अधिकारियों के आवास और कार्यालयों के बीच सड़क पर पसरा अंधेरा, नगर पालिका बेखबर जिलाधिकारी आवास, कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय के पीछे स्थित मार्ग पर नहीं है रोशनी का पर्याप्त इंतजाम, अंधेरे में गुजरने को मजबूर राहगीर एटा। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में केनरा बैंक और स्टेट बैंक के आसपास कचहरी रोड पर इन दिनों अंधेरे का साम्राज्य कायम है। हैरानी की बात यह है कि यह मार्ग जिलाधिकारी आवास, जिलाधिकारी कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पीछे तथा कचहरी परिसर और धरना स्थल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद सड़क पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार शाम होते ही इस पूरे मार्ग पर अंधेरा छा जाता है। सड़क किनारे और आसपास पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें न होने के कारण राहगीरों, बैंक ग्राहकों और कचहरी आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ओर से प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए कोई ठोस कदम दिखाई नहीं दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शहर के इतने महत्वपूर्ण कार्यालय और अधिकारियों के आवास इसी क्षेत्र में स्थित हैं, तो फिर इस मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था की अनदेखी क्यों की जा रही है? क्या नगर पालिका और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी नहीं है? अंधेरे के कारण किसी भी समय दुर्घटना अथवा अन्य अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और जिला प्रशासन से मांग की है कि सिविल लाइन कचहरी रोड पर तत्काल पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगवाई जाएं और खराब पड़ी लाइटों को दुरुस्त कराया जाए, ताकि आम जनता को अंधेरे से निजात मिल सके। अधिकारियों के आवास और कार्यालयों के बीच सड़क पर पसरा अंधेरा, नगर पालिका बेखबर जिलाधिकारी आवास, कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय के पीछे स्थित मार्ग पर नहीं है रोशनी का पर्याप्त इंतजाम, अंधेरे में गुजरने को मजबूर राहगीर एटा। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में केनरा बैंक और स्टेट बैंक के आसपास कचहरी रोड पर इन दिनों अंधेरे का साम्राज्य कायम है। हैरानी की बात यह है कि यह मार्ग जिलाधिकारी आवास, जिलाधिकारी कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पीछे तथा कचहरी परिसर और धरना स्थल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद सड़क पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार शाम होते ही इस पूरे मार्ग पर अंधेरा छा जाता है। सड़क किनारे और आसपास पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें न होने के कारण राहगीरों, बैंक ग्राहकों और कचहरी आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ओर से प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए कोई ठोस कदम दिखाई नहीं दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शहर के इतने महत्वपूर्ण कार्यालय और अधिकारियों के आवास इसी क्षेत्र में स्थित हैं, तो फिर इस मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था की अनदेखी क्यों की जा रही है? क्या नगर पालिका और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी नहीं है? अंधेरे के कारण किसी भी समय दुर्घटना अथवा अन्य अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और जिला प्रशासन से मांग की है कि सिविल लाइन कचहरी रोड पर तत्काल पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगवाई जाएं और खराब पड़ी लाइटों को दुरुस्त कराया जाए, ताकि आम जनता को अंधेरे से निजात मिल सके।
