फतेहपुर जिले की वीआईपी रोड स्थित हाइड्रिल कॉलोनी में AC ऑफिस के बाउंड्रीवाल निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कार्यालय अपनी सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल बना रहा था, तभी एक पक्ष ने भूमि पर अपना दावा जताते हुए AC कार्यालय में पहुँचकर हंगामा शुरू कर दिया। इस पक्ष ने निर्माण की जा रही भूमि को निजी बताते हुए विद्युत विभाग द्वारा किए जा रहे काम को रोकने की मांग की। इस पर अधिशासी अभियंता ने बाउंड्रीवाल का काम रोककर जांच के बाद ही निर्माण दोबारा शुरू करने की बात कही। जानकारी के अनुसार, संजय पांडेय और उनके दो हिस्सेदारों ने दावा किया कि उन्होंने 2022 में वीआईपी रोड की यह बेशकीमती भूमि खरीदी है। उन्होंने बताया कि यह भूमि उन्होंने जिन दो भाइयों से खरीदी थी, उनमें से एक भाई की जमीन विद्युत विभाग ने खरीद ली थी, जबकि दूसरे भाई की हिस्से की भूमि, जो पाकिस्तान चला गया था, उसे उन्होंने नीलामी प्रक्रिया में एसडीएम के आदेश पर खरीदा है। वहीं, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग ई. अनिल वर्मा ने बताया कि वे अपने करोड़ों के सामान की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल बनवा रहे थे, तभी कुछ अराजकतत्वों ने आकर काम रुकवा दिया और हंगामा करने लगे। उन्होंने बताया कि विद्युत विभाग ने यह भूमि 1978 में यहीं के रहने वाले तीन व्यक्तियों से खरीदी थी और तब से अब तक जमीन पर विद्युत विभाग का स्थायी कब्जा है। अनिल वर्मा ने जोर देकर कहा कि भूमि पर वर्षों से उनका स्वामित्व है और रहेगा।
फतेहपुर जिले की वीआईपी रोड स्थित हाइड्रिल कॉलोनी में AC ऑफिस के बाउंड्रीवाल निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कार्यालय अपनी सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल बना रहा था, तभी एक पक्ष ने भूमि पर अपना दावा जताते हुए AC कार्यालय में पहुँचकर हंगामा शुरू कर दिया। इस पक्ष ने निर्माण की जा रही भूमि को निजी बताते हुए विद्युत विभाग द्वारा किए जा रहे काम को रोकने की मांग की। इस पर अधिशासी अभियंता ने बाउंड्रीवाल का काम रोककर जांच के बाद ही निर्माण दोबारा शुरू करने की बात कही। जानकारी के अनुसार, संजय पांडेय और उनके दो हिस्सेदारों ने दावा किया कि उन्होंने 2022 में वीआईपी रोड की यह बेशकीमती भूमि खरीदी है। उन्होंने बताया कि यह भूमि उन्होंने जिन दो भाइयों से खरीदी थी, उनमें से एक भाई की जमीन विद्युत विभाग ने खरीद ली थी, जबकि दूसरे भाई की हिस्से की भूमि, जो पाकिस्तान चला गया था, उसे उन्होंने नीलामी प्रक्रिया में एसडीएम के आदेश पर खरीदा है। वहीं, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग ई. अनिल वर्मा ने बताया कि वे अपने करोड़ों के सामान की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल बनवा रहे थे, तभी कुछ अराजकतत्वों ने आकर काम रुकवा दिया और हंगामा करने लगे। उन्होंने बताया कि विद्युत विभाग ने यह भूमि 1978 में यहीं के रहने वाले तीन व्यक्तियों से खरीदी थी और तब से अब तक जमीन पर विद्युत विभाग का स्थायी कब्जा है। अनिल वर्मा ने जोर देकर कहा कि भूमि पर वर्षों से उनका स्वामित्व है और रहेगा।
- फतेहपुर के खागा थाना क्षेत्र में 12 जून 2026 को एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। यह शव ग्राम स्पूरी के समीप हाईवे की सर्विस लेन पर मिला था। इस घटना के बाद, खागा पुलिस ने तुरंत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी, लेकिन अभी तक मृतका की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस टीमें घटना का खुलासा करने और महिला की शिनाख्त सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। इसी बीच, पुलिस अधीक्षक फतेहपुर ने मृतका की शिनाख्त कराने या उसकी पहचान में सहायक विश्वसनीय सूचना देने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास इस संबंध में कोई जानकारी है, तो वह थाना प्रभारी खागा, क्षेत्राधिकारी (सीओ) खागा, यूपी-112 या कंट्रोल रूम को सूचित करे। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।1
- फतेहपुर के बिंदकी में गर्मी की छुट्टियां बिताने आए दो चचेरे-मौसेरे भाई मंगलवार सुबह यमुना नदी में नहाते समय तेज बहाव की चपेट में आने से डूब गए। जाफरगंज थाना क्षेत्र के बिंदौर घाट पर हुई इस दर्दनाक घटना में एक 11 वर्षीय बालक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि उसके 12 वर्षीय मौसेरे भाई की तलाश अभी भी जारी है। इस हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन ली हैं, क्योंकि दोनों बच्चे अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे, जाफरगंज निवासी योगेश अपने भतीजे ऋषभ मिश्रा (11) और उसके मौसेरे भाई प्रतीक पाण्डेय (12) के साथ बिंदौर घाट पर यमुना स्नान के लिए पहुंचे थे। नदी में नहाते समय दोनों बच्चे अचानक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गए, और देखते ही देखते मदद के लिए हाथ-पांव मारते हुए लहरों में ओझल हो गए। बच्चों को डूबता देख योगेश की चीखें सुनकर पास में पशु चरा रहे जयनारायण निषाद और देशराज निषाद नदी में कूद पड़े। काफी देर तक चले खोज अभियान के बाद ऋषभ को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। प्रतीक का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है और स्थानीय गोताखोर व ग्रामीण लगातार उसकी तलाश में जुटे हुए हैं। परिजनों के अनुसार, प्रतीक के पिता प्रमोद पाण्डेय गाजियाबाद में रहते हैं। प्रतीक गर्मी की छुट्टियां बिताने गांव आया था और अपनी मौसी के घर जाफरगंज घूमने गया था। इस खबर के घर पहुंचते ही दोनों परिवारों में चीख-पुकार मच गई। मांओं का कलेजा फट पड़ा और परिजनों की आंखों से आंसुओं का सैलाब थमने का नाम नहीं ले रहा था। गांव की गलियां मातम में डूब गईं और हर आंख नम थी। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है, यमुना की लहरों ने कुछ ही मिनटों में दो घरों के चिराग बुझा दिए और पीछे सिर्फ आंसू और कभी न भरने वाला दर्द छोड़ गईं।1
