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राज टॉकीज, रायपुर द्वारा दर्शकों को अपनी टिकटें अभी बुक करने के लिए आमंत्रित किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी सीट आरक्षित कर लें।

6 hrs ago
user_Raj Talkies Raipur
Raj Talkies Raipur
Cinema औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
6 hrs ago

राज टॉकीज, रायपुर द्वारा दर्शकों को अपनी टिकटें अभी बुक करने के लिए आमंत्रित किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी सीट आरक्षित कर लें।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाए जाने के उद्देश्य से आज तिल्दा नेवरा थाना परिसर में एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी और तहसीलदार रामप्रसाद बघेल की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. खुमान वर्मा, पार्षद अन्नपूर्णा कश्यप, और पार्षद प्रतिनिधि सौरभ जैन सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं समुदायों के लोगों ने भाग लिया। इस दौरान बकरीद पर्व के समय कानून व्यवस्था बनाए रखने, साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने, यातायात सुचारु रखने और आपसी भाईचारे को कायम रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी ने सभी नागरिकों से शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील करते हुए प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया। वहीं, तहसीलदार रामप्रसाद बघेल ने इस बात पर जोर दिया कि त्योहार आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के प्रतीक होते हैं, इसलिए सभी लोगों को मिल-जुलकर यह पर्व मनाना चाहिए। यह बैठक आपसी सहयोग और शांति बनाए रखने के संकल्प के साथ समाप्त हुई।
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    आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाए जाने के उद्देश्य से आज तिल्दा नेवरा थाना परिसर में एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी और तहसीलदार रामप्रसाद बघेल की उपस्थिति में सम्पन्न हुई।

बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. खुमान वर्मा, पार्षद अन्नपूर्णा कश्यप, और पार्षद प्रतिनिधि सौरभ जैन सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं समुदायों के लोगों ने भाग लिया। इस दौरान बकरीद पर्व के समय कानून व्यवस्था बनाए रखने, साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने, यातायात सुचारु रखने और आपसी भाईचारे को कायम रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी ने सभी नागरिकों से शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील करते हुए प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया। वहीं, तहसीलदार रामप्रसाद बघेल ने इस बात पर जोर दिया कि त्योहार आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के प्रतीक होते हैं, इसलिए सभी लोगों को मिल-जुलकर यह पर्व मनाना चाहिए।

यह बैठक आपसी सहयोग और शांति बनाए रखने के संकल्प के साथ समाप्त हुई।
    user_Pavan Baghel
    Pavan Baghel
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • गरियाबंद जिले के दीवानमुड़ा गांव में नाश्ते के पैसे मांगने को लेकर हुए विवाद में 45 वर्षीय छबिता यादव की धारदार ब्लेड से गर्दन पर वार कर हत्या कर दी गई। ग्राम दीवानमुड़ा की निवासी छबिता यादव गांव में चाय का टपरी चलाती थीं। आरोप है कि गांव के ही 35 वर्षीय देवी सिंह यादव ने नाश्ते का पैसा मांगने पर हुए विवाद के दौरान इस वारदात को अंजाम दिया। बीच-बचाव करने आए छबिता यादव के पति पूरित राम यादव (47 वर्ष) और बेटे हेमंत यादव (21 वर्ष) भी सामान्य रूप से घायल हुए। घटना के बाद आरोपी देवी सिंह यादव ओडिशा भागने का प्रयास कर रहा था, जिसे देवभोग पुलिस टीम ने घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। गरियाबंद पुलिस ने हत्या के इस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में मर्ग और अपराध दर्ज कर अग्रिम विवेचना की जा रही है, और आरोपी वर्तमान में हिरासत में है जिस पर पृथक से कार्यवाही की जा रही है।
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    गरियाबंद जिले के दीवानमुड़ा गांव में नाश्ते के पैसे मांगने को लेकर हुए विवाद में 45 वर्षीय छबिता यादव की धारदार ब्लेड से गर्दन पर वार कर हत्या कर दी गई। ग्राम दीवानमुड़ा की निवासी छबिता यादव गांव में चाय का टपरी चलाती थीं। आरोप है कि गांव के ही 35 वर्षीय देवी सिंह यादव ने नाश्ते का पैसा मांगने पर हुए विवाद के दौरान इस वारदात को अंजाम दिया। बीच-बचाव करने आए छबिता यादव के पति पूरित राम यादव (47 वर्ष) और बेटे हेमंत यादव (21 वर्ष) भी सामान्य रूप से घायल हुए।