अधिकारियों के आवास और कार्यालयों के बीच सड़क पर पसरा अंधेरा, नगर पालिका बेखबर जिलाधिकारी आवास, कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय के पीछे स्थित मार्ग पर नहीं है रोशनी का पर्याप्त इंतजाम, अंधेरे में गुजरने को मजबूर राहगीर एटा। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में केनरा बैंक और स्टेट बैंक के आसपास कचहरी रोड पर इन दिनों अंधेरे का साम्राज्य कायम है। हैरानी की बात यह है कि यह मार्ग जिलाधिकारी आवास, जिलाधिकारी कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पीछे तथा कचहरी परिसर और धरना स्थल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद सड़क पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार शाम होते ही इस पूरे मार्ग पर अंधेरा छा जाता है। सड़क किनारे और आसपास पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें न होने के कारण राहगीरों, बैंक ग्राहकों और कचहरी आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ओर से प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए कोई ठोस कदम दिखाई नहीं दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शहर के इतने महत्वपूर्ण कार्यालय और अधिकारियों के आवास इसी क्षेत्र में स्थित हैं, तो फिर इस मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था की अनदेखी क्यों की जा रही है? क्या नगर पालिका और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी नहीं है? अंधेरे के कारण किसी भी समय दुर्घटना अथवा अन्य अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और जिला प्रशासन से मांग की है कि सिविल लाइन कचहरी रोड पर तत्काल पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगवाई जाएं और खराब पड़ी लाइटों को दुरुस्त कराया जाए, ताकि आम जनता को अंधेरे से निजात मिल सके। अधिकारियों के आवास और कार्यालयों के बीच सड़क पर पसरा अंधेरा, नगर पालिका बेखबर जिलाधिकारी आवास, कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय के पीछे स्थित मार्ग पर नहीं है रोशनी का पर्याप्त इंतजाम, अंधेरे में गुजरने को मजबूर राहगीर एटा। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में केनरा बैंक और स्टेट बैंक के आसपास कचहरी रोड पर इन दिनों अंधेरे का साम्राज्य कायम है। हैरानी की बात यह है कि यह मार्ग जिलाधिकारी आवास, जिलाधिकारी कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पीछे तथा कचहरी परिसर और धरना स्थल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद सड़क पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार शाम होते ही इस पूरे मार्ग पर अंधेरा छा जाता है। सड़क किनारे और आसपास पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें न होने के कारण राहगीरों, बैंक ग्राहकों और कचहरी आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ओर से प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए कोई ठोस कदम दिखाई नहीं दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शहर के इतने महत्वपूर्ण कार्यालय और अधिकारियों के आवास इसी क्षेत्र में स्थित हैं, तो फिर इस मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था की अनदेखी क्यों की जा रही है? क्या नगर पालिका और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी नहीं है? अंधेरे के कारण किसी भी समय दुर्घटना अथवा अन्य अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और जिला प्रशासन से मांग की है कि सिविल लाइन कचहरी रोड पर तत्काल पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगवाई जाएं और खराब पड़ी लाइटों को दुरुस्त कराया जाए, ताकि आम जनता को अंधेरे से निजात मिल सके।
- *एटा की सियासत मे आतिशी धरने के बाद भागमभाग!👇* शासन के निर्देशों के अनुपालन मे जनपद एटा जिलाधिकारी द्वारा दीपावली को लेकर आतिशवाजी की दुकानों के आवंटन को लेकर दुकानदारों द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय पर दो दिन धरना होने के बाद आवेदक सदर विधायक व मारहरा विधायक तक अपनी फरियाद रखते रहे है.किन्तु जिला प्रशासन द्वारा एक दम साफ स्पष्ट संकेत दिए है कि 50 दुकानों से ऊपर एक भी दुकान का आवंटन नहीं किया जायेगा, कहने का अर्थ है कि 50 दुकानों के लक्की ड्रॉ से आये हुए नामों को दुकाने सैनिक छावनी मे दी जाएगी. इधर एटा सदर तहसील मे करीब 253 फार्म (आवेदन) जमा हो चुके है.