उदयपुर में मानसून सत्र को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन एवं राजस्थान नागरिक सुरक्षा विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। विभाग ने संभावित प्राकृतिक आपदाओं और आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए अपने सभी संसाधनों और उपकरणों को तैयार कर लिया है। मानसून की दस्तक से पहले ही विभाग ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। शनिवार को उप नियंत्रक दीपेंद्र सिंह राठौड़ के आदेश पर विभाग के सभी आवश्यक साधन-संसाधनों और उपकरणों की विस्तृत जांच की गई। इस दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में उपयोग आने वाले उपकरणों की कार्यक्षमता का परीक्षण कर उनकी स्थिति का जायजा लिया गया। विभाग ने सुनिश्चित किया है कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें। बाढ़, जलभराव, पेड़ गिरने, सड़क अवरोध और अन्य संभावित मानसूनी आपदाओं से निपटने के लिए रेस्क्यू उपकरण, सुरक्षा सामग्री, संचार व्यवस्था और मानव संसाधनों को पूरी तरह तैयार रखा गया है। अधिकारियों ने संबंधित टीमों को सतर्क रहने और आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। विभाग का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान जनहानि और नुकसान को कम से कम रखना तथा प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुँचाना है। प्रशासन की यह तैयारी दर्शाती है कि उदयपुर में आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए हर स्तर पर तैयार है।
उदयपुर में मानसून सत्र को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन एवं राजस्थान नागरिक सुरक्षा विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। विभाग ने संभावित प्राकृतिक आपदाओं और आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए अपने सभी संसाधनों और उपकरणों को तैयार कर लिया है। मानसून की दस्तक से पहले ही विभाग ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया
है। शनिवार को उप नियंत्रक दीपेंद्र सिंह राठौड़ के आदेश पर विभाग के सभी आवश्यक साधन-संसाधनों और उपकरणों की विस्तृत जांच की गई। इस दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में उपयोग आने वाले उपकरणों की कार्यक्षमता का परीक्षण कर उनकी स्थिति का जायजा लिया गया। विभाग ने सुनिश्चित किया है कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत
और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें। बाढ़, जलभराव, पेड़ गिरने, सड़क अवरोध और अन्य संभावित मानसूनी आपदाओं से निपटने के लिए रेस्क्यू उपकरण, सुरक्षा सामग्री, संचार व्यवस्था और मानव संसाधनों को पूरी तरह तैयार रखा गया है। अधिकारियों ने संबंधित टीमों को सतर्क रहने और आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। विभाग का मुख्य
उद्देश्य मानसून के दौरान जनहानि और नुकसान को कम से कम रखना तथा प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुँचाना है। प्रशासन की यह तैयारी दर्शाती है कि उदयपुर में आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए हर स्तर पर तैयार है।
- उदयपुर के नाई थाना क्षेत्र स्थित सिसारमा बस स्टैंड पर दोपहर के समय एक कार अनियंत्रित होकर एक चलती हुई दुकान में जा घुसी। इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, हालांकि दुकान संचालक प्रभु लाल प्रजापत ने समय रहते भागकर अपनी जान बचा ली। इस घटना को लेकर समाजसेवी विनोद नागदा ने पुलिस पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह हादसा पुलिस द्वारा सड़क पर लगाए गए बैरिकेड के कारण हुआ है। नागदा ने आरोप लगाया कि बैरिकेड की वजह से वाहनों को निकलने में परेशानी होती है, जिसके चलते यह घटना घटी है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा इस ओर उचित ध्यान नहीं दिया गया है। हादसे की सूचना मिलने के बाद प्रताप क्लब की टीम घटनास्थल पर पहुंची और उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। इस दौरान प्रवीण प्रजापत, रोहित, हर्षित सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।2
- वल्लभनगर थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में, वल्लभनगर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ तस्करों की काली कमाई पर कड़ा प्रहार करते हुए लाखों रुपए मूल्य की अवैध चल संपत्तियों को फ्रीज (जब्त) कर लिया है। यह कार्रवाई मादक पदार्थ तस्करों की अवैध कमाई पर एक बड़ा प्रहार मानी जा रही है।1
- आज का मौसम बेहद खुशनुमा है। ऐसा लगता है कि जल्द ही बारिश आने वाली है।1
- नंदलाल पुरबिया रिपोर्टर न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा जनहित में प्रसारित1
- अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ विद्यालय शिक्षा के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा हाल ही में राजसमंद जिले के प्रवास पर रहे। यह तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उनका राजसमंद जिले का पहला दौरा था। नाथद्वारा और राजसमंद पहुंचने पर संगठन के कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य अभिनंदन किया। जिला सभाध्यक्ष ऋषिकेश गुर्जर और जिला अध्यक्ष सतीश आचार्य के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उन्हें मेवाड़ी पगड़ी और इकलाई भेंट कर सम्मानित किया। अपने प्रवास के दौरान, पुष्करणा ने सपरिवार प्रभु श्री नाथ जी और द्वारकाधीश मंदिर में झांकी के दर्शन किए और संगठन के सफल कार्यों के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए संगठन की गतिविधियों पर चर्चा की। उन्होंने जिले में सदस्यता अभियान के तहत 5900 सदस्यों को जोड़ने के रिकॉर्ड पर जिला टीम को धन्यवाद दिया और वर्षभर के कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संपन्न करने का आह्वान किया। पुष्करणा ने राज्य