घटना के बाद आरोपी देवी सिंह यादव ओडिशा भागने का प्रयास कर रहा था, जिसे देवभोग पुलिस टीम ने घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। गरियाबंद पुलिस ने हत्या के इस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में मर्ग और अपराध दर्ज कर अग्रिम विवेचना की जा रही है, और आरोपी वर्तमान में हिरासत में है जिस पर पृथक से कार्यवाही की जा रही है।
    user_नागेन्द्र निषाद
    नागेन्द्र निषाद
    राजिम, गरियाबंद, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती का फायदा उठाकर एक व्यक्ति से 3 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने दोस्ती करने के बाद बीमारी का झांसा देकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
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    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती का फायदा उठाकर एक व्यक्ति से 3 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने दोस्ती करने के बाद बीमारी का झांसा देकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
    user_Aishwary Shyam
    Aishwary Shyam
    राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • राजनीतिक गलियारों में इन दिनों इस बात की ज़ोरदार चर्चा चल रही है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 12 सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं। ऐसी अटकलें हैं कि यह संभावित घटनाक्रम TMC प्रमुख ममता बनर्जी के लिए एक और बड़ा झटका साबित हो सकता है।
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    राजनीतिक गलियारों में इन दिनों इस बात की ज़ोरदार चर्चा चल रही है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 12 सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं। ऐसी अटकलें हैं कि यह संभावित घटनाक्रम TMC प्रमुख ममता बनर्जी के लिए एक और बड़ा झटका साबित हो सकता है।
    user_Jaideep Sharma
    Jaideep Sharma
    राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • केसीजी जिले के दल्लीखोली और लछना जंगल क्षेत्र में बुधवार, 27 मई को सुबह करीब 11:30 बजे मिली जानकारी के अनुसार, मोर और सिवेट सहित कई वन्यजीवों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद वन विभाग ने अपनी जांच तेज कर दी है और टीम मौके पर पहुंचकर नमूने एकत्र कर रही है। मामले को लेकर वन विभाग के डीएफओ पंकज राजपूत ने स्पष्ट किया है कि अभी किसी एक निश्चित कारण की पुष्टि नहीं की जा सकती है। उन्होंने बताया कि मृत वन्यजीवों के अवशेषों के साथ-साथ पानी के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं। डीएफओ के अनुसार, गर्मी, पानी की कमी, प्राकृतिक कारणों या किसी विषैले तत्व की संभावना सहित सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर विस्तृत जांच की जा रही है। वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और लैब रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल, वन विभाग इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुटा हुआ है, जबकि स्थानीय लोग घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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    केसीजी जिले के दल्लीखोली और लछना जंगल क्षेत्र में बुधवार, 27 मई को सुबह करीब 11:30 बजे मिली जानकारी के अनुसार, मोर और सिवेट सहित कई वन्यजीवों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद वन विभाग ने अपनी जांच तेज कर दी है और टीम मौके पर पहुंचकर नमूने एकत्र कर रही है।

मामले को लेकर वन विभाग के डीएफओ पंकज राजपूत ने स्पष्ट किया है कि अभी किसी एक निश्चित कारण की पुष्टि नहीं की जा सकती है। उन्होंने बताया कि मृत वन्यजीवों के अवशेषों के साथ-साथ पानी के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं। डीएफओ के अनुसार, गर्मी, पानी की कमी, प्राकृतिक कारणों या किसी विषैले तत्व की संभावना सहित सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर विस्तृत जांच की जा रही है। वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और लैब रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।