इन सभी फार्मो मे से कुल 50 ही लक्की ड्रॉ. द्वारा निकाले गए है … *महत्वपूर्ण 👇विषय 👇* Sdm एटा द्वारा अन्य 50 आवेदको के नाम की पर्ची भी निकाली गई है जिन्हे नई दुकाने दी जाएगी. किन्तु सबसे बड़ा सवाल यह है कि ज़ब सदर एटा पर मात्र तीन ही फायर ट्रेंडर है जिनमे से दो फायर टेंडर पर एक 50 दुकानों का क्लस्टर ठेकेदारी द्वारा जारी हो चूका है. *शासन का नियम ताक पर रखा जायेगा क्या 👇* बाकी 50 दुकानों के अस्वासन के लिए दो फायर टेडर कहा से लाये जायेगे क्योंकि एक बचा हुआ फायर टेंडर शासन की मंशा के अनुसार रिजर्व रखा ही जाता है. क्या नियम विरुद्ध होकर जिला प्रशासन एक रिजर्व फायर टेंडर को भी दीपावली की भेंट चढ़ा देगा. अगर जनपद एटा मे कही किसी भी तरह की अनहोनी होती है तो फिर फायर टेंडर कहा से लाया जायेगा और पहुंचेगा. तहसील एटा सदर मे SDM स्वेता सिंह एवं CO कृतिका सिंह व तहसीलदार नीरज कुमार वार्ष्णेय की देख- रेख मे लक्की ड्रॉ बेहद गोपनीय तरीके से रखी गई और यह प्रक्रिया साफ तरीके से सभी आवेदको के सामने की गई। *NOTE 👇* अब इस पूरी प्रक्रिया मे यह साफ हो चूका है कि आम नागरिक जो अब तक पटाको की दुकानों से कुछ कमा लेते थे और अपने परिवार के लिए दीपावली त्यौहार कर लेते थे लेकिन इस बर्ष के इस खेल मे सख्त निर्देश संभबतय शासन ने जारी किये होंगे किन्तु जिला स्तर पर कई निर्णय जिलाधिकारी के विवेक पर निर्धारित किये जाते रहे है क्योंकि जिलाधिकारी के अधीन कई निर्णय सुरक्षित रहते है किन्तु यह पूरा खेल बीजेपी के जनादेश और जनाधार को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है. अगर संख्या नहीं बढ़ाई गई तो यह असर चुनाव तक पड़ेगा ही. निश्चित रूप से यह जिलाधिकारी का निर्णय बीजेपी के नेताओं को हराने जैसा है। जिलाधिकारी के कई ऐसे निर्णय है जो बीजेपी नेताओं के लिए भविष्य मे दुखदाई तो होंगे ही साथ ही बीजेपी जिसे भी टिकट देगी वो हार कर घर जायेगा ही. अभी तक भविष्य मे कभी दीपावली की दुकानों के लिए इतने चोचले नहीं किये गए जितने इस बार गरीब जरुरतमंद लोगो के लिए तैयार किये गए है. आखिर क़स्बो मे रहने वाले लोगो के लिए इस बार दीवावली के पटाके!!... दर्द ही नहीं देंगे महंगे भी होगे!!1
- पटाखा व्यापारियों के समर्थन में जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू अवागढ़ नगर सहित जनपद के अन्य कस्बों के पटाखा व्यापारियों की मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव शिव प्रताप सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों व्यापारियों एवं किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरने के दौरान पदाधिकारियों ने मांग उठाई कि प्रशासन व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए दीपावली के पावन पर्व पर कस्बों में पटाखों की बिक्री की अनुमति प्रदान करे, ताकि वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़े छोटे एवं मध्यम व्यापारियों की रोजी-रोटी प्रभावित न हो। पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक कस्बों में पटाखा बिक्री की अनुमति नहीं मिलती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर प्रमुख रूप से शिव प्रताप सिंह राष्ट्रीय मुख्य महासचिव, ऋषिपाल सिंह राष्ट्रीय महासचिव, हर्ष गुप्ता राष्ट्रीय मुख्यमंत्री, डॉ. कृष्ण गोपाल रावत प्रदेश महासचिव, गौरव प्रताप सिंह प्रदेश महासचिव, प्रशांत यादव प्रदेश सचिव, सुदीप झा व्यापारी किसान मोर्चा, हरि सिंह वर्मा जिला महामंत्री, सोमेश कुमार प्रदेश उपाध्यक्ष, सोनू यादव, छोटू, टीनू, सोनू जोशी, भगवान सिंह, सोनू शर्मा, महावीर सक्सेना, बालकिशन कुशवाहा, राहुल कश्यप, अनिल कुमार, धनंजय सिंह, धर्मेंद्र सोनी, सचिन कुमार, इरफान, भूपेंद्र, चंद्रपाल, हिमांशु, नितिन, शिवम चौहान, नकुल दीक्षित, विक्रम यादव, राजेंद्र सिंह, प्रेम किशोर, इनाम सिंह, करण सिंह, अजीत कुमार सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। व्यापारियों के सम्मान, रोजगार और अधिकारों की लड़ाई में भारतीय किसान यूनियन भानू पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है1
