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मध्यप्रदेश के नौगांव में मुखबिर की सूचना पर नौगांव थाना पुलिस ने मऊसहानियां मछली मंडी के पास कार्रवाई करते हुए दो ई-रिक्शों से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है। पुलिस की इस कार्रवाई में खुलासा हुआ कि शराब को ई-रिक्शों की सीटों के नीचे छिपाकर रखा गया था। एक ओर मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा "नशा मुक्ति अभियान" चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शराब तस्कर नए-नए तरीकों से गांव-गांव तक अवैध शराब पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने बरामद शराब और दोनों ई-रिक्शों को अपने कब्जे में लेकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अब यह देखना होगा कि इस मामले में पुलिस शराब तस्करों के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई करती है और इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक कब तक पहुंच पाती है।
रिपोर्टधर्मेंद्र सिंह लोधी
मध्यप्रदेश के नौगांव में मुखबिर की सूचना पर नौगांव थाना पुलिस ने मऊसहानियां मछली मंडी के पास कार्रवाई करते हुए दो ई-रिक्शों से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है। पुलिस की इस कार्रवाई में खुलासा हुआ कि शराब को ई-रिक्शों की सीटों के नीचे छिपाकर रखा गया था। एक ओर मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा "नशा मुक्ति अभियान" चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शराब तस्कर नए-नए तरीकों से गांव-गांव तक अवैध शराब पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने बरामद शराब और दोनों ई-रिक्शों को अपने कब्जे में लेकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अब यह देखना होगा कि इस मामले में पुलिस शराब तस्करों के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई करती है और इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक कब तक पहुंच पाती है।
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- बल्देवगढ़ की नवागत तहसीलदार प्राची जैन ने अहार नारायणपुर मार्ग पर लड़वारी के पास डस्ट से भरे एक बिना नंबर प्लेट वाले महिंद्रा ट्रैक्टर-ट्राली को रोककर दस्तावेजों की मांग की। चालक द्वारा डस्ट से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या रॉयल्टी उपलब्ध न कराए जाने पर पुलिस को सूचना दी गई और वाहन को जप्त कर थाने में खड़ा करा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद से संपूर्ण क्षेत्र के ट्रैक्टर चालकों और ठेकेदारों में हड़कंप और आक्रोश का माहौल है। ठेकेदारों का कहना है कि अधिकांश निर्माण कार्यों में डस्ट का ही उपयोग किया जा रहा है, ऐसे में डस्ट से भरे वाहनों पर कार्रवाई होने से अब निर्माण कार्य कराने को लेकर संकट खड़ा हो गया है। वहीं तहसीलदार प्राची जैन ने बताया कि ट्रैक्टर चालक के पास डस्ट से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं थे, जिस कारण बिना नंबर प्लेट की महिंद्रा ट्रैक्टर-ट्राली को जप्त किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में आगे भी अवैध उत्खनन और अवैध परिवहन करने वालों के खिलाफ इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।3
- टीकमगढ़ के जतारा में गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रसिद्ध बड़ी देवी मंदिर और छोटी देवी मंदिर में आज सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह मंगला आरती के साथ ही मंदिरों के कपाट खुलते ही भक्तों के दर्शन का तांता लग गया। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं के साथ बड़ी संख्या में बच्चों ने भी माँ भगवती के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा शांति की कामना की। मंदिरों को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था और पूरा परिसर "जय माता दी" के जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने नारियल, चुनरी, फल-फूल और प्रसाद अर्पित कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मंदिर समिति बबलू मुंडा द्वारा दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए।4
- टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत केशवगढ़ में पीएचई विभाग द्वारा कराए गए जिस बोर को लेकर लंबे समय से पानी न होने की भ्रांति फैली थी, वह अब दूर हो गई है। सरपंच श्रीमती शशि जैन के पुत्र और सरपंच प्रतिनिधि पुष्पेंद्र जैन ने तत्परता दिखाते हुए बोर में 18 इंच की मोटर स्थापित करवाई। मोटर चालू होते ही एक ही बार में पूरा टैंकर पानी से भर गया और बोर से सुचारू रूप से जल आपूर्ति शुरू हो गई। बोर में पर्याप्त पानी मिलने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है और स्पष्ट हो गया है कि इसका नियमित रखरखाव किए जाने पर यह लंबे समय तक पूरे मोहल्ले की पेयजल आवश्यकता पूरी कर सकता है। इसके साथ ही पंचायत के तीन अन्य बोरों पर भी हैंडपंप स्थापित कराए गए हैं, जिससे उन क्षेत्रों के ग्रामीणों को भी पेयजल की सुविधा मिलने लगी है। ग्रामीणों ने जल संकट के समाधान के लिए सरपंच श्रीमती शशि जैन और सरपंच प्रतिनिधि पुष्पेंद्र जैन की इस पहल की सराहना की है। मामले पर सरपंच प्रतिनिधि पुष्पेंद्र जैन ने कहा कि पंचायत के शेष कार्यकाल में भी ग्राम विकास और जनहित के ऐसे कार्य निरंतर किए जाते रहेंगे।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर से मध्य प्रदेश का संदर्भ देते हुए इस मर्द की बात सुनने की अपील की गई है। इसमें लोगों का ध्यान आकर्षित करते हुए इस व्यक्ति को सुनने के लिए कहा गया है।1
- टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा क्षेत्र अंतर्गत बिजरावन गांव में राशन दुकान संचालक द्वारा पिछले 4 से 5 महीनों से राशन वितरित न करने का मामला सामने आया है। राशन की पर्चियां होने के बावजूद हितग्राही महीनों से परेशान हो रहे थे। ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचकर पिछले कई महीनों का बकाया राशन दिलाने की मांग की थी। ग्रामीणों की शिकायत पर मंगलवार को सहायक खाद्य अधिकारी ललित मेहरा ने बिजरावन गांव स्थित राशन दुकान का निरीक्षण किया और हितग्राहियों के बयान दर्ज किए। उन्होंने कहा कि जांच के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी और जिन हितग्राहियों को राशन नहीं मिला है, उन्हें उनका राशन दिलाया जाएगा। वहीं इस मामले में दुकान संचालक ने बताया कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न का स्टॉक उपलब्ध है, लेकिन गांव के कुछ असामाजिक तत्वों की वजह से वे हितग्राहियों को राशन वितरित नहीं कर पा रहे हैं।1
- टीकमगढ़ जिले के ग्राम लार स्थित एक शासकीय विद्यालय का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में स्कूली बच्चों से विद्यालय परिसर के भीतर झाड़ू लगवाए जाने का दावा किया जा रहा है। इस मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए स्कूल आते हैं, लेकिन यदि उनसे नियमित रूप से सफाई का काम कराया जा रहा है तो यह बच्चों के अधिकारों और शिक्षा के मूल उद्देश्य के बिल्कुल विपरीत है। स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर टीकमगढ़ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों ने अपील की है कि यदि विद्यालय में सफाईकर्मी पदस्थ हैं, तो बच्चों से सफाई क्यों कराई गई, इसकी पूरी जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित प्राचार्य, शिक्षक अथवा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। हालांकि इस वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो कब का है, किन परिस्थितियों में बनाया गया और क्या वाकई बच्चों से नियमित रूप से सफाई कराई जा रही थी। ग्रामीणों ने यह भी मांग रखी है कि बच्चों के साथ ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो और जिले के सभी विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाए।1
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