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बिलासपुर के अटल आवास से गुंडागर्दी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने और मारपीट की शिकायत दर्ज की गई है।
Ziya khan
बिलासपुर के अटल आवास से गुंडागर्दी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने और मारपीट की शिकायत दर्ज की गई है।
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- बिलासपुर जिले में चलाए जा रहे 'प्रहार' अभियान के तहत कोनी पुलिस ने अवैध महुआ शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, पुलिस ने भारी मात्रा में 45 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त की। कार्रवाई करते हुए, कोनी पुलिस ने इस मामले में विशाल वर्मा नामक एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है।1
- BSP में व्याप्त पानी की समस्या का समाधान जल्द ही हो जाएगा। इस संबंध में निगम कमिश्नर ने कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके चलते यह समस्या शीघ्र दूर होगी।1
- बिलासपुर में सरकंडा थाने में पदस्थ हेड कांस्टेबल शोभित कैवर्त का रिश्वत मांगते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो लगभग दो महीने पुराना है, जिसमें हेड कांस्टेबल 10 हज़ार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा है। यह रिश्वत मारपीट के एक मामले में कार्रवाई न करने के बदले मांगी गई थी। वीडियो सामने आने के बाद, एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी प्रधान आरक्षक को तत्काल सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही, हेड कांस्टेबल शोभित कैवर्त के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।1
- 27 मई 2026 को बुधवार शाम 4:00 बजे पीआरओ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक के ग्राम महमंद की तेजश्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान योजना) से जुड़कर अपने जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने इस योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है, और अब वे आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए एक सफल महिला उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं तथा 'लखपति दीदी' बनने की ओर अग्रसर हैं। तेजश्री का जीवन पहले संघर्षों भरा था; विवाह के कुछ वर्षों बाद ही वे एक बेटे के साथ परित्यक्ता का जीवन जी रही थीं, और अकेले बेटे की परवरिश करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी। सीमित संसाधनों और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच, 'बिहान योजना' से जुड़कर मिले संबल ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। उन्होंने 'साईं बाबा स्व सहायता महिला समूह' से जुड़कर महिला उद्यमी के रूप में ऋण के लिए आवेदन किया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद, तेजश्री को समय पर एक लाख बीस हजार रुपये का ऋण स्वीकृत होकर प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग से उन्हें स्वरोजगार की राह मिली और उन्होंने अपने घर के पास एक छोटी दुकान खोली, जहाँ उन्होंने सिलाई कार्य को व्यवसाय के रूप में शुरू किया। शुरुआत में सीमित स्तर पर काम करने के बाद, उन्होंने धीरे-धीरे इसे व्यवस्थित रूप दिया और आरसेटी से सिलाई का निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने कौशल और कार्य की गुणवत्ता में सुधार किया। तेजश्री ने अपनी दुकान को केवल सिलाई तक सीमित न रखते हुए, उसमें कपड़े, धागा, बटन और अन्य सिलाई सामग्री भी रखना शुरू किया, जिससे ग्राहकों को एक ही स्थान पर सुविधा मिलने लगी और उनके व्यवसाय की उपयोगिता बढ़ गई। काम की गुणवत्ता, नियमितता और ग्राहकों के साथ अच्छे व्यवहार के कारण समय के साथ उनकी दुकान पर आने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ती गई, और सिलाई कराने आने वाले ग्राहक अब वहीं से आवश्यक सामग्री भी खरीदने लगे, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हुई। वर्तमान में, तेजश्री प्रतिमाह लगभग 15,000 रुपये की आय अर्जित कर रही हैं, जिससे वे अपने बेटे को बेहतर शिक्षा और परवरिश दे पा रही हैं। वे अब आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ 'लखपति दीदी' बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं। उनकी यह सफलता ग्रामीण क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है।1
- एक कबाड़ की दुकान में आग लगने की घटना सामने आई है, जिसमें लगभग दो लाख रुपए का सामान जलकर पूरी तरह से खाक हो गया है।1
- छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिला मुख्यालय में नौतपा की भीषण गर्मी के बीच रसोई गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत सामने आई है, जहाँ चर्चित बम्लेश्वरी गैस एजेंसी के सामने उपभोक्ता लंबी कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। सूरज देवता के आग बरसाने और पारा आसमान छूने के बावजूद, लोग छांव के बजाय रसोई गैस सिलेंडर ढूंढ रहे हैं, जिसे 'सिलेंडर सत्याग्रह' या मजबूरी की इंतहा बताया जा रहा है। बाजार में सिलेंडर की किल्लत इस कदर हावी है कि ग्राहक अब सिर्फ "बस सिलेंडर दे दो, चाहे जैसे भी दो!" की रट लगाए हुए हैं और अपनी जेब ढीली करके ब्लैक मार्केट (कालाबाजारी) से भी सिलेंडर खरीदने को मजबूर और तैयार बैठे हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, स्थानीय प्रशासन को कथित तौर पर इसकी कानों-कान खबर नहीं है, या यदि खबर है भी, तो अब तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन इस नौतपा में 'कूलर की ठंडी हवा' खाकर सो रहा है। एक तरफ छत्तीसगढ़ में आए दिन विकास, व्यवस्था और 'सुशासन-तिहार' (सुशासन उत्सव) के बड़े-बड़े ढिंढोरे पीटे जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि आम नागरिक को अपनी बुनियादी जरूरत—रसोई गैस—के लिए इस जानलेवा धूप में कतारबद्ध होना पड़ रहा है। यह स्थिति 'दावों का सुशासन' और 'धरातल की हकीकत' के बीच के बड़े विरोधाभास को उजागर करती है, जहाँ 'सुशासन-तिहार के भव्य आयोजन' एक तरफ हैं और 'ब्लैक में सिलेंडर खरीदने की मजबूरी' दूसरी तरफ। जनता पूछ रही है कि इस किल्लत का जिम्मेदार कौन है और क्या बम्लेश्वरी गैस एजेंसी की अव्यवस्था अधिकारियों की नजरों से इतनी दूर है कि उन्हें धूप में खड़े ये बेबस चेहरे दिखाई नहीं देते। बलौदाबाजार की जनता को अब किसी 'तिहार' की नहीं, बल्कि एक अदद गैस सिलेंडर और इस समस्या के स्थायी समाधान की दरकार है, और प्रशासन के 'कुंभकर्णी नींद' से जागने का इंतजार है।2
- जांजगीर चांपा में हुए करही गोलीकांड के संबंध में पुलिस ने अपना सबसे बड़ा एक्शन लिया है। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, घटना का मुख्य साजिशकर्ता अब सलाखों के पीछे पहुंच गया है।1
- बिलासपुर में एक ढाबे पर कुछ बदमाशों ने मामूली बात को लेकर छात्रों को बुरी तरह पीटा। अज्ञात बदमाशों ने छात्रों पर जमकर हमला किया, जिससे यह घटना सामने आई है।1