छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिला मुख्यालय में नौतपा की भीषण गर्मी के बीच रसोई गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत सामने आई है, जहाँ चर्चित बम्लेश्वरी गैस एजेंसी के सामने उपभोक्ता लंबी कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। सूरज देवता के आग बरसाने और पारा आसमान छूने के बावजूद, लोग छांव के बजाय रसोई गैस सिलेंडर ढूंढ रहे हैं, जिसे 'सिलेंडर सत्याग्रह' या मजबूरी की इंतहा बताया जा रहा है। बाजार में सिलेंडर की किल्लत इस कदर हावी है कि ग्राहक अब सिर्फ "बस सिलेंडर दे दो, चाहे जैसे भी दो!" की रट लगाए हुए हैं और अपनी जेब ढीली करके ब्लैक मार्केट (कालाबाजारी) से भी सिलेंडर खरीदने को मजबूर और तैयार बैठे हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, स्थानीय प्रशासन को कथित तौर पर इसकी कानों-कान खबर नहीं है, या यदि खबर है भी, तो अब तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन इस नौतपा में 'कूलर की ठंडी हवा' खाकर सो रहा है। एक तरफ छत्तीसगढ़ में आए दिन विकास, व्यवस्था और 'सुशासन-तिहार' (सुशासन उत्सव) के बड़े-बड़े ढिंढोरे पीटे जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि आम नागरिक को अपनी बुनियादी जरूरत—रसोई गैस—के लिए इस जानलेवा धूप में कतारबद्ध होना पड़ रहा है। यह स्थिति 'दावों का सुशासन' और 'धरातल की हकीकत' के बीच के बड़े विरोधाभास को उजागर करती है, जहाँ 'सुशासन-तिहार के भव्य आयोजन' एक तरफ हैं और 'ब्लैक में सिलेंडर खरीदने की मजबूरी' दूसरी तरफ। जनता पूछ रही है कि इस किल्लत का जिम्मेदार कौन है और क्या बम्लेश्वरी गैस एजेंसी की अव्यवस्था अधिकारियों की नजरों से इतनी दूर है कि उन्हें धूप में खड़े ये बेबस चेहरे दिखाई नहीं देते। बलौदाबाजार की जनता को अब किसी 'तिहार' की नहीं, बल्कि एक अदद गैस सिलेंडर और इस समस्या के स्थायी समाधान की दरकार है, और प्रशासन के 'कुंभकर्णी नींद' से जागने का इंतजार है।
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिला मुख्यालय में नौतपा की भीषण गर्मी के बीच रसोई गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत सामने आई है, जहाँ चर्चित बम्लेश्वरी गैस एजेंसी के सामने उपभोक्ता लंबी कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। सूरज देवता के आग बरसाने और पारा आसमान छूने के बावजूद, लोग छांव के बजाय रसोई गैस सिलेंडर ढूंढ रहे हैं, जिसे 'सिलेंडर सत्याग्रह' या मजबूरी की इंतहा बताया जा रहा है। बाजार में सिलेंडर की किल्लत इस कदर हावी है कि ग्राहक अब सिर्फ "बस सिलेंडर दे दो, चाहे जैसे भी दो!" की रट लगाए हुए हैं और अपनी जेब ढीली करके ब्लैक मार्केट (कालाबाजारी) से भी सिलेंडर खरीदने को मजबूर और तैयार बैठे हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, स्थानीय प्रशासन को कथित तौर पर इसकी कानों-कान खबर नहीं है, या यदि खबर है भी, तो अब तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन इस
नौतपा में 'कूलर की ठंडी हवा' खाकर सो रहा है। एक तरफ छत्तीसगढ़ में आए दिन विकास, व्यवस्था और 'सुशासन-तिहार' (सुशासन उत्सव) के बड़े-बड़े ढिंढोरे पीटे जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि आम नागरिक को अपनी बुनियादी जरूरत—रसोई गैस—के लिए इस जानलेवा धूप में कतारबद्ध होना पड़ रहा है। यह स्थिति 'दावों का सुशासन' और 'धरातल की हकीकत' के बीच के बड़े विरोधाभास को उजागर करती है, जहाँ 'सुशासन-तिहार के भव्य आयोजन' एक तरफ हैं और 'ब्लैक में सिलेंडर खरीदने की मजबूरी' दूसरी तरफ। जनता पूछ रही है कि इस किल्लत का जिम्मेदार कौन है और क्या बम्लेश्वरी गैस एजेंसी की अव्यवस्था अधिकारियों की नजरों से इतनी दूर है कि उन्हें धूप में खड़े ये बेबस चेहरे दिखाई नहीं देते। बलौदाबाजार की जनता को अब किसी 'तिहार' की नहीं, बल्कि एक अदद गैस सिलेंडर और इस समस्या के स्थायी समाधान की दरकार है, और प्रशासन के 'कुंभकर्णी नींद' से जागने का इंतजार है।
- User4667Baloda Bazar, Chhattisgarh🤝39 min ago
- Abhas sharmaबलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़😡6 hrs ago
- छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिला मुख्यालय में नौतपा की भीषण गर्मी के बीच रसोई गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत सामने आई है, जहाँ चर्चित बम्लेश्वरी गैस एजेंसी के सामने उपभोक्ता लंबी कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। सूरज देवता के आग बरसाने और पारा आसमान छूने के बावजूद, लोग छांव के बजाय रसोई गैस सिलेंडर ढूंढ रहे हैं, जिसे 'सिलेंडर सत्याग्रह' या मजबूरी की इंतहा बताया जा रहा है। बाजार में सिलेंडर की किल्लत इस कदर हावी है कि ग्राहक अब सिर्फ "बस सिलेंडर दे दो, चाहे जैसे भी दो!" की रट लगाए हुए हैं और अपनी जेब ढीली करके ब्लैक मार्केट (कालाबाजारी) से भी सिलेंडर खरीदने को मजबूर और तैयार बैठे हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, स्थानीय प्रशासन को कथित तौर पर इसकी कानों-कान खबर नहीं है, या यदि खबर है भी, तो अब तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन इस नौतपा में 'कूलर की ठंडी हवा' खाकर सो रहा है। एक तरफ छत्तीसगढ़ में आए दिन विकास, व्यवस्था और 'सुशासन-तिहार' (सुशासन उत्सव) के बड़े-बड़े ढिंढोरे पीटे जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि आम नागरिक को अपनी बुनियादी जरूरत—रसोई गैस—के लिए इस जानलेवा धूप में कतारबद्ध होना पड़ रहा है। यह स्थिति 'दावों का सुशासन' और 'धरातल की हकीकत' के बीच के बड़े विरोधाभास को उजागर करती है, जहाँ 'सुशासन-तिहार के भव्य आयोजन' एक तरफ हैं और 'ब्लैक में सिलेंडर खरीदने की मजबूरी' दूसरी तरफ। जनता पूछ रही है कि इस किल्लत का जिम्मेदार कौन है और क्या बम्लेश्वरी गैस एजेंसी की अव्यवस्था अधिकारियों की नजरों से इतनी दूर है कि उन्हें धूप में खड़े ये बेबस चेहरे दिखाई नहीं देते। बलौदाबाजार की जनता को अब किसी 'तिहार' की नहीं, बल्कि एक अदद गैस सिलेंडर और इस समस्या के स्थायी समाधान की दरकार है, और प्रशासन के 'कुंभकर्णी नींद' से जागने का इंतजार है।2
- बलौदाबाजार स्थित गायत्री शक्तिपीठ में आयोजित छह दिवसीय निःशुल्क आवासीय युवा शिविर के अंतर्गत मंगलवार को एक नशा मुक्ति जागरूकता रैली निकाली गई। शिविर में शामिल युवाओं ने प्रेरणादायी तख्तियां और बैनर हाथ में लेकर शहरवासियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इस नगर भ्रमण के दौरान युवाओं ने "नशा छोड़ो-परिवार जोड़ो", "शराब जीवन का विनाश है", और "युवा जागेगा तो समाज बचेगा" जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। रैली गायत्री शक्तिपीठ परिसर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहाँ नागरिकों ने युवाओं के इस प्रयास की सराहना की। शिविर आयोजकों ने बताया कि समाज में शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण परिवार टूट रहे हैं, सड़क दुर्घटनाओं में लगातार लोगों की जान जा रही है, और युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। नशे की लत केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है, और शराब सेवन के कारण होने वाले विवाद, हिंसा तथा असमय मौतें समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं। इस युवा शिविर के माध्यम से युवाओं को नैतिक शिक्षा, राष्ट्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास, योग, प्राणायाम और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित कर उन्हें समाज सेवा और संस्कारों से जोड़ना है। गायत्री परिवार के सदस्यों ने आमजन से नशामुक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता की अपील की, ताकि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सके और इससे समाज तथा राष्ट्र दोनों मजबूत हों।2
- रायपुर जिले के तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र में एक रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता के दौरान चाकू दिखाकर लोगों में दहशत फैलाने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वह चाकू भी बरामद किया है जिसका इस्तेमाल उसने लोगों को डराने के लिए किया था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 27 मई 2026 की रात ग्राम बोईरझिटी में हुई, जहाँ एक क्रिकेट प्रतियोगिता चल रही थी। इसी दौरान ग्राम अल्दा निवासी छबी कुमार विश्वकर्मा अपने हाथ में चाकू लेकर लोगों को डरा-धमका रहा था। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 और तिल्दा नेवरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से चाकू जब्त कर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत मामला दर्ज किया। 21 वर्षीय आरोपी छबी कुमार विश्वकर्मा, जो बसंत विश्वकर्मा का पुत्र और ग्राम अल्दा, थाना तिल्दा नेवरा, जिला रायपुर (ग्रामीण), छत्तीसगढ़ का निवासी है, उसे गिरफ्तार कर बाद में न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी, गुंडा-बदमाशों और अड्डेबाजों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।1
