बलौदाबाजार स्थित गायत्री शक्तिपीठ में आयोजित छह दिवसीय निःशुल्क आवासीय युवा शिविर के अंतर्गत मंगलवार को एक नशा मुक्ति जागरूकता रैली निकाली गई। शिविर में शामिल युवाओं ने प्रेरणादायी तख्तियां और बैनर हाथ में लेकर शहरवासियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इस नगर भ्रमण के दौरान युवाओं ने "नशा छोड़ो-परिवार जोड़ो", "शराब जीवन का विनाश है", और "युवा जागेगा तो समाज बचेगा" जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। रैली गायत्री शक्तिपीठ परिसर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहाँ नागरिकों ने युवाओं के इस प्रयास की सराहना की। शिविर आयोजकों ने बताया कि समाज में शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण परिवार टूट रहे हैं, सड़क दुर्घटनाओं में लगातार लोगों की जान जा रही है, और युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। नशे की लत केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है, और शराब सेवन के कारण होने वाले विवाद, हिंसा तथा असमय मौतें समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं। इस युवा शिविर के माध्यम से युवाओं को नैतिक शिक्षा, राष्ट्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास, योग, प्राणायाम और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित कर उन्हें समाज सेवा और संस्कारों से जोड़ना है। गायत्री परिवार के सदस्यों ने आमजन से नशामुक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता की अपील की, ताकि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सके और इससे समाज तथा राष्ट्र दोनों मजबूत हों।
बलौदाबाजार स्थित गायत्री शक्तिपीठ में आयोजित छह दिवसीय निःशुल्क आवासीय युवा शिविर के अंतर्गत मंगलवार को एक नशा मुक्ति जागरूकता रैली निकाली गई। शिविर में शामिल युवाओं ने प्रेरणादायी तख्तियां और बैनर हाथ में लेकर शहरवासियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इस नगर भ्रमण के दौरान युवाओं ने "नशा छोड़ो-परिवार जोड़ो", "शराब जीवन का विनाश है", और "युवा जागेगा तो समाज बचेगा" जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। रैली गायत्री शक्तिपीठ परिसर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहाँ नागरिकों ने युवाओं के इस प्रयास की सराहना की। शिविर आयोजकों ने बताया कि समाज में शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण परिवार टूट रहे हैं, सड़क दुर्घटनाओं में लगातार लोगों की जान जा रही
है, और युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। नशे की लत केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है, और शराब सेवन के कारण होने वाले विवाद, हिंसा तथा असमय मौतें समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं। इस युवा शिविर के माध्यम से युवाओं को नैतिक शिक्षा, राष्ट्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास, योग, प्राणायाम और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित कर उन्हें समाज सेवा और संस्कारों से जोड़ना है। गायत्री परिवार के सदस्यों ने आमजन से नशामुक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता की अपील की, ताकि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सके और इससे समाज तथा राष्ट्र दोनों मजबूत हों।
- बिलासपुर जिले के चकरभाटा थाना क्षेत्र से एक 23 वर्षीय विवाहिता अपने दो बच्चों को छोड़कर बिना बताए लापता हो गई है। यह महिला अपनी दीदी के घर घूमने आई थी, जिसके बाद उसके परिजनों ने चकरभाठा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। चकरभाठा पुलिस से मंगलवार रात 10:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार की रात 8:55 बजे चकरभाठा थाना क्षेत्र की एक 33 वर्षीय महिला ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि बहतराई, थाना सकरी, जिला बिलासपुर निवासी 23 वर्षीय गुमशुदा इंसान अपने दो बच्चों के साथ उनके घर ग्राम परसदा में मेहमान बनकर आई थी। रिपोर्टकर्ता 23 मई 2026 की सुबह रानीगांव वल्ली मेहमानी में गई थी, जिसके बाद 24 मई 2026 को सुबह 6:00 बजे उसकी मौसी ने फोन कर बताया कि उसकी बहन पिछली रात करीब 9:00 से 10:00 बजे के बीच अपने दोनों बच्चों को घर में छोड़कर बिना बताए कहीं चली गई है। सूचना मिलने पर उन्होंने अपने स्तर पर रिश्तेदारों में पता लगाया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। लापता महिला की हुलिया के अनुसार, उसका कद 5 फीट 4 इंच है, रंग गोरा है, चेहरा चौड़ा है और बाल लंबे व काले हैं। उसने साड़ी पहनी हुई है। महिला ने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और छत्तीसगढ़ी व हिंदी भाषा बोलती है। वह अपने साथ मोबाइल फोन रखे हुए है। परिजनों को आशंका है कि वह पाली गांव के आकाश श्रीवास के साथ गई होगी, क्योंकि वह पहले भी उसके साथ जा चुकी है। रिपोर्टकर्ता की सूचना पर गुम इंसान का मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी गई है और इसकी सूचना सभी थाना/चौकी प्रभारियों और DCRB को RM के जरिए भेजी गई है।1
- बिलासपुर में एक ढाबे पर कुछ बदमाशों ने मामूली बात को लेकर छात्रों को बुरी तरह पीटा। अज्ञात बदमाशों ने छात्रों पर जमकर हमला किया, जिससे यह घटना सामने आई है।1