फिलहाल, वन विभाग इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुटा हुआ है, जबकि स्थानीय लोग घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
    user_गंगाराम पटेल  स्थानीय पत्रकार
    गंगाराम पटेल स्थानीय पत्रकार
    खैरागढ़, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में ग्राम पंचायत दरिमा की महिलाएं शराब ठेकों को बंद या स्थानांतरित करने की मांग लेकर कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंची थीं। इस दौरान कलेक्टर ने उनसे एक अटपटा सवाल पूछा कि क्या उन्हें महतारी वंदना योजना के तहत ₹1000 मिल रहे हैं। जब महिलाओं ने इसकी पुष्टि की, तो कलेक्टर ने कथित तौर पर यह कहकर अहसान जताने की कोशिश की कि शराब बेचना भी सरकार की योजना है, और अगर उन्हें महतारी वंदना के ₹1000 हर महीने चाहिए तो वे शराब बिक्री का विरोध क्यों करती हैं। कलेक्टर की इस बात से महिलाएं अत्यंत क्रोधित हो गईं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अगर महतारी वंदना की राशि इस शर्त पर मिल रही है कि उनके नौजवान परिवार शराब में डूब जाएं, तो उन्हें सरकार के ₹1000 नहीं चाहिए। यह घटना सरकार की उस सोच पर सवाल उठाती है, जहां पहले यह पूछा जाता था कि महिलाओं को इतना पैसा देने के लिए फंड कहां से आएगा, लेकिन अब सरकार खुलकर कह रही है कि महतारी वंदना के ₹1000 देने के लिए उन्हें मजबूरी में शराब दुकानों की संख्या बढ़ानी पड़ रही है। इसे 'गाय मार कर जूता दान' वाली कहावत जैसा बताया गया है। अंबिकापुर में प्रशासन के सबसे बड़े अधिकारी, यानी जिलाधीश द्वारा कही गई यह बात दर्शाती है कि सरकार ने अपनी 'मनमानी गारंटी' का भार सिस्टम चलाने वालों पर डाल रखा है, जिससे यह धारणा बन गई है कि महतारी वंदना योजना शराब के पैसे से ही संचालित हो रही है। कलेक्टर की बातों ने महिलाओं के दिमाग की बत्ती जला दी, और उन्हें यह समझने में देर नहीं लगी कि उनके घरों में कलह का कारण उन्हें मिलने वाली महतारी वंदना की राशि ही हो सकती है। इस पूरे मामले को छत्तीसगढ़ में इस बात के चरितार्थ होने के रूप में देखा जा रहा है कि चुनाव जीतने के लालच में पार्टियों के वादे अंततः जनता को ही भारी पड़ते हैं।
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    छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में ग्राम पंचायत दरिमा की महिलाएं शराब ठेकों को बंद या स्थानांतरित करने की मांग लेकर कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंची थीं। इस दौरान कलेक्टर ने उनसे एक अटपटा सवाल पूछा कि क्या उन्हें महतारी वंदना योजना के तहत ₹1000 मिल रहे हैं। जब महिलाओं ने इसकी पुष्टि की, तो कलेक्टर ने कथित तौर पर यह कहकर अहसान जताने की कोशिश की कि शराब बेचना भी सरकार की योजना है, और अगर उन्हें महतारी वंदना के ₹1000 हर महीने चाहिए तो वे शराब बिक्री का विरोध क्यों करती हैं।

