चंदौली चकिया /कटवा माफी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली के खिलाफ 2 दिवसीय धरना, व्यवस्थाओं में सुधार की मांग चंदौली चकिया /कटवा माफी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली के खिलाफ 2 दिवसीय धरना, व्यवस्थाओं में सुधार की मांग साहबगंज। कटवा माफी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर थिंकर्स इवोल्यूशंस के संस्थापक करुणेश पाण्डेय के नेतृत्व में 2 दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरने के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई। धरने में वक्ताओं ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति नहीं होने, आवश्यक दवाओं के उपलब्ध नहीं रहने, भवनों से पानी रिसने तथा साफ-सफाई जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की खराब स्थिति के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आयोजक करुणेश पाण्डेय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा है। यहां डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति, पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता, भवनों की मरम्मत और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था में सुधार कराने की मांग की। धरने में विशिष्टजनों के रूप में डॉ. परशुराम सिंह, प्रताप पाण्डेय, कृष्णा पाण्डेय, कृष्णा चौबे, सुशील, शुभम, आयुष्य, नागा बाबा, मनीष, सूरज, प्रद्युम्न समेत करीब 50 लोग उपस्थित रहे। धरना प्रदर्शन के माध्यम से जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं की जांच कराकर समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग की गई।
चंदौली चकिया /कटवा माफी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली के खिलाफ 2 दिवसीय धरना, व्यवस्थाओं में सुधार की मांग चंदौली चकिया /कटवा माफी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली के खिलाफ 2 दिवसीय धरना, व्यवस्थाओं में सुधार की मांग साहबगंज। कटवा माफी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर थिंकर्स इवोल्यूशंस के संस्थापक करुणेश पाण्डेय के नेतृत्व में 2 दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरने के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई। धरने में वक्ताओं ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति नहीं होने, आवश्यक दवाओं के उपलब्ध नहीं रहने, भवनों से पानी रिसने तथा साफ-सफाई जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की खराब स्थिति के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों और मरीजों को
परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आयोजक करुणेश पाण्डेय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा है। यहां डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति, पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता, भवनों की मरम्मत और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था में सुधार कराने की मांग की। धरने में विशिष्टजनों के रूप में डॉ. परशुराम सिंह, प्रताप पाण्डेय, कृष्णा पाण्डेय, कृष्णा चौबे, सुशील, शुभम, आयुष्य, नागा बाबा, मनीष, सूरज, प्रद्युम्न समेत करीब 50 लोग उपस्थित रहे। धरना प्रदर्शन के माध्यम से जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं की जांच कराकर समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग की गई।
- चंदौली के धानापुर पद्मश्री डॉ. रत्नप्पा कुम्हार की जयंती पर पीडीए की जनपंचायत स्वतंत्रता सेनानियों के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ चदौली सांसद विरेन्द्र सिंह1
- गीता अध्याय 16 श्लोक 23 में कहा है जो शास्त्र विधि को त्यागकर अपनी इच्छा से मनमाना आचरण करता है उसको न सुख, न सिद्धि तथा न ही गति (मोक्ष) प्राप्त होती है।1
- वाराणसी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया वीडियो में जिला विद्यालय निरीक्षक के पक्ष को प्रस्तुत किया गया। Varanasi Breking News Varanasi news Awaj news1
