खबर। खातेगांव क्षेत्र की ग्राम पंचायत ओंकारा स्थित गौशाला में गौमाता की हालत अत्यंत चिंताजनक और दयनीय बनी हुई है। जानकारी के अनुसार गौशाला में गाय पिछले सात दिनों से बीमार पड़ी हैं, लेकिन अब तक उनके उपचार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि गौशाला के कर्मचारियों द्वारा इस गंभीर स्थिति की सूचना सरपंच प्रतिनिधि भूपेन्द्र सेंधव और सचिव रविशंकर दुबे को भी दी जा चुकी है, बावजूद इसके किसी प्रकार की चिकित्सकीय व्यवस्था नहीं कराई गई। लापरवाही का आलम यह है कि बीमार गाय की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उनके शरीर का एक हिस्सा गलने लगा हैबीते पांच दिनों से गाय को न ठीक से खाना मिल रहा है और न ही कोई देखभाल करने वाला नजर आ रहा है। इस स्थिति ने पशु प्रेमियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा गौसंरक्षण के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी स्थिति बेहद खराब है। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या इसी तरह गौमाता की उपेक्षा होती रहेगी?मांग: ग्रामीणों और गौसेवकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर बीमार गायों के उपचार, भोजन और पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, साथ ही लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की भी अपील की है।
खबर। खातेगांव क्षेत्र की ग्राम पंचायत ओंकारा स्थित गौशाला में गौमाता की हालत अत्यंत चिंताजनक और दयनीय बनी हुई है। जानकारी के अनुसार गौशाला में गाय पिछले सात दिनों से बीमार पड़ी हैं, लेकिन अब तक उनके उपचार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि गौशाला के कर्मचारियों द्वारा इस गंभीर स्थिति की सूचना सरपंच प्रतिनिधि भूपेन्द्र सेंधव और सचिव रविशंकर दुबे को भी दी जा चुकी है, बावजूद इसके किसी प्रकार की चिकित्सकीय व्यवस्था नहीं कराई गई। लापरवाही का आलम यह है कि बीमार गाय की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उनके शरीर का एक हिस्सा गलने लगा हैबीते पांच दिनों से गाय को न ठीक से खाना मिल रहा है और न ही कोई देखभाल करने वाला नजर आ रहा है। इस स्थिति ने पशु प्रेमियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा गौसंरक्षण के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी स्थिति बेहद खराब है। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या इसी तरह गौमाता की उपेक्षा होती रहेगी?मांग: ग्रामीणों और गौसेवकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर बीमार गायों के उपचार, भोजन और पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, साथ ही लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की भी अपील की है।
- स्थानीय लोगों ने बताया कि गौशाला के कर्मचारियों द्वारा इस गंभीर स्थिति की सूचना सरपंच प्रतिनिधि भूपेन्द्र सेंधव और सचिव रविशंकर दुबे को भी दी जा चुकी है, बावजूद इसके किसी प्रकार की चिकित्सकीय व्यवस्था नहीं कराई गई। लापरवाही का आलम यह है कि बीमार गाय की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उनके शरीर का एक हिस्सा गलने लगा हैबीते पांच दिनों से गाय को न ठीक से खाना मिल रहा है और न ही कोई देखभाल करने वाला नजर आ रहा है। इस स्थिति ने पशु प्रेमियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा गौसंरक्षण के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी स्थिति बेहद खराब है। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या इसी तरह गौमाता की उपेक्षा होती रहेगी?मांग: ग्रामीणों और गौसेवकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर बीमार गायों के उपचार, भोजन और पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, साथ ही लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की भी अपील की है।1
- देवास में सगाई टूटने से नाराज पक्ष ने लड़की के माता-पिता का अपहरण कर उनके साथ मारपीट की और जूते-चप्पलों की माला पहनाकर अपमानित किया।1
- ग्राम पंचायत ओंकारा की गौशाला में लापरवाही, बीमार गायों की हालत गंभीर शुभम मीणा/ओंकारा (देवास)| ग्राम पंचायत ओंकारा की गौशाला में गायों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, गौशाला में कई गायें पिछले सात दिनों से बीमार पड़ी हैं, लेकिन अब तक उनके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गौशाला के कर्मचारियों को स्थिति की पूरी जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। इस संबंध में सरपंच प्रतिनिधि भूपेन्द्र सेंधव और सचिव रविशंकर दुबे को भी सूचना दी गई, लेकिन उनके द्वारा भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बताया जा रहा है कि एक गाय की हालत इतनी गंभीर हो चुकी है कि उसके शरीर का एक हिस्सा गलने लगा है। वहीं, पिछले पांच दिनों से गायों को न तो पानी पिलाया गया और न ही चारे की व्यवस्था की गई है, जिससे उनकी हालत और बिगड़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि बीमार गायों का इलाज हो सके और गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार किया जा सके। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि गौशालाओं के लिए योजनाएं और दावे करने वाली सरकार में आखिर गौ माता की ऐसी हालत क्यों हो रही है?1