सरकार द्वारा स्थानांतरण पर से प्रतिबंध हटाने का स्वागत किया, साथ ही तृतीय श्रेणी के अध्यापकों के स्थानांतरण की भी मांग की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में प्रदेश शैक्षिक प्रकोष्ठ संयोजक राजेश्वर त्रिपाठी, प्रदेश प्रयोगशाला सदस्य अर्जुन सिंह, संभाग महिला संगठन मंत्री वीणा वैष्णव, जिला सभाध्यक्ष ऋषिकेश गुर्जर, जिला अध्यक्ष सतीश आचार्य, जिला संगठन मंत्री शंकर माली, नाथद्वारा खंड अध्यक्ष किरण माली, मंत्री श्याम सुंदर झांवर, सुनील माली, मनोज सोलिया, मनोज पालीवाल, खमनोर अध्यक्ष रणवीर सिंह, प्रेम शंकर भट्ट, राहुल सोनी, चेतन प्रजापत, महेंद्र बडारिया, किशन सिंह चदाणा, दीपक मोदी, पवन जोशी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार को रेलमगरा उपखंड मुख्यालय स्थित स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा (आयुष) विभाग के तत्वाधान में स्थानीय प्रशासन द्वारा एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, राजकीय कर्मचारियों, व्यापारियों, युवाओं, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षका गरिमा शक्तावत और माया शर्मा ने ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, वज्रासन, पवनमुक्तासन, मकरासन, शशांकासन, पद्मासन और सूर्य नमस्कार सहित विभिन्न योगासन कराए। इसके साथ ही, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी, उज्जायी एवं नाड़ी शोधन प्राणायाम का अभ्यास भी कराया गया। योग प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योग करने से शरीर लचीला और मजबूत बनता है, रक्त संचार बेहतर होता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, तथा मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद में कमी व एकाग्रता बढ़ने के साथ हृदय, फेफड़ों और पाचन तंत्र को भी स्वस्थ रखने में सहायता मिलती है। वहीं, कुरज, गिलुंड, दरीबा तथा बनेड़िया क्षेत्रों में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को उत्साहपूर्वक मनाया गया, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। योग प्रशिक्षकों ने यह भी बताया कि नियमित योग से मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं मोटापे जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है, तथा यह सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और मानसिक शांति प्रदान करता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने और अधिक से अधिक लोगों को योग के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन जीने की एक प्राचीन भारतीय पद्धति है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। पूरे क्षेत्र में योग दिवस को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने सामूहिक रूप से योग कर स्वास्थ्य एवं निरोगी जीवन का संदेश दिया। इस योगाभ्यास में तहसीलदार कालूसिंह राणा, विकास अधिकारी मामराज मीणा, एबीडीओ गिरिराज आगाल, बीसीएमओ डॉ. राजेंद्र चौधरी, ब्लॉक आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुहेल खान, हेड कांस्टेबल राकेश मीणा, आसूचना अधिकारी नोरताराम सहित समस्त विभागीय कर्मचारियों और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।4
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले की डुंगला तहसील के बड़वाई पोस्ट अंतर्गत नयातलाब गुढां गांव में पानी की सप्लाई मात्र एक महीने तक ही चालू रहने के बाद बंद कर दी गई है। इस समस्या के कारण गांव की महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग लोग पानी की कमी से बहुत परेशान हैं। ग्रामीणों ने सरकार से जल्द से जल्द पानी की सप्लाई फिर से शुरू करवाने के लिए समाधान निकालने की उम्मीद जताई है।1
- उदयपुर शहर के समीप बेदला गांव में शनिवार को भाजपा देबारी मंडल ने एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसका उद्देश्य खाने में कम तेल के उपयोग के प्रति घर-घर में जागरूकता लाना था। इस कार्यक्रम में क्षेत्र की दर्जनों गृहिणियां अपने घरों से कम तेल में बने विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजन लेकर पहुंचीं। कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं ने एक-दूसरे से अपने व्यंजनों की रेसिपी जानी और उनके स्वाद को चखा, जिससे विभिन्न व्यंजनों की खुशबू वहां फैल गई। देबारी मंडल अध्यक्ष प्रताप सिंह राठौड़ ने बताया कि यह आयोजन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी अभियान “कम तेल की थाली, स्वस्थ भारत की खुशहाली” से प्रेरित था। कार्यक्रम संयोजक और महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष सीमा खटीक ने इस बात पर जोर दिया कि अधिक तेल हमारी सेहत और जेब दोनों पर भारी पड़ता है। इस दौरान दो विशेषज्ञ शेफ ने कम तेल में बने पौष्टिक भोजन का निरीक्षण किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। जिन चार महिलाओं के व्यंजन सबसे अच्छे थे, उन्हें उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने अपने दैनिक भोजन में तेल का उपयोग कम करने का संकल्प भी लिया। शहर भाजपा के जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने देबारी मंडल के इस नवाचार की प्रशंसा करते हुए कहा कि मोदी जी का यह आह्वान स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कम तेल के व्यंजनों की प्रतियोगिता में दीपिका वाँवला की खांडवी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि योजना बडाला की भेल द्वितीय, माला राजपूत का उपमा तृतीय और सुनिधि डोडियाल की फ्राई इडली चतुर्थ स्थान पर रही। इस कार्यक्रम में गजपाल सिंह राठौड़, एसटी मोर्चे की पदाधिकारी संतोष मीणा, जिला मंत्री अशोक शर्मा, देबारी मंडल अध्यक्ष प्रताप सिंह राठौड़, महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष सीमा खटीक सहित कई कार्यकर्ता और गांव की महिला शक्ति उपस्थित थीं।2