कलेक्टर की इस बात से महिलाएं अत्यंत क्रोधित हो गईं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अगर महतारी वंदना की राशि इस शर्त पर मिल रही है कि उनके नौजवान परिवार शराब में डूब जाएं, तो उन्हें सरकार के ₹1000 नहीं चाहिए। यह घटना सरकार की उस सोच पर सवाल उठाती है, जहां पहले यह पूछा जाता था कि महिलाओं को इतना पैसा देने के लिए फंड कहां से आएगा, लेकिन अब सरकार खुलकर कह रही है कि महतारी वंदना के ₹1000 देने के लिए उन्हें मजबूरी में शराब दुकानों की संख्या बढ़ानी पड़ रही है। इसे 'गाय मार कर जूता दान' वाली कहावत जैसा बताया गया है।

अंबिकापुर में प्रशासन के सबसे बड़े अधिकारी, यानी जिलाधीश द्वारा कही गई यह बात दर्शाती है कि सरकार ने अपनी 'मनमानी गारंटी' का भार सिस्टम चलाने वालों पर डाल रखा है, जिससे यह धारणा बन गई है कि महतारी वंदना योजना शराब के पैसे से ही संचालित हो रही है। कलेक्टर की बातों ने महिलाओं के दिमाग की बत्ती जला दी, और उन्हें यह समझने में देर नहीं लगी कि उनके घरों में कलह का कारण उन्हें मिलने वाली महतारी वंदना की राशि ही हो सकती है। इस पूरे मामले को छत्तीसगढ़ में इस बात के चरितार्थ होने के रूप में देखा जा रहा है कि चुनाव जीतने के लालच में पार्टियों के वादे अंततः जनता को ही भारी पड़ते हैं।
    user_Hariom .Vishwakarma . रीपोर्ट
    Hariom .Vishwakarma . रीपोर्ट
    बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    11 min ago
  • राज टॉकीज, रायपुर द्वारा दर्शकों को अपनी टिकटें अभी बुक करने के लिए आमंत्रित किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी सीट आरक्षित कर लें।
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    राज टॉकीज, रायपुर द्वारा दर्शकों को अपनी टिकटें अभी बुक करने के लिए आमंत्रित किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी सीट आरक्षित कर लें।
    user_Raj Talkies Raipur
    Raj Talkies Raipur
    Cinema औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • राजनांदगांव जिले में एक निर्माणाधीन सड़क के अधूरा रहने के कारण स्थानीय लोग गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। यह अधूरी सड़क न केवल लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है, बल्कि इसके निर्माण कार्य को भी लगातार बढ़ती मंहगाई की मार झेलनी पड़ रही है, जिससे परियोजना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
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    राजनांदगांव जिले में एक निर्माणाधीन सड़क के अधूरा रहने के कारण स्थानीय लोग गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। यह अधूरी सड़क न केवल लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है, बल्कि इसके निर्माण कार्य को भी लगातार बढ़ती मंहगाई की मार झेलनी पड़ रही है, जिससे परियोजना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
    user_Aishwary Shyam
    Aishwary Shyam
    राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिला मुख्यालय में नौतपा की भीषण गर्मी के बीच रसोई गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत सामने आई है, जहाँ चर्चित बम्लेश्वरी गैस एजेंसी के सामने उपभोक्ता लंबी कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। सूरज देवता के आग बरसाने और पारा आसमान छूने के बावजूद, लोग छांव के बजाय रसोई गैस सिलेंडर ढूंढ रहे हैं, जिसे 'सिलेंडर सत्याग्रह' या मजबूरी की इंतहा बताया जा रहा है। बाजार में सिलेंडर की किल्लत इस कदर हावी है कि ग्राहक अब सिर्फ "बस सिलेंडर दे दो, चाहे जैसे भी दो!" की रट लगाए हुए हैं और अपनी जेब ढीली करके ब्लैक मार्केट (कालाबाजारी) से भी सिलेंडर खरीदने को मजबूर और तैयार बैठे हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, स्थानीय प्रशासन को कथित तौर पर इसकी कानों-कान खबर नहीं है, या यदि खबर है भी, तो अब तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन इस नौतपा में 'कूलर की ठंडी हवा' खाकर सो रहा है। एक तरफ छत्तीसगढ़ में आए दिन विकास, व्यवस्था और 'सुशासन-तिहार' (सुशासन उत्सव) के बड़े-बड़े ढिंढोरे पीटे जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि आम नागरिक को अपनी बुनियादी जरूरत—रसोई गैस—के लिए इस जानलेवा धूप में कतारबद्ध होना पड़ रहा है। यह स्थिति 'दावों का सुशासन' और 'धरातल की हकीकत' के बीच के बड़े विरोधाभास को उजागर करती है, जहाँ 'सुशासन-तिहार के भव्य आयोजन' एक तरफ हैं और 'ब्लैक में सिलेंडर खरीदने की मजबूरी' दूसरी तरफ। जनता पूछ रही है कि इस किल्लत का जिम्मेदार कौन है और क्या बम्लेश्वरी गैस एजेंसी की अव्यवस्था अधिकारियों की नजरों से इतनी दूर है कि उन्हें धूप में खड़े ये बेबस चेहरे दिखाई नहीं देते। बलौदाबाजार की जनता को अब किसी 'तिहार' की नहीं, बल्कि एक अदद गैस सिलेंडर और इस समस्या के स्थायी समाधान की दरकार है, और प्रशासन के 'कुंभकर्णी नींद' से जागने का इंतजार है।
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    छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिला मुख्यालय में नौतपा की भीषण गर्मी के बीच रसोई गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत सामने आई है, जहाँ चर्चित बम्लेश्वरी गैस एजेंसी के सामने उपभोक्ता लंबी कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। सूरज देवता के आग बरसाने और पारा आसमान छूने के बावजूद, लोग छांव के बजाय रसोई गैस सिलेंडर ढूंढ रहे हैं, जिसे 'सिलेंडर सत्याग्रह' या मजबूरी की इंतहा बताया जा रहा है।

