मछवासा नदी उफान पर, अधूरे पुल से जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोग मछवासा नदी उफान पर, अधूरे पुल से जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोग हथवांस-सिलारी को जोड़ने वाले एमपी SH-22 पर वर्षों से चल रहा निर्माण, सुरक्षा इंतजाम भी नदारद पिपरिया। मछवासा नदी इन दिनों उफान पर है, लेकिन हथवांस-सिलारी को जोड़ने वाले एमपी SH-22 पर अधूरे पड़े पुल से लोगों का जोखिम भरा आवागमन जारी है। नदी का जलस्तर बढ़ने के बावजूद लोग अपनी जान की परवाह किए बिना पुल के अधूरे हिस्से से निकलने को मजबूर हैं। सोमवार को एक व्यक्ति घोड़े के साथ पुल पार करता नजर आया। इस दौरान जरा सी चूक बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है। न पुल पूरा हुआ, न सुरक्षा के इंतजाम स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल का निर्माण लंबे समय से चल रहा है, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो पाया है। बारिश के मौसम में मछवासा नदी का जलस्तर बढ़ने से अधूरे पुल से आवागमन और भी खतरनाक हो गया है। इसके बावजूद मौके पर प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड या आवागमन रोकने के पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर उठ रहे सवाल लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन निर्माणाधीन पुल को वर्षों तक अधूरा छोड़ देना और बारिश में लोगों को जोखिम में आवागमन करने देना गंभीर लापरवाही है। ग्रामीणों ने जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधियों से पुल का काम जल्द पूरा कराने तथा तब तक सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। लोगों का कहना है—विकास कार्य जरूर हों, लेकिन विकास की कीमत किसी की जान नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए।
मछवासा नदी उफान पर, अधूरे पुल से जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोग मछवासा नदी उफान पर, अधूरे पुल से जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोग हथवांस-सिलारी को जोड़ने वाले एमपी SH-22 पर वर्षों से चल रहा निर्माण, सुरक्षा इंतजाम भी नदारद पिपरिया। मछवासा नदी इन दिनों उफान पर है, लेकिन हथवांस-सिलारी को जोड़ने वाले एमपी SH-22 पर अधूरे पड़े पुल से लोगों का जोखिम भरा आवागमन जारी है। नदी का जलस्तर बढ़ने के बावजूद लोग अपनी जान की परवाह किए बिना पुल के अधूरे हिस्से से निकलने को मजबूर हैं। सोमवार को एक व्यक्ति घोड़े के साथ पुल पार करता नजर आया। इस दौरान जरा सी चूक बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है। न पुल पूरा हुआ, न सुरक्षा के इंतजाम स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल का निर्माण लंबे समय से चल रहा है, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो पाया है। बारिश के मौसम में मछवासा नदी का जलस्तर बढ़ने से अधूरे पुल से आवागमन और भी खतरनाक हो गया है। इसके बावजूद मौके पर प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड या आवागमन रोकने के पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर उठ रहे सवाल लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन निर्माणाधीन पुल को वर्षों तक अधूरा छोड़ देना और बारिश में लोगों को जोखिम में आवागमन करने देना गंभीर लापरवाही है। ग्रामीणों ने जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधियों से पुल का काम जल्द पूरा कराने तथा तब तक सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। लोगों का कहना है—विकास कार्य जरूर हों, लेकिन विकास की कीमत किसी की जान नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए।
- हत्या के मामले में 9 आरोपियों को आजीवन की सज़ा पिपरिया द्वितीय अपर सत्र न्यायालय सोहागपुर के बांसखापा में 2023 हुई हत्या के मामले में 9 आरोपियों को आजीवन की सज़ा1
- पुण्यतिथि पर सेवा से दी श्रद्धांजलि,, जरूरतमंदों को भी कराए गए भोजन- सोहागपुर (नर्मदापुरम) तहसील निर्वाचन शाखा सोहागपुर के श्री अमित मिश्रा "बंटी भाई" एवं आर्मी सेवानिवृत्त श्री सचिन मिश्रा ने आज अपने पूज्य पिताजी स्व. श्री संतोष कुमार मिश्रा जी "रिटायर्ड डिप्टी रेंजर" की 16वीं पुण्यतिथि पर बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराकर अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया। "अमित भाई ने कहा" - _"कुछ रिश्ते दिल से निभाए जाते हैं। पिताजी के संस्कार ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। पिताजी को शत्-शत् नमन 🙏"_ आज का दिन और भी खास रहा क्योंकि सचिन भाई के सुपुत्र शुभ मिश्रा का जन्मदिन भी था। इस अवसर पर मिष्ठान, नमकीन व फल-फ्रूट का वितरण भी किया गया। ईश्वर स्व. संतोष कुमार जी मिश्रा की आत्मा को शांति प्रदान करें💐 "सेवा_ही_सच्ची_श्रद्धांजलि" 🙏1