- 27 मई 2026 को बुधवार शाम 4:00 बजे पीआरओ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक के ग्राम महमंद की तेजश्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान योजना) से जुड़कर अपने जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने इस योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है, और अब वे आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए एक सफल महिला उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं तथा 'लखपति दीदी' बनने की ओर अग्रसर हैं। तेजश्री का जीवन पहले संघर्षों भरा था; विवाह के कुछ वर्षों बाद ही वे एक बेटे के साथ परित्यक्ता का जीवन जी रही थीं, और अकेले बेटे की परवरिश करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी। सीमित संसाधनों और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच, 'बिहान योजना' से जुड़कर मिले संबल ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। उन्होंने 'साईं बाबा स्व सहायता महिला समूह' से जुड़कर महिला उद्यमी के रूप में ऋण के लिए आवेदन किया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद, तेजश्री को समय पर एक लाख बीस हजार रुपये का ऋण स्वीकृत होकर प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग से उन्हें स्वरोजगार की राह मिली और उन्होंने अपने घर के पास एक छोटी दुकान खोली, जहाँ उन्होंने सिलाई कार्य को व्यवसाय के रूप में शुरू किया। शुरुआत में सीमित स्तर पर काम करने के बाद, उन्होंने धीरे-धीरे इसे व्यवस्थित रूप दिया और आरसेटी से सिलाई का निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने कौशल और कार्य की गुणवत्ता में सुधार किया। तेजश्री ने अपनी दुकान को केवल सिलाई तक सीमित न रखते हुए, उसमें कपड़े, धागा, बटन और अन्य सिलाई सामग्री भी रखना शुरू किया, जिससे ग्राहकों को एक ही स्थान पर सुविधा मिलने लगी और उनके व्यवसाय की उपयोगिता बढ़ गई। काम की गुणवत्ता, नियमितता और ग्राहकों के साथ अच्छे व्यवहार के कारण समय के साथ उनकी दुकान पर आने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ती गई, और सिलाई कराने आने वाले ग्राहक अब वहीं से आवश्यक सामग्री भी खरीदने लगे, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हुई। वर्तमान में, तेजश्री प्रतिमाह लगभग 15,000 रुपये की आय अर्जित कर रही हैं, जिससे वे अपने बेटे को बेहतर शिक्षा और परवरिश दे पा रही हैं। वे अब आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ 'लखपति दीदी' बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं। उनकी यह सफलता ग्रामीण क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है।1
- रायपुर ग्रामीण के तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ शराब पीने को लेकर हुए विवाद में एक बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। वार्ड क्रमांक 04 निवासी बीरेन्द्र कोठारी उर्फ राजू का अपने पिता संतू कोठारी से घर में लोगों को बुलाकर शराब पिलाने की बात को लेकर झगड़ा हुआ था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी बेटे बीरेन्द्र ने लकड़ी के डंडे से पिता पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटे ने सबूत मिटाने की भी कोशिश की। सूचना मिलते ही तिल्दा नेवरा पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू की। पुलिस ने आरोपी बीरेन्द्र कोठारी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।2
- बिलासपुर जिले में चलाए जा रहे 'प्रहार' अभियान के तहत कोनी पुलिस ने अवैध महुआ शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, पुलिस ने भारी मात्रा में 45 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त की। कार्रवाई करते हुए, कोनी पुलिस ने इस मामले में विशाल वर्मा नामक एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है।1
- BSP में व्याप्त पानी की समस्या का समाधान जल्द ही हो जाएगा। इस संबंध में निगम कमिश्नर ने कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके चलते यह समस्या शीघ्र दूर होगी।1
- आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाए जाने के उद्देश्य से आज तिल्दा नेवरा थाना परिसर में एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी और तहसीलदार रामप्रसाद बघेल की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. खुमान वर्मा, पार्षद अन्नपूर्णा कश्यप, और पार्षद प्रतिनिधि सौरभ जैन सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं समुदायों के लोगों ने भाग लिया। इस दौरान बकरीद पर्व के समय कानून व्यवस्था बनाए रखने, साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने, यातायात सुचारु रखने और आपसी भाईचारे को कायम रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी ने सभी नागरिकों से शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील करते हुए प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया। वहीं, तहसीलदार रामप्रसाद बघेल ने इस बात पर जोर दिया कि त्योहार आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के प्रतीक होते हैं, इसलिए सभी लोगों को मिल-जुलकर यह पर्व मनाना चाहिए। यह बैठक आपसी सहयोग और शांति बनाए रखने के संकल्प के साथ समाप्त हुई।3