- बावर्ची बना ‘नकली पुलिसिया’,बाइक पर पुलिस का लोगो लगाकर दर्शनार्थियों को ढोने निकला!* *बावर्ची बना ‘नकली पुलिसिया’,बाइक पर पुलिस का लोगो लगाकर दर्शनार्थियों को ढोने निकला!* वाराणसी।पुलिस लाइन में बावर्ची का काम करने वाले साहब का ‘टैलेंट’ अब रसोई से निकलकर सड़क तक पहुंच गया है।बाइक पर पुलिस का लोगो लगाया और शुरू कर दी दर्शनार्थियों को ढोने की ‘पुलिसिया सेवा’।बाइक पर पुलिस का निशान देखकर दूर से तो यही लगेगा कि कोई पुलिसकर्मी सरकारी ड्यूटी पर निकला है,लेकिन पास पहुंचते ही पता चलता है कि जनाब की ड्यूटी कानून व्यवस्था संभालने की नहीं,बल्कि सवारी व्यवस्था संभालने की है।लगता है पुलिस लाइन में दाल-चावल पकाते-पकाते साहब ने सोचा कि क्यों न आज दर्शनार्थियों को भी ‘सरकारी अंदाज’ में घुमाया जाए।अब सवाल यह है कि पुलिस का लोगो बाइक पर किस आदेश से लगा और बावर्ची साहब को दर्शनार्थियों की सवारी ढोने का अधिकार किसने दिया?अगर लोगो लगाते ही ड्यूटी बदल सकती है तो फिर पुलिस विभाग में पदोन्नति का नया फार्मूला भी तैयार है—बाइक पर लोगो लगाओ और बावर्ची से बन जाओ पुलिस वाले!कल को शायद चाय बनाने वाला वीआईपी सुरक्षा में और सफाईकर्मी कानून व्यवस्था में तैनात दिखाई दे।फिलहाल बाइक पर पुलिस का लोगो और पीछे दर्शनार्थियों की सवारी वाला यह अनोखा नजारा लोगों के बीच खूब चर्चा बटोर रहा है।1
- वाराणसी ब्रेकिंग न्यूज़ *वाराणसी* *लंका थाने पर काफी संख्या में अधिवक्ताओं की भीड़* *वाराणसी* *लंका थाने पर काफी संख्या में अधिवक्ताओं की भीड़*1
- निःशुल्क मोतियाबिंद जांच एवं ऑपरेशन शिविर में उमड़ी भीड़, 90 मरीजों की हुई नेत्र जांच जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली1
- चंदौली के सकलडीहा जिला पंचायत संजय पांडेय ने यूजीसी को लेकर दिया बड़ा बयान1
- अधिवक्ताओं ने जताया आभार, बोले-अब प्रोटेक्शन एक्ट भी लागू करें न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी/प्रयागराज।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश के सभी सक्रिय अधिवक्ताओं के लिए 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस की घोषणा के बाद अधिवक्ताओं में खुशी की लहर है।वाराणसी कचहरी के अधिवक्ताओं ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री को हार्दिक बधाई और धन्यवाद दिया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जिसे योगी सरकार ने पूरा किया है।साथ ही वाराणसी सेंट्रल बार के महामंत्री आशीष सिंह और अधिवक्ताओं ने अपनी प्रमुख मांग दोहराई है। पोस्टर बैनर लेकर प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने कहा,अधिवक्ता भाइयों के लिए 5 लाख तक के कैशलेस इलाज के लिए धन्यवाद,बस आप प्रोटेक्शन एक्ट भी लागू कर दें।प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने हमारी मांगे पूरी हो,अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करो" के नारे भी लगाए। उनका कहना है कि आए दिन अधिवक्ताओं के साथ हो रही घटनाओं को रोकने के लिए प्रोटेक्शन एक्ट बहुत जरूरी है।1
- बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत! 30+ मासूमों की जान गई, हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा बड़ा सवाल मध्य प्रदेश के बालाघाट में बैगा आदिवासी समुदाय के बच्चों की मौत का मामला बेहद गंभीर होता जा रहा है। अलग-अलग रिपोर्टों में 25 से 30 से ज्यादा बच्चों की मौत की बात सामने आई है। बच्चों में मलेरिया, खसरा, कुपोषण और अन्य बीमारियों की बात सामने आई है। सबसे बड़ा सवाल है—आखिर इन दूरदराज आदिवासी गांवों तक समय पर इलाज, टीकाकरण और पोषण की सुविधा क्यों नहीं पहुंची? मामला अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है और कोर्ट ने सरकार, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से जवाब मांगा है। क्या गरीब और आदिवासी बच्चों की जिंदगी की कीमत कम है? क्या इन मौतों की जिम्मेदारी तय होगी? देखिए पूरी खबर और अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए। Awaaz-e-Bharat — खबर वही, जो सवाल खड़े करे। #Balaghat #BalaghatNews #BaigaTribe #Adivasi #AdivasiChildren #MadhyaPradesh #ChildDeaths #Malnutrition #Malaria #HighCourt #MPNews #TribalNews #HealthCrisis #AwaazEBharat1