- Post by Mohanlal Nagle1
- दो अलग अलग आग लगने की घटनाओं में हुआ भारी नुकसान,एक झोपड़ी सहित मक्का फसल जलकर हुई खाक,लाखों का हुआ नुकसान। हरदा/-भीषण आग से किसान की मेहनत से पकी मक्का फसल जलकर हुई राख। हरदा जिले के रहटगांव थाना क्षेत्र के ग्राम उमरधा में तेज आंधी और हवा के बीच लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते खलिहान में रखी मक्का की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि खलिहान में करीब 75 ट्रॉली मक्का रखी थी जिसमें से लगभग 50 ट्रॉली मक्का जलकर पूरी तरह राख हो गई। यह आग किसान बलराम पाटिल के खेत में लगी आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। हैरानी की बात यह रही कि फायर ब्रिगेड आग बुझने के बाद मौके पर पहुंची। पीड़ित किसान ने प्रशासन से मुआवजे और राहत देने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर हरदा जिले के सिराली थाना क्षेत्र के विक्रमपुर में भी आगजनी की घटना सामने आई है जहां खेत में बनी एक झोपड़ी जलकर राख हो गई, उसमें रखा सारा सामान भी जल गया। फिलहाल दोनों ही मामलों में नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।4
- मध्य भारत के सम्मानित संगठन मंत्री भरत सिंह जी की अगवाई में भारतीय किसान संघ, जिला सीहोर द्वारा बिजली विभाग की सहायक अभियंता मैडम के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। ⚡🌾 👉 किसानों की समस्याओं पर हुई सीधी चर्चा बैठक में ओवरलोड डीपी, झूलते तार, क्षतिग्रस्त खंभे, बिजली कटौती एवं मेंटेनेंस जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। 👉 15 दिन में लगेगा ग्रामवार समाधान कैंप विभाग ने आश्वासन दिया कि प्रत्येक तहसील में कैंप लगाकर गांव-गांव की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। 👉 बारिश से पहले सुधार का वादा मेंटेनेंस कार्य, तार सुधार, पोल सुधार एवं डीपी क्षमता बढ़ाने का भरोसा दिया गया। 👉 जिला स्तर की उपस्थिति: जिला अध्यक्ष राकेश वर्मा, संभाग उपाध्यक्ष भीम सिंह जी ठाकुर, जिला मंत्री कमल सिंह जी, जिला कोषाध्यक्ष ज्ञान सिंह जी, जिला युवा वाहिनी सचिन पटेल, जिला कार्यकारिणी सदस्य ईश्वर सिंह मंडलोई, मोहन पाटीदार 👉 तहसील स्तर की उपस्थिति: आष्टा तहसील प्रभारी गजराज सिंह ठाकुर, आष्टा तहसील अध्यक्ष जितेंद्र आर्य, इच्छावर तहसील अध्यक्ष राजमल जी नागर, तहसील मंत्री श्रवण कुमार नागर, तहसील मंत्री विनोद जी, इच्छावर नगर सहयोग संयोजक प्रवेश वर्मा, श्यामपुर तहसील अध्यक्ष पर्वत सिंह जी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 👉 बैठक रही पूरी तरह सकारात्मक, किसानों को मिलेगा लाभ #किसान_हित #भारतीय_किसान_संघ #सीहोर4
- अधिकारियों ने किया उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कलेक्टर श्री बालागुरू के. के निर्देशानुसार जिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर उपार्जन कार्य के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों द्वारा उपार्जन केंद्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में राजस्व एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों ने श्यामपुर स्थित पवनपुंज वेयर हाउस, चरनाल स्थित मारुतिनंदन वेयरहाउस, महोड़िया स्थित ओम वेयरहाउस, कान्याखेड़ी स्थित पटेल वेयरहाउस, खजूरिया कला स्थित सीताराम वेयरहाउस, मानपुरा स्थित श्री कृष्णा वेयरहाउस, संग्रामपुर वेयरहाउस, पीलूखेड़ी स्थित गायत्री वेयरहाउस और टकीपुर स्थित वेयरहाउस सहित अनेक उपार्जन केंद्रो का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने केंद्रों पर किसानों के लिए उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं जैसे पेयजल, शेड एवं अन्य व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की और निर्देश दिए कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही केन्द्रों पर प्रतीक्षारत किसानों की तौल प्रक्रिया को तेज करने के लिए उपार्जन संस्थाओं को टोकन जारी करने तथा तौल कांटों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए।1
- Post by Vinit Rajput1