रि करीब 11 बजे अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में कुल 16 श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें से तीन की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लातेहार प्रखंड के तरवाड़ीह गांव के दर्जनों श्रद्धालु टांगीनाथ में पूजा-अर्चना करने के बाद पिकअप वाहन से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान कोटाम मोड़ के पास वाहन अचानक असंतुलित होकर सड़क पर पलट गया। घायलों में अनीता देवी, रौनक कुमार, सोनी देवी, सरिता देवी, बजरंग प्रसाद, रोहित कुमार, रम्भा देवी, नवजात शिवंश, सात वर्षीय आयन गुप्ता, बिनीता गुप्ता, यशोदा गुप्ता, संतोष प्रसाद, बिट्टू प्रसाद, प्रेमा देवी, राजू कुमार और अमदी देवी शामिल हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना मिलते ही गारू थाना प्रभारी जयप्रकाश शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। थाना प्रभारी ने रेफरल अस्पताल से एंबुलेंस की व्यवस्था कर स्थानीय लोगों और सार्वजनिक वाहनों की सहायता से सभी घायलों को लातेहार सदर अस्पताल पहुंचाया। सदर अस्पताल में डॉ. अभिषेक अंकुर और अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. अमूल्या गुलाब लकड़ा ने घायलों का उपचार किया। जांच के बाद बजरंग प्रसाद, रोहित कुमार और रीना देवी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा के लिए रेफर कर दिया गया।4
- लातेहार के बुनियादी स्कूल के समीप रविवार सुबह करीब 10 बजे एक अज्ञात ट्रैक्टर ने बाइक पर सवार दो लोगों को टक्कर मार दी। इस घटना में दोनों लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए लातेहार अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल कुंदन कुमार और सुमित कुमार ने बताया कि वे दोनों सैलून से बाल कटाकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक सड़क पर निकले ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मार दी और घटना को अंजाम देने के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के मिशन चौक में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है।1
- रविवार सुबह रांची के तुपुदाना ओपी क्षेत्र में सिरी गांव के पास सड़क किनारे एक महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वायड और टेक्निकल टीम को भी जांच में शामिल किया है। पुलिस आसपास के इलाके और घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर महिला की पहचान करने और इस घटना की वजह का पता लगाने का प्रयास कर रही है। जांच के दौरान घटनास्थल से कुछ महत्वपूर्ण सबूत भी प्राप्त हुए हैं, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। फिलहाल, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस घटना से जुड़ी पूरी जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सार्वजनिक की जा सकेगी।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के पारही डांडी टोली और अलौदी गांव में एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच शव जलाने और अंधविश्वास को लेकर एक विवाद उत्पन्न हो गया। प्रशासन को इस मामले की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी तत्काल श्मशान स्थल पर पहुँचे। उन्होंने वहाँ मौजूद दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद, थाना प्रभारी ने स्वयं शव को कंधा देकर पीड़ित परिवार को अंतिम संस्कार संपन्न कराने में सहयोग प्रदान किया, जिससे उन्होंने एक अनुकरणीय मिसाल पेश की।1
- रांची के रातु थाना क्षेत्र के रातु बड़काटोली में मीना उराईन की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है, जिसमें मृतक महिला के पुत्र ओम उराँव को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूछताछ में ओम ने अपनी माँ की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है। यह घटना गुरुवार की रात की है। मीना उराईन अपने प्रेमी प्रताप उराँव के रातु बड़काटोली स्थित घर पर गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली थीं। ओम ने पुलिस को बताया कि उस रात जब उसने अपनी माँ को घर पर नहीं पाया तो वह सीधे उनके प्रेमी प्रताप उराँव के घर पहुँचा। वहाँ दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर वह आग बबूला हो गया, जिससे प्रताप वहाँ से भाग गया। गुस्से में ओम ने डंडे से अपनी माँ के सिर पर वार कर दिया, जिससे वह बेसुध होकर गिर पड़ीं। घायल अवस्था में ओम ने ही अपनी माँ को पहले रातु सीएचसी पहुँचाया, जहाँ से उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स, राँची रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान ही मीना उराईन की मौत हो गई, उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी। पुलिस ने आरोपी पुत्र ओम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। गाँव वालों के मुताबिक, ओम उराँव नशे का आदी था और दिनभर नशीले पदार्थों का सेवन करता था, जिससे उसकी मानसिक स्थिति भी कमजोर थी। पुलिस ने पुष्टि की है कि पुत्र ने अवैध संबंध के कारण ही इस घटना को अंजाम दिया था।1
- झारखंड के लातेहार जिले के महुआडाँड़ प्रखंड स्थित साले स्कूल हॉल में 21 जून 2026, रविवार दोपहर 1 बजे 'झारखंड पेसा नियमावली 2025 और पारंपरिक ग्राम सभा' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। केन्द्रीय जन संघर्ष समिति, लातेहार-गुमला, के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर संजीव भगत ने स्पष्ट किया कि आदिवासी समुदाय अपने जल, जंगल और जमीन को केवल पारंपरिक ग्राम सभाओं के गठन से ही बचा सकता है। श्री भगत ने उरांव समुदाय की अपनी पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था पर प्रकाश डाला, जिसे आदिवासी स्वशासन व्यवस्था कहा जाता है। उन्होंने बताया कि पूर्वजों ने अपने जल, जंगल, जमीन और स्वशासन के लिए निरंतर संघर्ष किया और सफलता प्राप्त की, जिसके प्रमाण सीएनटी एक्ट, एसपीटी एक्ट और विलकिलशन रूल जैसे प्रावधान हैं। उन्होंने झारखंड पेसा नियमावली के तहत पारंपरिक सिस्टम के आधार पर ग्राम सभा के गठन के अधिकार पर जोर देते हुए कहा कि पुरखों द्वारा तय किए गए पारंपरिक पदों, जैसे महतो, पाहन, पुजार, जेठ रैयत और गौवारों आदि पंचों का चयन करके ग्राम सभाओं का गठन किया जाना चाहिए। इस अवसर पर प्रो. विनोद भगत ने आदिवासी समाज से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यशाला में छेछाड़ी पड़हा परगना के ग्राम प्रधानों के साथ-साथ लातेहार एवं गुमला जिले के जनसंघर्ष समिति के साथियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में केन्द्रीय जन संघर्ष समिति के कुलदीप मिंज, जयमन्ती बाड़ा, अमला किंडो, गोपाल खाखा और महुआडाँड़ जागृति ग्रुप के प्रवीण एक्का, मंदीप मिंज, जस्टिन लकड़ा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने मीडिया के समक्ष यह घोषणा की है कि टंडवा प्रखंड विधानसभा क्षेत्र में विकास की गंगा बहेगी। विधायक उज्जवल कुमार दास ने आज टंडवा प्रखंड का दौरा किया, जहाँ वे विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए।1