- अधिकारियों के आवास और कार्यालयों के बीच सड़क पर पसरा अंधेरा, नगर पालिका बेखबर जिलाधिकारी आवास, कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय के पीछे स्थित मार्ग पर नहीं है रोशनी का पर्याप्त इंतजाम, अंधेरे में गुजरने को मजबूर राहगीर एटा। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में केनरा बैंक और स्टेट बैंक के आसपास कचहरी रोड पर इन दिनों अंधेरे का साम्राज्य कायम है। हैरानी की बात यह है कि यह मार्ग जिलाधिकारी आवास, जिलाधिकारी कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पीछे तथा कचहरी परिसर और धरना स्थल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद सड़क पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार शाम होते ही इस पूरे मार्ग पर अंधेरा छा जाता है। सड़क किनारे और आसपास पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें न होने के कारण राहगीरों, बैंक ग्राहकों और कचहरी आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ओर से प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए कोई ठोस कदम दिखाई नहीं दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शहर के इतने महत्वपूर्ण कार्यालय और अधिकारियों के आवास इसी क्षेत्र में स्थित हैं, तो फिर इस मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था की अनदेखी क्यों की जा रही है? क्या नगर पालिका और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी नहीं है? अंधेरे के कारण किसी भी समय दुर्घटना अथवा अन्य अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और जिला प्रशासन से मांग की है कि सिविल लाइन कचहरी रोड पर तत्काल पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगवाई जाएं और खराब पड़ी लाइटों को दुरुस्त कराया जाए, ताकि आम जनता को अंधेरे से निजात मिल सके। अधिकारियों के आवास और कार्यालयों के बीच सड़क पर पसरा अंधेरा, नगर पालिका बेखबर जिलाधिकारी आवास, कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय के पीछे स्थित मार्ग पर नहीं है रोशनी का पर्याप्त इंतजाम, अंधेरे में गुजरने को मजबूर राहगीर एटा। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में केनरा बैंक और स्टेट बैंक के आसपास कचहरी रोड पर इन दिनों अंधेरे का साम्राज्य कायम है। हैरानी की बात यह है कि यह मार्ग जिलाधिकारी आवास, जिलाधिकारी कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पीछे तथा कचहरी परिसर और धरना स्थल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद सड़क पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार शाम होते ही इस पूरे मार्ग पर अंधेरा छा जाता है। सड़क किनारे और आसपास पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें न होने के कारण राहगीरों, बैंक ग्राहकों और कचहरी आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ओर से प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए कोई ठोस कदम दिखाई नहीं दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शहर के इतने महत्वपूर्ण कार्यालय और अधिकारियों के आवास इसी क्षेत्र में स्थित हैं, तो फिर इस मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था की अनदेखी क्यों की जा रही है? क्या नगर पालिका और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी नहीं है? अंधेरे के कारण किसी भी समय दुर्घटना अथवा अन्य अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और जिला प्रशासन से मांग की है कि सिविल लाइन कचहरी रोड पर तत्काल पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगवाई जाएं और खराब पड़ी लाइटों को दुरुस्त कराया जाए, ताकि आम जनता को अंधेरे से निजात मिल सके।1