- फतेहपुर जिले के खजुहा में एक समाज कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में माननीय विधायक जी ने उपस्थित लोगों को 'सबका साथ सबका विकास' योजना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।4
- बंदा जिले के बबेरू ब्लॉक परिसर में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक जन कल्याण जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जनता को विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं और उनसे मिलने वाले लाभों के प्रति जागरूक करना था।1
- आज के आधुनिक युग में जब पर्यावरण का संतुलन लगातार बिगड़ रहा है, ऐसे में जनपद उन्नाव के भगवंत नगर क्षेत्र स्थित ग्राम पनई बुजुर्ग से एक सराहनीय और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। यहाँ ग्रामीण बच्चों को निःशुल्क और व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करने वाली "अनाया सिंह पाठशाला 1" में बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान बच्चों को 'पेड़-पौधे हैं, तो हम हैं' का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। पाठशाला की मुख्य शिक्षिका श्रीमती शिवानी सिंह जी ने क्लास में उपस्थित बच्चों को अत्यंत सरल और भावुक तरीके से समझाया कि हमारा अस्तित्व पेड़-पौधों पर ही निर्भर करता है। उन्होंने बताया कि पेड़-पौधे हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन देते हैं और हमारी धरती को हरा-भरा बनाए रखते हैं। बच्चों ने पूरी निष्ठा के साथ संकल्प लिया कि वे न केवल पेड़ लगाएंगे, बल्कि उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे। यह पाठशाला पूरी तरह से निःशुल्क संचालित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल के बच्चों को अच्छे संस्कार और उच्च नैतिक शिक्षा देना है। इस पुनीत कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने तथा बच्चों के बैठने की उचित व्यवस्था (बेंच-कुर्सी) और पढ़ाई-लिखाई की अन्य सामग्रियों को आधुनिक स्वरूप देने के लिए समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, समाजसेवियों और जागरूक लोगों से सहयोग की अपेक्षा की गई है। पाठशाला के संस्थापक अनुज चौहान और मुख्य शिक्षिका शिवानी सिंह जी ने अपील की है कि समाज का एक छोटा सा प्रयास इन ग्रामीण बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बना सकता है। सहयोग के लिए संपर्क सूत्र 7754057489 और आधिकारिक यूट्यूब चैनल @AnayaSinghPathshala1 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- बारामुला में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास हुए एक धमाके में दो जवानों की मौत हो गई। इस घटना में चार अन्य जवान घायल भी हुए हैं।1
- फतेहपुर जिले में एक पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।1
- मोहर्रम के त्यौहार के संबंध में कोतवाली बबेरू में पीस कमेटी की एक बैठक सम्पन्न हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 सफल और ऐतिहासिक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री (खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग) और स्थानीय विधायक डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में एक विशाल पदयात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ। यह पदयात्रा आज, 17 जून को, 10.7 किलोमीटर लंबी है और इसकी शुरुआत 'गोकना पानी की टंकी' से एक विशाल जनसभा तथा गगनभेदी नारों के साथ हुई। यह जन-जागरूकता और विकास यात्रा कोटिया चित्रा, नाजेपुर सरांयभान, निधान का पुरवा, भगवानगंज बाजार, रम्मा का पुरवा बाजार, और गुलाब का पुरवा कंदरावाँ जैसे प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी। पदयात्रा का समापन कंदरावाँ पंचायत भवन पर होगा, जहाँ रात 8:00 बजे एक 'विशाल जन चौपाल' का आयोजन किया गया है। इस चौपाल में कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय सीधे जनता से संवाद करेंगे और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा करेंगे। इसके बाद उनका रात्रि विश्राम भी कंदरावाँ पंचायत भवन में ही सुनिश्चित है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के बेमिसाल नेतृत्व, देश के बुनियादी विकास और गरीब कल्याण की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाना है। पदयात्रा में हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण, महिलाएं और युवा तिरंगे तथा पार्टी के झंडों के साथ शामिल हैं, जिनमें भारी जोश देखा जा रहा है।1