बाजार में सिलेंडर की किल्लत इस कदर हावी है कि ग्राहक अब सिर्फ "बस सिलेंडर दे दो, चाहे जैसे भी दो!" की रट लगाए हुए हैं और अपनी जेब ढीली करके ब्लैक मार्केट (कालाबाजारी) से भी सिलेंडर खरीदने को मजबूर और तैयार बैठे हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, स्थानीय प्रशासन को कथित तौर पर इसकी कानों-कान खबर नहीं है, या यदि खबर है भी, तो अब तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन इस नौतपा में 'कूलर की ठंडी हवा' खाकर सो रहा है।

एक तरफ छत्तीसगढ़ में आए दिन विकास, व्यवस्था और 'सुशासन-तिहार' (सुशासन उत्सव) के बड़े-बड़े ढिंढोरे पीटे जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि आम नागरिक को अपनी बुनियादी जरूरत—रसोई गैस—के लिए इस जानलेवा धूप में कतारबद्ध होना पड़ रहा है। यह स्थिति 'दावों का सुशासन' और 'धरातल की हकीकत' के बीच के बड़े विरोधाभास को उजागर करती है, जहाँ 'सुशासन-तिहार के भव्य आयोजन' एक तरफ हैं और 'ब्लैक में सिलेंडर खरीदने की मजबूरी' दूसरी तरफ। जनता पूछ रही है कि इस किल्लत का जिम्मेदार कौन है और क्या बम्लेश्वरी गैस एजेंसी की अव्यवस्था अधिकारियों की नजरों से इतनी दूर है कि उन्हें धूप में खड़े ये बेबस चेहरे दिखाई नहीं देते। बलौदाबाजार की जनता को अब किसी 'तिहार' की नहीं, बल्कि एक अदद गैस सिलेंडर और इस समस्या के स्थायी समाधान की दरकार है, और प्रशासन के 'कुंभकर्णी नींद' से जागने का इंतजार है।
    user_Abhas sharma
    Abhas sharma
    बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
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