- बिलासपुर में सरकंडा थाने में पदस्थ हेड कांस्टेबल शोभित कैवर्त का रिश्वत मांगते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो लगभग दो महीने पुराना है, जिसमें हेड कांस्टेबल 10 हज़ार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा है। यह रिश्वत मारपीट के एक मामले में कार्रवाई न करने के बदले मांगी गई थी। वीडियो सामने आने के बाद, एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी प्रधान आरक्षक को तत्काल सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही, हेड कांस्टेबल शोभित कैवर्त के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।1
- जांजगीर-चाम्पा जिले के करही गोलीकांड मामले में पुलिस को मुख्य साजिशकर्ता को पकड़ने में बड़ी सफलता मिली है। दिनांक 23-24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात ग्राम करही में 03 नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि उनके छोटे भाई को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। पुलिस ने “ऑपरेशन हंट” के तहत गहन जांच की, जिसमें 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए, और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की गई। इस दौरान TECHINT और HUMINT ने मामले के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता गनपत बघेल, पिता स्व. रामप्रसाद बघेल, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम करही, थाना बिर्रा, जिला जांजगीर-चाम्पा को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक पिस्टल मय मैगजीन भी बरामद की गई है। गनपत बघेल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना में शामिल अन्य आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले में पूर्व में 1. हेमंत कुमार बघेल, 2. भूषण बघेल और 3. अमित टंडन, सभी निवासी करही, थाना बिर्रा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की साजिश के पीछे कई वजहों का खुलासा किया। मुख्य आरोपी गनपत बघेल ने बताया कि उसने हाईवा और जेसीबी मशीन लोन पर खरीदी थी और उनकी मासिक किस्तें चुकाने के लिए अवैध रेत परिवहन का काम करता था। मृतक आयुष कश्यप भी अवैध रेत परिवहन और बिक्री में शामिल था, जो कम कीमत में रेत बेचकर गनपत के ग्राहकों को अपनी ओर खींच रहा था। इससे गनपत को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था और वाहनों की किस्तें चुकाने में परेशानी आ रही थी। गनपत के अनुसार, आयुष कश्यप रेत घाट में जबरन रेत लोडिंग करता था, विवाद और दादागिरी करता था, और उसके ग्राहकों को कम कीमत में रेत सप्लाई कर उसकी ग्राहकी खराब कर रहा था। इसके अलावा, आयुष द्वारा राजस्व विभाग की टीम बुलाकर वाहनों को पकड़वाने की धमकी से गनपत मानसिक रूप से परेशान और आक्रोशित हो गया था। आयुष की लगातार बढ़ती आर्थिक उन्नति और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा से उत्पन्न द्वेष और आत्मग्लानि के चलते गनपत बघेल ने अपने साथी अमित टंडन, भूषण बघेल और हेमंत बघेल को साथ मिलाकर सुनियोजित तरीके से आयुष कश्यप की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। वारदात की रात आरोपियों ने मृतक के घर के आसपास पहले से ही मौजूदगी बनाए रखी थी। अन्य सहयोगियों द्वारा सीसीटीवी कैमरा तोड़ने के बाद आरोपी घर में घुसे। उन्होंने पहले मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद किया और फिर आयुष कश्यप के कमरे में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। बीच-बचाव करने आए उसके छोटे भाई को भी गोली मारी गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। गनपत बघेल को विधिवत दिनांक 27 मई 2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है और प्रकरण में विवेचना अभी भी जारी है।1
- जांजगीर चांपा में हुए करही गोलीकांड के संबंध में पुलिस ने अपना सबसे बड़ा एक्शन लिया है। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, घटना का मुख्य साजिशकर्ता अब सलाखों के पीछे पहुंच गया है।1
- राज टॉकीज, रायपुर के लिए अब अपनी टिकटें बुक करने का समय है।1
- बिलासपुर के अटल आवास से गुंडागर्दी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने और मारपीट की शिकायत दर्ज की गई है।1
- राज टॉकीज, रायपुर द्वारा दर्शकों को अपनी टिकटें अभी बुक करने के लिए आमंत्रित किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी सीट आरक्षित कर लें।1
- बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत मुरकौल में आयोजित समाधान शिविर के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब क्षेत्रीय विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे राजस्व संबंधी मामलों और ग्रामीणों की शिकायतों को सुनने के बाद, विधायक ने मंच से ही पटवारियों और तहसीलदारों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिकारियों का रवैया जनता के प्रति संवेदनशील नहीं है और इसी वजह से लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए महीनों तक दफ्तरों के चक्कर काटने पर मजबूर हैं। विधायक शकुंतला सिंह द्वारा पटवारियों की इस 'क्लास' का एक वीडियो भी वायरल हो गया है।1