- इटारसी यार्ड रोड निर्माण में रेलवे की अजीब लापरवाही! रेलवे स्टेशन से 3 पुलिया तक नई सड़क बन रही है और ग्वाल बाबा से नूरानी मस्जिद मार्ग तक का हिस्सा पहले ही बन चुका है। लेकिन बीच का महज 100 मीटर का टुकड़ा और नाले की पुलिया का काम छोड़ दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, दीपावली के बाद पुलिया चौड़ी करने के लिए सड़क फिर तोड़ी जाएगी। जब 3 महीने से रोड बंद है, तो यह काम अभी लगे हाथ क्यों नहीं किया जा रहा? देखिए इटारसी अपडेट की यह विशेष रिपोर्ट। #ItarsiUpdate #YardRoadItarsi #ItarsiNews #RailwayCivilWork #ItarsiIssues इटारसी यार्ड रोड निर्माण में रेलवे की अजीब लापरवाही! रेलवे स्टेशन से 3 पुलिया तक नई सड़क बन रही है और ग्वाल बाबा से नूरानी मस्जिद मार्ग तक का हिस्सा पहले ही बन चुका है। लेकिन बीच का महज 100 मीटर का टुकड़ा और नाले की पुलिया का काम छोड़ दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, दीपावली के बाद पुलिया चौड़ी करने के लिए सड़क फिर तोड़ी जाएगी। जब 3 महीने से रोड बंद है, तो यह काम अभी लगे हाथ क्यों नहीं किया जा रहा? देखिए इटारसी अपडेट की यह विशेष रिपोर्ट। #ItarsiUpdate #YardRoadItarsi #ItarsiNews #RailwayCivilWork #ItarsiIssues1
- माखन नगर में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के रंग में सराबोर हुआ नगर माखन नगर। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत आज माखन नगर में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। राष्ट्रभक्ति और देशप्रेम की भावना से ओतप्रोत इस यात्रा में नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। तिरंगा यात्रा का शुभारंभ नगर के रामलीला मंच से हुआ, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तालाब परिसर पहुंची, जहां यात्रा का समापन किया गया। यात्रा के दौरान हाथों में तिरंगा लिए बड़ी संख्या में नागरिकों एवं विद्यार्थियों ने देशभक्ति के नारों के साथ सहभागिता की। पूरे मार्ग में ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से वातावरण राष्ट्रभक्ति से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर सोहागपुर विधायक श्री विजयपाल सिंह जी एवं जिला अध्यक्ष श्रीमती प्रीति शुक्ला जी सहित समस्त जनप्रतिनिधिगण, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बंधु उपस्थित रहे। वहीं माखन नगर की समस्त शैक्षणिक संस्थाओं एवं विद्यालयों के छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता कर यात्रा को भव्य स्वरूप प्रदान किया। यात्रा के समापन अवसर पर राष्ट्रकवि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उनके राष्ट्रप्रेम एवं साहित्यिक योगदान को स्मरण करते हुए युवाओं और विद्यार्थियों को देश के प्रति समर्पण की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति को लेकर उपस्थित जनसमुदाय एवं विद्यार्थियों को शपथ भी दिलाई गई। सभी ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। विधायक श्री विजयपाल सिंह ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान देशवासियों में राष्ट्रभक्ति, एकता एवं अखंडता की भावना को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने तथा राष्ट्रहित में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। भव्य तिरंगा यात्रा ने माखन नगर में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जागरूकता और एकता का संदेश दिया तथा नागरिकों में देश के प्रति गौरव और समर्पण की भावना को और अधिक मजबूत किया।4
- पिपरिया के शासकीय अस्पताल में हुई मरीजों के परिजनों के शुरू हुई निशुल्क नारायण सेवा सत्य साई सेवा संगठन मध्य प्रदेश सत्य साई चीचली जिला नरसिंहपुर के सहयोग से अस्पताल के मरीज के परिजनों के लिए शरू हुई नारायण सेव1
- मछवासा नदी उफान पर, अधूरे पुल से जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोग मछवासा नदी उफान पर, अधूरे पुल से जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोग हथवांस-सिलारी को जोड़ने वाले एमपी SH-22 पर वर्षों से चल रहा निर्माण, सुरक्षा इंतजाम भी नदारद पिपरिया। मछवासा नदी इन दिनों उफान पर है, लेकिन हथवांस-सिलारी को जोड़ने वाले एमपी SH-22 पर अधूरे पड़े पुल से लोगों का जोखिम भरा आवागमन जारी है। नदी का जलस्तर बढ़ने के बावजूद लोग अपनी जान की परवाह किए बिना पुल के अधूरे हिस्से से निकलने को मजबूर हैं। सोमवार को एक व्यक्ति घोड़े के साथ पुल पार करता नजर आया। इस दौरान जरा सी चूक बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है। न पुल पूरा हुआ, न सुरक्षा के इंतजाम स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल का निर्माण लंबे समय से चल रहा है, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो पाया है। बारिश के मौसम में मछवासा नदी का जलस्तर बढ़ने से अधूरे पुल से आवागमन और भी खतरनाक हो गया है। इसके बावजूद मौके पर प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड या आवागमन रोकने के पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर उठ रहे सवाल लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन निर्माणाधीन पुल को वर्षों तक अधूरा छोड़ देना और बारिश में लोगों को जोखिम में आवागमन करने देना गंभीर लापरवाही है। ग्रामीणों ने जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधियों से पुल का काम जल्द पूरा कराने तथा तब तक सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। लोगों का कहना है—विकास कार्य जरूर हों, लेकिन विकास की कीमत किसी की जान नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए।1