- *एटा में भू माफिया को पुलिस का संरक्षण*अवैध धंधा करने वाले निरंकुश बेलगाम एटा -अवैध धंधा करने वाले निरंकुश बेलगाम हो जाएंगे कभी सोचा नहीं था, जिम्मेदार मौन कार्यवाही करें कौन साई इन्वेंटर का मिकेनिक तीस लाख रुपए का वीमा हड़पने के बाद नया नया रहीश क्या बन गया आप को बताते चलें टीवीएस मोटर साइकिल के सो रुम पर पोंछा लगाने से लेकर बाइक पर कपड़ा मारकर चमकाने तक की नौकरी करने वाले निरंकुश बेलगाम षड्यंत्रकारियों के झुंड के षड्यंत्र रचने वाले भू माफिया राधावल्लभ द्विवेदी उर्फ आर बी दुवेला पर आय से अधिक सम्पत्ति कहां से आई है, *आय से अधिक सम्पत्ति की जांच जरूरी* कम समय में मीडिया माफिया से बने भू माफिया राधावल्लभ द्विवेदी उर्फ आर बी दुवे कोतवाली नगर में आधे दर्जन एफआईआर की प्रार्थमिकी दर्ज है, तो एक बात तो निश्चित ही है, गुण्डा माफिया मीडिया की आड़ में बड़ा खेला चल रहा है, पुलिस अधिकारियों को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए,जिस मीडिया माफिया को कोई भी बेतन नहीं मिल रहा है वो दल्लियाई खा एटा जिले का बड़ा दल्ला बन गया है, जिसके पास एक बक्त की रोटी खाने के लाले थे,उस पर अलादीन का जिन्द कहां से आ गया जो अचूक धन का मालिक हो गया है, *थाना कोतवाली की इलाका पुलिस नींद या मोटी रकम लेकर संरक्षण देने में मगरुर* थाना अवागढ़ में सबसे भष्ट्र दरोगा का आतंक था,जिसकी रुपए लेन देन में आए दिन थाने से लेकर मुख्यालय पर शिकायत दर्ज होती रहती थी, पुलिस अधिकारियों ने भष्ट्राचार चरम सीमा पार कर चुके दरोगा को अवागढ़ में अति से ज्यादा शिकायतों के चलते हटाया और एटा कोतवाली नगर में स्थानांतरित कर दिया था,थाने कोतवाली नगर में विना किसी चौकी के दस नम्बरी वेटा नो नम्बरी वाप के साथ मिलकर जुआ और सट्टे का काम शुरू कर दिया जिसमें सब मिलकर धंधा करते रहे थे, हमारे माध्यम से दलाली बट्टा साफ करने के उद्देश्य से खबर चलाई गई तो पुलिस दविश में पुलिस अधिकारियों ने जुआरियों को जेल भेजवा दिया ,आज चौकी इंचार्ज उन्ही महोदय को बनाया गया है,दस नम्बरी वेटा नो नम्बरी वाप दलाल दल्लियाई कराने वाले को खुला समर्थन दें दिया और बेबा मुन्नी देवी मुस्लिम समुदाय की महिला के प्लांट पर लेटर तक डलवा दिया,बारी पुलिस संरक्षण दें तो भू माफिया के बारे न्यारे कर दें रही है, *संत सरकार की साख पर बट्टा लगा रही इलाका पुलिस* वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इलामारन जि० के नेतृत्व में जनता जनार्दन के बीच कोतवाल धर्मेंद्र पंवार अच्छा काम कर रहे हैं लेकिन अधीनस्थ पुलिस कर्मी नही मान रहे हैं आज धन संचय करने की होड़ लगी है कौन कितना धन संचय कर सकता है, इलाका पुलिस के इंकबाल पर सवालिया प्रश्नचिन्ह लगा है,भू माफिया राधावल्लभ द्विवेदी उर्फ आर बी दुवे नो नम्बरी और हर्ष द्विवेदी उर्फ हर्षु दुवे ने विधवा के पूरे मकान पर लेटर डलवा कर एटा जनता जनार्दन में साफ संदेश भेज दिया है इलाका पुलिस से मिलकर सब कुछ सम्भव है, बुर्जुग विधवा मुन्नी देवी के साथ मारपीट करने वाले निरंकुश बेलगाम कुख्यात अपराधी राधा वल्लभ उर्फ आरवी दुवे और हर्ष दुवे ने महिला सशक्तिकरण में बट्टा लगा दिया है, पुलिस की महिला सशक्तिकरण को खत्म कर दिखाया है, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इलामारन जि० को चुनौती देने का काम किया साथ ही योगी आदित्यनाथ सरकार को खुला चैलेंज दें दिया है, *भू माफिया पर पुलिस मेहरबान* राधावल्लभ द्विवेदी उर्फ आर बी दुवे ने काली मंदिर के पीछे भीमा होटल वाले के प्लांट पर कब्जा करने के उद्देश्य से इलाका पुलिस के सहयोग से प्लांट पर बाड्री वोल खड़ी कर दी लेकिन लोगों के झुंड ने बाड्री वोल गिरा दी राधावल्लभ द्विवेदी उर्फ आर बी दुवे और हर्ष दुवे को बुरी तरह पीटा और माननीय न्यायालय से प्राकृतिक और अप्राकृतिक अवैध संबंध और एससी-एसटी एक्ट में 56/3 से एफआईआर कोतवाली नगर में दर्ज करा दी, जिसमें विवेचन क्षेत्राधिकारी नगर ने चार्जशीट न्यायलय में दाखिल कर दी है, *एटा पुलिस भू माफिया को कमाऊ पूत मानता* एटा जिले में सभी थाने में मीडिया माफिया राधा वल्लभ उर्फ आरवी दुवे और हर्ष दुवे पुलिस के दलाल है और दल्लियाई खाते हैं, सीधा सिद्धान्त पुलिस की कमाई का जरिया बना बैठा है, सभी थाने को एटा नुमाइंदे की जेब कटवा कर दाम दिला कर काम करने का काम षड्यंत्रकारियों का झुंड षड्यंत्र रच चुका है1
- सादाबाद में गौशाला वीडियो मामले पर बवाल, दूसरे दिन भी धरना जारी। दो कर्मचारियों पर FIR से भड़के ग्राम विकास अधिकारी, सादाबाद में गौशाला वीडियो मामले पर बवाल, दूसरे दिन भी धरना जारी। दो कर्मचारियों पर FIR से भड़के ग्राम विकास अधिकारी, BDO दफ्तर पर दिया धरना खंड विकास कार्यालय (BDO Office), सादाबाद मामला कुरसंडा गौशाला का कथित वीडियो वायरल होने के बाद दो कर्मचारियों पर FIR दर्ज होना है। इस मामले में ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) का जोरदार धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की उनका कहना है कि दर्ज की गई FIR को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए प्रधान संगठन (विधानसभा व तहसील अध्यक्ष) और ग्राम पंचायत अधिकारी संगठन का पूर्ण समर्थन दिया सादाबाद । सादाबाद क्षेत्र के ग्राम कुरसंडा स्थित गौशाला से संबंधित एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भड़का विवाद अब गहराता जा रहा है। वीडियो वायरल होने के उपरांत वीडियो सादाबाद और पशु चिकित्सक द्वारा की गई जांच के आधार पर दो लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई थी। इस कार्रवाई से आक्रोशित ग्राम विकास अधिकारियों ने खंड विकास कार्यालय सादाबाद पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गलत तरीके से कार्रवाई का आरोप है। धरना दे रहे कर्मचारियों का कहना है कि बिना किसी ठोस आधार और निष्पक्ष जांच के जल्दबाजी में कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। ग्राम विकास अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक यह एफआईआर निरस्त नहीं की जाती, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। कर्मचारियों के इस आंदोलन को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठनों का भी भारी समर्थन मिला है। प्रधान संगठन के विधानसभा अध्यक्ष महाराज सिंह और तहसील अध्यक्ष श्यामवीर सिंह ने कई ग्राम प्रधानों के साथ मौके पर पहुंचकर धरने में शिरकत की और अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। ग्राम पंचायत अधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष प्रकाश चंद ने भी मामले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कर्मचारियों के प्रति एकजुटता जताई और मांग की कि निर्दोष कर्मचारियों पर की गई इस एकतरफा कार्रवाई को तुरंत वापस लिया जाए।1
- आगरा में अवैध डग्गेमार वाहनों के संचालन पर यूपी रोडवेज एम्प्लाइज यूनियन का हल्लाबोल..! Agra News आगरा। आगरा में रोडवेज बस स्टैंडों के आसपास कथित अवैध निजी बस स्टैंड और राष्ट्रीयकृत मार्गों पर डग्गेमार वाहनों के संचालन को लेकर यूपी रोडवेज इम्प्लाइज यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है। यूनियन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर अवैध बस संचालन पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि शासनादेशों के बावजूद रोडवेज बस स्टैंडों के एक किलोमीटर के दायरे में निजी बस स्टैंड और टैक्सी स्टैंड संचालित हो रहे हैं। वहीं राष्ट्रीयकृत मार्गों पर भी अनधिकृत वाहनों का संचालन धड़ल्ले से जारी है, जिससे परिवहन निगम को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है। यूनियन ने परिवहन मंत्री से लेकर निगम के आला अधिकारियों तक ज्ञापन की प्रतियां भेजकर प्रभावी कार्रवाई की मांग उठाई है। साथ ही दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अवैध संचालन पर रोक नहीं लगी तो प्रांतीय नेतृत्व के निर्णय पर आंदोलन किया जाएगा।1
- विधानसभा एत्मादपुर का गाँव भूड़ नगरिया की पानी के कारण गाँव का आवगमन बंद विधानसभा एत्मादपुर का गाँव भूड़ नगरिया की पानी के कारण गाँव का आवगमन बंद1
- *जनपद हापुड़ में एंटी करप्शन टीम का एक्शन, 5 हजार की रिश्वत लेते अधिकारी गिरफ्तार* हापुड़ में *एंटी करप्शन टीम* ने *भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।* टीम ने *ग्राम विकास अधिकारी* को *5 हजार* रुपये की *रिश्वत लेते दबोचा* *आरोप है* कि गांव सालेपुर कोटला *निवासी* सलमान से *SIR संबंधी कार्य* के लिए *परिवार रजिस्टर* की *नकल देने के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी* रिश्वत की *पहली किश्त* लेते ही *टीम ने आरोपी को रंगे हाथ दबोच लिया।* पीड़ित की शिकायत पर *एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया था।* ब्लॉक परिसर में हुई गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है।1